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DCP विक्रम कपूर आत्महत्या: ब्लैकमेल करने वाला इंस्पेक्टर अब्दुल सईद गिरफ़्तार, महिला मित्र के लिए…

हरियाणा पुलिस के डीसीपी विक्रम कपूर की आत्महत्या मामले में पुलिस ने निलंबित इंस्पेक्टर अब्दुल सईद को गिरफ़्तार कर लिया है। पुलिस की जाँच में इस बात का ख़ुलासा हुआ है कि अब्दुल न सिर्फ़ अपने भांजे को एक केस से निकलवाने का दबाव बना रहा था बल्कि एक मामले में अपनी महिला मित्र के काम करने का दबाव भी बना रहा था। इसके लिए वो डीसीपी को लगातार धमका रहा था कि वो अपनी महिला मित्र के ज़रिए उन्हें किसी केस में फँसा देगा।

पुलिस की जाँच में पता चला है कि निलंबित इंस्पेक्ट अब्दुल सईद और उसका पत्रकार साथी सतीश पिछले तीन महीने से डीसीपी को ब्लैकमेल कर रहे थे। 13 जुलाई 2018 को सईद ने डीसीपी के घर जाकर उन्हें डराते-धमकाते हुए कहा था, “अगर मेरे काम न हुए तो ऐसी ख़बरें छपवाऊँगा कि तू आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएगा।”   

दरअसल, अब्दुल सईद का भांजा मुजेसर थाने में एक मामले में नामजद था, उसे वो बाहर निकलवाना चाहता था। वहीं, उसकी महिला मित्र का उसके ससुर के साथ प्रॉपर्टी को लेकर एक विवाद था, जिसके लिए उसने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में महिला के अनुसार, उसके पक्ष में जाँच करवाने का दबाव था। वहीं, सतीश ने इकॉनमिक ऑफेंस विंग (EOW) में 55 लाख रुपए की धोखाधड़ी की शिक़ायत दी थी। इस धोखाधड़ी की पुष्टि किए बिना अब्दुल यह केस डीसीपी से दर्ज करवाने का दबाव बना रहा था।

ग़ौरतलब है कि बुधवार (14 अगस्त) को डीसीपी विक्रम कपूर ने अपने सरकारी आवास पर सुबह क़रीब 5.45 बजे ख़ुद को गोली मार ली थी। उन्होंने अपने सुसाइड नोट में इंस्पेक्टर अब्दुल सईद, SHO थाना भूपानी को अपनी आत्महत्या का दोषी ठहराते हुए लिखा था,

“आई एम डूइंग दिस ड्यु टू अब्दुल, इंस्पेक्टर अब्दुल सईद वाज ब्लैकमेलिंग, विक्रम।”

ख़बर के अनुसार, क्राइम ब्रांच की पूछताछ में पता चला है कि डीसीपी विक्रम से अब्दुल सईद और उसकी महिला मित्र की अलग-अलग माँगे थीं। शनिवार (17 अगस्त) को क्राइम ब्रांच अब्दुल को NIT ऑफ़िस लेकर गई, इसके बाद उसे शहर में दो-तीन और जगह ले जाया गया। यह भी पता चला है कि अब्दुल का मोबाइल मुंबई में है, फ़िलहाल उसकी रिकवरी की कोशिशें जारी हैं।

उइगर मुस्लिमों पर चीन की नजर दूसरे देशों तक, मुस्लिम देश मिस्र में 90 से अधिक गिरफ्तार

चीन द्वारा उइगर मुस्लिमों के शोषण की ख़बर नई नहीं है। चीन अपने क़ैदखानों में उइगर मुस्लिमों को उनकी परंपराओं को भूलने, इस्लामी प्रथाओं की निंदा करने और कम्युनिस्ट पार्टी के प्रति वफ़ादार बनने को मजबूर करता है। इसी कड़ी में एक और ख़बर सामने आई है। खबर है कि एक उइगर छात्र मिस्र पढ़ाई करने गया। एक दिन उस छात्र अब्दुल मलिक अब्दुल अजीज को मिस्र की पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया, आँखों पर पट्टी बाँध दी। लेकिन जब उसकी आँखों पर से पट्टी हटाई गई तो वह चीनी अधिकारियों की हिरासत में था।

उइगर छात्र यह देख कर अचंभित था कि उसे गिरफ़्तार करके पुलिस उससे इस तरह पूछताछ कर रही है। ख़बर के अनुसार, छात्र को तब गिरफ़्तार किया गया जब वो अपने दोस्तों के साथ था और फिर उसे व उसके दोस्तों को काहिरा पुलिस स्टेशन में ले जाया गया, जहाँ चीनी अधिकारियों ने उससे पूछताछ की कि वो मिस्र में क्या कर रहा है?

