उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के हाथ एक बड़ी क़ामयाबी लगी है। डॉन बृजेश सिंह के भतीजे और चंदौली के सैयदराजा क्षेत्र से बीजेपी विधायक सुशील सिंह की हत्या करने वाले शार्पशूटर्स को धर-दबोचा है। वाराणसी से तीनों शूटर पकड़े गए।
ख़बर के अनुसार, पकड़े गए बदमाशों में कुख्यात अपराधी शिव प्रकाश तिवारी उर्फ़ धोनी तिवारी भी शामिल है, जिस पर 1 लाख रुपए की इनामी राशि घोषित थी। इसके अलावा मनीष केसरवानी और अंजनी सिंह को गिरफ़्तार किया गया है। पुलिस ने बदमाशों के पास से पिस्टल, ज़िंदा कारतूस और तमंचे भी बरामद किए हैं। बदमाशों ने बताया है कि वे बीजेपी विधायक सुशील सिंह की हत्या की फिराक में थे।
ग़ौरतलब है कि शिव तिवारी साल 2011 में हिन्दू युवा वाहिनी के प्रदेश संयोजक विष्णु दत्त ओझा की हत्या के मामले में भी आरोपित है। वहीं, मनीष केसरवानी और अंजनी सिंह पर भी मर्डर और डकैती के कई मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं।
एसएसपी (STF) सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज के मुताबिक़, “पुलिस को विश्वस्त सूत्रों से जानकारी मिली थी कि बिहार के गैंगस्टर अमरनाथ चौधरी के इशारों पर धोनी और उसके सहयोगी बीजेपी विधायक की हत्या की साजिश रच रहे हैं। हालाँकि, अभी यह साफ़ नहीं है कि चौधरी बीजेपी विधायक को क्यों मरवाना चाहता था?”
उन्होंने कहा, “इसकी जानकारी मिलते ही 6 लोगों की टीम उन्हें पकड़ने के लिए लगाया गया। बदमाश बाइक पर सवार थे। भनक लगते ही वे भागने लगे। लेकिन उन्हें दबोच लिया गया। ”
समाजवादी पार्टी के सांसद और भू-माफ़िया आज़म ख़ान की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही है। उनके सिर पर गिरफ़्तारी की तलवार लटक रही है। रामपुर के एसपी डॉक्टर अजय पाल ने बताया कि सपा सांसद आज़म ख़ान पर दर्ज मुक़दमों के आधार पर उनकी गिरफ़्तारी संभव है।
उन्होंने बताया कि जौहर अली यूनिवर्सिटी के लिए किसानों की ज़मीन हड़पने को लेकर आज़म ख़ान के ख़िलाफ़ किसानों ने 26 मुक़दमे दर्ज कराए हैं। जिन किसानों ने यह मामले दर्ज कराए हैं, वो अब इलाहाबाद हाईकोर्ट तक जा पहुँचे हैं। एसपी ने बताया कि इससे पहले किसानों की तरफ़ से लगातार दर्ज हो रहे मामलों के बाद अब रामपुर शहर कोतवाली में आज़म ख़ान समेत चार लोगों पर शत्रु सम्पत्ति का मामला दर्ज हुआ है।
नायब तहसीलदार की तरफ से दर्ज किए गए इस मामले में आरोप लगाया गया है कि जौहर विश्वविद्यालय ट्रस्ट और आज़म ख़ान को फ़ायदा पहुँचाने के लिए दस्तावेज़ों में छेड़छाड़ की गई। इसके अलावा आज़म ख़ान पर महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करने को लेकर दो मुक़दमे दर्ज हो चुके हैं। इन मामलों में जो धाराएँ लगाई गई हैं, वो उनकी गिरफ़्तारी के लिए पर्याप्त हैं।
बता दें कि सपा नेता आज़म ख़ान पर साल 2003 से लेकर 2005 के बीच 26 किसानों की ज़मीन हड़पने और उसे जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में शामिल करने का आरोप है। जानकारी के अनुसार, किसानों ने रामपुर के अजीम नगर थाने में आज़म ख़ान के खिलाफ़ आईपीसी की धारा 323, 242, 447, 506 और 389 के तहत मुक़दमा दर्ज कराया है।
ख़बर के अनुसार, आज़म ख़ान के ख़िलाफ़ ज़मीन हड़पने के मामले में कुल 27 मुक़दमे दर्ज हैं, इनमें 26 तो किसानों द्वारा दर्ज कराए गए हैं, जबकि एक मुक़दमा राज्य सरकार की तरफ़ से राजस्व निरीक्षक ने दर्ज कराया है। इसमें भी उन पर ज़मीन हड़पने का आरोप लगाया गया है।
