पश्चिम बंगाल में एक हिंदू परिवार पर हमले की खबर है। बताया जा रहा है कि ये हमला निमता पाइकपारा में हुआ। हमले के दौरान रोहिंग्याओं की भीड़ ने घर में घुस देवी-देवताओं की मूर्ति तोड़ी। साथ ही उस घर के व्यक्ति को भी मारा जिससे उनका विवाद हुआ था।
भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल ईकाई ने अपने ट्वीट में एक वीडियो शेयर की है। ये वीडियो उसी घर की हैं जहाँ पर हमला हुआ। वीडियो में पीड़ित पक्ष अपना दर्द साझा करता दिख रहा है।
Biswajit Mondal, a resident of Nimta Paikpara's Ward 5, had his house vandalized by 150-200 Rohingyas who entered his home, broke his belongings, and broke his idols. What was his crime? When a Muslim person greeted him with "Salalam Alaikum", he replied with "Jai Shri Ram".… pic.twitter.com/xgolb5iFpz
वीडियो को शेयर करते हुए भाजपा बंगाल ने लिखा, निमता पाइकपारा के वार्ड 5 के निवासी बिस्वजीत मंडल के घर में 150-200 रोहिंग्याओं ने घुसकर तोड़फोड़ की, उनका सामान तोड़ दिया और उनकी मूर्तियाँ तोड़ दीं।”
भाजपा बंगाल ने पूछा, “उनका (बिस्वजीत मंडल) अपराध क्या था? सिर्फ ये कि जब एक मुस्लिम व्यक्ति ने उन्हें “सलालम वालेकुम” कहकर अभिवादन किया, तो उन्होंने ‘जय श्री राम’ कहकर जवाब दिया। तभी जिहादियों द्वारा समर्थित इन रोहिंग्याओं ने उन पर हमला कर दिया।”
बताया जा रहा है कि ये हमला रात में परिवार पर हुआ। इस दौरान घर में घुसकर जब भीड़ तोड़फोड़ कर रही थी और मारपीट कर रही थी तो वहाँ महिला ने उनके हाथ पाँव पकड़कर उन्हें छोड़ने को कहा लेकिन उन्हें गलत जगह हाथ लगाया गया और धमकी दी गई कि जल्द से जल्द वो उस जगह को खाली कर दें वरना वो दोबारा आएँगे।
बता दें कि बंगाल में हिंदू परिवार पर जिस तरह हमले की खबर है वैसी खबर कुछ दिन पहले बांग्लादेश से आ रही थी। वहाँ हिंसक भीड़ हिंदुओं के घर को चुन-चुनकर निशाना बना रही थी। मंदिरों को तोड़ा-फोड़ा जा रहा था। लूटपाट हो रही थी। बच्चों के अपहरण किए जा रहे थे। तमाम हिंदुओं के सड़कों पर उतरने के बाद ये हिंसा रुकी थी
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में डॉक्टर की रेप और हत्या के मामले की जाँच अब सीबीआई करेगी। कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की बेंच ने मामले की जाँच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि सरकार ने सीबीआई को मामले की जाँच को सौंपने में कोई आपत्ति नहीं जताई। इस बीच, पीड़ित डॉक्टर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें उसके साथ हैवानियत की हद पार कर दी गई है। चेहरे से लेकर शरीर के हर अंग को चोट पहुँची थी। पीड़ित की आँख से खून भी निकल रहा था।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने सीबीआई को सौंपी जाँच
कलकत्ता हाई कोर्ट ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में डॉक्टर की रेप-हत्या के मामले की जाँच सीबीआई को सौंप दी है। कोर्ट ने सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद कहा कि जो समय बर्बाद हो चुका है, वो बहुमूल्य था। इस केस में सबूतों को बर्बाद होने से रोकने के लिए जरूरी है कि सीबीआई इस मामले में तुरंत जाँच करे।
#WATCH | Calcutta High Court ordered a CBI investigation into RG Kar Medical College and Hospital rape-murder incident.
Advocate Billwadal Bhattacharyya says, "…There were statements made by the Chief Minister that they have no objection in transferring the case to the CBI but… pic.twitter.com/qzcOXDiPk8
जानकारी के मुताबिक, कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के प्रिंसिपल को लेकर बड़ी बात कही। जस्टिस ने कहा कि जिस प्रिंसिपल ने इतनी बड़ी घटना की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि इस्तीफा दिया हो, उसे तुरंत कैसे दूसरी जगह पर तैनात किया जा सकता है। कोर्ट ने प्रिंसिपल से तुरंत छुट्टी पर जाने को कहा। ऐसा न करने पर कोर्ट प्रिंसिपल को दूसरी तरह से हटाने का आदेश देगी।
चीफ जस्टिस ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा, “नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने वाले प्रिंसिपल को दूसरे सरकारी कॉलेज का प्रिंसिपल कैसे नियुक्त किया जा सकता है?” कोर्ट ने छुट्टी पर चले जाने के लिए कहा है।
हाई कोर्ट ने कहा कि प्रिंसिपल से पूछताछ की जानी चाहिए, साथ ही सवाल भी उठाया कि कैसे उन्हें दूसरे मेडिकल कॉलेज में वही पद दे दिया गया, जबकि उन्होंने इस्तीफा दिया है। इस दौरान कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार के वकील से पूछा, “आप उन्हें (प्रिंसिपल को) क्यों बचा रहे हैं। उनका बयान दर्ज करें। उन्हें जो कुछ भी पता है, उन्हें बताने दें।” चीफ जस्टिस के कोर्ट ने इस मामले की केस डायरी भी जमा करने को कहा है।
After several PILs were filed at the Chief Justice division bench of Calcutta High Court regarding RG Kar Medical College and Hospital rape-murder incident, Chief Justice mentioned in court today that how can the principal – who resigned by taking moral responsibility, be… pic.twitter.com/KSSl5C9a96
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में रेप-मर्डर केस के बाद प्रिंसिपल प्रो. (डॉ) संदीप घोष को कोलकाता के कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में तैनात कर दिया गया था, जिसका छात्रों ने तीखा विरोध किया। इस दौरान कलकत्ता नेशमल मेडिकल कॉलेज पहुँचे पश्चिम बंगाल के मंत्री जावेद अहमद खान और टीएमसी विधायक स्वर्ण कमल साहा का छात्रों ने विरोध किया।
#WATCH | RG Kar Medical College and Hospital rape-murder incident | West Bengal minister Javed Ahmed Khan and TMC MLA Swarna Kamal Saha face protest by students at Calcutta National Medical College & Hospital in Kolkata, as they arrive here.
