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अनुपम कुमार सिंह

भारत की सनातन परंपरा के पुनर्जागरण के अभियान में 'गिलहरी योगदान' दे रहा एक छोटा सा सिपाही, जिसे भारतीय इतिहास, संस्कृति, राजनीति और सिनेमा की समझ है। पढ़ाई कम्प्यूटर साइंस से हुई, लेकिन यात्रा मीडिया की चल रही है। अपने लेखों के जरिए समसामयिक विषयों के विश्लेषण के साथ-साथ वो चीजें आपके समक्ष लाने का प्रयास करता हूँ, जिन पर मुख्यधारा की मीडिया का एक बड़ा वर्ग पर्दा डालने की कोशिश में लगा रहता है।

मिल्खा सिंह को हराने वाला खिलाड़ी जो गरीबी से तड़प कर मरा, इलाज बगैर खो दिए 2 बेटे: मेडल बेचने को मजबूर थी विधवा...

मिल्खा सिंह कहते थे अगर वो ट्रैक पर किसी से डरते हैं तो माखन से। 'अर्जुन अवॉर्ड' से सम्मानित उस खिलाड़ी को आजीवन अपमान झेलना पड़ा। गरीबी में हुई थी मौत।

इस्लामी आक्रांताओं की पोल खुली, सेक्युलर भी बोले ‘जय श्री राम’: राम मंदिर से ऐसे बदली भारत की राजनीतिक-सामाजिक संरचना

राम मंदिर के निर्माण से भारत के राजनीतिक व सामाजिक परिदृश्य में आए बदलावों को समझिए। ये एक इमारत नहीं बन रही है, ये देश की संस्कृति का प्रतीक है। वो प्रतीक, जो बताता है कि मुग़ल एक क्रूर आक्रांता था। वो प्रतीक, जो हमें काशी-मथुरा की तरफ बढ़ने की प्रेरणा देता है।

वे POK क्रिकेट लीग के चीयरलीडर्स, इधर कश्मीर पर भी बजाते हैं ‘अमन’ का झुनझुना: Pak वालों से ही सीख लो सेलेब्रिटियों

शाहिद अफरीदी, राहत फ़तेह अली खान और शोएब अख्तर कभी इस्लाम और पाकिस्तान के खिलाफ नहीं जा सकते, गलत या सही। भारतीय सेलेब्स इनसे क्या सीखे, जानिए।

‘किताब खरीद घोटाला, 1 दिन में 36 संदिग्ध नियुक्तियाँ’: MGCUB कुलपति की रेस में नया नाम, शिक्षा मंत्रालय तक पहुँची शिकायत

MGCUB कुलपति की रेस में शामिल प्रोफेसर शील सिंधु पांडे विक्रम विश्वविद्यालय में कुलपति थे। वहाँ पर वो किताब खरीद घोटाले के आरोपित रहे हैं।

ओडिशा कनेक्शन से क्रिकेट के दीवाने देश में हॉकी का शोर: ओलंपिक जीत में कॉन्ग्रेस खोज रही पंजाब, ध्रुव राठी के लिए SRK नायक

भारतीय महिला एवं पुरुषों हॉकी टीमों का सफर। खेल पर क्षेत्रवाद की राजनीति। ध्रुव राठी का SRK को क्रेडिट देना। ओडिशा सरकार और भारतीय हॉकी टीम का कनेक्शन।

‘मस्जिद के सामने जुलूस निकलेगा, बाजा भी बजेगा’: जानिए कैसे बाल गंगाधर तिलक ने मुस्लिम दंगाइयों को सिखाया था सबक

हिन्दू-मुस्लिम दंगे 19वीं शताब्दी के अंत तक महाराष्ट्र में एकदम आम हो गए थे। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक इससे कैसे निपटे, आइए बताते हैं।

शिवाजी से सीखा, 60 साल तक मुगलों को हराते रहे: यमुना से नर्मदा, चंबल से टोंस तक औरंगज़ेब से आज़ादी दिलाने वाले बुंदेले की...

उनके बारे में कहते हैं, "यमुना से नर्मदा तक और चम्बल नदी से टोंस तक महाराजा छत्रसाल का राज्य है। उनसे लड़ने का हौसला अब किसी में नहीं बचा।"

जाति है कि जाती नहीं… यूपी में अब विकास दुबे और फूलन देवी भी नायक? चुनावी मेंढक कर रहे अपराधियों का गुणगान

किसी को ब्राह्मण के नाम पर विकास दुबे और श्रीप्रकाश शुक्ला तो किसी को निषाद के नाम पर फूलन देवी याद आ रही है। वोट के लिए जातिवाद में अपराधियों को ही नायक क्यों बनाया जाता है?