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वासिफ और वसाफ की हवस का शिकार बनी नाबालिग पीड़िता ने की खुदकुशी

उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक नाबालिग रेप पीड़िता ने तानों से तंग आकर ख़ुदकुशी कर ली। पीड़िता का शव फंदे से लटका पाया गया। जब पुलिस ने उसे उतारने की कोशिश की तो परिजनों और पुलिस के बीच विवाद हो गया। पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए लोगों ने करीब डेढ़ घंटे तक हंगामा किया।


ख़बर के अनुसार, एसपी (पूर्वी) राजकुमार अग्रवाल, सीओ अनवरगंज सैफुद्दीन बेग पुलिस फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। उन्होंने उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत करवाया। उसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

कानपुर के रायपुरवा निवासी एक कारपेंटर की 13 वर्षीय नाबालिग लड़की को 13 जुलाई की रात सगे भाई वासिफ और वसाफ अगवा कर ले गए थे। उन्होंने अपने दोस्त श्यामू उर्फ़ सम्मू के साथ मिलकर नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। अगले दिन पीड़िता जब घर पहुँची तो उसने परिजनों को आपबीती सुनाई। इसके बाद परिजन उसे थाने ले गए।

परिजनों के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। कई चक्कर लगाने के बाद 27 जुलाई को रायपुरवा पुलिस न FIR दर्ज की, लेकिन आरोपितों को गिरफ़्तार नहीं किया। शुक्रवार (9 अगस्त) को क़रीब साढ़े आठ बजे जब घर के सभी सदस्य बाहर थे तो पीड़िता ने कमरे में जाकर दुपट्टे का फंदा बनाकर फाँसी लगा ली।

एसएसपी अनंत देव ने बताया कि पुलिस ने उन दो महिलाओं को गिरफ़्तार कर लिया है जिन्होंने पीड़िता को दुष्कर्म की बात पर ताना मारा था। उन्होंने बताया कि शायद पीड़िता ने महिलाओं द्वारा चिढ़ाए जाने और आरोपितों के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई न होने से आहत होकर यह कदम उठाया। फ़िलहाल, दोनों महिलाएँ हिरासत में हैं और पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

कॉन्ग्रेस नेता अपराधियों से भी बदतर: झारखंड प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार का इस्तीफा

झारखंड के प्रदेश कॉन्ग्रेस अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने शुक्रवार (अगस्त 9, 2019) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। सोनिया और राहुल गॉंधी सहित 10 कॉन्ग्रेस नेताओं को भेजे अपने इस्तीफे में उन्होंने पार्टी के अपने सहयोगियों को अपराधियों से भी बदतर बताया है।

कुमार ने कहा है कि उन्होंने कॉन्ग्रेस पार्टी को आगे ले जाने के लिए काफी ईमानदारी से कोशिश की। झारखंड में पार्टी की कमान संभालने की बाद वे पार्टी को एकीकृत और जिम्मेदार तरीके से आगे ले जाना चाहते थे, लेकिन चंद लोगों के निहित स्वार्थों के कारण ऐसा नहीं कर सके।

राजनीति में आने से पहले बतौर आईपीएस अधिकारी के अपने अनुभवों का जिक्र करते हुए इस्तीफे में उन्होंने कहा है, “मैं पुलिस वीरता पुरस्कार के सबसे कम उम्र के विजेताओं में से एक हूँ। जमशेदपुर में माफिया का सफाया किया। मैं आत्मविश्वास से कह सकता हूँ सबसे खराब से खराब अपराधी भी मेरे इन सहयोगियों से बेहतर दिखते हैं।”

