"हिन्दुस्तान की हुकूमत ने नागरिकता संशोधन बिल वापस नहीं लिया तो गलियों में खून बह जाएगा। दंगे-फसाद हो जाएँगे। हम अल्लाह के बंदे हैं, जो कह देते हैं, वो हो जाता है।"
केरल के आर्थिक विभाग ने एक आरटीआई के जवाब में बताया है कि करुणा म्यूजिक कॉन्सर्ट के नाम पर कोच्चि म्यूजिक फाउंडेशन की ओर से किसी तरह की कोई डोनेशन CMDRF को प्राप्त नहीं हुई है।
"साल 1855 के दंगों में 75 मुस्लिम मारे गए थे और सभी को यहीं दफन किया गया था। ऐसे में क्या राम मंदिर की नींव मुस्लिमों की कब्र पर रखी जा सकती है? इसका फैसला ट्रस्ट के मैनेजमेंट को करना होगा।"
इस कार्यक्रम का मकसद देश के व्यस्ततम 400 रेलवे स्टेशनों पर तेज गति से फ्री पब्लिक वाईफाई सुविधा उपलब्ध करवाना था। इस प्रोजेक्ट को 2020 के मध्य तक पूरा किया जाना था। जून 2018 में ही यह लक्ष्य पूरा हो गया था।
मोहम्मद शहंशाह और एस सौम्या ने निकाह के दौरान रस्में निभाने की बजाए सीएए और एनआरसी के विरोध की शपथ ली। शहंशाह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उसे ये निकाह तो कबूल है लेकिन सीएए कबूल नहीं है। कई प्रदर्शनकारी निकाह के दौरान मौजूद थे।
मृतक की पत्नी हैंडपप से पानी लेकर बर्तन धो रही थी। कथित तौर पर रेंजर ने जातिसूचक गाली देनी शुरू कर दी। इसका विरोध करने पर एक महिला अधिकारी ने सरोज की बेटी को बाल पकड़ घसीटना शुरू कर दिया। यह देख बीच-बचाव के लिए सरोज का पति दौड़ा, जिसकी गोली मार हत्या कर दी गई।
"पुलिसकर्मियों पर हमले किए जाने को कभी सही नहीं ठहराया जा सकता है। वर्दी में ड्यूटी पर लगे पुलिसवालों पर हमले करने के पक्ष में मैं कोई भी तर्क बर्दाश्त नहीं करूँगा। मैं तो कहता हूँ कि इसके बचाव में कोई तर्क हो ही नहीं सकता।"
मदरसे मजहबी तालीम के केंद्र हैं। अमूमन इसमें मुस्लिम समुदाय के बच्चे ही पढ़ते हैं। लेकिन, बंगाल में हिंदू बच्चों की तादाद भी अच्छी-खासी है और वह साल दर साल आश्चर्यजनक तौर पर बढ़ रही है। आखिर इसकी वजह क्या है?