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Jinit Jain

Jinit Jain is a journalist and commentator covering politics, national security, law, and socio-cultural issues, with a focus on in-depth reporting and fact-based analysis. His work examines public policy, governance, and current affairs, bringing complex developments into clear and accessible context for readers.

दिल्ली: केजरीवाल सरकार ने फ्री वैक्सीनेशन के लिए दिए ₹50 करोड़, पर महज तीन महीने में विज्ञापनों पर खर्च कर डाले ₹150 करोड़

दिल्ली में कोरोना के फ्री वैक्सीनेशन के लिए केजरीवाल सरकार ने दिए 50 करोड़ रुपए, पर प्रचार पर खर्च किए 150 करोड़ रुपए

IMA अध्यक्ष को ‘सेकुलर’ बनाने आया वायर-स्क्रॉल का कंट्रीब्यूटर, अस्पतालों को ‘धर्मांतरण का अड्डा’ बनाना चाहते हैं जयलाल

वामपंथी मीडिया पोर्टल द वायर, द स्क्रॉल में बतौर लेखक योगदान देने वाले किरण कुंभार ने IMA अध्यक्ष डॉ. जेए जयलाल के समर्थन में आवाज उठाई है।

#BanTandavNow: अमेज़ॉन प्राइम के हिंदूफोबिक प्रोपेगेंडा से भरे वेब-सीरीज़ तांडव के बहिष्कार की लोगों ने की अपील

अमेज़न प्राइम पर हालिया रिलीज सैफ अली खान स्टारर राजनीतिक ड्रामा सीरीज़ ‘तांडव’, जिसे निर्देशित किया है अली अब्बास ज़फ़र ने। अली की इस सीरीज में हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया गया है।

‘बिहार विधानसभा में आजादी के बाद पहली बार सत्ताधारी गठबंधन में एक भी मुस्लिम MLA नहीं’: जानें इस ‘वामपंथी प्रोपेगेंडा’ की वजह

बिहार विधानसभा में एनडीए में मुस्लिम विधायकों के न होने को लेकर गुमराह किया जा रहा है। क्योंकि ऐसा उम्मीदवारों की कमी की वजह से नहीं बल्कि उनके न जीतने की वजह से हैं।

वो यूनिवर्सिटी जहाँ से निकले ग्रैजुएट्स बनते हैं दुनिया के सबसे बड़े और खूंखार आतंकी

इमरान खान ने यहाँ के ग्रेजुएट और भविष्य के आतंकी नेताओं को पोषित करने के लिए आर्थिक सहायता का समर्थन किया था। 277 मिलियन रुपयों से...

जोधपुर में पुलिस कार्रवाई को ‘भारत का जॉर्ज फ्लॉयड मोमेंट’ बता खतरनाक एजेंडे को हवा दे रही मीडिया

भारतीय मीडिया जोधपुर में एक उपद्रवी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को सनसनी बनाकर पेश कर रही। उसे जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या की घटना से जोड़ रही।

UP में हवन और केरल में गौ-हत्या करने वाले के साथ भ्रमण कॉन्ग्रेस का नया ‘सेकुलरिज्म’ है

कॉन्ग्रेस का हिन्दू आस्था और उनके प्रतीकों के अपमान के प्रति आक्रोश महज एक दिखावा है। उनका मंदिर-मंदिर दौड़ लगाना भी केवल वोट बैंक को आकर्षित करने की कोशिश है जबकि बार-बार उनके व्यवहार से उनका हर झूठ बाहर आता रहता है। यह घटना नई नहीं है ऐसा पहले भी हो चुका है। एक गौहत्या करने वाले के साथ की उनकी तस्वीरें उनके चरित्र के दोहरेपन को उजागर करती हैं।