Tuesday, April 20, 2021
Home रिपोर्ट मीडिया जोधपुर में पुलिस कार्रवाई को 'भारत का जॉर्ज फ्लॉयड मोमेंट' बता खतरनाक एजेंडे को...

जोधपुर में पुलिस कार्रवाई को ‘भारत का जॉर्ज फ्लॉयड मोमेंट’ बता खतरनाक एजेंडे को हवा दे रही मीडिया

भारतीय मीडिया जोधपुर में एक उपद्रवी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को सनसनी बनाकर पेश कर रही। उसे जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या की घटना से जोड़ रही। जबकि दोनों घटना एकदम विपरीत है। बावजूद यह खतरनाक खेल खेला जा रहा।

अमेरिका के मिनियापोलिस में अफ्रीकी-अमेरिकी व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या ने हड़कंप मचा रखा है। अमेरिका के कई शहरों में प्रदर्शनकारियों ने नस्लीय भेदभाव के विरोध में सड़कों पर उतर प्रदर्शन किया।

अश्वेत अमेरिकी नागरिक फ्लॉयड की मौत के वीडियो ने दुनिया भर में कई हिंसक विरोध प्रदर्शन को जन्म दिया। हालाँकि, आरोपित पुलिसउस अधिकारी, डेरेक चाउविन को थर्ड-डिग्री हत्या और दूसरी डिग्री की हत्या के आरोप में निकाल दिया गया है।

फ्लॉयड की दुर्भाग्यपूर्ण मौत ने न केवल अमेरिका में, बल्कि दुनिया भर में विरोध प्रदर्शनों को अंजाम दिया, जहाँ प्रदर्शनकारी या तो अमेरिका में नस्लीय भेदभाव के शिकार लोगों के साथ एकजुटता के साथ विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं, या फिर अपने देशों में कथित असमानताओं का विरोध कर रहे हैं।

जॉर्ज फ़्लॉयड की मृत्यु की खबर से दुनियाभर में दहशत का माहौल है तो वहीं, भारतीय मीडिया राजस्थान की एक ऐसी घटना, जिसमें एक आरोपित ने पुलिसकर्मियों से मारपीट की, और अफ्रीकी-अमेरिकी की हत्या के बीच एक खतरनाक और बेहद अव्यवहारिक समानता को धरातल देने का काम कर रहा है।

पुलिसकर्मी की बर्बरता जॉर्ज फ्लॉयड की मौत की वजह बताई जा रही है

दरअसल एक उपद्रवी और पुलिस अधिकारियों के बीच हाथापाई का वीडियो, जिसमें पुलिसकर्मी ने इस आदमी को जमीन पर ऐंठ रखा है, इंटरनेट पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। भारत के कई मीडिया संस्थानों ने इस घटना को अमेरिका की घटना के साथ तुलना कर पेश किया, जहाँ अफ्रीकी-अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड को मिनियापोलिस के अधिकारियों द्वारा उनकी गर्दन सड़क पर घुटनों से दबाकर रखी, जिससे उनकी मौत हो गई।

‘टाइम्स नाउ’ चैनल ने इस घटना को ‘भारत के जॉर्ज फ्लॉयड क्षण’ के रूप में दिखाया, जिसमें दावा किया गया कि पुलिस ने एक व्यक्ति की गर्दन पर प्रहार करते हुए हमला किया।

टाइम्स नाउ से लिया गया स्क्रीनशॉट

ABP न्यूज चैनल ने भी पुलिस और इस व्यक्ति के बीच झड़प को भारत में ‘जॉर्ज फ्लॉयड जैसी घटना’ के रूप में दिखाकर पेश किया है।

ABP न्यूज़ ने इसे भारत का ‘जॉर्ज फ्लॉयड मोमेंट’ नाम दिया है

कई अन्य संगठनों ने भी झड़प के इस वीडियो, जो कि जोधपुर में पुलिस अधिकारियों और एक गुंडे के साथ हुई, की तुलना जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या वाले वीडियो से करने की कोशिश की है। यहाँ इस घटना का पूरा वीडियो है;

क्या है जोधपुर में पुलिस से झड़प वाले वीडियो की वास्तविकता

पुलिस के साथ झड़प की घटना का यह वीडियो राजस्थान के जोधपुर से संबंधित है। पुलिस के जवानों ने सोमाकरण नाम के व्यक्ति को सार्वजनिक स्थान पर बिना मास्क के पाया था। सार्वजनिक स्थानों पर मास्क न पहनने के कारण उसे गिरफ्तार कर लिया। मास्क पहनने के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने के लिए उसका चालान करने की कोशिश की।

