इस्लामपरस्त, वामपंथी, लिबरल... पूरा गिरोह डर में है। 90 के दशक में जिस कहानी पर लीपापोती कर दी गई, वह गोदी मीडिया के जमाने में गाँव-गाँव तक पहुँच रही है।
बजरंग पुनिया, साक्षी मल्लिक और विनेश फोगाट ने एक साथ पहली बार इंटरव्यू दिया है। बताया है कि क्यों हरिद्वार में मुहुर्त बीत गया। गंगा में मेडल नहीं बहा।
मध्य प्रदेश के सीहोर स्थित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान (NIMHR) के डिप्टी रजिस्ट्रार मोहम्मद अशफाक को नौकरी से निकाल दिया गया है। ऑपइंडिया की रिपोर्ट के बाद उसके खिलाफ जाँच शुरू हुई थी।
कर्नाटक में कॉन्ग्रेस को मिला जनादेश कुछ समुदायों और एक विशेष मजहब की खुशफहमियों की उपज है। क्या मनवांछित हिस्सेदारी नहीं मिलने पर ये कॉन्ग्रेस और कर्नाटक को चैन से जीने देंगे?
भाड़े के सैनिकों से भी युद्ध तभी जीते जाते हैं जब सेनापति खुद सक्षम हो। पर कॉन्ग्रेस का 'स्वयंभू सेनापति' निस्तेज और सामर्थ्यहीन है। खासकर जब मुकाबला नरेंद्र मोदी नाम के राजनीतिक बाहुबली से हो।
कर्नाटक चुनाव को लेकर जैसे दावे दिल्ली की मीडिया में रहे हैं, उसका समर्थन एग्जिट पोल्स के नंबर्स नहीं करते। क्या 13 मई को एक बार फिर पोल पंडित गलत साबित होंगे?