कोलकाता मेडिकल कॉलेज में रेप और मर्डर का मुख्य आरोपित संजय रॉय के बारे में पता चला है कि वो 4 शादियाँ पहले ही कर चुका है, इसके बावजूद अकेला था। वो हिंसक प्रवृत्ति का था और साल 2019 से कोलकाता पुलिस के साथ सिविक वालंटियर के तौर पर काम कर रहा था। संजय रॉय ट्रेंट बॉक्सर भी था।
डॉक्टर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बेहरमी की बात सामने आई है, वो हैरान करने वाली हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि उसकी गला घोंटकर हत्या की गई थी। चार पन्नों की रिपोर्ट में कहा गया है कि गला घोंटने के कारण उसकी थायरॉयड कार्टिलेज टूट गई थी और उसके निजी अंगों में गहरा घाव पाया गया था। सूत्रों ने बताया कि हत्या और बलात्कार की घटना 9 अगस्त को सुबह 3 से 5 बजे के बीच हुई। उसके पेट, होठों, उंगलियों और बाएँ पैर पर चोट के निशान पाए गए। आँख में चश्मे का सीसा घुस गया था, क्योंकि रेप के समय उसके चेहरे पर चोट पहुँची थी।
सूत्रों ने बताया कि पीड़िता की नाक और मुँह को दबाया गया था और उसे चीखने से रोकने के लिए उसके सिर को दीवार से टक्कर मारी गई थी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि महिला की दोनों आँखों, मुँह और गुप्तांगों से खून बह रहा था। रिपोर्ट में कहा गया है कि उसके गुप्तांगों में घाव “कामुकता” और “जननांगों पर अत्याचार” के कारण हुए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट दिल दहलाने वाली है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोटो साभार : X_ShivAroor
पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपित संजय रॉय शराब पीते हुए अश्लील फिल्में देखने का आदी था। वारदात वाली रात वो अस्पताल के अंदर कई बार आया गया था।
अनिश्चितकालीन हड़ताल का ओपीडी सेवाओं पर असर
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में महिला डॉक्टर के साथ हुए जघन्य अपराध को लेकर देश में डॉक्टरों के अंदर आक्रोश है। डॉक्टरों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी सजा की माँग की है। वहीं, फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोरडा) ने कहा कि कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या के विरोध में उसकी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन एक्स पर पोस्ट किया, “हम पूरे भारत में विरोध कर रहे डॉक्टरों के साथ खड़े हैं! हम पूरे देश के डॉक्टरों को आज से इस विरोध में शामिल होने का आह्वान करते हैं! हम न्याय चाहते हैं!”
We Stand with Protesting Doctors all Over India ! We calls Doctor all over nation to Join this Protest from Tomorrow onwards !
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में सेवाएँ बाधित कर दी गई हैं और ओपीडी पूरी तरह बंद है। आरजी कर मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों और छात्रों का प्रदर्शन जारी है। उन्होंने कहा है कि उनकी माँगें पूरी होने तक वे अपनी हड़ताल जारी रखेंगे। कोलकाता ही नहीं, लखनऊ के केजीएमयू में भी डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों ने इस घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन किया, तो दिल्ली में लगातार दूसरे दिन भी एम्स, सफदरजंग, आरएमएल, लोकनायक, जीबी पंत सहित सभी बड़े अस्पतालों में रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर हैं। इस वजह से ओपीडी और नियमित सर्जरी प्रभावित है।
आईएमए ने स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र
इस बीच इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखकर महिला डॉक्टर के साथ हैवानियत की घटना के संबंध में तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है। IMA ने मामले की निष्पक्ष और गहन जाँच की माँग की है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाए। साथ ही, एसोसिएशन ने उन परिस्थितियों की विस्तृत जाँच की माँग की है, जिनके कारण ऐसा अपराध हुआ। आईएमए ने तत्काल सुधारों की आवश्यकता पर जोर देते हुए यह अनुरोध किया कि कार्यस्थल पर डॉक्टरों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कदम उठाए जाएँ।
गौरतलब है कि गुरुवार-शुक्रवार (8-9 अगस्त 2024) की रात 3-5 बजे के बीच डॉक्टर की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी। इस मामले को दबाने का आरोप लगाया गया। शुरुआत में मृतक डॉक्टर के माता-पिता को आत्महत्या की सूचना दी गई थी, लेकिन विरोध-प्रदर्शन के बाद इस मामले ने बड़ा तूल ले लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टर के साथ रेप के बाद हत्या का मामला सामने आया है।