लेकिन, इस आदमी ने पुलिस की बात मानने से इनकार करते हुए उनसे उलझ पड़ा, जैसा कि वायरल वीडियो में देखा जा सकता है। इस उपद्रवी तत्व द्वारा हमला किए जाने के बाद, पुलिस अधिकारियों ने सोमाकरण नाम के इस शख्स को नीचे गिरा दिया और उसे नियंत्रण में लाने के लिए उसकी गर्दन पर घुटने लगा दिए।

जॉर्ज फ्लॉयड और जोधपुर, ये दोनों घटनाएँ एकदम विपरीत हैं

भारतीय मीडिया द्वारा सनसनी बनाई जा रही यह घटना संयुक्त राज्य अमेरिका में जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के एकदम विपरीत है। फ्लॉयड ने पुलिस अधिकारियों को मारने के लिए हिंसक तरीके नहीं अपनाए। इसके बजाए, एक कानून का पालन करने वाले नागरिक की तरह ही फ्लॉयड ने पुलिस के निर्देशों का अनुपालन किया और फिर भी उनके साथ पुलिस ने दुर्व्यवहार किया, संभवतः जिस कारण उनकी मृत्यु हो गई।

अमेरिका में अश्वेतों के खिलाफ किए गए नस्लीय अपराधों का एक बड़ा इतिहास है। जॉर्ज फ्लॉयड अमेरिकी पुलिस द्वारा संस्थागत अफ्रीकी-अमेरिकी समुदाय के खिलाफ संस्थागत नस्लीय अत्याचार का शिकार था, जिसका अफ्रीकी अमेरिकी मूल के लोगों के खिलाफ बर्बरता बरतने का एक लंबा इतिहास रहा है।

इसके विपरीत, जोधपुर की घटना में पुलिस अधिकारियों द्वारा एक गलत काम करने वाले को रोकने की कोशिश करने का सन्दर्भ था, जिसने कोरोना वायरस महामारी के बीच न केवल लॉकडाउन संबंधी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया, बल्कि मानदंडों की अवहेलना के लिए दोषी ठहराए जाने पर उनके साथ मारपीट भी की।

यहाँ पर अंतर स्पष्ट है कि पुलिस ने जानबूझकर इस उपद्रवी के खिलाफ हमला नहीं बोला। उनके साथ मारपीट करने के बाद ही उन्हें इस व्यक्ति के खिलाफ कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर किया गया। इसके अलावा, अमेरिका में फ्लॉयड की मृत्यु ने एक बार फिर नस्लीय भेदभाव को सामने ला दिया, जो अमेरिकी समाज का कलंक रहा है।

जॉर्ज फ्लॉयड की मौत और जोधपुर की इस घटना के बीच समानता साबित करने का कुत्सित प्रयास सिर्फ और सिर्फ भारतीय मीडिया के प्रोपेगेंडा का हिस्सा है। राष्ट्र विरोधी लॉबी पीएम मोदी से गहरी नफरत के कारण निरंतर ऐसे मुद्दों को भड़काने के लिए तत्पर देखी गई है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

Jinit Jain
Engineer. Writer. Learner.

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कोरोना से लड़ाई में मजबूत कदम बढ़ाती मोदी सरकार: फर्जी प्रश्नों के सहारे फिर बेपटरी करने निकली गिद्धों की पाँत

गिद्धों की पाँत फिर से वैसे ही बैठ गई है। फिर से हेडलाइन के आगे प्रश्नवाचक चिन्ह के सहारे वक्तव्य दिए जा रहे हैं। फिर से श्मशान घाट की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही हैं। नेताओं द्वारा फ़र्ज़ी प्रश्न उठाए जा रहे हैं। शायद फिर उसी आकाँक्षा के साथ कि भारत कोरोना के ख़िलाफ़ अपनी लड़ाई हार जाएगा।

‘कॉन्ग्रेसी’ साकेत गोखले ने पूर्व CM के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत, शिवसेना नेता कहा- ‘फडणवीस के मुँह में डाल देता कोरोना’

शिवसेना के विधायक संजय गायकवाड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्‍होंने कहा है कि अगर उन्हें कहीं कोरोना वायरस मिल जाता, तो वह उसे भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस के मुँह में डाल देते।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 26 अप्रैल तक 5 शहरों में लगाए कड़े प्रतिबन्ध, योगी सरकार ने पूर्ण लॉकडाउन से किया इनकार

