Friday, July 10, 2020
Home सोशल ट्रेंड सुप्रीम कोर्ट पहुँची ऑपइंडिया की रिपोर्ट: लिबरल्स को आया रोना, सोशल मीडिया पर...

सुप्रीम कोर्ट पहुँची ऑपइंडिया की रिपोर्ट: लिबरल्स को आया रोना, सोशल मीडिया पर मचाया हाय-तौबा

सुप्रीम कोर्ट में ऑपइंडिया की रिपोर्ट के आधार पर सॉलिसिटर जनरल का अपनी दलील पेश करना लिबरल्स को पसंद नहीं आया क्योंकि इस रिपोर्ट में उन्हीं की फैलाई फेक न्यूज़ का खंडन किया गया था। जबकि लिबरल्स के मुताबिक फेक न्यूज़ वह होती है जिसे वह नापसंद करते हैं और देखना नहीं चाहते।

ये भी पढ़ें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

5 अगस्त को कश्मीर पर भारत सरकार द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय के बाद वामपंथी मीडिया गिरोह ने इसे लेकर भ्रान्तियाँ फैलाना शुरू कर दिया था। इन गिरोहों द्वारा फैलाए जा रहे झूठ और फेक न्यूज़ को लेकर सुप्रीम कोर्ट की एक सुनवाई में भारत सरकार ने इनका खंडन करते हुए ऑपइंडिया की एक रिपोर्ट पेश की ।

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान भारत के सॉलिसिटर जनरल ने ऑपइंडिया की मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए अपनी बात रखी। इस दौरान वे द-वायर और इंडिया स्पेंड जैसी वेबसाइट द्वारा कश्मीर पर फैलाए जा रहे झूठ पर अपनी बात रख रहे थे। इस दौरा सॉलिसिटर जनरल द्वारा ऑपइंडिया का हवाला देने की बात सुनते ही वामपंथी मीडिया वर्ग को बड़ा झटका महसूस हुआ।

मीडिया के इस वर्ग की सबसे बड़ी दिक्कत यही है कि इसके लोग अपने से भिन्न विचार वाले इंसान को देखना तक नहीं चाहते। इनके मुताबिक मुख्यधारा की चर्चाओं में एक आम नागरिक के लिए कोई जगह नहीं है, चर्चा का यह मंच सिर्फ और सिर्फ इलीट क्लब के लोगों का एकाधिकार है। यही कारण है कि सुप्रीम कोर्ट में ऑपइंडिया की खबर का ज़िक्र हुआ- यह सुनकर उनके कान खड़े हो गए।

झूठ की फैक्ट्री ‘एनडीटीवी’ की एंकर निधि राजदान ने इस पर आरोप लगाते हुए कहा कि सॉलिसिटर जनरल ने फेक न्यूज़ वेबसाइट का हवाला दिया है। हालाँकि, सच्चाई यह है कि एनडीटीवी खुद कई बार झूठ फैलाते पकड़ा गया है। इस सम्बन्ध में एनडीटीवी की कथित निष्पक्षता की कई रिपोर्ट ऑपइंडिया वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। पूरे एनडीटीवी कुनबे की नींव ही फेक न्यूज़ फ़ैलाने पर टिकी है। दरअसल, इस कुनबे के अनुसार फेक न्यूज़ की परिभाषा ही बदल जाती है। निधि राजदान के ही मुताबिक “वह जिस न्यूज़ को दबाना चाहते हैं वही फेक न्यूज़ है।” उसके लिए खबर का पूरी तरह से झूठा होना मायने नहीं रखता। फेक न्यूज़ फैलाने के बावजूद हद तो तब हो जाती है जब एनडीटीवी खुद फेक न्यूज़ पर ही एक डिबेट रखता हैं।

अकेले निधि ही नहीं, अशोक स्वेन भी उनमें से हैं जिन्हें ऑपइंडिया की खबर से मिर्ची लगी है। यह स्वेन वही हैं जो लिबरल्स की भीड़ इकठ्ठा करने के लिए जाने जाते हैं। अशोक जो खुद नफरत फैलाने के लिए जाने जाते हैं मगर उन्होंने ऑपइंडिया वेबसाइट को फेक न्यूज़ वेबसाइट बताया है।

