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अजीत झा

संपादक, ऑपइंडिया (हिंदी)

‘ब्राह्मण संपादक’ रूपा झा ने तो माफ कर दिया, पर क्या बिहार के ‘एक्टिविस्ट पत्रकार’ वेद प्रकाश के दिमाग से ‘जाति’ जा पाएगी

ऐसे वक्त में जब बिहार के ही एक यूट्यूबर पत्रकार मनीष कश्यप पर NSA लगाया गया है, उसी राज्य में पत्रकारिता के नाम पर अगड़ा-पिछड़ा एजेंडा चलाने वाले यूट्यूबर पत्रकार वेद प्रकाश को माफ कर देना रूपा झा की सहृदयता है।

जो बजरंग दल राम भक्तों की रक्षा के लिए बना, जो इस्लामी कट्टरपंथ से है लड़ता; उस पर कर्नाटक में प्रतिबंध का वादा कॉन्ग्रेस...

राम मंदिर का निर्माण रोकने में विफल रही काॅन्ग्रेस अब हिंदुओं से वह सुरक्षा कवच छीनना चाहती है जो राम भक्तों की, उनके धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए बनी है।

सेकुलर नहीं, अच्छा हिंदू बनिए, उनको उनकी ईद के साथ छोड़ दीजिए, क्योंकि फूलों की यही बारिश कल पत्थर बन बरसेंगे

सियासी मजबूरी तो समझी जा सकती है। लेकिन आम हिंदुओं की वह कौन सी मजबूरी है जो उन्हें कथित भाईचारे की मिसाल बनने को इतना उद्वेलित करती है?

अब तो एलन मस्क ने भी ट्विटर का ब्लू टिक छीन लिया, लेकिन गोदी सेठ का ठप्पा खुद से कब उतारेंगे रवीश कुमार

एलन मस्क ने खुद से ब्लू टिक छीनकर रवीश कुमार को बेड़ी से आजाद कर दिया है। लेकिन रवीश कुमार खुद को उस एनडीटीवी से कब जुदा करेंगे जिसमें 'गोदी सेठ' की हिस्सेदारी है।

‘बिहारशरीफ हिंसा की दोषी ही कर रहे जाँच, हिंदुओं को बदनाम करना मकसद’: जिन्होंने रखी राम मंदिर की पहली ईंट, उन्होंने बिहार पुलिस की...

हिंदुओं के त्योहार (रामनवमी शोभायात्रा) पर हमला। पीड़ित हिंदू और दोषी भी हिंदू ही... बिहारशरीफ हिंसा को लेकर बिहार पुलिस के दावों पर क्यों उठ रहे सवाल?

जिन ‘बेधड़क आवाजों’ ने बिहार की ढुलमुल व्यवस्था को कर रखा था नंगा, बिहारशरीफ-सासाराम की जमीन से वे गायब क्यों

जो लोग ग्राउंड जीरो पर जाकर सब कुछ सामने ला देते थे, वे बिहारशरीफ और सासाराम की जमीन पर रिपोर्टिंग करते क्यों नहीं दिख रहे?

कब तक उस बिहार की दी जाती रहेगी दुहाई जिसे आज के बिहारी ने देखा ही नहीं, यूँ ही नहीं स्थापना दिवस पर बंद...

यह बिहार के नेतृत्व की भविष्य को लेकर शून्यता ही है कि बिहार दिवस पर भी चर्चा बिहार बंद और अलग मिथिला राज्य जैसे अभियानों की रही।

NIMHR के डिप्टी रजिस्ट्रार मोहम्मद अशफाक की बर्खास्तगी को लेकर ABVP का प्रदर्शन, ऑपइंडिया की रिपोर्ट के बाद PMO की टीम ने की थी...

कुछ लोगों का दावा है कि NIMHR के डिप्टी रजिस्ट्रार मोहम्मद अशफाक को बचाने की कोशिश हो रही है। ऑपइंडिया के सवालों पर मंत्री और संस्थान के डायरेक्टर की चुप्पी से इन अंदेशों को बल मिल रहा है।