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बिहार में 3 महीने से कहर बरपा रहा चेचक, मेडिकल टीम भेजने में लग गए 3 महीने: उधर ‘सियासी खेल’ में व्यस्त CM नीतीश कुमार

इससे पहले दिसंबर 2022 में सुपौल के मरौना प्रखंड के बेलही पंचायत में चेचक के मामले सामने आए थे। यह बीमारी कई वॉर्डों में फैल गई थी। इसके कारण कई महिला, बच्चों और युवाओं को चेचक का सामना करना पड़ा था। एक बार फिर इस जिले में यह कहर जारी है और स्वास्थ्य विभाग सो रहा है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) भाजपा विरोधी दलों को एक मंच पर लाने के लिए लगातार दौरे कर रहे हैं। इसको लेकर 23 जून 2023 को पटना में विपक्षी दलों की बैठक होने जा रही है। इस बीच प्रदेश के लोग उनकी राजनीति की बलि चढ़ रहे हैं। सुपौल के त्रिवेणीगंज प्रखंड में चेचक का प्रकोप फैला हुआ है, लेकिन 3 महीने बीतने के बाद भी मेडिकल टीम नहीं पहुँची है।

उधर, सुपौल के त्रिवेणीगंज प्रखंड के गजहर गाँव में चेचक ने लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। करीब 30 से 35 लोग इससे परेशान हैं। इनमें बच्चे भी शामिल हैं। इसके पहले पटना, कटिहार, नरकटियागंज आदि के कई गाँवों में चेचक के मामले सामने आ चुके हैं। हालाँकि, स्वास्थ्य विभाग कान में तेल डालकर सो रहा है।

सुपौल के गजहर गाँव के मुस्लिम टोला में पिछले तीन महीने से लोग चेचक से परेशान हैं। इस टोले में लगभग 35 घर चपेट में हैं और 70 की संख्या में लोग चेचक से ग्रस्त हैं। इनमें बच्चेे से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं।

मेडिकल टीम के गाँव नहीं पहुँचने की बात पर जिले के सिविल सर्जन मिहिर वर्मा ने जाँच की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। हालाँकि, मामला बढ़ता देखकर उन्होंने एक मेडिकल टीम गाँव में भेजी है।

इससे पहले दिसंबर 2022 में सुपौल के मरौना प्रखंड के बेलही पंचायत में चेचक के मामले सामने आए थे। यह बीमारी कई वॉर्डों में फैल गई थी। इसके कारण कई महिला, बच्चों और युवाओं को चेचक का सामना करना पड़ा था। एक बार फिर इस जिले में यह कहर जारी है और स्वास्थ्य विभाग सो रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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