12 अगस्त को मैन वर्सेज वाइल्ड का स्पेशल ऐपिसोड टेलीकास्ट होने वाला है, जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी मशहूर होस्ट और खतरों से खेलने वाले बेयर ग्रिल्स के साथ एडवेंचर करते हुए नजर आएँगे। शो टेलीकास्ट होने से पहले ग्रिल्स ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ की है। ग्रिल्स ने बताया कि मोदी बीहड़ जंगल में मुश्किल हालातों के बीच भी सहज थे और उनके चेहरे की मुस्कान कभी गायब नहीं हुई।
समाचार एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में ग्रिल्स से जब पूछा गया कि उन्हें मोदी की क्या बात याद रहेगी? इस पर ग्रिल्स ने जवाब दिया कि वह पीएम मोदी की लगातार हो रही बारिश में भी उनके चेहरे की बड़ी मुस्कान के कायल हो गए। ग्रिल्स ने कहा कि वह काफी सहज और शांत इंसान हैं। लगातार बारिश में जब सीक्रेट सर्विस ने उनके लिए छाता निकालने की कोशिश की तो उन्होंने मना कर दिया और ग्रिल्स के साथ नदी की तरफ बढ़ गए।
Bear Grylls in Wales(UK): Our team who was filming( Man vs Wild) was really on the edge, but the PM(Modi) was just very calm and I saw that throughout our journey. Whatever we were doing, he was very calm. That was cool to see…What shone bright for me was his humility pic.twitter.com/Fhf0ABEGQg
इसके साथ ही ग्रिल्स ने आगे बताया, “हमें नदी पार करनी थी, मैंने हाथों से ही एक राफ्ट बनाई, लेकिन सीक्रेट सर्विस ने कहा कि पीएम को ऐसे नहीं ले जाया जा सकता क्योंकि इसमें खतरा है। इस पर भी पीएम ने उन्हें समझाकर अलग किया। इसके बाद जब हम हाथ से बनी उस छोटी राफ्ट पर थे तो वह डूबने लगी। तब मैं नीचे उतरा और राफ्ट को खींचने लगा। तब भी पीएम मोदी काफी शांत दिखे।”
Bear Grylls in Wales(UK):India is a remarkable and beautiful country with so much beauty that you’ve got to protect. But it comes down always to the individual. Little things like don’t litter,support initiatives that reduce plastic, or protect environment or promote conservation pic.twitter.com/CTK2yy51fB
पीएम मोदी के साथ शूट किए ऐपिसोड पर बात करते हुए ग्रिल्स ने कहा कि इसमें पीएम मोदी का वह रूप देखने को मिलेगा जो पहले कभी नहीं देखा गया होगा। ग्रिल्स ने कहा, “जब तक मुसीबत नहीं आती तब तक किसी का असली रूप आप जान नहीं सकते। यह देखकर अच्छा लगा कि पीएम मोदी जैसा वर्ल्ड लीडर मुश्किल हालातों में भी शांत और स्थिर रहते हैं और यही बात उन्हें वर्ल्ड लीडर बनाती है।”
Bear Grylls in Wales(United Kingdom): PM Modi is a man who cares deeply about the environment. That is why he came on this journey with me. He has actually spent time in the jungle as a younger man and I was surprised how comfortable he was out there and how calm he was. pic.twitter.com/uyUokQUkdO
बेयर ग्रिल्स ने आगे बताया, “पीएम मोदी एक ऐसे व्यक्ति हैं, जो पर्यावरण के बहुत बड़े संरक्षक हैं। यही वजह थी कि वो मेरे साथ इस यात्रा पर आए। उन्होंने असल में एक युवा शख्स के तौर पर जंगल में समय बिताया। मेरे लिए ये आश्चर्य की बात थी कि वो यहाँ कितने आराम और शांति से रहे।”