डॉ. अजय ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि प्रदेश के अधिकांश नेता पार्टी के प्रति वफादार नहीं हैं। उन्होंने कहा है कि पार्टी के कुछ नेता जैसे सुबोध कांत सहाय, रामेश्वर उरांव, प्रदीप बलमुचू, चंद्रशेखर दुबे, फुरकान अंसारी और कई अन्य वरिष्ठ नेता केवल राजनीतिक पदों को हथियाने में लगे हैं। व्यक्तिगत लाभ के लिए पार्टी हित को ताक पर रखने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इनका सहयाेग न मिलने के बावजूद 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने पिछले चुनाव की अपेक्षा 12 फ़ीसदी ज्यादा वोट हासिल किया था।

इस्तीफे में उन्होंने पार्टी कार्यालय में खुद पर हमला करवाने और गुंडों को रखने का आरोप भी प्रदेश के नेताओं पर लगाया है। उन्होंने कहा है कि सुबोधकांत सहाय जैसे तथाकथित कद्दावर नेता का प्रदेश पार्टी मुख्यालय में किन्नरों को उत्पात मचाने के लिए प्रोत्साहित करना बेहद स्तरहीन और घटिया हरकत थी। उन्होंने कहा कि तथाकथित वरिष्ठ नेता इन कामों के लिए तो पैसे खर्च करते हैं, लेकिन उनमें से एक भी 5,000 रुपए प्रति माह पार्टी हित में योगदान करने के लिए तैयार नहीं हैं।

साथ ही उन्होंने कहा है कि झारखंड के सभी वरिष्ठ नेता केवल अपने परिवारों के लिए लड़ते हैं। एक नेता अपने लिए बोकारो और बेटे के लिए पलामू से सीट चाहते हैं। एक नेता को भाई के लिए हटिया सीट चाहिए। दूसरा नेता घाटशिला से बेटी के लिए और खूंटी से खुद के लिए सीट चाहता है। एक अन्य नेता जामताड़ा से बेटे के लिए और मधुपुर से बेटी के लिए सीट चाहते हैं। एक नेता अब तक लड़े तमाम चुनाव हार कर भी गुमला से टिकट चाहते हैं। ये नेता आलाकमान की सहमति से बने गठबंधन का तभी तक समर्थन करते हैं जब तक उनकी अपनी सीट सुरक्षित रहती है।

Article 370: ब्रिटिश MP ने लेबर पार्टी के मुस्लिम सांसदों को बताया हिन्दू-विरोधी

ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन ने प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को पत्र लिख कर अनुच्छेद 370 पर मोदी सरकार के फैसले को भारत का आंतरिक मुद्दा बताया है। सांसद ने लिखा है कि हम किसी अन्य देश के आंतरिक मसलों में हस्तक्षेप नहीं करते और भारत जैसे मित्र देशों के आंतरिक मुद्दों में तो बिलकुल नहीं। बॉब ने लिखा कि भारत सरकार ने देश के सभी नागरिकों को समान अधिकार देने का निर्णय लिया है और क्या एक लोकतान्त्रिक देश में इस निर्णय का विरोध करना उचित है? उन्होंने इस बात पर नाराज़गी जताई कि लेबर पार्टी के कुछ सांसद इस निर्णय का विरोध कर रहे हैं।

सांसद बॉब ने याद दिलाया कि अनुच्छेद 370 हटाना भाजपा का चुनावी वादा था और उसे अपने घोषणा-पत्र के वादों को पूरा करने का पूरा हक है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि यह मोदी सरकार का दूसरा कार्यकाल है और लेबर पार्टी के सांसदों को यह नहीं भूलना चाहिए कि वह अबकी वह पिछली बार से भी अधिक मजबूत बहुमत लेकर सत्ता में आए हैं। सांसद बॉब ने पूछा कि क्या एक लोकतान्त्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को अपने वादे पूरा करने का अधिकार नहीं है?