इनके अलावा गालीबाज ट्रोल स्वाति चतुर्वेदी ने भी इस मसले पर ऑपइंडिया को घेरने की कोशिश की। उन्होंने सॉलिसिटर जनरल के कदम को ही Utter Lunacy यानी गन्दी हरकत बता दिया। स्वाति चतुर्वेदी का इतिहास खंगालें तो असल में फेक न्यूज़ फैलने की महारथी रही हैं, इन्हें गाली बकने के लिए जाना जाता रहा है। एक बार तो स्वाति ने पीएम मोदी की फोटोशॉप की हुई फोटो तक ट्वीट कर दी थी। इस फोटो में पीएम मोदी को अरबी पोषक पहने दिखाया गया था। इन्होने दावा किया था कि संसद में कार्रवाई के दौरान अमित शाह सो रहे थे, बाद में उनका यह दावा झूठा साबित हुआ। इतना ही नहीं, स्वाति चतुर्वेदी पर प्लेजियरिज्म यानी साहित्य चोरी के भी आरोप हैं। वहीं फैक्ट्स प्रकाशित करने पर स्वाति ने ऑपइंडिया को ही मानहानि का नोटिस भेज दिया था।

सुप्रीम कोर्ट में ऑपइंडिया का हवाला दिए जाने से जिन लोगों को धक्का लगा उनमें द वायर की पत्रकार रोहिणी सिंह भी हैं। रोहिणी ने भी एक रीट्वीट के ज़रिए अपनी कुंठा व्यक्त की। यह द वायर की वही रोहिणी सिंह हैं जिन्हें अमित शाह के बेटे जय शाह ने कोर्ट में चुनौती दे डाली थी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने ऑपइंडिया की इस रिपोर्ट को उस पीत-पत्रकारिता का अंग तक नहीं माना जो सिर्फ दर्शकों को लुभाने के उद्देश्य से बनाई जाती है। बता दें कि वायर फेक न्यूज़ फ़ैलाने के मामले में कभी पीछे नहीं रहा।

ऑपइंडिया की रिपोर्ट का हवाला दिए जाने से परेशान लोगों की लिस्ट में एक नाम तहसीन पूनावाला का भी है। दरअसल पूनावाला के लिखे का खंडन ऑपइंडिया की ही रिपोर्ट में मौजूद था, पूनावाला की उदासी की एक वजह यह भी हो सकती है।

इसके बाद नाम आता है विजेता सिंह का, विजेता सिंह जिन्हे रेवेन्यु और प्रॉफिट यानी राजस्व और मुनाफे के बीच का फर्क भी मालूम नहीं है। हैरानी की बात यह है कि विजेता सिंह द हिन्दू के लिए काम करती हैं जो खुद तथ्यों को तोड़ मरोड़ और उलझा कर पेश करने के लिए जानी जाती हैं। विजेता पर खुद भी यह आरोप हैं कि उन्होंने भी कई बार भ्रामक जानकारी फैलाई है

सुप्रीम कोर्ट में ऑपइंडिया की रिपोर्ट के आधार पर सॉलिसिटर जनरल का अपनी दलील पेश करना लिबरल्स को पसंद नहीं आया क्योंकि इस रिपोर्ट में उन्हीं की फैलाई फेक न्यूज़ का खंडन किया गया था। जबकि लिबरल्स के मुताबिक फेक न्यूज़ वह होती है जिसे वह नापसंद करते हैं और देखना नहीं चाहते। जो उनके फैलाए झूठ का भंडाफोड़ करे, यह लोग उसपर फेक न्यूज़ फ़ैलाने का आरोप लगाए बगैर रह नहीं पाते।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

ख़ास ख़बरें

महिलाओं को बंधक बनाकर फरीदाबाद में रुका था विकास दुबे, बोले लल्लन वाजपेयी- सदियों बाद आज़ाद हुए

कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद विकास दुबे ने साथियों संग फरीदाबाद के एक घर में शरण ली थी।

Tiktok समेत 59 प्रतिबंधित चीनी एप को सरकार ने भेजे 70 सवाल, 22 जुलाई तक देना होगा जवाब

प्रतिबंध लगाने के बाद भारत सरकार टिकटॉक समेत 59 चीनी एप को 70 सवालों की सूची के साथ नोटिस भेजा है।

व्यंग्य: विकास दुबे एनकाउंटर पर बकैत कुमार की प्राइमटाइम स्क्रिप्ट हुई लीक

आज सुबह खबर आई कि एनकाउंटर हो गया। स्क्रिप्ट बदलनी पड़ी। जज्बात बदल गए, हालात बदल गए, दिन बदल गया, शाम बदल गई!

मोदी सरकार ने प्लास्टिक कचरे से सड़क बना बचाए ₹3000000000, डबल करने का है इरादा: जानिए कैसे हुआ मुमकिन

2016 में मोदी सरकार ने इस पहल की आधिकारिक तौर पर घोषणा की थी। इसके बाद से प्लास्टिक कचरे से 11 राज्यों में करीब 1 लाख किमी लंबी सड़कों का निर्माण हो चुका है।

ऑपइंडिया एक्सक्लूसिव: साहिल के पिता परवेज 3 बार में 3 तरह से, 2 अलग जगहों पर मरे… 16 हिन्दुओं के नाम FIR में

आखिर साहिल परवेज ने तीन बार में तीन अलग-अलग बातें क्यों बोलीं? उसके पिता की हत्या घर के गेट के पास हुई या फिर बाबू राम चौक पर? उसे अस्पताल ले जाने वाला नितेश कौन है? साहिल अपने पिता को स्कूटी पर ले गया था, या उसका दोस्त शाहरुख?

रतन लाल की हत्या से पहले इस्लामी भीड़ ने 2 और पुलिसकर्मियों को बनाया था बंधक: दिल्ली दंगों की चार्जशीट

जिस भीड़ ने रतन लाल की निर्दयता से हत्या कर दी थी उसी इस्लामी भीड़ ने टेंट में दो अन्य पुलिसकर्मियों को भी बंधक बना लिया था।

प्रचलित ख़बरें

शोएब अख्तर के ओवर में काँपते थे सचिन, अफरीदी ने बिना रिकॉर्ड देखे किया दावा

सचिन ने ऐसे 19 मैच खेले, जिसमें शोएब पाकिस्तानी टीम का हिस्सा थे। इसमें सचिन ने 90.18 के स्ट्राइक और 45.47 की औसत से 864 रन बनाए।

क्या है सुकन्या देवी रेप केस जिसमें राहुल गाँधी थे आरोपित, कोर्ट ने कर दिया था खारिज

राजीव गाँधी फाउंडेशन पर जाँच को लेकर कल एक टीवी डिबेट में बीजेपी के संबित पात्रा और कॉन्ग्रेस के प्रवक्ता गौरव बल्लभ के बीच बहस आगे बढ़ते-बढ़ते एक पुराने रेप के मामले पर अटक गई जिसमें राहुल गाँधी को आरोपित बनाया गया था।

‘गुप्त सूत्रों’ से विकास दुबे का एनकाउंटर: राजदीप खोजी पत्रकारों के सरदार, गैंग की 2 चेली का भी कमाल

विकास दुबे जब फरार था, तभी 'खोजी बुद्धिजीवी' अपने काम में जुट गए। ऐसे पत्रकारों में प्रमुख नाम थे राजदीप सरदेसाई, स्वाति चतुर्वेदी और...