वहीं, शुक्रवार (अगस्त 9, 2019) को ‘मैन वर्सेज वाइल्ड’ के एपिसोड की झलक दिखलाता एक वीडियो जारी किया गया। ग्रिल्स मोदी को बाघ के संभावित हमले से बचने के लिए भाले जैसा हथियार देते हैं तो मोदी कहते हैं, “मेरे संस्कार किसी को मारने की इजाजत नहीं देते हैं, लेकिन फिर भी मैं आपके लिए इसे (भाले) पकड़ लेता हूँ।”
मुल्क के तौर पर पाकिस्तान की वही हालत है जैसे एक गली का लौंडा यह नहीं समझ पाता कि लड़की उसे हँस के देख रही है या देख के हँस रही है। अपनी मूर्खता का प्रदर्शन करने के बाद उसके चर्चित हो जाने को पाकिस्तानी किसी तमगे की तरह लटका कर घूमने भी लगते हैं। ऐसी ही एक मूर्खता फ़िलहाल अभी पाकिस्तान में चालू है।
कश्मीर में अनुच्छेद-370 के कुछ प्रावधानों के निष्क्रिय होने के बाद से कश्मीर को हाथ से जाता हुआ देख पाकिस्तानियों को ज़ाहिर तौर पर सदमा लगा है। और इसी सदमे की प्रतिक्रिया में इमरान खान सरकार ने समझौता एक्सप्रेस बंद करने, भारत से राजनयिक सम्बन्ध का स्तर कम करने, अपनी वायुसीमा बंद करने जैसे कदम भी उठाए हैं। जिनका आखिर में नुकसान हमेशा की ही तरह पाकिस्तान को ही उठाना पड़ेगा। लेकिन इस बीच कुछ पाकिस्तानियों ने हिन्दुस्तान के एयरस्पेस को भी बंद करने का अरमान पालना भी शुरू कर दिया। शुरूआत करने वाले इस जीनियस असद उल्ला ने लिखा:
असद उल्ला के हिसाब से बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद जब पाकिस्तान ने हिंदुस्तानी हवाई जहाजों के लिए अपना एयर स्पेस बंद कर दिया था, तो हिंदुस्तान को ₹491 करोड़ का नुकसान हुआ। उनका मानना है कि इसी प्रक्रिया को फिर से करने के लिए इस बार पाकिस्तान को हिंदुस्तान की एयर स्पेस बंद कर देनी चाहिए। उसने इसके लिए बाकायदा हैशटैग बनाया- #ShutDownIndianAirSpace
और पाकिस्तानियों ने इस मूर्खता को ट्विटर ट्रेंड भी बना दिया!
फिर क्या था, हिंदुस्तानी ‘twitteratti’ ने ShutDownIndianAirSpace हैशटैग के जमकर मजे लिए:
कुछ थोड़े ‘कम समझदार’ पाकिस्तानियों ने शंका जताई कि हिंदुस्तान की एयर स्पेस भला पाकिस्तान कहाँ से बंद करेगा, तो ‘नॉर्मल’ पाकिस्तानियों ने उन्हें समझा दिया। लॉजिक यह है कि अगर ‘जब मोदी के जहाज़ गुज़रेंगे तो ये इंडियन एयर स्पेस हुई न’।
अगर तकनीकी Terminology की बात परे भी कर दें, तो यह केवल पाकिस्तान की मूर्खता ही है कि उसे लगता है कि उसके किसी ‘प्रतिबंध’ का हिंदुस्तान की सेहत पर असर पड़ता है। इस एयर स्पेस प्रतिबंध की ही बात करें तो हालाँकि हिंदुस्तान आने-जाने वाले जहाजों का हवाई मार्ग लम्बा हो जाने से हमें ₹400 करोड़ अतिरिक्त खर्च ज़रूर करने पड़े, लेकिन इस दौरान पाकिस्तान को इसी कदम से ₹700 करोड़ का नुकसान वह किराया न मिलने से हुआ, जो वह उन हवाई जहाजों को अपने एयर स्पेस से गुज़रने देने की चुंगी के रूप में वसूलता था। इसके अलावा दोनों देशों की आर्थिक सेहत में ज़मीन-आसमान का अंतर है।
जहाँ हमारे लिए पैमाना यह है कि दुनिया की सबसे ताकतवर अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले हम कितनी तेज़ी से बढ़ रहे हैं, उन्हें अर्थव्यवस्था के कुल आकर में हम कितना आगे-पीछे कर पाएँगे, वगैरह, वहीं पाकिस्तान की विदेशी क़र्ज़ से कमर टूट रही है, जिससे बचने के लिए उसे दूसरे विदेशी कर्ज़ों की ही दरकार है। कभी वह चीन का क़र्ज़ गधे बेचकर उतारने की कोशिश करता है, कभी इमरान खान प्रधानमंत्री निवास की भैंसों की नीलामी कर ख़ज़ाने में पैसा लाने की कोशिश करते हैं।
