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ऑपइंडिया स्टाफ़

कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

भाभी के साथ ट्रेन पर थाली-ताली बजाओ… बहुत पैसे मिलेंगे’ – कैफ ने मानी PM मोदी की बात, कट्टरपंथी दे रहे गाली

"वाह कैफ जी वाह, बहुत खूब आप में और गैर इमान वालों में क्या फर्क है बता सकते हैं? अरे आपको चाहिए अपने परिवार को बोलते अल्लाह के सामने सजदा करो, दुआ माँगो, रो-रोकर दुआ माँगो और सुन्नत पे चलो। अल्लाह की बात छोड़ बजाय फेकू साहब की मान रहे हो, वाह।"

अमेरिका में 24 घंटे में 100 से अधिक मौतें, सेनेटर (सांसद) रैंड पॉल भी कोरोना वायरस से संक्रमित

"चीन ने कोरोना वायरस को लेकर प्रारंभिक सूचना छ‍िपाई, जिसकी सजा आज दुनिया भुगत रही है। अगर चीन ने इस आसन्न खतरे के बारे में पहले ही चेतावनी दे दी होती तो अमेरिका और पूरा विश्व इसके लिए ज्यादा बेहतर तरीके से तैयार होता।"

दिल्ली से घरेलू फ्लाइट्स की उड़ानें जारी रहेंगी: केजरीवाल के फैसले के बाद DGCA ने किया कंफ्यूजन दूर

दिल्ली के हवाई अड्डे से घरेलू उड़ानों पर रोक के मुख्यमंत्री केजरीवाल की घोषणा के कुछ मिनटों बाद ही नागरिक उड्डयन के महानिदेशक (डीजीसीए) ने ट्वीट के जरिए साफ कर दिया है कि इंदिरा गाँधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से घरेलू फ्लाइट्स की उड़ानें जारी रहेंगी और एयरपोर्ट पहले की तरह काम करता रहेगा।

सिर्फ लॉकडाउन से नहीं हारेगा कोरोना, हर रोगी को खोजने पर फोकस करना होगा: WHO इमरजेंसी एक्सपर्ट

"लॉकडाउन के साथ यह खतरा है कि अगर हम मजबूत जन स्वास्थ्य की सुरक्षा हेतु जरूरी कदमों को प्रभाव में नहीं लाते हैं तो आवागमन आदि गतिविधियों पर लगी रोक और लॉकडाउन खत्म होते ही, इस वायरस के वापस लौटने की आशंका बनी रहेगी।"

‘बिक गई है शेहला, मोदी ने सस्ते में खरीदा’: जनता कर्फ्यू समर्थन के कारण लेफ्ट-लिबरल ट्रोल्स के निशाने पर

कुछ दिन पहले ही शेहला ने ट्वीट के जरिए नरेन्द्र मोदी के समर्थन में चंद शब्द लिखे थे, लेकिन अब ऐसे ट्वीट्स की मात्रा बढ़ती जा रही है, जिसने लिबरल्स की परेशानियाँ बढ़ा दी हैं।

स्तनधारी जीवों को खाने की चायनीज फूड हैबिट टाइम बम के समान: 12 साल पहले रिसर्च पेपर ने किया था आगाह

दक्षिण चीन में हुए रैपिड विकास के कारण वहाँ एनिमल प्रोटीन की माँग बहुत बढ़ चुकी है। इसमें रात्रिचर स्तनपाई civet (छोटे-पतले आकार के स्तनपाई) जैसे विदेशज जानवर भी शामिल हैं। इन्हें पिंजड़ों में ठूँस-ठूँस कर भर दिया जाता है। लोग बड़े चाव से...

6 पॉइंट में समझें क्या होता है लॉकडाउन? आखिर क्यों इससे घबराने की जरूरत नहीं

इस तरह देखें तो लॉकडाउन की वैसे तो कोई ठीक-ठीक परिभाषा मौजूद नहीं है, लेकिन आमतौर पर संक्रमण को रोकने के लिए सरकारें इस तरह के कदम उठाती हैं। लॉकडाउन में सरकार का लक्ष्य यह होता है कि लोग यहाँ-वहाँ कम आएँ-जाएँ। जनता का आवागमन बाधित हो, जिससे संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

जनता कर्फ्यू: जब एक घंटे के लिए पूरा देश मंदिर में तब्दील हो गया

22 मार्च की सुबह से ही जनता कर्फ्यू के सन्नाटे के बावजूद भी कुछ लोगों ने आरती और शंख ध्वनियाँ शुरू कर दी थीं लेकिन शाम पाँच बजते ही मानो पूरा भारत एक मंदिर में तब्दील हो गया। यह पल इतना भावुक कर देने वाला था कि जिन लोगों ने यह पल महसूस किया है वो शायद ही कभी इसे भूल पाएँगे।