बॉब ब्लैकमैन ने लिखा है कि भारत सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 का प्रावधानों को ख़त्म करने और जम्मू-कश्मीर राज्य का पुनर्गठन करने से सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी और राज्य में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने लिखा,

“70% बौद्ध जनसंख्या वाले लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश घोषित करना यह दिखाता है कि भारत सभी धर्मों व सम्प्रदायों के प्रति सहिष्णु रुख रखता है। लेबर पार्टी हिन्दू-विरोधी और भारत-विरोधी पार्टी बन गई है, जो विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र से हमारे संबंधों को बिगाड़ना चाहती है। हजारों कश्मीरी पंडितों को इस्लाम कबूल न करने पर या तो मार डाला गया था या फिर अपनी मातृभूमि से निकाल दिया गया। इस त्रासदीपूर्ण इतिहास को नजरअंदाज किए बिना भारत सरकार पर ‘जमीन छीनने’ और ‘हिन्दू नागरिकों को बसाने’ जैसे भड़काऊ आरोप लगाए जा रहे हैं।”

बता दें कि कुछ सांसदों ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को पत्र लिख कर भारत सरकार की आलोचना की थी। उन्होंने ब्रिटेन को भारत, कश्मीर और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की सलाह देते हुए लिखा था कि भारत कश्मीर पर कब्ज़ा करने का प्रयास कर रहा है। इन सांसदों ने मॉब लॉन्चिंग का भी रोना रोया और लिखा कि कश्मीर को नई दिल्ली ने गुलाम बना लिया है। पत्र लिखने वाले सांसदों में खालिद महमूद, फैसल राशिद, शबाना महमूद, मोहम्मद राशिद व अन्य शामिल थे।

इन मुस्लिम सांसदों ने भारत सरकार पर आरोप लगाया कि वह मुस्लिम बहुल कश्मीर में हिन्दुओं को बसा कर राज्य को हिन्दू बहुल बनाना चाहती है। संसद बॉब ब्लैकमैन ने इन मुस्लिम सांसदों के पत्र पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि कंजर्वेटिव पार्टी को लेबर पार्टी की विभाजनकारी नीति से बचना चाहिए और एकता को बढ़ावा देना चाहिए। बॉब ने सिख, यहूदी व जैन का उदाहरण देते हुए कहा कि अलग-अलग सम्प्रदायों का सम्मान करने का और उन्हें बढ़ावा देने का भारत का पुराना इतिहास रहा है।

Article 370: जम्मू में धारा-144 हटते ही पटरी पर लौटी ज़िंदगी, स्कूल-कॉलेज पहुँचे छात्र

जम्मू-कश्मीर को विशेषाधिकार देने वाले अनुच्छेद-370 के अधिकतर प्रावधानों को ख़त्म करने और इसे दो हिस्से में विभाजित कर केंद्र शासित प्रदेश बनाने के सरकार के फ़ैसले के बाद अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। शुक्रवार (9 अगस्त) की शाम को जम्मू से धारा-144 (चार से अधिक लोगों के एक साथ होने पर रोक) हटा दी गई थी। इससे पहले घाटी की स्थानीय मस्जिदों में जुम्मे की नमाज के लिए कर्फ़्यू में ढील दी गई थी।

जम्मू ज़िले की सुषमा चौहान ने बताया कि धारा-144 के आदेश को जम्मू म्यूनिसिपल से वापस ले लिया गया है। बता दें कि गत 5 अगस्त को वहाँ धारा-144 लगाई गई थी। 

आज (10 अगस्त) जम्मू की सड़कों पर आम दिनों की तरह हलचल देखने को मिली, बच्चे बसों से स्कूल जाते दिखे। फ़िलहाल, सभी गतिविधियाँ सामान्य हैं, लेकिन फिर भी प्रशासन की नज़र हालात पर लगातार बनी हुई है। इंटरनेट सेवाएँ अभी भी बंद हैं।

राज्यपाल सत्यपाल मलिक के अनुसार, श्रीनगर के लोग बकरीद मना सकें इसके लिए प्रशासन ने राज्य में सभी आवश्यक इंतज़ाम कर लिए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में दो महीने का राशन है, पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी का स्टॉक मौजूद है। जम्मू में बकरीद की तैयारियों को लेकर आज दुकानें, बाज़ार खुल गए हैं।