ऐसे में यह कार्टून पाकिस्तान की हालत पर सटीक बैठता है:
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जम्मू-कश्मीर के संवैधानिक दर्जे में बदलाव को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। मोहम्मद अकबर लोन और हसनैन मसूदी ने अपनी याचिका में कहा है कि संसद द्वारा स्वीकृत कानून और इसके बाद राष्ट्रपति की ओर से जारी आदेश ‘असंवैधानिक’ है, इसलिए उन्हें ‘अमान्य एवं निष्प्रभावी’ घोषित कर दिया जाए।
लोन और मसूदी दोनों नेशनल कॉन्फ्रेंस के लोकसभा सदस्य हैं। लोन जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष रह चुके हैं। वहीं, मसूदी जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं।
गौरतलब है कि अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी किए जाने से पहले केन्द्र सरकार ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला को नजरबंद कर दिया था। बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया था।
National Conference MPs, Mohd. Akbar Lone and Hasnain Masoodi move the Supreme Court challenging scrapping of Article 370 in Jammu and Kashmir. pic.twitter.com/EXzdU57N7k
इससे पहले 8 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 370 पर राष्ट्रपति के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया था। न्यायालय ने याचिकाकर्ता से कहा था कि अनुच्छेद 370 पर राष्ट्रपति के आदेश को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर नियत समय पर ही सुनवाई होगी। यह याचिका वकील मनोहर लाल शर्मा ने दायर की थी।
बीते दिनों अनुच्छेद 370 के पहले खंड को छोड़कर बाकी सभी खंडों को समाप्त कर दिया गया था। इससे जम्मू कश्मीर को मिला विशेष राज्य का दर्जा भी खत्म हो गया। साथ ही केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख) में विभाजित कर दिया है। मोदी सरकार के दोनों ही फैसलों पर पिछले दिनों नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि वो सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।
अनुच्छेद 370 पर केंद्र सरकार के फैसले के बाद से मीडिया का एक वर्ग खासकर, कुछ विदेशी मीडिया संस्थान लगातार भ्रामक और विवादित ख़बरों को हवा दे रहे हैं। केंद्र सरकार ने शनिवार (अगस्त 10, 2019) को उन मीडिया रिपोर्ट्स को मनगढ़ंत बताया जिनमें शुक्रवार को श्रीनगर में 10,000 लोगों द्वारा विरोध-प्रदर्शन करने का दावा किया गया था। केंद्र ने इन रिपोर्ट्स को पूरी तरह गलत और आधारहीन करार दिया है।
MHA Spokesperson: There are media reports claiming there was a protest involving 10,000 people in Srinagar.This is completely fabricated & incorrect. There have been a few stray protests in Srinagar/Baramulla and none involved a crowd of more than 20 people pic.twitter.com/fesONQ3xhX
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा है कि हजारों लोगों के विरोध करने की खबरें गलत है। जुमे के मौके पर श्रीनगर और बारामूला में छिटपुट प्रदर्शन हुए थे, लेकिन इनमें 20 से ज्यादा लोग नहीं थे।
