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ऑपइंडिया स्टाफ़

कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

पूर्व कॉन्ग्रेसी अब्दुल करीम लड़ेगा पार्षदी का चुनाव, दलित की दिनदहाड़े हत्या में था शामिल

नलगोंडा पुलिस ने हत्या के मामले में जून में 1600 पन्नों की चार्जशीट दायर की थी। इसमें प्रणय की हत्या करने की योजना के पूरे घटनाक्रम को बताया गया था। लेकिन, इस मामले में कोई मुक़दमा शुरू नहीं हुआ।

AMU के वीसी तारिक मंसूर को जान का खतरा, DGP से लगाई सुरक्षा की गुहार

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय 13 जनवरी को खुलने वाला है। इससे पहले वाइस चांसलर ने खुद और अपने परिवार के ऊपर जान का खतरा बताया है। उन्होंने कैंपस में फिर से हिंसा की आशंका जताई है।

‘पोस्टर से जुटाओ बड़े हिंदू नेता की जानकारी, फिर हमला कर मार दो’ – पकड़ाए 3 आतंकियों का खुलासा

तीनों आतंकी आपस में बातचीत करने के लिए ऐसे ऐप का इस्तेमाल करते थे, जिसमें कम्युनिकेशन खत्म होते ही टेक्स्ट अपने-आप डिलीट हो जाते थे। इन्हें शहर की दीवारों पर लगे पोस्टरों से बड़े नेताओं की जानकारी जुटानी थी।

शेखी बघारने के लिए ख़ुद को बताया ABVP का सदस्य: इंडिया टुडे को दिए बयान से पलटा JNU छात्र अक्षत

इंडिया टुडे के स्टिंग ऑपरेशन में खुद को ABVP का बताने वाला JNU का छात्र अक्षत अपने ही बयान से पलट गया है। उसने कहा है कि मैंने शेखी बघारने के लिए झूठ बोला था। उसने कहा है कि इंडिया टुडे के रिपोर्टर ने ही झूठ बोला था।

सऊदी अरब से आई कुरान: कोच्चि में होगी नीलामी, 21 जनवरी को लगाएँ बोली

विदेश में अत्याधुनिक प्रेस में छपी कुरान 6 महीने से लावारिस पड़ी हैं। इन्हें मलप्पुरम के दारुल उलूम अरबी कॉलेज के प्रिंसिपल अब्दुल सलाम ने मॅंगवाया था। उनका कहना है कि गरीबों के बीच बॉंटने के लिए कुरान मॅंगवाई गई थी।

जिसके साथ घर बसाना चाहती थी आरती, उसी बॉयफ्रेंड मोहम्मद शाहिद ने गला रेत कर मार डाला

शाहिद ने आरती को अपने घर पर बुलाया। किसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस हो गई। इसके बाद शाहिद ने युवती का गला काट दिया। बताया जाता है कि दोनों दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में भी रह चुके थे।

JNU पर सुब्रह्मण्यम स्वामी का प्लान: 2 साल चले ‘सफाई अभियान’, जवानों को करो तैनात

बकौल स्वामी सिर्फ दिल्ली पुलिस से जेएनयू में बात नहीं बनेगी। वहॉं बीएसएफ और सीआरपीएफ के जवानों की तैनाती की जानी चाहिए। साथ ही यूनिवर्सिटी का नाम बदल कर सुभाष चंद्र बोस विश्वविद्यालय कर दिया जाना चाहिए।

हिंदू बनकर छिपा था दाऊद इब्राहिम का शूटर एजाज, आधार कार्ड बनवाने जा रहा था दरभंगा

अक्षय प्रीतमदास भाटिया, मनीष आडवाणी... जैसे कई नामों के सहारे एजाज करीब 22 साल तक पुलिस और खुफिया एजेंसियों की आँख में धूल झोंकता रहा। इस दौरान उसने नाम ही नहीं बदले। रूप-रंग और जीवनशैली भी नाम के अनुसार बदली।