कुमारस्वामी थे CM, टेप में अहमद पटेल का नाम, लेकिन शेखर गुप्ता की नज़र में येदियुरप्पा दोषी

एडिटर्स गिल्ड वाले शेखर गुप्ता ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री येदियुरप्पा को उस मामले में घसीटने की कोशिश की है, जिसमें कहीं उनका नाम भी नहीं है। जिस मामले में कॉन्ग्रेस नेताओं पर आरोप लगे हैं, ‘द प्रिंट’ के शेखर गुप्ता ने उसे भाजपा नेता येदियुरप्पा का स्कैंडल बता डाला। जब लोगों ने उनसे पूछा कि इस पूरी ख़बर में येदियुरप्पा का नाम कहाँ है, तो वह चुप्पी साध गए।

दरअसल, ‘न्यूज़ 18 कन्नड़’ ने एक ऑडियो टेप जारी किया है जो 6 महीने पुराना है। इस टेप में कर्नाटक के आईपीएस अधिकारी भास्कर राव किसी फराज नामक व्यक्ति से बात कर रहे हैं, ताकि वह बेंगलुरू के पुलिस कमिश्नर बन सकें। इस क्लिप में फराज कॉन्ग्रेस नेता अहमद पटेल का नाम लेकर कहता है कि वह भूपिंदर हुड्डा से मिलने में व्यस्त हैं, उनके लौटते ही वह राव की पैरवी करेगा।

इस टेप में कॉन्ग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल का भी नाम आता है। फराज इस टेप में बार बार ‘AP साहब’ का नाम लेता है और ‘राहुल जी’ से मिलने की बात भी करता है। इस ऑडियो टेप में फराज कहता है कि जेडीएस सुप्रीमो एचडी देवगौड़ा और अहमद पटेल की काफ़ी अच्छी बनती है, इसीलिए अहमद पटेल के कहने से काम हो जाएगा। इस टेप में केवल कॉन्ग्रेस नेताओं का ही नाम सामने आता है लेकिन शेखर गुप्ता ने अपनी ट्वीट में न जाने कहाँ से येदियुरप्पा को ब्लेम कर दिया।

ये ऑडियो टेप असत्यापित है, अर्थात ‘न्यूज़ 18 कन्नड़’ अथवा ‘द प्रिंट’ ने इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं की है, अतः ऑपइंडिया भी इसकी पुष्टि नहीं करता। लेकिन, जिस ऑडियो टेप में कॉन्ग्रेस नेताओं की मदद से पिछले दरवाजे से कमिश्नर बनाए जाने की बात सामने आ रही है, उसमें येदियुरप्पा दोषी कैसे? यह येदियुरप्पा का स्कैंडल कैसे हुआ? यह ऑडियो टेप भी 6 महीने पुराना है, अर्थात उस समय एचडी कुमारस्वामी मुख्यमंत्री थे और राज्य में जेडीएस-कॉन्ग्रेस की गठबंधन सरकार थी।

उन्नाव रेप केस: ड्राइवर-क्लीनर के होंगे ब्रेन मैपिंग और नार्को टेस्ट, CBI को मिली इजाजत

उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की कार को टक्कर मारने वाले ट्रक चालक आशीष कुमार पाल और क्लीनर मोहन श्रीवास का नार्को टेस्ट और ब्रेन मैपिंग होगी। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट सुब्रत पाठक ने CBI को ड्राइवर और क्लीनर के नार्को टेस्ट, ब्रेन मैपिंग टेस्ट और ब्रेन फिंगर प्रिन्टिंग टेस्ट कराने की अनुमति दे दी है। आरोपितों की जाँच कराने की अनुमति CBI ने शुक्रवार (09 अगस्त) को माँगी थी।

