‘जस्ट फ़क ऑफ़’ के साथ ‘स्टार प्रचारक’ मणिशंकर ब्रो की हुई वापसी, BJP में ख़ुशी की लहर

कुछ दिन पहले ही ऑपइंडिया तीखीमिर्ची सेल ने एक खुलासा करते हुए यह भी बताया था कि मणिशंकर अय्यर बालाकोट एयर स्ट्राइक में मसूद अजहर के साथ 'निकल नहीं लिए' हैं, बल्कि वो और मसूद अजहर दोनों ही एकदम सुरक्षित हैं। आज के उनके इस वायरल वीडियो ने इस तथ्य की पुष्टि भी कर डाली है।

लोकसभा चुनाव का अब आखिरी चरण बाकी है। ऐसे में भाजपा से लेकर कॉन्ग्रेस और सभी विपक्षी दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ये उम्मीद लगाकर चल रहे थे कि वो जरूर अभी कोई मास्टरस्ट्रोक खेलेंगे। कॉन्ग्रेस में सेम पित्रोदा और मणिशंकर अय्यर की जबरदस्त घरवापसी देखकर एक बार फिर यकीन हो गया है कि मास्टरस्ट्रोक खेला जा चुका है।

सोशल मीडिया पर मणिशंकर अय्यर का आज ही एक नया वीडियो ‘वायरल’ हुआ है, जिसको लेकर बुद्दिजीवी पत्रकारों में एकदम सन्नाटा देखने को मिला है। इस वीडियो में मणिशंक्कर अय्यर उनका इंटरव्यू लेने गए पत्रकारों को बस घूँसा ही नहीं मार पाए, बाकी अपनी ‘छुपी हुई’ प्रतिभा का जितना भी परिचय वो दे सकते थे, उन्होंने खुलकर दिया।

वायरल हो रहे इस वीडियो में मणिशंकर अय्यर की मानसिक स्थिति ठीक नजर नहीं आ रही है और वो पत्रकारों को धमकाते हुए कभी उन्हें घूँसा मारने का प्रयास करते नजर आ रहे हैं, तो कभी गाली उनकी जुबान पर आते-आते रुक रही है। लेकिन, आखिर मणिशंकर भी इंसान ही हैं और तमाम प्रयासों के बावजूद भी आखिर में उनके मुँह से वो चमत्कारी शब्द निकल गया जिसे अंग्रेजी में कहते हैं “फ़क ऑफ़!” हिंदी में यह बहुत ही गन्दी बात होती है और बेहद निंदनीय मानी जाती है। लेकिन, बहुमत की सरकार द्वारा चुने गए देश के प्रधानमन्त्री को ‘नीच’ कह देने वाले मणिशंक्कर अय्यर के लिए तो यह सब सामान्य बात नजर आती है।

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मणिशंकर अय्यर लगातार जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग प्रधानमंत्री के लिए करते आ रहे हैं, वो स्पष्ट रूप से लोकतंत्र को गाली दे रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि राजीव गाँधी के घोटाले का जिक्र कर देने भर से जिस मीडिया गिरोह को नींद नहीं आ रही है, उसे मणिशंकर अय्यर के ‘फ़क ऑफ़’ में भी गुलाब की महक आ रही है और वो लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ कहे जाने वाली पत्रकारिता को गाली देने वाले मणिशंकर को लेकर मौन है।

इस वीडियो में मणिशंकर अय्यर मीडिया से कह रहे हैं, “वो आपसे बात नहीं करते हैं क्योंकि वो डरपोक हैं। नरेंद्र मोदी के तीखे हमले आपने नहीं देखे हैं? उनसे जाकर सवाल कीजिए।” इसके बाद मणिशंकर अय्यर ने अपने दोनों हाथ हवा में उठाकर शानदार अभिनय प्रतिभा का भी परिचय दिया। हालाँकि, यह उनके अभिनय की सूक्ष्म झलक थी, फिर भी मनमोहक थी। इस अभिनय में यह प्रतीत हो रहा है मानो पत्रकारों ने उनसे सवाल करते-करते उनकी जोर से पूँगी बजा दी हो।

मीडिया द्वारा 23 मई के रिजल्ट के सवाल पर वो घूँसा बनाकर पत्रकार की तरफ आगे बढ़े और उनको चुप होने के लिए कहा। पत्रकारों ने उनसे जब निवेदन किया कि कृपया नाराज ना हों, इस पर मणिशंकर अय्यर ने खुलकर अपने मन की बात करते हुए बताया कि वो नाराज हो रहे हैं। इसके बाद मणिशंकर अय्यर ने घूँसा तानते हुए आपत्ति के स्वर में पत्रकार से बहुत ही मधुर स्वर में “जस्ट फ़क ऑफ़” कहकर इंटरव्यू को विराम दिया।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही ऑपइंडिया तीखीमिर्ची सेल ने एक खुलासा करते हुए यह भी बताया था कि मणिशंकर अय्यर बालाकोट एयर स्ट्राइक में मसूद अजहर के साथ ‘निकल नहीं लिए’ हैं, बल्कि वो और मसूद अजहर दोनों ही एकदम सुरक्षित हैं। आज के उनके इस वायरल वीडियो ने इस तथ्य की पुष्टि भी कर डाली है।

नोट : राजनेताओं द्वारा इस प्रकार की भद्दी और अश्लील भाषा का प्रयोग करना आम बात होती जा रही है और ऐसा प्रतीत हो रहा है कि नरेंद्र मोदी की छवि की धज्जियाँ उड़ाने के चक्कर में राहुल गाँधी के सिपाही उन्हीं की पार्टी की धज्जियाँ उड़ाने पर उतारू हो गए हैं। इस प्रकार की भाषा एक वरिष्ठ नेता को शोभा नहीं देती है और कम से कम मीडिया के सामने तो अपनी भाषाशैली पर लगाम लगाकर रखनी चाहिए। मणिशंकर अय्यर द्वारा कहे गए ‘फ़क ऑफ़’ की कड़ी निंदा की जानी चाहिए और अन्य नेताओं को भी इस प्रकार स्तरहीन टिप्पणियाँ करने से बचना चाहिए।

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