इस मामले में ड्यूटी पर मौजूद रहे तीन अन्य डॉक्टरों से भी पूछताछ की जा रही है। प्रिंसिपल ने इस्तीफा दे दिया है। पूरे देश में प्रदर्शन किया जा रहा है। डॉक्टरों के हड़ताल के चलते ओपीडी सेवाएँ बंद हैं, तो मामला कोलकाता हाई कोर्ट में भी चल रहा है। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पूरे मामले की जाँच के लिए पुलिस को रविवार (18 अगस्त 2024) तक का वक्त दिया है, इसके बाद उन्होंने मामले को सीबीआई को सौंपने की बात कही है।
मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में एक हिन्दू लड़की को 2 दिनों तक बंधक बना कर रेप किए जाने का मामला सामने आया है। यह आरोप पीड़िता की सहेली किरण और उसके शौहर तौसीफ पर लगा है। पीड़िता को जब उसके घर वाले बचाने पहुँचे तो उन पर पत्थर बरसाए गए। आरोपितों द्वारा पुलिस से भी अभद्रता की गई। हिन्दू संगठनों ने इस घटना पर विरोध जताते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस ने पीड़िता की सहेली, उसके शौहर, दानिश और निक्की को मिला कर कुल 4 लोगों पर FIR दर्ज कर ली है।
2 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि बाकी अन्य फरार हो गए हैं। फरार आरोपितों की तलाश में दबिश जारी है। घटना सोमवार (12 अगस्त, 2024) की है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना शाजापुर जिले में कोतवाली थाना अंतर्गत आने वाले किला रोड की है। यहाँ सोमवार (12 अगस्त, 2024) की रात एक 19 वर्षीया हिन्दू युवती ने पुलिस में तहरीर दी। तहरीर में बताया गया कि उनका परिचित दानिश नाम का युवक पिछले काफी समय से उनके घर का चक्कर लगा रहा था। शनिवार (10 अगस्त, 2024) को भी वह पीड़िता के घर के आसपास मँडरा रहा था। तभी पीड़िता के पापा ने उसे देख लिया और डाँट का भगा दिया। लड़की के पिता ने अपनी बेटी से भी दानिश के आने की वजह पूछी तो जवाब में उसने कहा कि वो नहीं जानती।
शिकायत में आगे बताया गया है कि पिता की डाँट से नाराज पीड़िता अपनी सहली किरण के घर चली गई। यहाँ किरण का शौहर तौसीफ पठान उर्फ़ जैकी और उसका देवर निक्की भी मौजूद था। कुछ ही देर में दानिश भी वहाँ पहुँच गया। आरोप है कि लगभग 1 घंटे बाद किरण और उसके शौहर ने पीड़िता को एक कमरे में बंद कर दिया। इस दौरान दानिश कमरे में घुसा और पीड़िता से रेप किया। बलात्कार के दौरान किरण और तौसीफ गेट पर पहरेदारी कर रहे थे। रेप के बाद दानिश वहाँ से चला गया।
बाहर निकल कर पीड़िता ने तौसीफ से ऐसा करने की वजह पूछी तो जवाब में उसको किसी को भी बताने पर मार डालने की धमकी दी गई। इस कमरे में पीड़िता को 2 दिनों तक बंद रखा गया। सोमवार (12 अगस्त) को पीड़िता के परिजन खोजबीन करते हुए किरण के घर पहुँचे। लड़की के घर वालों को आता देख कर किरण और शौहर तैसीफ सहित पूरे परिवार ने पत्थरबाजी कर दी। इस बीच मामले की सूचना हिन्दू संगठनों को मिली। हिन्दू संगठन के सदस्य भी आरोपित के घर के बाहर जमा होने लगे।
मामला गर्म होता देख कर मौके पर पुलिस पहुँच गई। तौसीफ और उसकी बीवी किरण ने पुलिस से भी अभद्रता की। आखिरकार पुलिस घर के अंदर घुसी और पीड़िता को बरामद कर के थाने ले आई। इस बीच हिन्दू संगठन के सदस्य भी थाने पर पहुँच गए। उन्होंने आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग को ले कर नारेबाजी शुरू कर दी। आखिरकार पीड़िता की तहरीर पर तौसीफ, उसकी बीवी किरण, तौसीफ के भाई निक्की और दानिश के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
ओस FIR में रेप सहित अन्य सुसंगत धाराएँ लगाई गई हैं। पुलिस ने तौसीफ और उसकी बीवी किरण को गिरफ्तार कर लिया है। निक्की और दानिश मौके से फरार हो गए जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। तौसीफ की थाने के बाहर धुनाई भी हुई। हिन्दू संगठनों का आरोप है कि तौसीफ के घर में पिछले लम्बे समय से देह-व्यापार का धंधा चल रहा था। पुलिस द्वारा कड़ी कार्रवाई के भरोसे पर हिन्दू संगठन के सदस्य थाने से वापस लौटे। फ़िलहाल मामले की जाँच व अन्य कानूनी कार्रवाई जारी है।
बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को आज (13 अगस्त 2024) सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ चल रहे कोर्ट के अवमानना मामले को बंद कर दिया है, लेकिन साथ ही चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वे कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करते हुए कुछ भी करते हैं, जैसा कि पहले हुआ था, तो कोर्ट कड़ी सजा देगा।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में साल 2022 में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने पतंजलि के खिलाफ केस दायर किया था कि वो कोविड वैक्सीनेशन और एलोपैथी को बदनाम कर रहे हैं। कोर्ट में इस केस की सुनवाई जस्टिस हीमा कोहली और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने की।
Supreme Court closes contempt case against Yog Guru Swami Ramdev and Patanjali Ayurved MD Acharya Balakrishna in misleading ads case. pic.twitter.com/LC9UzM3dfQ