चीनी अधिकारियों ने छात्र और उसके दोस्तों से चीनी भाषा में बात की और छात्र को चीनी नाम से संबोधित किया। बाद में अब्दुल अजीज ने ख़ुलासा कर बताया कि 2017 में 90 से अधिक उइगरों की गिरफ़्तारी चीन के इशारे पर मिस्र में की गई थी।

जुलाई 2017 के पहले हफ़्ते में 3 दिन तक हुई कार्रवाई के बारे में अब्दुल अजीज ने नए ख़ुलासे किए। उस वक़्त वो सुन्नी मुस्लिम शैक्षणिक संस्थान अल-अज़हर में इस्लामिक धर्मशास्त्र का छात्र था। आपको बता दें कि यह संस्थान दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित संस्थान है।

चीन की इस हरक़त से इस बात का अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि वो उइगर मुस्लमानों को सताने की अपनी आदत से इतना मजबूर है कि उन्हें सताने के लिए वो दूसरे देश में भी षड्यंत्र रचने से बाज नहीं आ रहा है। दूसरे देशों में भी छात्रों तक की अचानक गिरफ़्तारी उइगरों के प्रति चीन की नीयत को साफ़तौर पर उजागर करती है।

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र ने चीन को उइगर मुस्लिमों के मानवाधिकारों का सम्मान करने की नसीहत दी थी। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि चीन को उइगर मुस्लिमों के मानवीय अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए। गुटेरस ने चीनी वार्ताकारों के साथ बातचीत में ये बातें कहीं। बीजिंग में बेल्ट एन्ड रोड फोरम में शामिल होने के बाद महासचिव ने इन मुद्दों को उठाया और चीन को नसीहत दी। इस सम्बन्ध में वे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात कर चुके हैं।

स्पा की आड़ में सेक्स रैकेट चला रही शुरा ख़ान गिरफ़्तार, थाईलैंड की 6 लड़कियाँ छुड़ाई गईं

मुंबई क्राइम ब्रांच ने स्पा की आड़ में चलाए जा रहे सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। छापेमारी के दौरान क्राइम ब्रांच ने 6 लड़कियों को भी वहाँ से निकाला। बचाई गई सारी लड़कियाँ थाईलैंड की हैं। पुलिस को पूर्वी मुंबई के पॉश वीले पार्ले क्षेत्र में स्पा की आड़ में सेक्स रैकेट चलाए जाने की सूचना अपने सूत्रों से मिली थी। इस स्पा का उद्घाटन 2017 में एक लोकप्रिय बॉलीवुड अभिनेत्री ने किया था। शनिवार (अगस्त 17, 2019) की सुबह पुलिस अधिकारियों ने थाई वीले पर छापेमारी की।

स्पा के मालिक शुरा ख़ान और सुमित सिंघानिया को गिरफ़्तार कर लिया गया है। इन दोनों पर अवैध रूप से वेश्यावृत्ति का धंधा चलाने का मामला दर्ज किया गया है। छापेमारी के दौरान 1.23 लाख रुपए, एक लैपटॉप, 3 स्वाइप मशीन, 3 वाउचर बुक्स और कुछ कागजात जब्त किए गए हैं। थाई विला मुंबई के दीक्षित रोड में स्थित है। बचाई गई सभी पीड़ित थाईलैंड की नागरिक हैं और वे टूरिस्ट एवं बिजनेस वीजा पर यहाँ रह रही थीं।

दोनों आरोपितों को PITA (अनैतिक ट्रैफिकिंग एक्ट) के तहत मामल दर्ज किया गया है। जब्त की गई संपत्ति, पीड़ितों व आरोपितों को स्थानीय पुलिस थाना को सौंप दिया गया है और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।

अब इंसानों के शरीर में धड़केगा सुअर का दिल: ब्रिटेन का पहला सफल हार्ट ट्रांसप्लांट करने वाले डॉक्टर का दावा

जल्द ही ऐसा मुमकिन है कि एक सुअर का दिल किसी इंसान के अंदर धड़के। यह बात सुनने में जरूर अटपटी लग सकती है, लेकिन ब्रिटेन के नामचीन डॉक्टर सर टेरेन्स इंग्लिश का कहना है कि सिर्फ 3 साल के भीतर सुअर के दिलों को इंसानों में ट्रांसप्लांट करना संभव हो सकता है। 40 साल पहले ब्रिटेन का पहला सफल हार्ट ट्रांसप्लांट करने वाले डॉक्टर टेरेन्स का कहना है कि इस तकनीक से हृदय रोगियों को एक नई जिंदगी मिल सकती है।

हालाँकि, उन्होंने कहा कि इससे पहले सुअर की किडनी इंसानों के अंदर लगाई जाएगी। दरअसल, दुनिया भर में ह्यूमन ऑर्गन्स की जितनी माँग है, उतने डोनर नहीं मिल पाते। जिसकी वजह से उनकी मौत हो जाती है। इसी के मद्देनज़र दुनिया को कुछ बेहतर देने की कोशिश में मेडिकल वर्ल्ड में नए-नए एक्सपेरिमेंट किए जा रहे हैं। वैज्ञानिक इस ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों के शरीर में सुअर का दिल लगाने की संभावना काफी ज्यादा बढ़ गई है।

चूँकि, सुअर के अंगों का आकार इंसान के अंगों की तरह ही होता है, इसलिए इसे इंसान के लिए सही माना जा रहा है। डॉक्टर टेरेन्स का कहना है कि जानवरों के अधिकारों के लिए काम करने वाले लोग इसका विरोध कर सकते हैं, लेकिन क्या यह अच्छा नहीं होगा कि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल करके इंसान को बचाया जा सकेगा।

राम मंदिर के लिए हलचल तेज़: ‘पत्थर तराशने के काम में तेज़ी, राजस्थान से पहुँचेंगे कारीगर’

राम मंदिर-बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट में प्रतिदिन सुनवाई हो रही है और माना जा रहा है कि नवंबर तक अंतिम निर्णय आ जाएगा। दोनों ही पक्षों द्वारा अपनी-अपनी दलीलें पेश की जा रही हैं। सुनवाई कर रही पीठ की अध्यक्षता ख़ुद सीजेआई रंजन गोगोई कर रहे हैं। अब ख़बर आ रही है कि अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए पत्थर तराशने का काम तेज़ कर दिया गया है और इसके लिए अतिरिक्त कारीगरों को भी बुलाया जा रहा है। हालाँकि, वर्तमान में कारीगरों की कमी के कारण नक्काशीदार स्लैबों की सफाई का काम चल रहा है।

अभी 10-12 कारीगर साफ़-सफाई के कार्य में लगे हुए हैं। जल्द ही साधु-संतों की बैठक भी बुलाई जाएगी, जिसमें पत्थरों को तराशने की प्रक्रिया में तेज़ी लाने के लिए मंथन किया जाएगा। विश्व हिन्दू परिषद के प्रवक्ता शरद शर्मा ने इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए कहा:

“जब से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई तेज हुई है, राम भक्त भी उत्साह में हैं। मंदिर के लिए नक्काशीदार पत्थर की शीट्स और खम्भों की सफाई चालू है। पत्थरों को तेजी से तराशने का फैसला अयोध्या और अन्य स्थानों के संतों के सुझावों के अनुसार होगा और इस सम्बन्ध में बातचीत चालू है।”

विहिप प्रवक्ता ने दावा किया कि प्रस्तावित राम मंदिर का ग्राउंड फ्लोर के निर्माण के लिए 70% पत्थरों को तराशने का कार्य पूरा किया जा चुका है। उन्होंने इस कार्य में तेज़ी लाने के लिए राजस्थान से भी कारीगर बुलाए जाने की बात कही। राम जन्मभूमि न्यास के प्रमुख महंत नृत्य गोपाल दास ने उम्मीद जताई कि नवंबर तक मामले की सुनवाई ख़त्म हो जाएगी, इसीलिए पत्थरों को तराशने का कार्य तेज़ी से होना ज़रूरी है।

विहिप की उम्मीदें इस बात पर टिकी हैं कि जस्टिस रंजन गोगोई रिटायरमेंट से पहले इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय सुना देंगे। इसीलिए वर्षों से धूल फाँक रहे स्लैबों की साफ़-सफाई कराई जा रही है।

नेहरू के देश पर हिन्दू प्रभुत्व वालों का कब्जा, भारत के परमाणु बमों पर ध्यान दे दुनिया: इमरान ख़ान

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को हिन्दूफोबिया हो गया है। लगातार ट्वीट्स में पीएम नरेंद्र मोदी व भाजपा के लिए ‘हिन्दू प्रभुत्ववादी’ जैसे शब्दों का प्रयोग यह दिखाता है कि पाक पीएम को जम्मू कश्मीर मसले में केवल ‘हिन्दू एंगल’ ही दिख रहा है। इमरान ने एक के बाद एक चार ट्वीट कर भारत सरकार, पीएम मोदी और हिन्दुओं को भला-बुरा कहा। इमरान ख़ान ने लिखा कि जैसे जर्मनी पर नाज़ी ने कब्ज़ा कर लिया था, ठीक वैसे ही ‘फासिस्ट, रेसिस्ट और हिंदुत्व के प्रभुत्व’ वाले नेतृत्व ने भारत पर कब्ज़ा कर लिया है।

जम्मू कश्मीर को ‘भारत अधिकृत कश्मीर’ बताते हुए उन्होंने दावा किया कि वहाँ 90 लाख लोगों को 2 हफ्ते से नजरबंदी की हालत में रखा गया है। इमरान ने लिखा कि अब तक संयुक्त राष्ट्र को संज्ञान लेते हुए अपने प्रतिनिधियों को वहाँ भेज देना चाहिए था। भारत के राष्ट्रपिता और प्रथम प्रधानमंत्री का जिक्र करते हुए इमरान ने लिखा कि ‘इन हिन्दू प्रभुत्ववादियों’ से न सिर्फ़ भारत के अल्पसंख्यकों और पाकिस्तान को खतरा है, बल्कि गाँधी-नेहरू द्वारा जो भारत की संरचना बनाई गई थी, वो भी खतरे में है।

व्हाट्सप्प ज्ञान से फैलने वाले अफवाहों को बढ़ावा देते हुए खान ने लिखा कि गूगल सर्च कर के यह पता लगाया जा सकता है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और नाज़ी की नरसंहार वाली विचारधाराओं में क्या समानताएँ हैं? उन्होंने दावा किया कि 40 लाख भारतीय मुस्लिम हिरासत में हैं और उन्हें विभिन्न कैम्पों में रखा गया है। इमरान के अनुसार, इन मुस्लिमों की नागरिकताएँ भी छीन ली गई हैं। हालाँकि, अपने इस झूठे दावे को साबित करने के लिए उन्होंने कोई सबूत पेश नहीं किया।

इमरान खान ने लिखा, “दुनिया को यह ज़रूर देखना चाहिए। आरएसएस के ‘गुंडे’ खुले तौर पर हिंसा कर रहे हैं। जिन्न अब बोतल से बाहर आ चुका है। अगर विश्व समुदाय ने समय पर कार्रवाई नहीं की तो नरसंहार और घृणा का यह सिद्धांत फैलता चला जाएगा।” भारत की परमाणु शक्ति से भयभीत इमरान ने विश्व समुदाय से अपील की कि भारत का परमाणु जखीरा ‘हिंदुत्व प्रभुत्ववादियों के चंगुल में है’ और इस पर ध्यान दिया जाए।

इमरान ख़ान इससे पहले भी आरएसएस और हिन्दुओं को लेकर भला-बुरा बोल चुके हैं। इससे पहले इमरान ने लिखा था कि कश्मीर में कर्फ्यू लगा है और जनता पर क्रैकडाउन किया जा रहा है। आर्थिक बदहाली से जूझ रहे इस्लामिक देश के प्रधानमंत्री ने लिखा था कि भारत सरकार जम्मू कश्मीर की भौगोलिक परिस्थितियों को जबरदस्ती बदलना चाहती है। उन्होंने पूछा था, “क्या दुनियाँ सिर्फ़ देखती रहेगी और समर्थन करती रहेगी, जैसा कि म्यूनिख में हिटलर के काल में हुआ था?“

‘मुस्लिम गुंडे नहाते समय मेरी माँ को घूरते’ – पीड़ित से The Wire के पत्रकार ने पूछा – तुम्हें बजरंग दल ने सिखाया?