गृह मंत्रालय ने अपने ट्वीट में कहा कि रायटर्स और डॉन में छपी खबरों में इस तरह के दावे किए गए कि श्रीनगर में 10,000 लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। यह पूरी तरह मनगढ़ंत है। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि हालाँकि, श्रीनगर और बारामूला में कुछ इस तरह के प्रदर्शन हुए, लेकिन इसमें भी 20 से अधिक लोग नहीं थे।
शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने प्रतिबंधों में ढील दी थी ताकि लोग मस्जिदों में नमाज अता कर सकें। साथ ही बकरीद की तैयारी भी कर सकें। इसके लिए जम्मू-कश्मीर के पाँच जिलों से सीआरपीसी की धारा-144 के तहत लागू निषेधाज्ञा हटा दी गई है। किश्तवाड़ एवं डोडा जिलों में कर्फ्यू में ढील दी गई है।
अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि राज्य में जनजीवन अब सामान्य हो रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, जम्मू क्षेत्र के पाँच जिलों में स्कूल और कॉलेज खोल दिए गए हैं। सरकारी कार्यालयों में भी उपस्थिति बढ़ी है।
समाजवादी पार्टी के पूर्व राज्यसभा सांसद संजय सेठ और सुरेंद्र सिंह नागर बीजेपी में शामिल हो गए हैं। दोनों ने हाल ही में समाजवादी पार्टी और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफ़ा दिया था। इस्तीफ़ा दिए जाने के बाद से ही इनके बीजेपी में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही थी। शनिवार (10 अगस्त) को दिल्ली स्थित बीजेपी दफ्तर में बीजेपी के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में संजय सेठ और सुरेंद्र नागर बीजेपी का हिस्सा बने।
Delhi: Samajwadi Party MPs Sanjay Seth and Surendra Singh Nagar who resigned from Rajya Sabha recently, join BJP in the presence of senior party leader Bhupendra Yadav pic.twitter.com/2G362W0vOq
ग़ौरतलब है कि पिछले एक महीने में समाजवादी पार्टी और राज्यसभा से इस्तीफ़ा देने वाले संजय सेठ तीसरे सांसद हैं। वे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष थे। साथ ही वे यूपी के बड़े बिल्डर्स में से एक हैं। ख़बर तो यह भी है कि वे मुलायम सिंह के छोटे बेटे प्रतीक यादव के बिज़नेस पार्टनर भी हैं। संजय सेठ द्वारा इस्तीफ़ा दिए जाने के बाद राज्यसभा में सपा के केवल 10 सांसद रह गए हैं।
बता दें कि इससे पहले नीरज शेखर और सुरेंद्र नागर ने भी राज्यसभा और पार्टी से अपना इस्तीफ़ा दे दिया था। नीरज शेखर भी बीजेपी में शामिल हो चुके हैं।
मशहूर पत्रकार बरखा दत्त के लिए सरहद पार से खुशखबरी आई है। भारत के पत्रकारिता जगत में विश्वसनीयता हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहीं बरखा को पाकिस्तान के अतिरिक्त इंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (Addl IGP) ने ‘आईएसआई’ मार्का सर्टिफिकेट दिया है।
पाकिस्तान के Addl IGP डॉ. जमील अहमद ने ‘बेचारे कश्मीरियों के मानवाधिकार का हनन’ के अपने प्रोपगेंडा को हवा देने के लिए हिन्दुस्तान की सरकार को ‘अमानवीय’ करार देने वाले बरखा दत्त के ट्वीट को शेयर किया है। यह प्रोपगेंडा भारत के खिलाफ पाकिस्तान वर्षों से चला रहा है और बरखा के बयान कई मौकों पर उनके काम आए हैं।
‘फ़ोन लाइन खोलो, वरना तुममें इंसानियत नहीं’
ट्विटर पर साकिब यट्टू नामक कश्मीरी ने ट्वीट कर शिकायत की थी कि पाँच दिन से उन्हें अपने घर वालों की कोई खोज-खबर नहीं मिल पा रही है। उनकी अपनी माँ से आखिरी बार बात 4 अगस्त की रात को हुई थी। उसको आगे बढ़ाते हुए बरखा ने इस ‘information blockade’ (सूचनाओं की नाकेबंदी) को ‘अमानवीय’ करार दिया।
Open the phone lines. No matter where you stand, what you think, lift this information blockade. It is not humane. #Kashmirhttps://t.co/MpXsD3zRLV
गौरतलब है कि आर्टिकल 370 को निष्प्रभावी करने से पहले जम्मू-कश्मीर में एहतियातन कई कदम उठाए गए थे। इसी कड़ी में फोन और इंटरनेट सेवा भी बंद की गई थी।
सूचना गतिरोध मानवाधिकार हनन
बरखा दत्त ने पाकिस्तान को वही मौका दे दिया जिसकी वह सदैव तलाश में रहता है- दुनिया को यह दिखाने की कि हिंदुस्तान भी उसी की तरह हिंसक और अमानवीय है। जमील अहमद, जो कि सुक्कुर में पाकिस्तान के Addl IGP बनने से पहले CIA के कराची-प्रमुख रह चुके हैं (उनके ट्विटर bio के अनुसार), ने निम्न ट्वीट किया:
उन्होंने बरखा दत्त के ट्वीट के आधार पर हिंदुस्तान पर कश्मीर में गंभीर मानवाधिकार हनन करने का आरोप लगाया और हिन्दुस्तान के ‘पढ़े-लिखे, संयमित और सेक्युलर तत्वों’ से बरखा की बात सुनने और हिन्दुस्तान के खिलाफ आवाज़ उठाने की अपील की।
और यह पहली बार भी नहीं है। बरखा के पाकिस्तानी मुरीदों में हाफ़िज़ सईद जैसा खूँखार जिहादी भी शामिल है, और बरखा अनेक बार पाकिस्तानियों के एजेंडे को हवा, आवाज़ और विश्वसनीयता दे चुकीं हैं। जिहादी बुरहान वानी को ‘हेडमास्टर का बेटा’ बताकर उसके लिए सहानुभूति पैदा करने की कोशिश भी बरखा ने ही की थी।
Breaking: Burhan Wani hizbul commander, son of school headmaster who used social media as weapon of war, killed in Anantag. BIG STORY
यह भी ध्यान देने की बात है कि ये वही बरखा दत्त हैं जो पुलवामा आतंकी हमले के बाद पकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को शांति का मसीहा साबित करने की पुरजोर कोशिश करती देखीं गई थीं।
दिल्ली के आजाद मार्केट से पुलिस ने एक व्यक्ति को तीन तलाक देने के मामले में गिरफ्तार किया है। आरोपित के खिलाफ मुस्लिम महिला (प्रोटेक्शन ऑफ राइट ऑफ मैरिज) एक्ट 2019 के सेक्शन 4 के तहत केस दर्ज किया गया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक तीन तलाक को अपराध घोषित करने वाले कानून के अमल में आने के बाद इस मामले में यह पहली गिरफ्तारी है।
Delhi: Man arrested in Azad market area on charges of giving triple talaq to his wife. Case was registered under the Muslim Women(Protection of Rights on Marriage) Act 2019
नार्थ दिल्ली की डीसीपी नुपुर शर्मा ने इस खबर की पुष्टि करते हुए कहा है कि शुक्रवार (अगस्त 8, 2019) को 29 वर्षीय रायमा याहिया ने बाड़ा हिंदू राव में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में रायमा ने कहा कि 24 नवंबर 2011 को उसका निकाह अतीर शमीम के साथ हुआ था। 23 जून को शमीम ने उसे व्हाट्सएप पर तीन तलाक दे दिया और साथ ही फतवा भी भेजा था। जिसके बाद मामला दर्ज कर शमीम को गिरफ्तार कर लिया गया।
https://www.youtube.com/watch?v=vDliG2miiA0
गौरतलब है कि तीन तलाक़ को अपराध बनाने वाले बिल पर हाल ही में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने हस्ताक्षर किया था। 19 सितंबर 2018 के बाद जितने भी मामले तीन तलाक से संबंधित आए हैं, उन सभी का निपटारा इसी कानून के तहत किया जाएगा। कानून में इसके लिए कैद की सजा का प्रावधान भी है।
मीडिया ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के बयान को ग़लत तरीके से पेश किया। खट्टर ने हरियाणा में सुधरते लिंगानुपात की बात करते हुए ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ की सफलता की चर्चा की। इस दौरान मीडिया ने सीएम के बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश कर इसे विवादित बयान बताया। कई मीडिया पोर्टल्स ने ख़बर प्रकाशित किया कि खट्टर ने कश्मीर से लड़कियों को बहू बना कर लाने की बात कही है। आपको बता दें कि यह फेक न्यूज़ है। न मुख्यमंत्री ने ऐसा कुछ कहा है और न ही उनके बयान का यह अर्थ था। आइए आपको बताते हैं कैसे मीडिया ने इस बयान के साथ छेड़छाड़ कर इसे पेश किया।
सबसे पहले जानते हैं कि मुख्यमंत्री ने कहा क्या था? लिंगानुपात व ‘बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ’ की बात करते हुए खट्टर ने कहा कि हरियाणा का नाम पहले बदनाम था और यह बेटी मारने वाले प्रदेश के रूप में कुख्यात हो गया था। बेटियों को बचाने के लिए चलाई गई विभिन्न योजनाओं की सफलता पर बात करते हुए खट्टर ने बताया कि पहले हरियाणा में लिंगानुपात 850 था, अर्थात प्रति 1000 लड़कों पर 850 लड़कियों का अनुपात। वहीं अगर ताज़ा आँकड़ों की बात करें तो यह बढ़ कर 933 हो गया है, जो दिखाता है कि इस मामले में हरियाणा बड़े सुधार की ओर अग्रसर है।
लिंगानुपात के 850 ने 933 होने को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने एक बहुत बड़ा परिवर्तन बताया। उन्होंने कहा कि कोई भी बुजुर्ग या नौजवान इस बात को समझ सकता है कि लिंगानुपात घटने पर भविष्य में बहुत बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा, क्योंकि लड़कियों की संख्या कम हो जाएगी और लड़कों की संख्या बहुत ज्यादा हो जाएगी। इसके बाद अब मुख्यमंत्री के उस बयान पर आते हैं, जिसे लेकर विवाद खड़ा हुआ है। सीएम ने कहा,
“हमारे धनखड़ जी ने कहा कि बिहार से (बहुएँ) लानी पड़ेंगी। अब कुछ लोग कह रहे हैं कि कश्मीर खुल गया, अब वहाँ से लेकर आएँगे। ‘मजाक’ की बातें अलग हैं। लेकिन समाज में लिंगानुपात ठीक होगा तो संतुलन बैठेगा।”
वीडियो को ध्यान से देखें और सुनें: खट्टर ने कुछ भी विवादित नहीं कहा, मीडिया ने ग़लत ख़बर चलाई
इस बयान को आप ऊपर संलग्न की गई वीडियो में भी सुन सकते हैं। दरअसल, खट्टर ने हरियाणा भाजपा के पूर्व अध्यक्ष ओपी धनखड़ के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने बिहार और हरियाणा के बीच एक सामाजिक गठबंधन के द्वारा हरियाणा में लिंगानुपात सुधारने की बात कही थी। ऐसा उन्होंने हरियाणा में बिहारी लड़कियों की ट्रैफिकिंग रोकने का निदान सुझाते हुआ कहा था।
अब देखिए कैसे खट्टर के इस बयान को लेकर उन पर निशाना साधा गया। खट्टर ने साफ़-साफ़ कहा कि ‘लोग ऐसा कह रहे हैं’ और ऐसे बयानों को ‘मजाक की बातें’ भी कहा लेकिन कई लोगों ने उन्हें ऐसे निशाना बनाना शुरू कर दिया, जैसे उन्होंने ही कश्मीर से लड़कियाँ लाने की बात कही हो। शेखर गुप्ता की ‘द प्रिंट’ की कॉरेस्पोंडेंट ज्योति यादव ने हरियाणा की लिंगानुपात को लेकर पूरे हरियाणा को ही निशाने पर लिया और वहाँ के लोगों को भला-बुरा कहा।
अंतर्जातीय विवाहों तक के लिए ऑनर किलिंग के लिए कुख्यात हरियाणा के लोगों के मुँह से “ कश्मीर से बहू लाएँगे, पहले बिहार से लाते थे” जैसी बातें सही नहीं लगतीं.
