पिद्दी है तो मुमकिन है: वायनाड में 10 के 10 ज़ीरो पर आउट, राहुल गाँधी के क्यूट डिम्पल और लकी टच का असर

कॉन्ग्रेस के 2-4 अहम बल्लेबाज अभी आखिरी चरण के मतदान से पहले ही मैदान पर जमे हुए हैं। इनमें बकबकिया नवजोत सिंह सिद्धू से लेकर दिग्विजय सिंह जैसे कभी भी बाजी को पलट देने की क्षमता रखने वाले बल्लेबाज शामिल हैं।

इससे पहले कि राहुल गाँधी वायनाड भागते, उनसे पहले ही राहुल गाँधी की लहर वायनाड पहुँचकर अपना करिश्मा दिखाती नजर आ रही है। 0,0,0,0,0,0,0,0,0,0! इसे देखकर आपको हैरानी जरूर हुई होगी। पर कासरगोड में खेले गए अंडर-19 गर्ल्स टीम के दस बल्लेबाजों ने यही स्कोर बनाया है। यह स्कोर इंटर-डिस्ट्रिक्ट मैच में बना, जहाँ कासरगोड की टीम का मुकाबला वायनाड की अंडर-19 टीम से हुआ। यह मैच बुधवार (मई 15, 2019) को मल्लपुरम के पेरिनथलमन्ना स्टेडियम में खेला गया।

इस क्रिकेट मैच में राहुल गाँधी के भविष्य की झलक देखने को मिल रही है। रोजाना ED ऑफिस के चक्कर काट रहे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपित रॉबर्ट वाड्रा की पत्नी प्रियंका गाँधी के भाई और कॉन्ग्रेस पार्टी अध्यक्ष राहुल गाँधी ने इस लोकसभा चुनाव में एक मास्टरस्ट्रोक खेला है। हैरान करने वाली बात यह है कि यह मास्टरस्ट्रोक आलू से सोना बनाकर जनता को जादू दिखाने का नहीं है, ना ही फटी जेब में हाथ डालकर दूसरी तरफ से हाथ बाहर निकालकर दिखाने का है, बल्कि यह मोदी लहर से घबराकर दक्षिण भारत के वायनाड भाग जाने को लेकर है।

यह मामला है ऐतिहासिक स्कोर इंटर-डिस्ट्रिक्ट मैच का, जहाँ कासरगोड की टीम का मुकाबला वायनाड की अंडर-19 टीम से हो रहा था।

वायनाड ने 10 के 10 बल्लेबाजों को किया 0,0,0,0,0,0,0,0,0,0 पर क्लीन बोल्ड

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

0,0,0,0,0,0,0,0,0,0! स्कोर बोर्ड पर टंगे इस स्कोर को देखकर हर क्रिकेट प्रेमी हैरान-परेशान था। जहाँ समर्थक मायूस थे, वहीं विरोधियों की तालियों से स्टेडियम गूँज रहा था। ऐसा हुआ कासरगोड में खेले गए अंडर-19 के गर्ल्स मैच में। वहाँ लड़कियों की टीम के 10 बल्लेबाजों ने यही स्कोर बनाया।

लड़कियों की टीम के सभी बल्लेबाज एक समान तरीके से क्लीन बोल्ड ऑउट हुए। इस तरह क्रिकेट इतिहास में एक अनोखा रिकॉर्ड रचा गया। हालाँकि, सभी बल्लेबाज, जिसमें नॉट आउट बैट्समैन भी शामिल थीं, खाता नहीं खोल पाईं। कासरगोड की टीम बोर्ड पर 4 रन जरूर जोड़ पाई, जिसमें वायनाड की गेंदबाजों का ही योगदान रहा, यानी ये 4 चार भी ‘एक्स्ट्रा’ रन की बदौलत नसीब हुए हैं। वायनाड की बल्लेबाजों ने जीत के लिए जरूरी 5 रनों का लक्ष्य महज एक ओवर में हासिल कर लिया और मुकाबला 10 विकेट से जीत लिया।

पिद्दी है तो मुमकिन है

देखा जाए तो इस मैच में राहुल गाँधी के क्यूट डिम्पल और उनके जादुई ‘टच’ का सीधा असर देखा जा सकता है। उम्मीदें लगाई जा रही हैं कि कहीं ये क्रिकेट मैच, आने वाली 23 मई को आने वाले चुनावी रुझान का ही ट्रेलर तो नहीं है? जिस तरह की बल्लेबाजी पावरप्ले के दौरान कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर से लेकर सिख नरसंहार को ‘हो गया तो हो गया’ कहने वाले सैम पित्रोदा कर रहे हैं, उसे देखकर तो यही लगता है कि राहुल गाँधी भी अपनी टीम के साथ 0,0,0,0 के साथ डब्बाबंद होने के लिए कमर कस चुके हैं। यह भी सम्भावनाएँ हैं कि जो दो-चार वोट पड़ें भी, वो NOTA और गलती से ही पड़ रहे हों।

