ये ऐसा पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी मुरादाबाद के सिविल लाइन से एक मामला सामने आया था। जहाँ काउंसलिंग के बाद तीन बीवियाँ आपसी विवाद भुलाकर अपने शौहर के साथ रहने के लिए तैयार हो गईं थीं।
अस्पताल में मासूमों की मौत के बीच राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार का असंवेदनशील चेहरा फिर आया सामने। कहा- PMO के इशारे पर भाजपा कर रही सियासत। बच्चों की मौत से दबाना चाहती है CAA का विरोध।
औरों की तरह वह महिला भी नए साल की पूर्व संध्या पर पोप का ब्लेसिंग्स लेने ही पहुॅंची थी। लेकिन, कुछ ऐसा हुआ जिसने न केवल उसकी महिला को बल्कि जिसने भी यह घटना देखी वह स्तब्ध रह गया।
नए साल पर इसरो चीफ के. सिवन ने लक्ष्य और योजनाओं का खाका पेश किया। साथ ही बताया कि चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर बहुत अच्छा काम कर रहा है। यह अभी अगले 7 साल तक काम करता रहेगा।
20 दिन की उम्मी हबीबा को उसकी ही अम्मी ने कड़ाके के ठंड में मोदी विरोध की आग में झोंक दिया है। वामपंथी उस पर हाथ सेंक रहे। जबकि यही उम्मी बड़ी होगी तो पूछेगी- बिना कानून पढ़े, किसके उकसाने पर मेरी जान को खतरे में डाल आई थी?
अब स्थिति सामान्य है। लेकिन गाँव वाले फ्लैगमार्च निकालकर अपना विरोध दिखा रहे हैं। मामले के संबंध में 3 युवकों को गिरफ्तार किया गया है। मगर रिपोर्ट अभी किसी के ख़िलाफ़ दर्ज नहीं हुई हैं