तेजस्वी यादव ने 9वीं से आगे न पढ़ने का मन ही संदीप माहेश्वरी की वो वीडियो देखकर बनाया था, जिसमें उन्होंने 10वीं में फेल होने के 101 फायदों के बारे में विस्तार से बताया है।
Laxmii फिल्म में तर्क और हॉरर तलाशना इसके बहिष्कार का कारण तलाशने से कहीं ज्यादा परेशान कर देने वाला काम है। जब फिल्म में कथा ही नहीं तो पटकथा का कैसा बहिष्कार?
वामपंथीऔर उदारवादियों को यदि किसी मजहब में ज्ञान देना ही है तो उन्हें उन मजहब से शुरुआत करनी चाहिए, जहाँ समाज को शिक्षित करने की सजा गला रेतने के रूप में मिलती है।
ऑल्टन्यूज ने चालाकी से मुद्दा तो हँसने का उठाया, लेकिन फैक्टचेक किसी और फोटो का किया जो एक दो लोग, इस कारण ही शेयर कर रहे थे कि उन्हें भी पता चला राहुल-प्रियंका हँसते हुए जा रहे थे।