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आशीष नौटियाल

पहाड़ी By Birth, PUN-डित By choice

MEME और फेकिंग न्यूज के Fact Check की बेरोजगारी से बढ़िया है, मुद्रा लोन लेकर स्वरोजगार अपनाओ

सोशल मीडिया से लेकर व्हाट्सएप्प पर चलने वाली फेक ख़बरों का बाजार जमकर बढ़ा है। इसी का फायदा उठाकर ये लोग फैक्ट चेक के नाम पर बेहद हास्यास्पद ख़बरों तक का फैक्ट चेक करते हुए देखे जा रहे हैं। यहाँ तक कि MEME और फोटोशॉप तस्वीरों तक का फैक्ट चेक करने वाले लोग खूब फलते-फूलते देखे जा रहे हैं।

ध्रुव राठी के धैर्य का बाँध टूटा, बोले राहुल गाँधी ने 1 ही झूठ किया रिपीट, हमारा प्रोपेगैंडा पड़ा हल्का

जिस प्रकार से राहुल गाँधी लगातार मोदी सरकार को घोटालों में घिरा हुआ साबित करने के लिए झूठे डाक्यूमेंट्स और बयानों का सहारा लेते रहे, शायद ध्रुव राठी उन्हीं से अपनी निराशा व्यक्त कर रहे थे। ऐसे समय में उन्हें अपने झुंड के साथ रहना चाहिए।

Exit Poll के रुझान देखकर मीडिया गिरोह ने जताई 5 साल के लिए गुफा में तपस्या करने की प्रबल इच्छा

अगले 5 साल गुफा में बिताने की चॉइस रखने वालों की अर्जी में एक नाम बेहद चौंकाने वाला था। यह नाम एक मशहूर व्हाट्सएप्प यूनिवर्सिटी के कुलपति का था। अपने विवरण में इस कुलपति ने स्पष्ट किया है कि पिछले 5 साल वो दर्शकों से TV ना देखने की अपील करते करते थक चुके हैं और अब अगले 5 साल भी वही काम दोबारा नहीं कर पाएँगे।

पिद्दी है तो मुमकिन है: वायनाड में 10 के 10 ज़ीरो पर आउट, राहुल गाँधी के क्यूट डिम्पल और लकी टच का असर

लड़कियों की टीम के सभी बल्लेबाज क्लीन बोल्ड ऑउट हुए। इस तरह क्रिकेट इतिहास में एक अनोखा रिकॉर्ड रचा गया। हालाँकि, सभी बल्लेबाज खाता नहीं खोल पाईं पर कासरगोड की टीम 4 रन जरूर जोड़ पाई, जिसमें वायनाड की गेंदबाजों का ही योगदान रहा।

‘जस्ट फ़क ऑफ़’ के साथ ‘स्टार प्रचारक’ मणिशंकर ब्रो की हुई वापसी, BJP में ख़ुशी की लहर

इंटरव्यू के बीच में मणिशंक्कर अय्यर ने दोनों हाथ हवा में उठाकर अपनी शानदार अभिनय प्रतीभा का भी परिचय दिया। हालाँकि, यह उनके अभिनय की सूक्ष्म झलक थी, फिर भी मनमोहक थी। इस अभिनय में यह प्रतीत हो रहा है मानो पत्रकारों ने उनसे सवाल करते-करते उनकी जोर से पूँगी बजा दी हो।

दूरदर्शी युगपुरुष, ‘चाराकंठ’ समाजवादी नेता लालू यादव – गोदी मीडिया छिपाता है, अमेरिका ने माना लोहा

90 के दशक में बिहार में किसी भी कार्य को करने के लिए, चाहे वो भवन निर्माण हो या दुकानदारी, सब के लिए एक अत्यंत ही 'सरल रंगदारी टैक्स' चुकाना पड़ता था। यह एक 'सिंगल विंडो क्लीयरेंस' जैसी व्यवस्था हुआ करती थी। जहाँ रंगदारी के एकमुश्त भुगतान के तुरंत बाद ही आप अपना काम करने के लिए स्वतंत्र हो जाते थे।

भाजपा वाले मणिशंकर अय्यर को ढूँढ रहे थे, सच्चाई बाहर आई तो हँसते-हँसते पागल हो गए

यह व्यक्ति ऑपइंडिया तीखीमिर्ची सेल के रडार में अपनी हरकतों की वजह से ही आया है। हमारे सूत्रों ने नाम न बताने की शर्त पर हमें बताया कि यह व्यक्ति बह से शाम तक कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच ही रहकर उन्हीं के साथ घूम रहा है, लेकिन काम भाजपा का ही कर रहा है और अपनी ऊल-जुलूल हरकतों के कारण रोजाना चर्चा में बना है।

मिस्ट्रेसीकरण, ससुरालीकरण, राजनीतिकरण: दांडी यात्रा के बाद विन्ची-गाँधी यात्रा के 3 प्रमुख पड़ाव

जो मीडिया और क्रांतिजीव 5 साल तक मोदी की विदेश यात्राओं का लेखा-जोखा करते रहे, उन्हें नेहरू से लेकर राजीव गाँधी के भ्रमणों से रूबरू होना चाहिए, ताकि वो उसकी समीक्षा कर के बता सकें कि मिस्ट्रेसीकरण और ससुरालीकरण उनकी किसी विदेश नीति का हिस्सा थे?