Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीय3 साल की जेल, 1 लाख रुपए का जुर्माना... पाकिस्तान के पूर्व PM इमरान...

3 साल की जेल, 1 लाख रुपए का जुर्माना… पाकिस्तान के पूर्व PM इमरान खान को सुनाई गई सज़ा, चुनाव लड़ने पर भी 5 साल का प्रतिबंध

इस मामले में अभी विस्तृत आदेश की कॉपी आनी बाकी है। दोपहर के 12:30 बजे अदालत ने ये फैसला सुनाया। बचाव पक्ष अदालत में उपस्थित नहीं हुआ।

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को तोशखाना मामले में 3 साल जेल की सज़ा सुनाई गई है। साथ ही उन पर 1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। पाकिस्तान की विपक्षी पार्टी PTI के नेता के समर्थकों में इस फैसले के बाद बड़ी नाराज़गी देखी जा रही है। शनिवार (5 अगस्त, 2023) को उन्हें सज़ा सुनाई गई। कोर्ट ने शॉर्ट जजमेंट सुनाते हुए कहा कि उन्हें अगले 5 वर्षों के लिए किसी भी आधिकारिक पद पर रहने से भी प्रतिबंधित किया जाता है।

इस मामले में अभी विस्तृत आदेश की कॉपी आनी बाकी है। दोपहर के 12:30 बजे अदालत ने ये फैसला सुनाया। बचाव पक्ष अदालत में उपस्थित नहीं हुआ, जिसके बाद उसकी गैर-मौजूदगी में ही सज़ा सुनाई गई। एडिशनल सेशन जज हुमायूँ दिलबर ने ये फैसला सुनाया। PTI के चेयरमैन इमरान खान सुनवाई में उपस्थित नहीं थे और न ही उनके वकील ख्वाजा हरीस भी उपस्थित नहीं थे। उनके एक सहयोगी ने उनकी तरफ से पेश होकर समय की माँग की

इस मामले में अभी विस्तृत आदेश की कॉपी आनी बाकी है। दोपहर के 12:30 बजे अदालत ने ये फैसला सुनाया। बचाव पक्ष अदालत में उपस्थित नहीं हुआ, जिसके बाद उसकी गैर-मौजूदगी में ही सज़ा सुनाई गई। एडिशनल सेशन जज हुमायूँ दिलबर ने ये फैसला सुनाया। PTI के चेयरमैन इमरान खान सुनवाई में उपस्थित नहीं थे और न ही उनके वकील ख्वाजा हरीस भी उपस्थित नहीं थे। उनके एक सहयोगी ने उनकी तरफ से पेश होकर समय की माँग की।

इमरान खान के वकील ने बताया कि उनका परिवार NAB केस में व्यस्त है, उनकी और उनकी बीवी की जमानत की सुनवाई चल रही है। इमरान खान की अनुपस्थिति के कारण पहले ही आदेश रिजर्व कर लिया गया था। बता दें कि तोशखाना केस इमरान खान द्वारा प्रधानमंत्री रहते विदेशी अतिथियों से गिफ्ट लेने के संबंध में है। आरोप है कि उन्होंने इन गिफ्ट्स का निजी इस्तेमाल किया और सरकारी खजाने में नहीं डाला गया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बंगाल में ‘डिटेक्ट-डिलीट-डिपोर्ट’ का असर: बांग्लादेश बॉर्डर पर लगने लगी घुसपैठियों की कतारें, जानें- शुभेंदु सरकार ने कैसे की भगाने की तैयारी

बंगाल में नई सरकार की सख्ती के बाद सैकड़ों अवैध बांग्लादेशी नागरिक डिपोर्ट और होल्डिंग सेंटर के डर से वापस लौटने लगे हैं।

सहर-अदनान-एजाज… बकरीद पर क्यों चला रहे ‘रोने’ का अभियान? समझिए क्या है मुस्लिम इन्फ्लुएंसर्स का ‘मकसद’

बकरीद पर सरकार ने कुछ नियमों का पालन करने क्या कह दिया, मजहबी कंटेन्ट बनाने वाले मुस्लिम इंफलुएंसर्स ने सोशल मीडिया ने रोना शुरू कर दिया।
- विज्ञापन -