इस्लामी कानून, रवायत और कठमुल्ले किसी के लिए मुस्लिम महिलाओं की आवाज का मोल नहीं। उलटे तकरीरों में उन्हें इस तरह पेश किया जाता है जैसे 'भोग की वस्तु' से अधिक उनका मोल न हो।
इस्लामपरस्त, वामपंथी, लिबरल... पूरा गिरोह डर में है। 90 के दशक में जिस कहानी पर लीपापोती कर दी गई, वह गोदी मीडिया के जमाने में गाँव-गाँव तक पहुँच रही है।
बजरंग पुनिया, साक्षी मल्लिक और विनेश फोगाट ने एक साथ पहली बार इंटरव्यू दिया है। बताया है कि क्यों हरिद्वार में मुहुर्त बीत गया। गंगा में मेडल नहीं बहा।
मध्य प्रदेश के सीहोर स्थित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान (NIMHR) के डिप्टी रजिस्ट्रार मोहम्मद अशफाक को नौकरी से निकाल दिया गया है। ऑपइंडिया की रिपोर्ट के बाद उसके खिलाफ जाँच शुरू हुई थी।
कर्नाटक में कॉन्ग्रेस को मिला जनादेश कुछ समुदायों और एक विशेष मजहब की खुशफहमियों की उपज है। क्या मनवांछित हिस्सेदारी नहीं मिलने पर ये कॉन्ग्रेस और कर्नाटक को चैन से जीने देंगे?