ख़बर के अनुसार, CBI के डिप्टी एसपी राम सिंह ने बताया कि इस मामले की विवेचना के लिए ट्रक ड्राइवर और क्लीनर का टेस्ट कराया जाना बेहद ज़रूरी है। इसके मद्देनज़र सुनवाई करते हुए विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट ने यह आदेश दिया। इसके अलावा कोर्ट ने दोनों आरोपितों को 14 अगस्त तक CBI कस्टडी में भी भेज दिया है।

ग़ौरतलब है कि दुष्कर्म पीड़िता और उनके वकील 28 जुलाई को रायबरेली में एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस हादसे में पीड़िता के दो रिश्तेदार की मौत हो गई थी। इसके बाद 30 जुलाई को पीड़िता के चाचा महेश सिंह ने एक्सीडेंट के मामले में बीजेपी से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत अन्य के ख़िलाफ़ हत्या, हत्या की साज़िश, हत्या की कोशिश और जानमाल की धमकी की धाराओं में FIR दर्ज कराई थी

बता दें कि दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को कुलदीप सिंह सेंगर के ख़िलाफ़ रेप के मामले में आरोप तय किए थे।

Article 370: रूस भी भारत के साथ, कहा- संवैधानिक दायरे में मोदी सरकार का फैसला

जम्मू-कश्मीर के ताज़ा घटनाक्रम पर रूस ने पाकिस्तान को करारा झटका देते हुए भारत के क़दम का समर्थन किया है। रूस के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि जम्मू कश्मीर पर भारत द्वारा लिया गया निर्णय भारतीय संविधान के अनुरूप है।

इससे पहले इस मसले पर तालिबान ने पाकिस्तान को लताड़ा था और चीन ने भी निराश किया था। रूस के ने कहा है कि उसने भारत-पाकिस्तान के बीच रिश्ते सामान्य रखने का लगातार समर्थन किया है। तथ्यों की गहन पड़ताल करने के बाद वह इस फैसले पर पहुँचा है कि भारत ने अपने संविधान के दायरे में रहते हुए फैसला किया है। साथ ही उसने दोनों देशों को बातचीत और कूटनीति के माध्यम से द्विपक्षीय मसलों को सुलझाने की सलाह दी और आशा जताई कि हालत सामान्य हो जाएँगे। रूस ने कहा है, “उसे उम्मीद है कि जम्मू -कश्मीर पर ताजा निर्णय के बाद भारत और पाकिस्तान इलाके में हालात बिगड़ने नहीं देंगे।”

रूस का खुलकर साथ आना पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग करने में लगे भारत की कूटनीतिक जीत भी है। बता दें कि भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के अहम प्रावधानों को निरस्त कर विशेष राज्य का दर्जा समाप्त कर दिया है। राज्य को दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने का निर्णय लिया गया है। जहाँ जम्मू कश्मीर विधायिका सहित यूटी होगा वहीं लद्दाख विधायिका रहित यूटी होगा।

पाकिस्तान ने भारत के इस निर्णय पर आपत्ति जताई और वहाँ की संसद में इसे लेकर बहस भी हुई। उसने संयुक्त राष्ट्र में शिकायत करने की धमकी दी है। हालाँकि, UNSC उसकी प्रतिक्रिया पर टिप्पणी से इनकार कर चुका है।