कॉन्ग्रेस चाहे तो अपनी हार का ठीकरा फोड़ने के लिए EVM के हैक होने के अलावा ‘डकवर्थ लुइस’ नियम का भी सहारा ले सकती है। इसमें कॉन्ग्रेस यह तर्क भी ला सकती है कि किस प्रकार उन्होंने वर्ष 2014 के बाद अवार्ड वापसी गैंग से लेकर सस्ते कॉमेडियंस को मोदी सरकार के विरोध में उतारने में जरा देरी कर दी और शुरूआती वर्ष में आवश्यक स्ट्राइक रेट की बढ़त बना पाने में नाकामयाब रहे।

हालाँकि, कॉन्ग्रेस ने मिडिल ओवर्स में ‘चौकीदार चोर है’ जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के जरिए बढ़त बनाने की कोशिश की लेकिन ऐन वक़्त पर सुप्रीम कोर्ट ने एम्पायर रेफ़रल की भूमिका निभाते हुए इसे भी अमान्य घोषित कर दिया।

राहुल नहीं, राहु की महादशा ने किया है वायनाड में प्रवेश

इस तरह से राहुल गाँधी के ‘टच’ को राहु की दशा की तरह देखा जा सकता है। राहुल गाँधी के वायनाड की ओर रुख करते ही ‘शून्य’ का यह ऐतिहासिक जादुई आँकड़ा उनसे पहले ही वायनाड पहुँचकर राष्ट्रीय खबर बन गया और लोगों को इसमें राहुल गाँधी के चमत्कार की आहट नजर आने लगी।

खैर, कॉन्ग्रेस के 2-4 अहम बल्लेबाज अभी आखिरी चरण के मतदान से पहले ही मैदान पर जमे हुए हैं। इनमें बकबकिया नवजोत सिंह सिद्धू से लेकर दिग्विजय सिंह जैसे कभी भी बाजी को पलट देने की क्षमता रखने वाले बल्लेबाज शामिल हैं। मतदाता और भाजपा उम्मीद लगाए बैठी है कि अभी इन सलामी बल्लेबाजों को आउट किए बिना ही कुछ देर और मैदान पर मैडन ओवर खिलवाकर बहुमत की ओर आसानी से बढ़त बनाई जा सकती है।

भाजपा यदि बहुमत से सरकार बनाने में सफल रहती है, तो उन्हें अपने सबसे बड़े बल्लेबाजों, सैम पित्रोदा, नवजोत सिंह सिद्धू, मणिशंकर अय्यर और स्वयं राहुल गाँधी को जरूर दिल से आभार व्यक्त करना चाहिए। वास्तव में यही कॉन्ग्रेस के लिए देशभक्त सरकार की सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

देखना न भूलें! एग्जिट पोल के सभी नतीजे

2019 लोक सभा चुनाव की सभी Exit Polls का लेखा जोखा पढ़िए हिंदी में

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ट्रोल प्रोपेगंडाबाज़ ध्रुव राठी

ध्रुव राठी के धैर्य का बाँध टूटा, बोले राहुल गाँधी ने 1 ही झूठ किया रिपीट, हमारा प्रोपेगैंडा पड़ा हल्का

जिस प्रकार से राहुल गाँधी लगातार मोदी सरकार को घोटालों में घिरा हुआ साबित करने के लिए झूठे डाक्यूमेंट्स और बयानों का सहारा लेते रहे, शायद ध्रुव राठी उन्हीं से अपनी निराशा व्यक्त कर रहे थे। ऐसे समय में उन्हें अपने झुंड के साथ रहना चाहिए।
इनका दुःख... सच में दुःखद...