बेगूसराय में दलितों को मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा लगातार अपना घर बेचने का दबाव बनाया जा रहा था। उन्हें संपत्ति बेच कर जाने को कहा जा रहा था। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की गई। एक नाबालिग दलित को भी पीटा गया। समाजसेवी संजीव नेवर ने एक ऑडियो जारी किया है, जिसमें ‘द वायर’ और ‘इंडिया स्पेंड’ का पत्रकार पीड़ित पर दबाव डालकर कहवाना चाह रहा है कि यह कोई सांप्रदायिक घटना या हेट क्राइम नहीं है।

ऊपर दिए गए ऑडियो में उमेश ख़ुद का परिचय प्रोपेगंडा पोर्टल ‘द वायर’ और ‘इंडिया स्पेंड’ के पत्रकार के रूप में देता है। पीड़ित ने पत्रकार को अपने साथ की गई ज्यादतियों का वर्णन करते हुए बताया कि स्थानीय मुस्लिम गुंडे उसकी नहाती हुई माँ को ग़लत इरादे से घूरा करते थे। साथ ही उसने अपने साथ हुई मारपीट का वाकया भी सुनाया।

पीड़ित ने बताया कि उसकी बहन से जबरन सड़कें साफ़ करवाई गईं। इसके बाद प्रोपेगंडा पत्रकार ने पीड़ित से पूछा कि क्या वहाँ पर बसे अन्य हिन्दू परिवारों के साथ भी मुस्लिम समुदाय द्वारा ऐसा ही व्यवहार किया जाता है? पीड़ित ने बताया कि वहाँ रह रहे हिन्दुओं को मुस्लिमों द्वारा जो भी काम दिए जाएँ, उन्हें पूरा करना होता है।

वहाँ मुस्लिम समयदाय के लोग दलितों से जबरन काम करवाते हैं लेकिन पीड़ित ने उनकी बात मानने से इनकार कर दिया था। पीड़ित ने बताया कि उसके परिवार में कोई भी बाहर झाड़ू-पोछा या साफ़-सफाई का कार्य नहीं करता है, इसीलिए उसने मुस्लिम समुदाय की बात मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद पत्रकार उमेश ने पीड़ित लड़के से पूछा कि क्या पुलिस को शिकायत दिए जाने की प्रक्रिया में बजरंग दल भी शामिल था?

‘द वायर’ का पत्रकार यह जानना चाहता था कि क्या पीड़त ने बजरंग दल के कहने पर पुलिस में मामला दर्ज कराया? हालाँकि, पीड़ित ने पत्रकार द्वारा बार-बार बात घुमाने के बाद भी अपने बयान पर कायम रहते हुए बताया कि पुलिस को उसने जो बयान दिया है, वह उसका ख़ुद का है और उसने किसी के प्रभाव में आकर यह बयान नहीं दिया है। हालाँकि, पीड़ित ने यह ज़रूर कहा कि शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया में बजरंग दल ने समाजिक दायित्व निभाते हुए उसकी मदद की।

पत्रकार उमेश ने बेशर्मी दिखाते हुए पीड़ित से पूछा कि क्या मुस्लिमों ने उसे पीटते समय यह बताया कि उसे हिन्दू होने की वजह से पीटा जा रहा है? कथित फैक्ट चेकर वेबसाइट के पत्रकार की मानें तो जब तक आरोपित ख़ुद ऐसा नहीं कहता, तब तक यह नहीं माना जाएगा कि यह हेट क्राइम है। जून में आई स्वराज्य की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित महादलित परिवार ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा था कि 10 जून की रात अचानक से उसके घर में भीड़ घुस आई और घर की दो औरतों के साथ दुर्व्यवहार किया गया।

आरोपितों ने पिस्तौल के दम पर बलात्कार करने की भी कोशिश की थी। पीड़ित महादलित परिवार को न्याय दिलाने की माँग के साथ भाजपा व बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन भी किया था। बजरंग दल ने कहा था कि नूरपुर को कश्मीर एवं कैराना बनाने की कोशिश हो रही है, जिससे हिन्दू यहाँ से पलायन कर जाएँ।

सिर्फ अंग्रेजी से ही अच्छा पैसा कमाया जा सकता है, इस धारणा को बदलने की जरूरत: मोहन भागवत