कॉन्ग्रेस नेता गिरफ्तार: Whatsapp पर पार्टी की महिला नेताओं को भेजा पोर्न वीडियो

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो शेयर करने के आरोप में पुलिस ने स्थानीय कॉन्ग्रेस नेता पवन दुबे को गिरफ्तार कर लिया है। बिलासपुर जिले के पेंड्रा गौरेला क्षेत्र की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) प्रतिभा तिवारी ने शुक्रवार (अगस्त 9, 2019) को बताया कि जिले के पेन्ड्रा-गौरेला में कॉन्ग्रेस के जिला संयुक्त सचिव ने सोशल मीडिया व्हाट्सएप के एक ग्रुप में आपत्तिजनक और अश्लील वीडियो शेयर किया था। जिसके बाद कॉन्ग्रेस की महिला नेताओं की शिकायत पर आरोपित पवन दुबे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पेंड्रा, गौरेला और मरवाही के ब्लॉक कॉन्ग्रेस के पदाधिकारियों ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है। इसमें महिला नेताओं के साथ ही प्रदेश कॉन्ग्रेस के बड़े नेता भी जुड़े हुए हैं। किसी भी सूचना व कार्यक्रम की जानकारी इसी ग्रुप के जरिए पदाधिकारियों को दी जाती है। पवन दुबे ने इसी ग्रुप में मंगलवार (अगस्त 6, 2019) को एक पोर्न वीडियो शेयर कर दिया। दुबे ने ग्रुप में एक युवती का अश्लील वीडियो पोस्ट किया था और ”अनुच्छेद 370 हटने के बाद आया पहला रुझान” लिखा था। इस वीडियो को देखकर महिला नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्टी पदाधिकारियों के समक्ष आपत्ति जताई और आरोपित पवन दुबे को वीडियो हटाकर व्हाट्सएप ग्रुप में माफी माँगने के लिए कहा। लेकिन, न तो उसने वीडियो हटाया और न ही माफी माँगी।

दुबे द्वारा वीडियो नहीं हटाने और माफी नहीं माँगने पर ब्लॉक कॉन्ग्रेस की अध्यक्ष समेत अनेक महिला नेताओं ने बुधवार (अगस्त 7, 2019) को मामले की शिकायत गौरेला थाने में दर्ज करा दी। गौरेला पुलिस ने आरोपित पवन दुबे के खिलाफ धारा 292 और आइटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर लिया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि गुरुवार (अगस्त 8, 2019) को आरोपित पवन दुबे को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ शुक्रवार (अगस्त 9, 2019) को उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

ऑटो ड्राइवर माजिद ने की थी बुजुर्ग महिला वैज्ञानिक की हत्या, 9 महीने बाद फोन से सुलझी गुत्थी

नवम्बर 2018 में दिल्ली में हुए एक हत्याकांड की गुत्थी अब जाकर सुलझी है। 72 वर्षीय वैज्ञानिक रूप लता भाईदूज पर महिपालपुर स्तिथ अपने भाई के घर से लौटते वक़्त गायब हो गई थीं।

दो दिन बाद उनकी लाश सरिता विहार के पास मिली थी। करीब 9 महीने बाद उनकी हत्या की गुत्थी सुलझी है। पुलिस ने 22 वर्षीय ऑटो ड्राइवर माजिद और उसके सहयोगी गोविन्दपाल को गिरफ़्तार किया है।
रूप लता प्रह्लादपुर में माजिद के ऑटो में बैठी थीं। उनके फ़ोन को ट्रैक कर पुलिस ने हत्या की यह गुत्थी सुलझाई है।

नेशनल इन्फार्मेटिक्स सेंटर से रिटायर रूप लता की हत्या के बाद से उनका फोन गोविन्दपाल का एक सम्बन्धी इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस को पहले शक था की अंतर्राज्यीय डकैती गिरोह ने यह घटना अंजाम दी होगी। साउथ ईस्ट के एडिशनल डीएसपी कुमार ज्ञानेश ने इस मामले को सुलझाया। दरअसल, जब रूप लता ने ऑटो हायर किया, तब माजिद ने जानबूझ कर अलग रास्ता पकड़ लिया।

TOI के दिल्ली संस्करण में छपी ख़बर

रूप लता द्वारा विरोध करने पर माजिद ने कहा कि इस रास्ते से जल्दी पहुँच जाएँगे क्योंकि जाम नहीं रहता है। रास्ते में उसने एक सुनसान जगह पर गाड़ी रोकी और बुजुर्ग वैज्ञानिक के जेवरात लूट लिए। उसके बाद उसने उनकी गला दबा कर हत्या कर दी। इसके बाद माजिद ने गोविन्दपाल को बुला कर रूप लता की लाश को ठिकाने लगाया। माजिद ने मृत वैज्ञानिक का फोन गोविन्दपाल को दे कर उसे ठिकाने लगाने को कहा, लेकिन गोविन्दपाल ने वह फोन अपने एक सम्बन्धी को दे दिया। यही फोन इस ममले को सुलझाने का माध्यम बना।