पतंजलि ने अपनी ओर से कई दलीलें दीं। हालाँकि सुप्रीम कोर्ट में कुछ काम नहीं आया। 2023 के नवंबर में पतंजलि ने आश्वासन दिया कि वह ऐसे विज्ञापनों से दूर रहेंगे। हालाँकि बाद में फरवरी तक जब यह सिलसिला जारी रहा तो कोर्ट ने इस संबंध में कंपनी और उसके एमडी को अवमानना नोटिस जारी किया। साथ ही फरवरी में न्यायालय ने पतंजलि द्वारा दिए जा रहे विज्ञापनों पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया।
मार्च 2024 में अवमानना नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर कोर्ट ने पतंजलि के एमडी बालकृष्ण और बाबा रामदेव को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया। अप्रैल 2024 में बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने कोर्ट में पेश होकर एलोपैथिक दवाओं पर टिप्पणी करने के लिए माफी माँगी तथा भ्रामक दावे करने के लिए कंपनी और बालकृष्ण को न्यायालय की अवमानना का नोटिस जारी किया।
14 मई को मामले से संबंधित फैसला सुरक्षित रखा गया और आज इस मामले में ये अपडेट आया। आईएमए और पतंजलि से जुड़े मामले में दिलचस्प यह है कि इस केस में आईएमए के अध्यक्ष आरवी अशोकन यानी याचिकाकर्ता खुद आलोचनाओं के घेरे में हैं। कोर्ट ने उनसे कहा था कि आईएमए अध्यक्ष ने जो प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ बोला है उसके लिए वो माफी माँगे। इसके बाद आरवी अशोकन ने भी उनसे माफी माँगी थी।
एक तरफ कॉन्ग्रेस पार्टी ‘हिंडेनबर्ग रिसर्च’ जैसी संस्थाओं की रिपोर्ट के आधार पर भारतीय शेयर बाजार को गिराने में जुटी हुई है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी उसी भारतीय शेयर बाजार में पैसा लगा कर मोटी कमाई कर रहे हैं। आँकड़ों के हिसाब से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी ने पिछले 5 महीने में स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कंपनियों में पैसा लगा कर 46.50 लाख रुपए की कमाई की है। ये आँकड़े 15 मार्च, 2024 से लेकर 12 अगस्त, 2024 तक के हैं।
राहुल गाँधी के पास फ़िलहाल 24 कंपनियों के शेयर हैं। उनके पास ‘Pidlite Industries’ के सबसे अधिक मूल्य के शेयर हैं जिसकी कीमत 44.95 लाख रुपए है। वहीं दूसरे नंबर पर उनके पास ‘Asian Paints ‘एशियन पेंट्स’ के 37.52 लाख रुपए के शेयर हैं। इसी तरह, उनके पास ‘बजाज फाइनेंस’ के 36.47 लाख रुपए और HUL के 31.97 लाख रुपए के शेयर हैं। वायनाड सांसद के पास इनके अलावा Titan के 29.41 लाख रुपए, ‘Divis lab’ के 27.71 लाख रुपए और ICICI बैंक के 27.01 लाख रुपए के शेयर हैं।
इसी तरह, राहुल गाँधी के पास Nestle के 24.71 लाख रुपए, ‘LTI Mindtree’ के 22.06 लाख रुपए और Infosys के 22.06 लाख रुपए के शेयर हैं। राहुल गाँधी के पास फ़िलहाल शेयर मार्केट में 4.80 करोड़ रुपए की संपत्ति है। राहुल गाँधी ने 15 मार्च, 2024 को लोकसभा चुनाव 2024 में केरल की वायनाड और उत्तर प्रदेश की रायबरेली लोकसभा सीट से नामांकन के दौरान जो आँकड़े दिए थे, ये उस पर आधारित है। IANS और NDTV ने इसकी पुष्टि की है।
As Rahul Gandhi continues to raise suspicions about the stupendous growth of the Indian stock markets in the Modi 3.0 era, data has revealed that the Leader of Opposition (LoP) made a profit of Rs 46.49 lakh from his stock investments in the last five months.
उधर हिंडेनबर्ग ने भारतीय नियामक संस्था SEBI की अध्यक्ष माधवी पुरी और उनके पति धवल बुच पर गौतम अडानी के साथ मिले होने का आरोप लगाया और इसके लिए 2015 के एक मामले का जिक्र किया। इस आधार पर कॉन्ग्रेस पार्टी सेबी अध्यक्ष का इस्तीफा माँग रही है। हिंडेनबर्ग की रिपोर्ट के बाद राहुल गाँधी ने कहा था कि आम लोगों का निवेश खतरे वाले स्तर पर पहुँच गया है। I.N.D.I. गठबंधन लगातार अपने ही देश के उद्योगपतियों के खिलाफ अभियान चला रहा है।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक दशक पहले गायब हुए एक गणित टीचर को पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश की सीमा पर पाया गया है। उत्तर 24 परगना के पेत्रपोल बॉर्डर पर करीब 40 साल का ये युवक गीली मिट्टी पर लड़की की डंडी से गणित की पहेलियों को सुलझा रहा था। अब स्थानीय रेडियो स्टेशन के संचालक की मदद से उस टीचर के परिवार को ढूँढ कर उसे परिवार के हवाले कर दिया गया है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, युवक का नाम अमित कुमार प्रसाद है, जो गोरखपुर में बच्चों को गणित पढ़ाते थे। वो एक दशक पहले गायब हो गए थे। घरवालों ने उसे काफी खोजा, लेकिन वो नहीं मिला था, जिसके बाद परिजन निराश हो चुके थे, लेकिन कुछ समय पहले भारत-बांग्लादेश सीमा पर उत्तर 24-परगना में पेत्रपोल के पास युवक दिखा। वो एक पेड़ के नीचे गीली मिट्टी में लकड़ी से गणित के सवाल हल कर रहा था। उसकी मानसिक स्थिति अच्छी नहीं थी।
इस दौरान स्थानीय लोगों ने जब अमित कुमार प्रसाद से उनके बारे में पूछा, तो अमित ने हिंदी में जवाब दिया, “मुझे अकेला छोड़ दीजिए, मुझे गणित हल करना है।” इसके बाद लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
स्थानीय पुलिस ने रेडियो संचालक परिमल रॉय की मदद से अमित कुमार प्रसाद के परिजनों को ढूँढ निकाला और परिवार को मिलाया। सोमवार को अमित कुमार के पिता गामा प्रसाद गोरखपुर से पेत्रपोल पहुँचे, और थाने में अमित को गामा प्रसाद के हवाले कर दिया गया।
गामा प्रसाद ने कहा, “स्कूल में छात्रों को पढ़ाने के अलावा, मेरा बेटा कम से कम पाँच पड़ोसी गाँवों के 250 से ज्यादा गरीब बच्चों को मुफ्त में पढ़ाता था। वो गणित विषय का काफी शौकीन था। धीरे-धीरे वो मानसिक बीमारी की चपेट में आ गया और एक दिन गायब हो गया। हमने उसकी काफी तलाश की, लेकिन वो नहीं मिला। हमने कभी उम्मीद नहीं की थी कि वो इतने सालों तक जिंदा भी होगा और फिर मिल जाएगा।”
शौकिया तौर पर रेडियो स्टेशन चलाने वाले परिमल रॉय ने मीडिया को बताया, “स्थानीय लोगों ने उन्हें (टीचर) गीली मिट्टी पर गणित के फॉर्मूले लिखते और समीकरण सॉल्व करते देखा। पहचान पूछी पर जवाब नहीं मिला। आगे पूछा गया तो उन्होंने हिंदी में कहा कि अकेला छोड़ दीजिए, मुझे गणित हल करना है।” इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। गणित के इस टीचर के घर पर जश्न का माहौल है।
पश्चिम बंगाल रेडियो क्लब के सचिव अंबरीश नाग बिस्वास ने बताया: “पुलिस ने प्रसाद के परिवार का पता लगाने में मदद के लिए हमसे संपर्क किया। मैंने उस व्यक्ति से बात की और उसके परिवार की तलाश शुरू करने के लिए पूरे भारत में हैम (शौकिया) रेडियो ऑपरेटरों के नेटवर्क में उसकी तस्वीर प्रसारित की। बाद में, हमने उसके पिता से संपर्क किया।”
हिंदूविरोधी कॉमेडी कर करके बिग-बॉस तक पहुँचने वाला मुनव्वर फारूकी एक बार फिर विवादों में हैं। इस बार उस पर कोंकणी समुदाय के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगा है। फारूकी की वीडियो वायरल होने के बाद उसे चेतावनी मिली थी कि वह इस मामले में जल्द से जल्द माफी माँगे वरना दिखते ही उसकी पिटाई होगी। अब खबर है कि फारूकी ने इस संबंध में माफी माँग ली है।
वायरल वीडियो में सुना जा सकता है कि फारूकी अपनी ऑडियंस से पूछता है, “सब बॉम्बे से हैं या कोई ट्रैवल करके भी आया है?” इस पर एक व्यक्ति बताता है कि वो तलोजा से आया है। इस पर फारूकी कहता है कि आज पूछ लिया तो तलोजा अलग हो गया वरना गाँव के लोगों को पूछते होंगे तो उन्हें बॉम्बे ही बताते होगे। इसके बाद फारूकी फ्लो-फ्लो में कहता है- “ये कोंकणी लोग सबको ‘C*&^# बनाते हैं।” इसके बाद वो खुद और उनकी ऑडियंस दोनों खूब हँसती है। बाद में वो फिर पूछता है- ‘कोंकणी है तुम लोग।’
फारूकी की यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग उससे माफी माँगने को कहने लगे। इसी क्रम में भाजपा नेता नितेश राणे की भी नजर इस वीडियो पर पड़ी और उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “यह हरा साँप बहुत बोलने लगा है। हमारे पास कोंकणी व्यक्ति का मजाक उड़ाने वाले के घर का पता है। उसे जल्द सबक सिखाएँगे।”
वहीं इस मामले में एकनाथ शिंदे के गुट वाली शिवसेना के नेता और विधायक सदा सरवणकर के बेटे समाधान सरवणकर जो खुद भी एक पार्षद रह चुके हैं, उन्होंने एक ट्वीट करके कहा है, “अगर इसने कोंकणी लोगों से माफी नहीं माँगी तो यह पाकिस्तान प्रेमी मुनव्वर को जहाँ भी देखेंगे रौंद देंगे। इसे समझाओ रौंदते कैसे हैं। एक लाख रुपए उसे जो इसे पीटेगा।”
लगातार सोशल मीडिया पर होती आलोचनाओं के बीच मुनव्वर फारूकी को इस मामले में वीडियो जारी करके माफी माँगनी पड़ी। फारूकी ने कहा, “कुछ दिन पहले एक शो हुआ था, इस शो में क्राउड वर्क हुआ था, जहाँ मैं ऑडियंस से बात कर रहा था। उस दौरान मैंने कोंकण समुदाय के लिए कुछ कहा तो लोगों ने उसे गलत ले लिया। कुछ लोगों को लगता है कि मैंने कोंकणी समुदाय के बारे में कुछ गलत कहा है और उनका मजाक उड़ाया है तो ऐसा नहीं है मेरा इरादा किसी को ठेस पहुँचाने का नहीं था। मेरा काम लोगों को हँसाना है और मैं नहीं चाहता हूँ कि मेरी वजह से दुख न पहुँचे। मैं दिल से माफी माँगना चाहूँगा, जिनको भी बुरा लगा उनको सॉरी।”
बता दें कि भले ही मुनव्वर ने इस मामले में माफी माँग ली हो, लेकिन हकीकत ये है कि वो पहले से ही अपनी कॉमेडी के नाम पर किसी न किसी समुदाय का मजाक उड़ाने का काम करता रहा है। लॉकडाउन के वक्त उसकी कई वीडियो सामने आई थी जिसमें वो हिंदू देवी-देवताओं का मजाक उड़ाते हुए दिखे थे। बाद में इस बाबत उनपर केस भी हुए थे और उसे जेल भी जाना पड़ा था। हालाँकि बाद में वो छवि सुधारने लॉक-अप और बिग बॉस में आया जहाँ बीती जिंदगी के कारण काफी विवादों में रहा। बाहर निकलने पर वह फिर पुरानी आदतों को दोहराने लगा।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मेघालय की प्राइवेट यूनिवर्सिटी पर फिर से सवाल उठाया है। हिमंता ने यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, मेघालय (यूएसटीएम) के ढाँचे को मक्का की तरह बताया है और इसे जिहाद का बाप कहा है। इसका गेट जिहाद की निशानी जैसी है और इसमें जाते हुए शर्म आती है। इससे पहले, उन्होंने इस यूनिवस्रिटी को फ्लड जिहाद के लिए जिम्मेदार बताते हुए हमला बोला था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिमंता बिस्वा सरमा ने यूएसटीएम नाम की प्राइवेट यूनिवर्सिटी के ढाँचे पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी के बड़े गेट के ऊपर तीन डोम बने हैं। उन्होंने कहा कि यहाँ जाना शर्मनाक है, क्योंकि ऐसा लगता है जैसे हम मक्का में जा रहे हैं। असम के सीएम ने कहा कि हम यह कह रहे हैं कि यहाँ पर एक मंदिर भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बना रहे हो तो मक्का, मदीना, चर्च सब बनाओ, लेकिन उन्होंने केवल मक्का बनाया है। सरमा ने कहा कि वहां पर पूजा घर हो, चर्च हो और मक्का भी हो, हम तीनों में जाएँगे। केवल एक में क्यों जाएँ?
हिमंता सरमा ने जब पूछा गया कि वह जिहाद शब्द का इस्तेमाल क्यों कर रहे हैं तो उन्होंने कहा कि जिहाद कहकर तो मैं फिर भी बहुत नरमी बरत रहा हूँ। यह लोग तो जिहाद का बाप कर रहे हैं। पूरा एजुकेशन सिस्टम को बर्बाद किया जा रहा है। सरमा ने कहा कि हमारी सभ्यता, हमारी संस्कृति पर जो हमला किया जाता है उसको जिहाद कहते हैं।
सरमा ने फ्लड जिहाद के लिए बताया था जिम्मेदार
हिमंता बिस्वा सरमा ने इस यूनिवर्सिटी को फ्लड जिहाद के लिए जिम्मेदार बताया था। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी के कैंपस के लिए पहाड़ियों को काटा जा रहा है। इसके चलते यहाँ पर बाढ़ आ रही है। वैसे, शिलॉन्ग टाइम्स ने दावा किया है कि इस यूनिवर्सिटी के आसपास भारी मात्रा में मिट्टी का कटान किया गया है। हालाँकि इन मुद्दों को हल करने के लिए जिला अधिकारियों की ओर से बहुत कम कार्रवाई की गई है।
हालाँकि सरमा के फ्लड जिहाद के आरोपों को यूनिवर्सिटी ने खारिज किया है। चांसलर महबूबुल हक ने कहा, “हम गुवाहाटी शहर से लगभग 6 किलोमीटर दूर स्थित हैं, जहाँ हमारे पास 100 एकड़ से ज़्यादा ज़मीन है। 2011 से, हम यूएसटीएम के विकास पर काम कर रहे हैं, और 2009 से इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए काम कर रहे हैं। यह सुनकर आश्चर्य और निराशा होती है कि हाल ही में आई बाढ़ के लिए हमें दोषी ठहराया जा रहा है।”
यूएसटीएम यूनिवर्सिटी के बारे में खास बातें
बता दें कि यूएसटीएम नाम की ये निजी यूनिवर्सिटी री-भोई जिले में है, जो असम के सबसे बड़े शहर गुवाहाटी से सटी है। इस यूनिवर्सिटी को बंगाली मूल के मुसलमान महबूबुल हक के बनवाया है, जो असम स्थित बराक वैली के करीमगंज जिले के निवासी हैं। महबूबुल हक ही इस यूनिवर्सिटी के चांसलर भी हैं।
यूएसटीएम यूनिवर्सिटी नॉर्थ-ईस्ट की सबसे बड़ी प्राइवेट यूनिवर्सिटी है। इसे ईआरडी फाउंडेशन, गुवाहाटी चलाती है। इसकी स्थापना री-भोई जिले में सीआरपीएफ कैंप के सामने असम-मेघालय की सीमा पर की गई है। इस यूनिवर्सिटी के लिए मेघालय सरकार ने 2008 में अधिसूचना जारी की थी। हालाँकि इसने साल 2011 से काम शुरू किया। इस यूनिवर्सिटी के क्षेत्र में काफी जंगल-पहाड़ियों का सफाया किया गया, क्योंकि ये वन क्षेत्र में स्थित है। हिमंता बिस्वा सरमा के आरोप इसी तरफ हैं कि इस यूनिवर्सिटी की वजह से पारिस्थितिकी तंत्र पर असर पड़ा है।
पेरिस ओलंपिक 2024 में हुई भाला फेंक प्रतियोगिता में पाकिस्तान के लिए गोल्ड जीतने वाले एथलीट अरशद नदीम पिछले कई दिनों से चर्चा में हैं। लोग उनके परिवार की स्थिति, उनकी आर्थिक हालत और उनके संघर्ष की कहानियाँ साझा कर रहे हैं। दिखाया जा रहा है कि कैसे एक गोल्ड ने उनके जीवन को बदला है। हालाँकि इस बीच X पर मौजूद एक अकॉउंट पर उनकी एक विवादित वीडियो भी सामने आई है।
इस वीडियो को लेकर दावा है कि अरशद नदीम एक कार्यक्रम में गए थे जहाँ उनकी बातचीत लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी से एकदम करीब बैठकर हुई। वीडियो साझा करने वाले अकॉउंट का नाम OsintTV है। वीडियो में देख सकते हैं कि एक दाढ़ी वाला शक्स उनके बगल में बैठकर उन्हें मुल्क का नाम रौशन करने की सलाह दे रहा है।
साथ ही कह रहा है- “अगर आप इस तरह अल्लाह के आगे झुकोगे तो पूरे मुसलमानों को आप पर फक्र होगा। बहुत बड़ी बात है। युवा और प्रेरित होंगे।” इस वीडियो में उस शख्स को कहते सुना जा सकता है कि वो लोग प्राइवेट टूर्नामेंट भी करवाएँगे। इस पर अरशद नदीम मुस्कुराते हुए ‘इंशाल्लाह’ कहते हुए भी सुनाई पड़ते हैं।
???Big Expose ??