कश्मीर छोड़ो, हरियाणा के लड़के हरियाणा की ही दूसरी जातियों में और बिना दहेज के शादियाँ करके दिखा दें.
स्क्रॉल ने भी खट्टर के इस बयान को ग़लत तरीके से पेश किया, जिसे दक्ष प्रोपेगंडाबाज अशोक स्वेन ने शेयर करते हुए आरोप लगाया कि आरएसएस के लोग कश्मीरी लड़कियों को ‘सेक्स स्लेव’ बनाना चाहते हैं।
स्क्रॉल की फेक ख़बर के आधार पर अशोक स्वेन ने लगाया बड़ा आरोप
स्क्रॉल की इस ख़बर को हामिद मीर और अरशद शरीफ जैसे पाकिस्तानी पत्रकारों ने भी शेयर किया। कर्नाटक यूथ कॉन्ग्रेस नेता श्रीवत्स ने इस फेक न्यूज़ के आधार पर लिखा कि जनता को खट्टर जैसे नेताओं को नकार देना चाहिए।
“Women cry rape to get back at their boyfriends”
“If they want freedom, why don’t they (girls) roam around naked?”
“Now we will bring girls from Kashmir”
Only in India can someone like ML Khattar remain as CM. People should reject such politicians, else things won’t change. pic.twitter.com/OO00orZJLC
कॉन्ग्रेस नेता तहसीन पूनावाला तो एक क़दम और आगे बढ़ गए। उन्होंने सीएम खट्टर को ‘घिनौनी और विकृत मानसिकता वाला व्यक्ति’ बता दिया। कॉन्ग्रेस नेता ने एक मुख्यमंत्री को उस बयान के लिए अपशब्द कहे, जो बयान उन्होंने दिया ही नहीं था।
Yes, Chief Minister @mlkhattar ji , you can “bring ” girls from #Kashmir . This is your FANTASY ! They will still think of you as a disgusting old man & a creep and NOT come ..That is your REALITY ! You are a PEVERT mr @mlkhattar ! https://t.co/z0G6MX8Tmb
गिरोह विशेष के सदस्यों के कुछ अन्य ट्वीट्स पर नजर डालिए। बिना सच जाने और ख़बर की सच्चाई की पुष्टि किए बिना उन्होंने फेक न्यूज़ के आधार पर सीएम खट्टर को भला-बुरा कहना शुरू कर दिया। ये रहे ट्वीट्स:
Playing out the fantasy in the minds of hardcore Hindutva leaders, as though he is a brigadier of an army not bound by any norms, Khattar implies that women from a ‘conquered’ territory are the equivalent of ‘the spoils of war’ for his ‘boys’.
A) if you didn’t murder girls in your own state you won’t need brides from outside. B) the women would need to want to marry men like you. Why? C) women aren’t property. Not yours. Not theirs … https://t.co/jYtmUFYHaQ
ठहर कर सोचिए“बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” नारे तले कैसी विकृत मानसिकता छुपी हुई है? ताज्जुब नहीं होना चाहिए अगर कल इस नारे में ये लोग “बेटी ख़रीदो-बहु बनाओ” भी जोड़ दे।
कश्मीर-बिहार की बेटियों के बारे में तो बीजेपी नेताओं की घिनौनी सोच उजागर हो चुकी है।
Where one talks of the possibility of shooting films in Kashmir, another of bringing Kashmiri girls for marriage, I’m not sure if they get the gravity of the situation! Disgusted! https://t.co/UkKdQDblUD
Such insensitive and shameful remarks reveal the real mindset of BJP leaders. Where people are forcibly confined to their homes and nobody knows about their plight, why their wounds are being deepened by such shamelessness : https://t.co/nG8IS9KbBC
कई मीडिया संस्थानों व पत्रकारों ने खट्टर के बयान को अनुच्छेद 370 और जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन से जोड़ा और संघ से लेकर भाजपा तक की मानसिकता पर सवाल खड़े किए। कॉन्सपिरेसी थ्योरी के एक्सपर्ट्स ने एक से बढ़ कर एक झूठ का सहारा लिया और अपनी मानसिकता का परिचय दिया। लेकिन, वीडियो के सामने आने के बाद उनकी पोल खुल गई।