योगी आदित्यनाथ सरकार ने शहरों में लॉकडाउन लगाने से इंकार कर दिया है। यूपी सरकार ने कहा कि प्रदेश में कई कदम उठाए गए हैं और आगे भी सख्त कदम उठाए जाएँगे। गरीबों की आजीविका को भी बचाने के लिए काम किया जा रहा है।

वामपंथियों के गढ़ जेएनयू में फैला कोरोना, 74 छात्र और स्टाफ संक्रमित: 4 की हालत गंभीर

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली में भी कोविड ने एंट्री मार ली है। विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक 74 छात्र और स्टाफ संक्रमित पाए गए हैं।

‘मई में दिखेगा कोरोना का सबसे भयंकर रूप’: IIT कानपुर की स्टडी में दावा- दूसरी लहर कुम्भ और रैलियों से नहीं

प्रोफेसर मणिन्द्र और उनकी टीम ने पूरे देश के डेटा का अध्ययन किया। अलग-अलग राज्यों में मिलने वाले कोरोना के साप्ताहिक आँकड़ों को भी परखा।

‘कुम्भ में जाकर कोरोना+ हो गए CM योगी, CMO की अनुमति के बिना कोविड मरीजों को बेड नहीं’: प्रियंका व अलका के दावों का...

कॉन्ग्रेस नेता प्रियंका गाँधी ने CMO की अनुमति के बिना मरीजों को अस्पताल में बेड्स नहीं मिल रहे हैं, अलका लाम्बा ने सीएम योगी आदित्यनाथ के कोरोना पॉजिटिव होने और कुम्भ को साथ में जोड़ा।

प्रचलित ख़बरें

‘वाइन की बोतल, पाजामा और मेरा शौहर सैफ’: करीना कपूर खान ने बताया बिस्तर पर उन्हें क्या-क्या चाहिए

करीना कपूर ने कहा है कि वे जब भी बिस्तर पर जाती हैं तो उन्हें 3 चीजें चाहिए होती हैं- पाजामा, वाइन की एक बोतल और शौहर सैफ अली खान।

‘छोटा सा लॉकडाउन, दिल्ली छोड़कर न जाएँ’: इधर केजरीवाल ने किया 26 अप्रैल तक कर्फ्यू का ऐलान, उधर ठेकों पर लगी कतार

केजरीवाल सरकार ने 26 अप्रैल की सुबह 5 बजे तक तक दिल्ली में लॉकडाउन की घोषणा की है। इस दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त कर लेने का भरोसा दिलाया है।

SC के जज रोहिंटन नरीमन ने वेदों पर की अपमानजनक टिप्पणी: वर्ल्ड हिंदू फाउंडेशन की माफी की माँग, दी बहस की चुनौती

स्वामी विज्ञानानंद ने SC के न्यायाधीश रोहिंटन नरीमन द्वारा ऋग्वेद को लेकर की गई टिप्पणियों को तथ्यात्मक रूप से गलत एवं अपमानजनक बताते हुए कहा है कि उनकी टिप्पणियों से विश्व के 1.2 अरब हिंदुओं की भावनाएँ आहत हुईं हैं जिसके लिए उन्हें बिना शर्त क्षमा माँगनी चाहिए।

जिसने उड़ाया साधु-संतों का मजाक, उस बॉलीवुड डायरेक्टर को पाकिस्तान का FREE टिकट: मिलने के बाद ट्विटर से ‘भागा’

फिल्म निर्माता हंसल मेहता सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। इस बार विवादों में घिरने के बाद उन्होंने...

ईसाई युवक ने मम्मी-डैडी को कब्रिस्तान में दफनाने से किया इनकार, करवाया हिंदू रिवाज से दाह संस्कार: जानें क्या है वजह

दंपत्ति के बेटे ने सुरक्षा की दृष्टि से हिंदू रीति से अंतिम संस्कार करने का फैसला किया था। उनके पार्थिव देह ताबूत में रखकर दफनाने के बजाए अग्नि में जला देना उसे कोरोना सुरक्षा की दृष्टि से ज्यादा ठीक लगा।

रोजा वाले वकील की तारीफ, रमजान के बाद तारीख: सुप्रीम कोर्ट के जज चंद्रचूड़, पेंडिग है 67 हजार+ केस

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने याचिककर्ता के वकील को राहत देते हुए एसएलपी पर हो रही सुनवाई को स्थगित कर दिया।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,231FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe