मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने 500 को एक छोटी संख्या बताते हुए कहा कि न्यायपालिका और मीडिया के लोग भी लोकतंत्र के स्तम्भ हैं, ऐसे में उन्हें भी उपस्थित रहना ही होगा।
आशंका है कि वो फिर से उन्हें गतिविधियों में लिप्त हो जाएँगे जो न सिर्फ प्रदेश की सुरक्षा के लिए खतरा है बल्कि कानून-व्यवस्था को बनाए रखने में भी बाधक है।