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अनुपम कुमार सिंह

भारत की सनातन परंपरा के पुनर्जागरण के अभियान में 'गिलहरी योगदान' दे रहा एक छोटा सा सिपाही, जिसे भारतीय इतिहास, संस्कृति, राजनीति और सिनेमा की समझ है। पढ़ाई कम्प्यूटर साइंस से हुई, लेकिन यात्रा मीडिया की चल रही है। अपने लेखों के जरिए समसामयिक विषयों के विश्लेषण के साथ-साथ वो चीजें आपके समक्ष लाने का प्रयास करता हूँ, जिन पर मुख्यधारा की मीडिया का एक बड़ा वर्ग पर्दा डालने की कोशिश में लगा रहता है।

मरते हुए पल्लव राजा के दो अधूरे स्वप्न.. पुल्लालूर में भव्य मंदिर… अंग्रेजों-मुगलों नहीं, 7वीं शताब्दी में वातापी के युद्ध पर अरुण कृष्णन की...

बात ये है कि वामपंथी इतिहासकारों और उपन्यास लेखकों ने कभी भारतीय इतिहास को छुआ ही नहीं। अंग्रेजों और मुगलों का गुणगान करते हुए दशकों काट दिए।

द्रौपदी मुर्मू की उम्मीदवारी से चर्चा में प्रतिभा पाटिल, देश की पहली महिला राष्ट्रपति के लिए कॉन्ग्रेस के मंत्री ने कहा था- इंदिरा के...

प्रतिभा पाटिल ने राष्ट्रपति रहते परिजनों के साथ 79 दिन विदेश में गुजारे थे। 150 गिफ्ट्स अपने साथ ले गई थीं। द्रौपदी मुर्मू का राजनीतिक जीवन रहा है निर्विवाद।

महामहिम नहीं कठपुतली: जब सोमनाथ और हिंदू कोड बिल पर राजेंद्र प्रसाद ने निकाली नेहरू की हेकड़ी, बताया- सेक्युलरिज्म मतलब संस्कारों से दूर होना...

जवाहरलाल नेहरू चाहते थे डॉ राजेंद्र प्रसाद सोमनाथ मंदिर का उद्घाटन करने न जाएँ। 'हिन्दू कोड बिल' पर डॉ प्रसाद ने उन्हें खरी-खरी सुनाई थी। उनके अंतिम दिनों में उनका ख्याल नहीं रखा गया।

सिगरेट का धुआँ उड़ाते अबुल कलाम, बैठक में सोते कॉन्ग्रेस अध्यक्ष, गाँधी से लड़ते नेहरू: विभाजन को ऐसे राजी हुई थी कॉन्ग्रेस, गई 20...

एडविना ही नहीं, उनकी बेटी पामेला माउंटबेटन को भी बँटवारे के लिए नेहरू को मनाने की जिम्मेदारी मिली थी। मुस्लिम लीग के आगे झुक गई थी कॉन्ग्रेस।

आगजनी को फूल बरसाना कह देंगे, नैरेटिव उनके हाथों में है: महादेव का अपमान चर्चा से गायब, एक बयान पर देश भर में दंगे

नैरेटिव सेट करने वालों में बड़ी ताकत है। पूरी दुनिया में आग लग जाए तो उसे वो बाढ़ बता सकते हैं। चर्चा दंगों पर नहीं, एक बयान पर हो रही। चर्चा बयान की सत्यता-असत्यता पर नहीं हो रही। हत्या की धमकियों पर नहीं हो रही।

4 साल के बेटे को टुकड़े-टुकड़े काटा, दिल निकाल कर बंदा बैरागी के मुँह में ठूँस दिया: मुगलों ने 700 बैलगाड़ियों में भरे सिखों...

बंदा सिंह बहादुर सहित 780 अधमरे सिख बंदियों, भालों पर लटके 2000 कटे हुए सिर और 700 मालगाड़ियों में भरे हुए सिखों के कटे हुए सिर लेकर मुग़ल लाहौर में घुसे।

प्रजा के बप्पा, भीलों के रावल, खलीफा को हराने वाले कालभोज: अरबों को ईरान तक खदेड़ने वाले महाराव, जिनसे 500 सालों तक काँपते रहे...

गुहिल वंश के बप्पा रावल ने अरब के खलीफा की फ़ौज को खदेड़ मेवाड़ राजवंश की स्थापना की 1400 सालों तक इस परिवार ने राजस्थान पर राज किया। बलिदान दिए।

भारत के मंदिरों की महारानी: केदार से लेकर काशी तक बनवाए मंदिर-भोजनालय-धर्मशाला, मुगलों के किए नुकसान को पाटने वाली अहिल्याबाई होल्कर

बद्रीनाथ में भक्तों के लिए उन्होंने कई भवनों के निर्माण करवाए। 600 वर्षों तक अहिल्याबाई होल्कर का छत्र भगवान जगन्नाथ की शोभा बढ़ाता रहा।