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‘CBI-CBI सुनकर थक गया हूँ…’: निशिकांत दुबे ने लोकपाल से की महुआ मोइत्रा की शिकायत, कैश-तोहफे लेकर सवाल पूछने के मामले में फँसी हैं TMC सांसद

दर्शन हीरानंदानी ने एक पत्र के माध्यम से अपने बयान में बताया था कि वो अक्सर महुआ मोइत्रा की संसद वाली आईडी से लॉगिन करते थे, क्योंकि सांसद ने उन्हें अपना पासवर्ड दिया हुआ था। उन्होंने बताया था कि वो संसद में महुआ मोइत्रा की तरफ से सवाल भी अपलोड करते थे।

पैसे और उपहार लेकर उद्योगपति दर्शन हीरानंदानी के लिए संसद में सवाल पूछने वाली तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। स्पीकर ओम बिरला से शिकायत करने के बाद भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने इस मामले की शिकायत अब लोकपाल से की है।

सांसद दुबे शनिवार (21 अक्टूबर 2023) को मामले को भ्रष्टाचार निरोधी प्राधिकरण लोकपाल के पास गए और कैश-फॉर-क्वेरी विवाद में मोइत्रा के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। उन्होंने एक एक्स पोस्ट में कहा, “CBI-CBI सुनते सुनते थक गया हूँ। आज लोकपाल को शिकायत दर्ज करा दिया। सांसद-मंत्री का भ्रष्टाचार लोकपाल ही देखता है। सीबीआई ही उसका माध्यम है।”

इसके पहले दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर महुआ मोइत्रा के खिलाफ आरोपों की जाँच कराने के लिए एक ‘जाँच समिति‘ गठित करने का आग्रह किया था। इसके साथ ही उन्होंने महुआ को सदन से तत्काल निलंबित करने की भी माँग की थी। दुबे ने मोइत्रा पर ये आरोप वकील जय अनंत देहाद्राई की चिट्ठी के आधार पर लगाया है।

अपने पत्र में दुबे ने कहा है कि हाल तक मोइत्रा द्वारा संसद में पूछे गए 61 सवालों में से 50 अडानी समूह पर केंद्रित थे। उन्होंने लिखा, “संसदीय प्रश्न पूछकर एक व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी के व्यावसायिक हितों को हासिल करने और उनकी रक्षा करने के लिए महुआ मोइत्रा द्वारा रची गई आपराधिक साजिश के बारे में कोई संदेह नहीं है, जो 12 दिसंबर 2005 के ‘कैश फॉर क्वेरी’ प्रकरण की याद दिलाता है।”

इसके बाद बिरला ने मामले को संसदीय आचार समिति के पास भेज दिया। भाजपा सांसद विनोद सोनकर की अध्यक्षता वाली आचार समिति ने निशिकांत दुबे और जय अनंत देहाद्राई को महुआ मोइत्रा के खिलाफ सबूतों के साथ 26 अक्टूबर 2023 को बुलाया है। देहाद्राई सांसद महुआ के पूर्व पार्टनर हैं और कुत्ता हेनरी को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ा है।

वहीं, दुबे द्वारा लगाए गए आरोपों पर महुआ मोइत्रा ने इसे अपमानजनक, झूठा, निराधार बताया है। इतना ही नहीं, उन्होंने एडवोकेट देहाद्राई, सासंद दुबे और कुछ मीडिया संस्थानों के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में मानहानि का मुकदमा भी दायर किया है। इस पर एक सुनवाई हो चुकी है, जिसमें महुआ के वकील शंकरनारायणन ने इस केस से अपना नाम वापस ले लिया।

वहीं, दर्शन हीरानंदानी ने एक पत्र के माध्यम से अपने बयान में बताया था कि वो अक्सर महुआ मोइत्रा की संसद वाली आईडी से लॉगिन करते थे, क्योंकि सांसद ने उन्हें अपना पासवर्ड दिया हुआ था। उन्होंने बताया था कि वो संसद में महुआ मोइत्रा की तरफ से सवाल भी अपलोड करते थे। आरोप है कि इन सवालों के माध्यम से उद्योगपति गौतम अडानी और उनकी कंपनी समूह पर निशाना साधा जाता था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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