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार (अगस्त 17, 2019) को कहा कि लोगों के बीच इस धारणा को बदलने की जरूरत है कि सिर्फ अंग्रेजी ज्ञान से ही अच्छा पैसा कमाया जा सकता है। उन्होंने मातृभाषाओं को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि अध्ययन के अन्य विषयों के साथ आध्यात्मिक ज्ञान देने की भी जरूरत है।

संघ प्रमुख ने शिक्षा प्रणाली में भारतीयता की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति आजीविका चलाने के लिए पढ़ता है, तो यह शिक्षा नहीं है क्योंकि समाज में ऐसे कई उदाहरण हैं जहाँ अशिक्षित लोगों ने शिक्षित लोगों को नौकरियाँ दी हैं।

भागवत ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय में आरएसएस से संबद्ध शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास (एसएसयूएन) द्वारा आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि जब शिक्षा में आध्यात्मिकता के बारे में बात की जाती है, तो कुछ लोगों की भौहें तन जाती हैं लेकिन मानविकी, वाणिज्य और विज्ञान जैसे अन्य विषयों के साथ इसकी भी आवश्यकता है। भागवत का कहना है कि लोगों ने ऐसी धारणा बना ली है कि कोई व्यक्ति केवल तभी अच्छा पैसा कमा सकता है, जब उसे अंग्रेजी भाषा का अच्छा ज्ञान हो। लेकिन, इस धारणा को बदलने करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि जो लोग सिर्फ अपनी मूल भाषा जानते हैं, वो भी वह अच्छा पैसा कमा सकते हैं। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विकसित देशों के उदाहरण दिए, जहाँ अधिकांश लोग केवल अपनी मातृभाषा को ही जानते हैं। मोहन भागवत ने कहा कि समाज में लोगों का कहना है कि शिक्षा प्रणाली को बदला जाना चाहिए, और यह लोगों द्वारा किया जा सकता है, क्योंकि भारत में शिक्षा प्रणाली पूरी तरह से सरकार द्वारा नियंत्रित नहीं है और समाज का भी इस पर कुछ नियंत्रण है। अगर समाज को लगता है कि शिक्षा प्रणाली में बदलाव होना चाहिए, तो यह निश्चित रूप से होगा।

वाह मोदीजी! आप प्रशंसा के लायक हैं, आप देश के मार्गदर्शक हैं: ‘बिहारी बाबू’ का हृदय परिवर्तन

वरिष्ठ अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा का हृदय परिवर्तन होता दिख रहा है। भाजपा में रहते हुए भी बार-बार अपनी ही पार्टी को कोसने वाले सिन्हा आज तो भाजपा में नहीं हैं लेकिन उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफों के पुल बाँधे हैं। सिन्हा ने ट्विटर पर प्रधानमंत्री द्वारा स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिए गए भाषण को ‘साहसिक, तथ्यपरक और उत्तेजक’ बताया। बकौल शत्रुघ्न सिन्हा, प्रधानमंत्री ने उन सभी समस्याओं का काफ़ी अच्छी तरह से जिक्र किया, जिनसे देश आज जूझ रहा है।

जल-संकट पर बात करते हुए सिन्हा ने लिखा कि यह समस्या विकराल होती जा रही है और अगले 2 वर्षों में कई शहर सूखे की चपेट में आ जाएँगे। बता दें कि पीएम ने जल-संकट पर बात करते हुए जैन मुनि बुद्धिसागर की उस भविष्यवाणी का जिक्र किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक समय ऐसा आएगा जब पानी किराने की दूकान पर बिकने लगेगा। पीएम ने बताया कि सरकार आने वाले दिनों में जल जीवन मिशन को लेकर आगे बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि इस मद में साढ़े तीन लाख करोड़ से भी ज्यादा खर्च करने का संकल्प किया गया है।

पटना साहिब से लगातार दो बार सांसद रहे शत्रुघ्न सिन्हा ने प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले की प्राचीर से जनसंख्या नियंत्रण की तरफ ध्यान दिलाए जाने पर भी ख़ुशी जताई। ज्ञात हो कि स्वतंत्रता दिवस पर अपने सम्बोधन के दौरान पीएम ने जनसंख्या विस्फोट को लेकर अपनी चिंता जाहिर करते हुए देशवासियों से छोटे परिवार की अपील की थी। उन्होंने देश में जनसंख्या विस्फोट पर चिंता जताते हुए कहा था कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए नयी चुनौतियाँ पेश करता है।

