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अनुपम कुमार सिंह

भारत की सनातन परंपरा के पुनर्जागरण के अभियान में 'गिलहरी योगदान' दे रहा एक छोटा सा सिपाही, जिसे भारतीय इतिहास, संस्कृति, राजनीति और सिनेमा की समझ है। पढ़ाई कम्प्यूटर साइंस से हुई, लेकिन यात्रा मीडिया की चल रही है। अपने लेखों के जरिए समसामयिक विषयों के विश्लेषण के साथ-साथ वो चीजें आपके समक्ष लाने का प्रयास करता हूँ, जिन पर मुख्यधारा की मीडिया का एक बड़ा वर्ग पर्दा डालने की कोशिश में लगा रहता है।

Pak की 60 टैंकों को उड़ाया, 35 KM सीमा में घुसे: परमवीर तारापोर ने कहा था – ‘मेरा अंतिम संस्कार युद्धस्थल में हो’

अर्देशीर बुरज़ोरजी तारापोर ने पहले ही इच्छा जता दी थी कि मरणोपरांत उनका अंतिम संस्कार इसी युद्ध के मैदान में किया जाए, जिसे पूरा किया गया।

कहानी खूनी मिंजर की: संप्रदाय विशेष के स्थानीय लोगों ने आतंकियों को दी थी शरण… और चम्बा में मार डाले गए थे 35 हिन्दू

कहानी हिमाचल के चम्बा में हुए हिन्दुओं के नरसंहार की। आतंकियों ने जैसे ही गरीब हिन्दू मजदूरों को सोते हुए देखा, फायरिंग शुरू कर दी।

पाकिस्तान भी 15 अगस्त को ही स्वतंत्र हुआ था, फिर हर साल 14 अगस्त को क्यों मनाता है आज़ादी का जश्न?

इंडिपेंडेंस एक्ट से लेकर जिन्ना का भाषण तक, सब बताते हैं कि पाकिस्तान भी भारत की तरह 15 अगस्त को ही स्वतंत्र हुआ था। फिर वह हर साल 14 अगस्त को क्यों मनाता है आजादी का जश्न?

सचिन पायलट की वापसी से और गहराया संकट: फूट पड़ी कॉन्ग्रेस में, थूका-चाटा कॉन्ग्रेसियों ने, लेकिन दोषी कौन है? भाजपा…

ये झटका किसे है? सचिन पायलट अब राजस्थान में कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष नहीं रहे। न ही वो अब राज्य के उप-मुख्यमंत्री हैं। महीने भर उनका अपमान हुआ। कॉन्ग्रेस नेताओं ने उन्हें भला-बुरा कहा।

राम का गुणगान, अब परशुराम की मूर्ति और ब्राह्मण सम्मलेन: जानिए 11% ब्राह्मणों को लुभाने के लिए क्यों पगलाई सपा-बसपा

इसके पीछे 2 सबसे स्पष्ट कारण नज़र आते हैं। पहला, राम मंदिर और दूसरा, विकास दुबे का एनकाउंटर। इन दोनों ही मुद्दों पर राजनीति कर सपा-बसपा ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाना चाहती है।

सुशांत के नाम पर बिहार को गाली, बिहारी परिवारों को बताया जहरीला: शेखर गुप्ता की वेबसाइट की करतूत पर रवीश भी चुप

शेखर गुप्ता की वेबसाइट पर प्रकाशित लेख में कहा गया है कि 'विषाक्त' बिहारी परिवारों में बच्चों पर श्रवण कुमार बनने की जिम्मेदारी होती है। बिहारी रवीश कुमार प्रदेश के अपमान पर चुप हैं।

हिंदुओं के लिए वही घृणा, राम मंदिर पर वही जहर: अयोध्या में नींव से बिलबिलाए वामपंथी और मजहब परस्त

येचुरी हो या ओवैसी। मंदिर तोड़ने की धमकी देने वाला मौलाना हो या 'मुल्ला मुलायम' का सांसद। भूमिपूजन के साथ ही सबके भीतर का जहर बाहर आने लगा है।

‘ये मेरा भारत नहीं रहा’ कहने वालों के लिए विमान लेकर इन्तजार कर रहे सोनू सूद, कोपभवन से नहीं निकल रहे लिबरल्स

जब हिन्दू मेजोरिटी वाले भारत में रह कर भारत और हिन्दुओं को गाली दी जा सकती है और उन्हें बदनाम किया जा सकता है तो फिर कहीं और जाने से क्या फायदा?