Homeविविध विषयविज्ञान और प्रौद्योगिकीचन्द्रमा से टकरा कर क्रैश हुआ 'लूना 25', 47 साल बाद रूस के 'मिशन...

चन्द्रमा से टकरा कर क्रैश हुआ ‘लूना 25’, 47 साल बाद रूस के ‘मिशन चाँद’ को झटका: जानिए ‘चंद्रयान 3’ की लैंडिंग की तारीख़ और समय

रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोसमोस ने कहा है कि उसका लूना-25 अंतरिक्ष यान अनियंत्रित कक्षा में घूमने के बाद चंद्रमा से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

रूस का अंतरिक्ष यान लूना-25 तकनीकी खराबी के बाद चंद्रमा की सतह से टकराया गया। इससे रूस का चंद्र मिशन फेल हो गया। रूस ने 47 साल बाद 11 अगस्त, 2023 को लूना-25 लॉन्च किया था। इसके 21 अगस्त को चंद्रमा की सतह पर उतरने की उम्मीद थी। लेकिन इससे पहले ही यह अनियंत्रित होकर चंद्रमा से टकरा गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोसमोस ने कहा है कि उसका लूना-25 अंतरिक्ष यान अनियंत्रित कक्षा में घूमने के बाद चंद्रमा से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। शनिवार दोपहर अचानक ही उसका संपर्क लूना-25 से टूट गया था। 19-20 अगस्त को संपर्क करने की पूरी कोशिश की हुई। लेकिन, सफलता नहीं मिली। वैज्ञानिक जाँच कर इस मून मिशन के फेल होने के कारणों का पता लगाएँगे।

गौरतलब है कि रूसी अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा था कि लूना-25 सोमवार (21 अगस्त, 2023) को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव में सॉफ्ट लैंडिंग करेगा। इस अंतरिक्ष यान का मुख्य उद्देश्य चंद्रमा की सतह पर पानी की तलाश करना था। पानी की तलाश पूरी होने के बाद रूस का अगला लक्ष्य 2040 तक चंद्रमा में एक बेस स्टेशन स्थापित करना था। हालाँकि, लूना-25 दुर्घटना का शिकार हो गया। 1600 करोड़ की लागत से तैयार हुआ यह चंद्र मिशन फेल होना रूस के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

लूना-25 का दुर्घटनाग्रस्त होना रूसी अंतरिक्ष एजेंसी के लिए बहुत बड़ी असफलता है। हालाँकि, किसी भी अंतरिक्ष एजेंसी के लिए चंद्रमा की सतह पर उतरना आसान बात नहीं है। लेकिन इससे पहले रूस ने साल 2011 में मंगल ग्रह के चंद्रमा के लिए भी फोबोस-ग्रंट-मिशन लॉन्च किया था। लेकिन यह पृथ्वी की कक्षा से भी बाहर नहीं निकल पाया था। परिणामस्वरूप, लॉन्चिंग के करीब 2 महीने बाद यह पृथ्वी पर वापस आकर प्रशांत महासागर में आ गिरा था।

ज्ञात हो कि रूस की तरह ही भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ISRO ने भी अपना चंद्रयान-3 चंद्रमा में भेजा है। इस यान को भी लूना-25 की तरह ही चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करना है। इसरो ने ताजा जानकारी देते हुए कहा है कि चंद्रयान-3, 23 अगस्त, 2023 की शाम 6 बजकर 4 मिनट पर चंद्रमा में लैंडिंग करेगा। इस लैंडिंग को ISRO की वेबसाइट, फेसबुक, यूट्यूब और डीडी नेशनल में लाइव देखा जा सकता है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

किसी को बेल मिली तो घर नहीं जा सका, कोई अब तक जेल में… संसद की सुरक्षा में सेंधमारी को सामान्य बनाना चाह रहे...

हर पीढ़ी में ऐसे युवा होते हैं जो व्यवस्था बदलना चाहते हैं। लेकिन ये भी समझना जरूरी है कि व्यवस्था बदलने और कानून तोड़ने में अंतर होता है।

PM की हत्या की साजिश, संसद में घुसने का प्रयास और पुलिस पर पथराव: Insta रील से इतर समझें ‘कॉकरोचों’ का एजेंडा, कैसे ठगे...

एकतरफा नैरेटिव को ध्वस्त करने वाली CJP प्रदर्शन यह दूसरी तस्वीरें भी दिखें, जिनमें हिंसक भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, 'मोदी-बीजेपी मुर्दाबाद' के नारे लगाकर असल छात्रों को बरगलाया।
- विज्ञापन -