टेरर फंडिंग: J&K के पूर्व विधायक राशिद इंजीनियर को एनआईए ने किया गिरफ़्तार

एनआईए ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जम्मू-कश्मीर के पूर्व विधायक शेख अब्दुल राशिद उर्फ़ राशिद इंजीनियर को गिरफ़्तार किया है। टेरर फंडिंग मामले में गिरफ़्तार किए जाने वह पहले बड़े नेता है। इससे पहले एनआईए ने कई अलगाववादियों से इस मामले में कड़ी पूछताछ की थी, जिसमें उन्हें पाकिस्तान से फंड मिलने की बात सामने आई थी। इस फंड का प्रयोग भारत के ख़िलाफ़ आतंक फैलाने के लिए किया जाता था। राशिद उत्तरी जम्मू कश्मीर के लंगाते विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक रहे हैं।

इस सप्ताह की शुरुआत में राशिद से प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी पूछताछ की थी। ईडी राशिद के जवाबों से संतुष्ट नहीं था, जिसके कारण उनकी गिरफ़्तारी हुई। इससे पहले 2017 में भी राशिद से पूछताछ की जा चुकी है। यह दूसरी बार था जब उन्हें पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया गया। जाँच एजेंसियों ने जब व्यापारी ज़हूर वाताली से पूछताछ की तो राशिद का नाम सामने आया। वाताली पर कश्मीरी आतंकियों को धन मुहैया कराने का आरोप है।

एनआईए ने कई अलगाववादियों को टेरर फंडिंग मामले में अपने रडार पर रखा है और कइयों से पूछताछ की है। इन अलगाववादियों के आतंकी संगठनों जैसे कि लश्कर-ए-तैयबा, दुखरान-ए-मिल्लत और हिज्बुल मुजाहिदीन के साथ सम्बन्ध सामने आए हैं। एनआईए राशिद इंजीनियर को अदालत में पेश कर के कस्टडी की माँग करेगी। बता दें कि कारोबारी ज़हूर वाताली ने कश्मीर से लेकर गुरुग्राम तक अकूत संपत्ति अर्जित कर रखी है और एनआईए ने उसकी कई सम्पत्तियों को अटैच भी किया है।

एनआईए की जाँच में पता चला है कि ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं को बरगला कर उनसे पत्थरबाजी और भारत विरोधी प्रदर्शन करवाए। हुर्रियत व ऐसे ही अन्य संगठनों ने इस कार्य के लिए सोशल मीडिया, अखबारों और प्रेस रिलीज का सहारा लिया। अधिकारियों ने बताया कि यह सब बड़ी चालाकी से अंजाम दिया जाता था। मस्जिद में नमाज के बाद या सुरक्षा बलों की आतंकियों के साथ मुठभेड़ के बाद युवाओं को उकसा कर पत्थरबाजी कराई जाती थी।

ईडी को पता चला है कि अलगाववादियों, आतंकियों व कश्मीरी नेताओं को न सिर्फ़ पाकिस्तान में बैठे आकाओं से फंड प्राप्त हुए बल्कि पाकिस्तान उच्चायोग से सीधे उनके पास फंड पहुँचाया गया। राशिद इंजीनियर इससे पहले जम्मू कश्मीर विधानसभा में भी उत्पात मचा चुके हैं। उनकी इस हरकत के बाद उन्हें सदन से निकाल बाहर किया गया था। राशिद अपने ख़िलाफ़ सरकारी एजेंसियों की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताते रहे हैं।