?Pakistan national hero and Olympic Gold Medalist Arshad Nadeem has close connections with internationally declared terrorist & terror outfits ?
?Does he have close links with UN designated terrorist organisation Lashkar-E-Tayyiba Fin sec Harris Dhar.
इसी वीडियो को साझा करते हुए OsinTV अकॉउंट ने सवाल खड़ा किया कि क्या पाकिस्तान के ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट अरशद के आतंकी संगठन के साथ के साथ गहरे संबंध हैं? दूसरा सवाल पूछा कि क्या वो लश्कर ए तैयबा और यूएन द्वारा घोषित किए गए आतंकी हारिस डार से करीबी संबंध रखते हैं?
अकउंट पर फोटो शेयर करते हुए लिखा गया- तस्वीर में अरशद नदीम और हारिस डार को आसपास बैठे देखा जा सकता है। कृपया इस मामले में संबंधित कानूनी एजेंसियों को टैग करें और वैश्विक खेल ईकाइयों को भी सूचित करें।
वीडियो में करता है भारत विरोधी बातें
बता दें कि लश्कर-ए-तैयबा के हारिस डार को समय-समय पर भारत विरोधी बातें करते पाया गया है। कुछ बयान तो इस अकॉउंट ने अपने थ्रेड में भी साझा किए हैं जैसे एक बार वो लोगों को संबोधित करते हुए कह रहा था कि अगर अमरीका को अफगानिस्तान से जाना पड़ा तो इंशाल्लाह इंडिया भी कश्मीर से जाना पड़ेगा। एक अन्य वीडियो भी है जिसमें हारिस डार दिखा रहा है कि कहाँ पर अभिनंदन का प्लेन क्रैश हुआ था और भारत को जिल्लत झेलनी पड़ी थी।
??? Video of LeT terrorist Harris Dhar ranting against India and Kashmir:
"Agar Amreeka Ko Afghanistan se wapis jaana pada… Insha'allah… India bhi Kashmir se jaana padega…" pic.twitter.com/hPqvExcQfH
मालूम हो कि जिस आतंकी से बातचीत की वीडियो सामने आने पर अरशद नदीम पर सवाल उठे हैं वो सिर्फ भारत विरोधी बयान बाजी नहीं करता बल्कि यून द्वारा बनाई गई आतंकियों की लिस्ट में भी उसका नाम है। साल 2018 में अमेरिकी वित्त विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) ने विदेश विभाग के साथ मिलकर लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और उसकी राजनीतिक पार्टी मिल्ली मुस्लिम लीग (एमएमएल) को निशाना बनाते हुए सात लोगों को वैश्विक आतंकवादी (एसडीजीटी) के रूप में नामित किया था। इस लिस्ट में सैफुल्लाह खालिद, मुजम्मिल इकबाल हाशिमी, मुहम्मद हारिस डार समेत 7 नाम थे।
इस रिलीज में हारिस डार के बारे में बताया गया था कि कैसे हारिस डार लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम करता है और एमएमएल का ज्वाइंट सेक्रेट्री भी रह चुका है। इसके अलावा लश्कर-ए-तैयबा की जो छात्र विंग थी अल-मुहम्मदिया स्टूटेंड उसमें भी अधिकारी के तौर पर काम करता था।
इसके अलावा बता दें कि इसी वर्ष पाकिस्तान में जो आम चुनाव हुए थे उसमें हारिस डार ने भी मकाजी मुस्लिम लीग पार्टी से चुनाव लड़ा था। उसे पार्टी ने पंजाब प्रांत में नेशनल असेंबली निर्वाचन क्षेत्र एनए-77 से उतारा था।
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के दक्षिणी हिस्से यानी जम्मू क्षेत्र में पिछले कुछ समय से आतंकवादी हमलों में तेजी आई थी। इन आतंकवादी हमलों के पीछे जितने सीमा-पार के आतंकी और उनके आका जिम्मेदार थे, उतने ही सीमा के इस पार के लोग भी। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कठुआ में ऐसे 9 आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है, जो ओवर ग्राउंड वर्कर्स के तौर पर आतंकी गुटों के साथ जुड़े थे और जम्मू-क्षेत्र में हमला करने वाले आतंकवादियों को खाने-पीने, रहने और रास्ता दिखाने का काम करते थे। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस पूरे मॉड्यूल को ध्वस्त कर दिया है। इस मामले में करीब 50 लोगों से पूछताछ भी की जा रही है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कठुआ-बानी-किश्तवाड़ क्षेत्र में बीते कुछ समय में हुए आतंकवादी हमलों में आतंकियों की मदद करने वाले 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। आतंकी मॉड्यूल के गिरफ्तार सदस्यों की पहचान मोहम्मद लतीफ उर्फ हाजी लतीफ, अख्तर अली, सद्दाम, नूरानी, मकबूल, कासिम दीन लियाकत और खादिम के रूप में हुई है, जो कठुआ जिले के बिलवाड़ा क्षेत्र के अंबे नाल, भादू, जुथाना, सोफेन और कट्टाल गाँवों के रहने वाले हैं।
इन सात आतंकवादियों के अलावा 2 को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। ये सभी लोग आतंकवादी गुटों के लिए ओवर ग्राउंड वर्कर के तौर पर काम करते थे। इन आतंकवादी OGW ने 8 जुलाई को मचेडी जंगल में सेना के गश्ती दल पर हुए हमले में मदद की थी, जिसमें 5 जवानों को वीरगति मिली थी, तो 5 जवान घायल हो गए थे।
इस आतंकी मॉड्यूल का मुखिया मोहम्मद लतीफ उर्फ हाजी लतीफ है। जो पाकिस्तानी आतंकवादियों को भारत में घुसने के बाद उन्हें जानकारी और मदद पहुँचा रहा था। उसने आतंकवादियों को उधमपुर, कठुआ और डोडा के पहाड़ों में आतंकवादियों को मदद दी थी और उन्हें भागने में भी सहायता की थी। पुलिस लगभग 50 ऐसे लोगों से भी पूछताछ कर रही है, जो किसी न किसी तरह से आतंकवादियों के संपर्क में आए।
इसमें से बहुत सारे लोग चरवाहों के लिए बनाए गए अस्थाई ठिकानों में रह रहे थे। पुलिस ने बताया कि ये टेरर मॉड्यूल उधमपुर-कठुआ-डोडा जिलों के ट्राई-जंक्शन में स्थित कैलाश पहाड़ियों तक आतंकवाजियों को पहुँचने में मदद करता था।
जिन 50 लोगों से पूछताछ चल रही है, उसमें कुछ ने खुद पुलिस से संपर्क कर आतंकवादियों द्वारा संपर्क किए जाने की जानकारी दी। कईयों ने ये बात छिपाई। ऐसे में उनके खिलाफ अन्य कार्रवाई भी की जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक, आतंकवादियों के बारे में पता बातों को न बताना भी आतंकवादियों की मदद करने की तरह है। ऐसे लोगों को चिन्हित किया जाएगा और उन्हें मिलने वाली सरकारी मदद भी बंद की जाएगी।
कौन होते हैं आतंकवादी गुटों से जुड़े ओवर ग्राउंड वर्कर?
आतंकी गुटों से जुड़े ओवर ग्राउंड वर्कर का मतलब ये है कि वो सीधे आतंकवादी हमलों में शामिल नहीं होते, बल्कि वो मदद पहुँचाते हैं और आम लोगों के बीच, आम इंसान बनकर ही छिपे रहते हैं। ऐसे लोग स्थानीय होते हैं और आम लोगों की तरह कामकाजी, व्यवसाई, नौकरीपेशा लोग होते हैं, ऐसे में उन पर कोई शक भी नहीं करता। वो आतंकवादियों को हर बात की जानकारी देते हैं और जरूरत पड़ने पर सामान भी पहुँचाते हैं।
ऐसे लोग पैसों की लालच में, विचारधारा की समानत के चलते या फिर डर के चलते ये काम करते हैं। कश्मीर में आतंकवादियों तक सेना की हर मूवमेंट पहुँचाने वाले बहुत सारे ओवर ग्राउंड वर्कर्स को पकड़ा गया है, जिसमें बड़ी संख्या सरकारी कर्मचारियों की भी रही है। ये आतंकवादियों को खुफिया सूचना, मतलब आर्मी की मूवमेंट तक की जानकारी देते थे।
एक आतंकवादी जो सीधे हमले में शामिल होता हैं, वो मारे जाता है या फिर भी भाग निकलता है, लेकिन एक ओवर ग्राउंड वर्कर कहीं ज्यादा खतरनाक होता है, क्योंकि वो इन आतंकवादियों के आकाओं की इन्फॉर्मेशन के जरिए मदद करता है, जिसके दम पर किसी भी आतंकवादी घटना को अंजाम दिया जाता है। ऐसे में स्थानीय पुलिस, सेना अपने मुखबिर तंत्र की मदद से लगातार ओवर ग्राउंड वर्कर्स की गिरफ्तारी कर रही हैं, ताकि स्थानीय स्तर पर मिलने वाली मदद बंद हो जाए और किसी भी बाहरी आतंकवादी के इलाके में घुसते ही उसे ढेर कर दिया जाए।
कठुआ जिले के रियासी में हिंदू दर्शनार्थियों के बस पर हुए हमले के मामले में आतंकवादियों को स्थानीय मदद मिली थी, वो भी मदद 5000 रुपयों में। यही वजह रही कि वो आतंकवादी इतने बड़े हमले के बाद भी बच कर निकलने में कामयाब रहे थे। जिस व्यक्ति ने महज 5 हजार रुपए में अपना ईमान बेचा था, उसका नाम हाकम दीन है।