2019 लोकसभा चुनाव कॉन्ग्रेस के टिकट पर लड़ कर हार चुके सिन्हा इस बात से भी गदगद दिखे कि पीएम ने प्लास्टिक को ‘गुड बाय’ कह कर प्रदूषण नियंत्रण में योगदान देने की अपील की। साथ ही सिन्हा ने पीएम द्वारा भारतीय पर्यटन को एक नया आयाम देने के लिए भी धन्यवाद किया। सिन्हा ने ट्विटर पर लिखा:

“इन समस्याओं के बारे में बातें तो बहुतों ने की हैं लेकिन किसी ने ठोस क़दम नहीं उठाए या योजनाएँ बना कर आगे बढ़ने का प्रयास नहीं किया। वाह! आप (पीएम मोदी) प्रशंसा और सराहना के लायक हैं।”

दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जमाने में उनके विश्वस्त सहयोगियों में शामिल रहे सिन्हा ने सीडीएस के गठन को लेकर भी पीएम की प्रशंसा की। सिन्हा ने लिखा कि इससे बड़ा बदलाव आएगा। उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश का मार्गदर्शक और मित्र होने के नाते इन समस्याओं पर बात करने के लिए सही समय, सही दिन और सही मंच चुना है। पूरा देश उनके साथ मजबूती से खड़ा है।“

2 कश्मीरी IAS-IPS ने दिखाया दम, सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा की कर दी छुट्टी

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 के पर कतरने के बाद से ही सोशल मीडिया पर फ़र्ज़ी ख़बरों को फैला कर लोगों को भ्रमित करने का काम पाकिस्तान बड़े ज़ोर-शोर से कर रहा है। फ़र्ज़ी ख़बरों के प्रचार-प्रसार के लिए पाकिस्तान फ़र्ज़ी फ़ोटो और वीडियो का जमकर सहारा ले रहा है। ऐसा करने के पीछे पाकिस्तान की मंशा दुनिया में भारत की छवि को ख़राब करना है।

पाकिस्तान की मंशा का पर्दाफ़ाश करने में भारत कभी पीछे नहीं रहा, उसकी इस हरक़त का मुँहतोड़ जवाब भी दिया गया, दिया जा रहा है। इन्हीं में एक हैं जम्मू-कश्मीर में पाक आतंकवादियों का काम तमाम करने वाले आईपीएस अधिकारी इम्तियाज़ हुसैन, जिन्होंने सबूतों और तर्कों के साथ सोशल मीडिया के मैदान में फर्जीवाड़ा और प्रोपेगेंडा फैला रहे पाकिस्तानियों को धूल चटाई।

श्रीनगर में तैनात आईपीएस अधिकारी इम्तियाज़ हुसैन ने रविवार (18 अगस्त) को ट्विटर पर लिखा, “पाकिस्‍तान के सिंध का एक डाकू कश्‍मीर में लड़ाई लड़ना चाहता है। जैसे कि अब तक जो लोग कश्‍मीर में लड़ने के लिए आए थे, वे कमजोर डाकू थे। पाकिस्‍तानी सेना हमेशा से ही अपना काम ऐसे डाकुओं को आउट सोर्स कर करती रही है। उसका काम भी डाकू जैसा ही है। इस डाकू का भी वही हश्र होगा जो पहले के डाकुओं का हुआ है।”

आईपीएस अधिकारी इम्तियाज़ हुसैन के अलावा आईएएस अधिकारी शाहिद चौधरी ने भी पाकिस्तानी प्रॉपेगैंडा की हवा निकालते हुए ट्विटर पर जम्मू-कश्मीर में शांति व्यवस्था की असली तस्वीर से लोगों को अपडेट करते रहे हैं।

एक विदेशी पत्रकार के ट्वीट जिसमें कश्मीर में अस्पतालों के फोन के काम नहीं करने के बारे में लिखा था, उसका जवाब देते हुआ आईएएस अधिकारी शाहिद चौधरी ने लिखा, “मेडिकल कॉलेज के प्रिसिंपल और अन्‍य चिकित्‍सा सुविधाओं के प्रमुखों के टेलिफोन नंबर पूरे दिन काम कर रहे हैं। कृपया तथ्‍यों का सम्‍मान करें। आपके पास अटकलों के आधार पर ट्वीट करने के लिए और भी बहुत कुछ है।”