एग्जिट पोल देख लिबरल गिरोह छोड़ रहा विष-फुंकार, गर्मी में निकल रहा झाग

जैसे-जैसे Exit Polls के नतीजे जारी हो रहे हैं, पत्रकारिता के समुदाय विशेष और फ़ेक-लिबरलों-अर्बन-नक्सलियों के सर पर ‘गर्मी चढ़नी’ शुरू हो गई है।
साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, कन्हैया, राहुल गाँधी, स्मृति ईरानी

भोपाल से प्रज्ञा की जीत, बेगूसराय से कन्हैया की हार और अमेठी में स्थिति संदिग्ध: एग्जिट पोल्स

'हिन्दू टेरर' के कलंक से कलंकित और कॉन्ग्रेस की तुष्टीकरण एवम् साम्प्रदायिक नीतियों का शिकार बनी साध्वी प्रज्ञा के भोपाल से प्रत्याशी बनने, कन्हैया का बेगूसराय से लड़ने और राहुल-स्मृति ईरानी की कड़ी टक्कर इस चुनाव की हेडलाइन बने।
तपस्या करते हुए कुलपति

Exit Poll के रुझान देखकर मीडिया गिरोह ने जताई 5 साल के लिए गुफा में तपस्या करने की प्रबल इच्छा

अगले 5 साल गुफा में बिताने की चॉइस रखने वालों की अर्जी में एक नाम बेहद चौंकाने वाला था। यह नाम एक मशहूर व्हाट्सएप्प यूनिवर्सिटी के कुलपति का था। अपने विवरण में इस कुलपति ने स्पष्ट किया है कि पिछले 5 साल वो दर्शकों से TV ना देखने की अपील करते करते थक चुके हैं और अब अगले 5 साल भी वही काम दोबारा नहीं कर पाएँगे।
रवीश कुमार

साला ये दुःख काहे खतम नहीं होता है बे!

जो लोग रवीश की पिछले पाँच साल की पत्रकारिता टीवी और सोशल मीडिया पर देख रहे हैं, वो भी यह बात आसानी से मान लेंगे कि रवीश जी को पत्रकारिता के कॉलेजों को सिलेबस में केस स्टडी के तौर पर पढ़ाया जाना चाहिए।
स्वरा भास्कर

प्रचार के लिए ब्लाउज़ सिलवाई, 20 साड़ियाँ खरीदी, ताकि बड़े मुद्दों पर बात कर सकूँ: स्वरा भास्कर

स्वरा भास्कर ने स्वीकार करते हुए बताया कि उन्हें प्रचार के लिए बुलाया गया क्योंकि वो हीरोइन हैं और इस वजह से ही उन्हें एक इमेज बनाना आवश्यक था। इसी छवि को बनाने के लिए उन्होंने 20 साड़ियाँ खरीदीं और और कुछ जूलरी खरीदी ताकि ‘बड़े मुद्दों पर’ बात की जा सके।

वहाँ मोदी नहीं, सनातन आस्था अपनी रीढ़ सीधी कर रही है, इसीलिए कुछ को दिक्कत हो रही है

इंटेलेक्चु‌ल लेजिटिमेसी और फेसबुक पर प्रासंगिक बने रहने, ज्ञानी कहलाने और एक खास गिरोह के लोगो में स्वीकार्यता पाने के लिए आप भले ही मोदी की हर बात पर लेख लिखिए, लेकिन ध्यान रहे कुतर्कों, ठिठोलियों और मीम्स की उम्र छोटी होती है।
नरेंद्र मोदी आध्यात्मिक दौरा

लंगोट पहन पेड़ से उलटा लटक पत्तियाँ क्यों नहीं चबा रहे PM मोदी? मीडिया गिरोह के ‘मन की बात’

पद की भी कुछ मर्यादाएँ होती हैं और कुछ चीजें व्यक्तिगत सोच पर निर्भर करती है, यही तो हिन्दू धर्म की विशेषता है। वरना, कल होकर यह भी पूछा जा सकता है कि जब तक मोदी ख़ुद को बेल्ट से पीटते हुए नहीं घूमेंगे, उनका आध्यात्मिक दौरा अधूरा रहेगा।
राहुल गाँधी

सरकार तो मोदी की ही बनेगी… कॉन्ग्रेस ने ऑफिशली मान ली अपनी हार

कॉन्ग्रेस ने 23 तारीख को चुनाव नतीजे आने तक का भी इंतजार करना जरूरी नहीं समझा। समझे भी कैसे! देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कॉन्ग्रेस भी उमर अबदुल्ला के ट्वीट से सहमत होकर...
योगी आदित्यनाथ और ओमप्रकाश राजभर

‘गालीबाज’ ओमप्रकाश राजभर सहित 8 नेता तत्काल प्रभाव से बर्खास्त: एक्शन में CM योगी

ये वही राजभर हैं, जिन्होंने रैली में मंच से दी थी BJP नेताओं-कार्यकर्ताओं को माँ की गाली। ये वही हैं जो पहले अफसरों की सिफारिश न सुनने पर हंगामा करते हैं और बाद में अपने बेटों को पद दिलाने पर अड़ जाते हैं।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

40,677फैंसलाइक करें
7,818फॉलोवर्सफॉलो करें
63,163सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: