"वाह कैफ जी वाह, बहुत खूब आप में और गैर इमान वालों में क्या फर्क है बता सकते हैं? अरे आपको चाहिए अपने परिवार को बोलते अल्लाह के सामने सजदा करो, दुआ माँगो, रो-रोकर दुआ माँगो और सुन्नत पे चलो। अल्लाह की बात छोड़ बजाय फेकू साहब की मान रहे हो, वाह।"
"चीन ने कोरोना वायरस को लेकर प्रारंभिक सूचना छिपाई, जिसकी सजा आज दुनिया भुगत रही है। अगर चीन ने इस आसन्न खतरे के बारे में पहले ही चेतावनी दे दी होती तो अमेरिका और पूरा विश्व इसके लिए ज्यादा बेहतर तरीके से तैयार होता।"
दिल्ली के हवाई अड्डे से घरेलू उड़ानों पर रोक के मुख्यमंत्री केजरीवाल की घोषणा के कुछ मिनटों बाद ही नागरिक उड्डयन के महानिदेशक (डीजीसीए) ने ट्वीट के जरिए साफ कर दिया है कि इंदिरा गाँधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से घरेलू फ्लाइट्स की उड़ानें जारी रहेंगी और एयरपोर्ट पहले की तरह काम करता रहेगा।
"लॉकडाउन के साथ यह खतरा है कि अगर हम मजबूत जन स्वास्थ्य की सुरक्षा हेतु जरूरी कदमों को प्रभाव में नहीं लाते हैं तो आवागमन आदि गतिविधियों पर लगी रोक और लॉकडाउन खत्म होते ही, इस वायरस के वापस लौटने की आशंका बनी रहेगी।"
कुछ दिन पहले ही शेहला ने ट्वीट के जरिए नरेन्द्र मोदी के समर्थन में चंद शब्द लिखे थे, लेकिन अब ऐसे ट्वीट्स की मात्रा बढ़ती जा रही है, जिसने लिबरल्स की परेशानियाँ बढ़ा दी हैं।
दक्षिण चीन में हुए रैपिड विकास के कारण वहाँ एनिमल प्रोटीन की माँग बहुत बढ़ चुकी है। इसमें रात्रिचर स्तनपाई civet (छोटे-पतले आकार के स्तनपाई) जैसे विदेशज जानवर भी शामिल हैं। इन्हें पिंजड़ों में ठूँस-ठूँस कर भर दिया जाता है। लोग बड़े चाव से...
इस तरह देखें तो लॉकडाउन की वैसे तो कोई ठीक-ठीक परिभाषा मौजूद नहीं है, लेकिन आमतौर पर संक्रमण को रोकने के लिए सरकारें इस तरह के कदम उठाती हैं। लॉकडाउन में सरकार का लक्ष्य यह होता है कि लोग यहाँ-वहाँ कम आएँ-जाएँ। जनता का आवागमन बाधित हो, जिससे संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
22 मार्च की सुबह से ही जनता कर्फ्यू के सन्नाटे के बावजूद भी कुछ लोगों ने आरती और शंख ध्वनियाँ शुरू कर दी थीं लेकिन शाम पाँच बजते ही मानो पूरा भारत एक मंदिर में तब्दील हो गया। यह पल इतना भावुक कर देने वाला था कि जिन लोगों ने यह पल महसूस किया है वो शायद ही कभी इसे भूल पाएँगे।