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ऑपइंडिया स्टाफ़

कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

कॉन्ग्रेस की पूर्व पार्षद इशरत जहाँ गिरफ्तार: भड़का रही थी दंगे, माँग रही थी आज़ादी

इशरत जहाँ ने भड़काऊ भाषण देते हुए कहा था- "हम मर भी जाएँ लेकिन यहाँ से नहीं हटेंगे। हम आज़ादी लेकर रहेंगे।" इशरत के समर्थक खालिद ने भीड़ से पुलिस पर पत्थरबाजी करने को कहा था। साबू अंसारी उस भीड़ का नेतृत्व कर रहा था, जिसने पुलिस पर पत्थरबाजी की।

खुद को भारत में सुरक्षित महसूस करता हूँ, भारतीयों से CAA का कोई संबंध नहीं: अदनान सामी

“मुस्लिम होने के नाते मैं भारत में सुरक्षित महसूस करता हूँ। यह भारत में असुरक्षित महसूस करने वाले हर व्यक्ति के प्रश्न का उत्तर है।”

JNU छात्र संघ ने दंगा ‘पीड़ितो’ को कैंपस में बुलाया, प्रशासन ने चेताया

धुर वामपंथी संगठनों के प्रभाव वाले छात्र संघ ने पोस्टर जारी कर कहा था, “हमारा कैंपस/JNUSU ऑफिस उन सभी लोगों के लिए खुला है, जिन्हें आश्रय की जरूरत है।” पोस्टर में 4 लोगों के नाम और नंबर भी थे। ये नाम हैं- आइशी घोष, साकेत मून, सतीश चंद्र और दानिश।

मजहबी भीड़ ने फूँक दी दुकान, ‘श्याम चाय वाले’ की मदद के लिए आएँ आगे, ये रहे बैंक डिटेल्स

24 फरवरी को हिंसा भड़कने के बाद श्याम दुकान बंद ही कर रहे थे कि दंगाइयों की भीड़ अचानक से पत्थरबाजी करती हुई आई। दंगाइयों ने पहले लूटपाट और तोड़फोड़ की। इसके बाद दुकान को आग के हवाले कर दिया।

पुलवामा के फिदायीन आदिल अहमद डार को शाकिर ने दी थी पनाह, NIA ने किया गिरफ्तार

शाकिर ने 2018 के अंत से फरवरी 2019 तक अपने घर में आदिल अहमद डार और पाकिस्तानी आतंकवादी मोहम्मद उमर फारूक को शरण दी थी। विस्‍फोटक जुटाने में मदद की थी। इस हमले 40 जवान बलिदान हो गए थे।

कन्हैया कुमार और उसके साथियों पर चलेगा देशद्रोह का केस: टुकड़े-टुकड़े गैंग पर कसा शिकंजा

कन्हैया कुमार और उसके साथियों के खिलाफ बीते साल जनवरी में ही पुलिस ने आरोप पत्र दायर किया था। लेकिन केजरीवाल सरकार फाइल पर कुंडली मारे बैठी थी। दबाव बढ़ने पर अब उसने देशद्रोह का केस चलाने को मॅंजूरी दे दी है।

‘आतंकियों से ताहिर हुसैन के लिंक की जाँच कर रहे थे IB के अंकित शर्मा, इसलिए कर दी गई हत्या’

अंकित शर्मा को दंगाई घसीटकर ताहिर के घर में ले गए थे और उनकी निर्मम हत्या कर दी थी। उनका शव नाले से बरामद किया गया था। उन्हें 400 से ज्यादा बार चाकुओं से गोदा गया था।

दिल्ली दंगा: … जब जान बचाने के लिए 9 और 5 साल के बच्चों को प्रीति ने छत से नीचे फेंका

यमुना विहार में दंगाइयों ने प्रीति के घर को घेर रखा था। पेट्रोल बम फेंका। घर में आग लग गई। अंदर प्रीति अपने पति और दो बच्चों के साथ फॅंसी थी। आज भी प्रीति उस वक्त को याद कर सिहर जाती हैं। आँखों में मौत का खौफ दिखाई देता है और गला भर आता है।