पुलिस ने चॉंदबाग में दंगों के दौरान मूसा के फोन को सर्विलांस पे रखा था। बातचीत में मुल्ला का नाम सामने आया था। जब मुल्ला का फोन सर्विलांस पर लिया गया तो वह किसी से बात करते हुए सुनाई पड़ा- हमने एक को गोद दिया।
दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने 4 मार्च को सेंगर समेत 7 लोगों को इस मामले में दोषी करार दिया था। सेंगर के साथ ही अन्य दोषियों को भी 10 साल की सजा सुनाई गई है। पीड़िता के पिता की मृत्यु 9 अप्रैल 2018 को पुलिस हिरासत में हो गई थी।
सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने के बाद ईओडब्ल्यू ने जमीन घोटाले की फिर से जाँच शुरू की है। 10 हजार करोड़ रुपए के इस मामले की पहली बार जॉंच शिवराज सरकार के जमाने में हुई थी। सबूत न मिलने पर फाइल बंद कर दी गई थी।
दंगाइयों ने हिंदुओं, उनके शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक स्थलों, दुकानों, घरों, वाहनों को चुन-चुनकर निशाना बनाया था। पहले से तैयार पेट्रोल बम, गुलेल, ईंट-पत्थर आदि बताते हैं कि यह अचानक नहीं हुआ।
तनवीर और गुलफाम दंगों में शामिल थे। इनके पास से कई मोबाइल फोन मिले हैं जिन्हें जॉंच के लिए फॉरेंसिक विभाग को भेज दिया गया है। इससे पहले अंकित शर्मा की हत्या के मामले में सलमान को गिरफ्तार किया गया था।
“दिल्ली में हुए दंगों की जाँच पड़ताल में सोशल मीडिया में 60 ऐसे अकाउंट मिले हैं जो 22 फरवरी को शुरू हुए और 26 फरवरी को बंद हो गए। अगर ये लोग सोचते हैं कि अकाउंट बंद करके वो बच जाएँगे तो मैं बता दूँ कि वो जहाँ पर भी हैं पुलिस उनको ढूँढ निकालेगी।”
"प्राकृतिक आपदा से किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। इसके बाद भी पीड़ित किसानों का दर्द नहीं सुना जा रहा है। मंत्रियों को टाइट करने की जरूरत है। साथ ही उन दो-तीन विधायकों को भी जो खुद को मुख्यमंत्री से भी ऊपर समझ रहे हैं।"