“इस तरह का निर्णय स्वतंत्र भारत के इतिहास का काला धब्बा है। ऐसी स्थिति में हम संबंधित न्यायाधीशों से किसी भी बेहतर फैसले की उम्मीद नहीं कर सकते, बल्कि आगे और नुकसान होने की संभावना है। इसलिए कार्य समिति का मानना है कि समीक्षा याचिका दायर करना लाभदायक नहीं होगा।”
"सरकार को जब जैसा मन करता है उस हिसाब से हमारे साथ व्यवहार करती है। इससे अच्छा है सरकार हमें ट्रांसजेडर घोषित कर दे। हम न इधर के रह गए हैं और न उधर के रह गए हैं। यही हमारी स्थिति बन गई है।"
''मुस्लिमों को शेर बनना होगा ताकि कोई चायवाला उनके सामने खड़ा न हो। मैं अपने लोगों से कहता हूँ कि आप लोग इतने परेशान हैं... परेशान मत हो। नौजवानों मैं आपसे कहूँगा कि जो हम यहाँ करेंगे, उसके बदले में जन्नत या जहन्नूम मिलेगी। शहीद जन्नतों की जन्नत जाता है। तुम सिर्फ़ अल्लाह का नाम लो।''
अमित शाह ने अपनी जनसभा में झारखण्ड के आदिवासियों के लिए सरकार द्वारा चलाई गई योजनाओं का भी ज़िक्र किया। शाह बोले कि उनकी सरकार ने इन 5 सालों में आदिवासियों का गौरव बढ़ाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी।
भारत के सीमवर्ती इलाकों में रह रहे इन हिन्दुओं को राजस्थान पुलिस पाकिस्तान भेजने की तैयारी में है। एक कट्टर इस्लामिक देश होने के चलते पाकिस्तान में हिन्दुओं पर अत्याचार चरम पर हैं। यह सभी परिवार धार्मिक वीसा के बहाने यहाँ इसी लिए रुके थे क्योंकि पाकिस्तान में हिन्दुओं को सिर्फ यातनाएँ ही मिलती हैं।
"प्रिय विशाल मोदी के प्रति घृणा ने आपको अंधा कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप आप हिदू विरोधी, हिंदुओं से घृणा करने वाले बन गए हैं, जिस वजह से आपको सुप्रीम कोर्ट का राम मंदिर पर फैसला असंतोषजनक लग रहा है। शर्म आनी चाहिए आपको।"
मीडिया के इस वर्ग की सबसे बड़ी दिक्कत यही है कि इसके लोग अपने से भिन्न विचार वाले इंसान को देखना तक नहीं चाहते। इनके मुताबिक मुख्यधारा की चर्चाओं में एक आम नागरिक के लिए कोई जगह नहीं है, चर्चा का यह मंच सिर्फ और सिर्फ इलीट क्लब के लोगों का एकाधिकार है। यही कारण है कि सुप्रीम कोर्ट में ऑपइंडिया की खबर का ज़िक्र हुआ- यह सुनकर उनके कान खड़े हो गए।
इसे झेलने वाले यूज़र ने अपने खुद के अनुभव से बताया कि कैसे नाले और सीवर का यह पानी घरों में पानी पहुँचाने वाले पाइप के ज़रिए टंकी तक में भर जाता है। यह पानी एकदम गन्दा, दुर्गन्ध वाला और काला होता है।