Wednesday, April 8, 2026
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयडायपर पहने गैर-मुस्लिम बच्चे को हमास के इस्लामी आतंकियों ने मार डाला: 'आतंक का...

डायपर पहने गैर-मुस्लिम बच्चे को हमास के इस्लामी आतंकियों ने मार डाला: ‘आतंक का कोई मजहब नहीं’ कहने वालों को खून सने इस बच्चे की तस्वीर दिखाइए

डायपर पहने बच्चे की मौत अकेली नहीं है। हमास के इस्लामी आतंकियों ने नवजात शिशुओं तक को जला कर मार डाला है। इजरायल के प्रधानमंत्री ने अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन को ये सारी तस्वीरें दिखाई हैं।

एक छोटा बच्चा है। उम्र लगभग एक साल के आस-पास। डायपर पहना हुआ। खेल नहीं रहा… पॉलिथिन में लिपटा है, मरा हुआ है… जो डायपर सूसू-पॉटी को सोखने के लिए माँ-बाप ने पहनाई होगी, उसमें सना है उसी का खून। इजरायल में रहने वाले इस यहूदी बच्चे को फिलिस्तीन में रहने वाले हमास के इस्लामी आतंकियों ने मार डाला।

इस्लामी आतंकियों को दूध पीते बच्चों से भी नफरत

“अब तक जितनी भी फोटो हमने पोस्ट की है, उसमें से इसे पोस्ट करना सबसे तकलीफदेह रहा है। जब हम यह लिख रहे हैं, हम काँप रहे हैं। इस फोटो को पोस्ट किया जाए या नहीं, इसको लेकर हम बार-बार असमंजस में थे। फैसला नहीं कर पा रहे थे। अंततः हमने इसे पोस्ट किया ताकि दुनिया को पता चल सके कि हमारे साथ, हमारे बच्चों के साथ क्या-क्या हुआ।”

ऊपर जो लिखा गया है, वो X पर एक हैंडल है @Israel, उसने लिखा है। क्या यह हैंडल आधिकारिक है? हाँ, आधिकारिक है। इस हैंडल को चलाता है इजरायल के विदेश मंत्रालय (X पर इनका हैंडल है @IsraelMFA के नाम से) की डिजिटल डिप्लोमेसी टीम। इतना सब कुछ इसलिए लिखना पड़ रहा क्योंकि कुछ फर्जी फैक्ट चेकर यह बताने में जुट गए हैं कि हमास के इस्लामी आतंकी किसी को नहीं मार रहे, आतंक का कोई मजहब नहीं होता… फलाना-ढिकाना।

बच्चों को सिर्फ गोली नहीं मारते, जलाते भी हैं इस्लामी आतंकी

डायपर पहने बच्चे की मौत अकेली नहीं है। हमास के इस्लामी आतंकियों ने नवजात शिशुओं तक को जला कर मार डाला है। यह सूचना भी आधिकारिक है। इजरायल के प्रधानमंत्री के X हैंडल से शेयर की गई है, अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन को भी ये सारी तस्वीरें दिखाई गई हैं।

यहूदियों पर बर्बरता, जश्न में इस्लामी/वामपंथी

फिलिस्तीन में रहने वाले हमास के इस्लामी आतंकी जहाँ एक ओर इतनी बर्बरता कर रहे, वहीं दूसरी ओर दुनिया भर के कट्टर मुस्लिम और वामपंथी इनके समर्थन में जुटे हैं… कुछ तो जश्न भी मना रहे। ऐसे लोग वो भी हैं, जो पढ़े-लिखे हैं, बॉलीवुड में काम करते हैं।

गाजा पट्टी सिर्फ 400 मीटर दूर एक गाँव है, नाम है – किबुत्ज़ कफ़र अज़ा। यहाँ हमास के इस्लामी आतंकियों ने 100 से ज्यादा लोगों को मार डाला। इनमें 40 बच्चे भी शामिल। 40 बच्चों की मौत और बर्बरता के साथ इस्लामी आतंकियों का नाम जुड़ गया तो फर्जी फैक्ट चेकर अब यह चिल्ला रहे कि इन बच्चों का गला नहीं काटा गया। बस इस पर चुप्पी है कि बच्चे मारे ही क्यों गए? एक लड़की की लाश को अर्द्धनग्न कर पिक-अप वैन में घुमाया गया, उस पर थूका गया तो इस्लामी मजहब को मानने वाली भारत की एक महिला पत्रकार यह एंगल लेकर आ गई कि शायद उस लड़की ने मरते वक्त उतना ही कपड़ा पहना होगा… बस इस सवाल को नहीं उठा पाई कि आखिर मारा ही क्यों हमास के इस्लामी आतंकियों ने?

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

डेडलाइन से पहले थमा ईरान-US का ‘महायुद्ध’, ट्रंप बोले- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलेगा तो तेहरान ने भी रखीं 10 शर्तें: जानें- अब तक क्या...

ईरान और अमेरिका के बीच 38 दिन से जारी युद्ध के बाद अब दोनों देशों ने सीजफायर पर सहमति बना ली है। ईरान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खोलने के लिए राजी हो गया है।

126 सीटों पर थमा प्रचार, 9 अप्रैल को मतदान, 4 मई को नतीजे: जानिए असम चुनाव के कौन से रहे मुद्दे, क्यों जीत की...

असम विधानसभा चुनाव प्रचार का शोर थम गया है। 9 अप्रैल को वोट डाले जाएँगे। बीजेपी तीसरी बार सत्ता पर काबिज होने की कोशिश में है, वहीं कॉन्ग्रेस जीत के लिए दमखम लगा रही है।
- विज्ञापन -