भाड़े के सैनिकों से भी युद्ध तभी जीते जाते हैं जब सेनापति खुद सक्षम हो। पर कॉन्ग्रेस का 'स्वयंभू सेनापति' निस्तेज और सामर्थ्यहीन है। खासकर जब मुकाबला नरेंद्र मोदी नाम के राजनीतिक बाहुबली से हो।
कर्नाटक चुनाव को लेकर जैसे दावे दिल्ली की मीडिया में रहे हैं, उसका समर्थन एग्जिट पोल्स के नंबर्स नहीं करते। क्या 13 मई को एक बार फिर पोल पंडित गलत साबित होंगे?
ऐसे वक्त में जब बिहार के ही एक यूट्यूबर पत्रकार मनीष कश्यप पर NSA लगाया गया है, उसी राज्य में पत्रकारिता के नाम पर अगड़ा-पिछड़ा एजेंडा चलाने वाले यूट्यूबर पत्रकार वेद प्रकाश को माफ कर देना रूपा झा की सहृदयता है।
राम मंदिर का निर्माण रोकने में विफल रही काॅन्ग्रेस अब हिंदुओं से वह सुरक्षा कवच छीनना चाहती है जो राम भक्तों की, उनके धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए बनी है।
एलन मस्क ने खुद से ब्लू टिक छीनकर रवीश कुमार को बेड़ी से आजाद कर दिया है। लेकिन रवीश कुमार खुद को उस एनडीटीवी से कब जुदा करेंगे जिसमें 'गोदी सेठ' की हिस्सेदारी है।