रवीश कुमार जैसे गैर-मुस्लिम, चाहे वो कितना भी हमारे पक्ष में बोलें, नरक ही जाएँगे: जाकिर नाइक

बकौल ज़ाकिर नाइक, रवीश कुमार हों या 'मुस्लिमों का पक्ष लेने वाले' अन्य नॉन-मुस्लिम... उन सभी के लिए नरक की सज़ा की ही व्यवस्था है।

हमने कंगना को मौका नहीं दिया होता तो? पूजा भट्ट ने कहा- हमने उतनों को लॉन्च किया, जितनों को पूरी इंडस्ट्री ने नहीं की

पूजा भट्ट ने दावा किया कि वो एक ऐसे 'परिवार' से आती हैं, जिसने उतने प्रतिभाशाली अभिनेताओं, संगीतकारों और टेक्नीशियनों को लॉन्च किया है, जितनों को पूरी फिल्म इंडस्ट्री ने मिल कर भी नहीं किया होगा।

UP: पुलिस मुठभेड़ में मारा गया ₹50,000 का इनामी पन्ना यादव उर्फ डॉक्टर, 3 दर्जन से ज्यादा संगीन मामलों में था आरोपित

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का ₹50000 का इनामी अपराधी पन्ना यादव उर्फ सुमन यादव उर्फ़ 'डॉक्टर' बहराइच जिले के हरदी इलाके में एसटीएफ व पुलिस की संयुक्त मुठभेड़ में मारा गया है।

Covid-19: भारत में 24 घंटे में सामने आए 26506 नए मामले, अब तक 21604 की मौत

भारत में कोरोना संक्रमण के अब तक 7,93,802 मामले सामने आ चुके हैं। बीते 24 घंटे में 475 लोगों की मौत हुई है।

महिलाओं को बंधक बनाकर फरीदाबाद में रुका था विकास दुबे, बोले लल्लन वाजपेयी- सदियों बाद आज़ाद हुए

कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद विकास दुबे ने साथियों संग फरीदाबाद के एक घर में शरण ली थी।

Tiktok समेत 59 प्रतिबंधित चीनी एप को सरकार ने भेजे 70 सवाल, 22 जुलाई तक देना होगा जवाब

प्रतिबंध लगाने के बाद भारत सरकार टिकटॉक समेत 59 चीनी एप को 70 सवालों की सूची के साथ नोटिस भेजा है।

व्यंग्य: विकास दुबे एनकाउंटर पर बकैत कुमार की प्राइमटाइम स्क्रिप्ट हुई लीक

आज सुबह खबर आई कि एनकाउंटर हो गया। स्क्रिप्ट बदलनी पड़ी। जज्बात बदल गए, हालात बदल गए, दिन बदल गया, शाम बदल गई!

भैसों के सामने आने से पलटी गाड़ी, पिस्टल छीन कच्चे रास्ते से भाग रहा था विकास दुबे: यूपी STF

​कैसे पलटी गाड़ी? कैसे मारा गया विकास दुबे? एनकाउंटर पर STF ने घटनाक्रमों का दिया सिलसिलेवार ब्यौरा।

विकास दुबे के पिता नहीं होंगे अंतिम संस्कार में शामिल, माँ ने भी कानपुर जाने से किया इनकार

विकास दुबे का शव लेने से परिजनों ने मना कर दिया है। उसके माता-पिता ने अंतिम संस्कार में शामिल होने से भी इनकार किया है।

भारत के मजबूत तेवर देख चीनी राजदूत ने कहा- हमारी सेना पीछे हट चुकी है, धर्मशाला में धू-धू जला जिनपिंग

चीन के राजदूत सुन वेईडॉन्ग ने स्वीकार किया है कि गलवान घाटी में हुए हिंसक संघर्ष के बाद भारत में उनके देश को लेकर अविश्वास बढ़ा है।

विकास दुबे के एनकाउंटर को लेकर प्रियंका गाँधी और अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर साधा निशाना

कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के मुख्य आरोपित विकास दुबे के एनकाउंटर पर सवाल उठा सियासत शुरू कर दी है।

मोदी सरकार ने प्लास्टिक कचरे से सड़क बना बचाए ₹3000000000, डबल करने का है इरादा: जानिए कैसे हुआ मुमकिन

2016 में मोदी सरकार ने इस पहल की आधिकारिक तौर पर घोषणा की थी। इसके बाद से प्लास्टिक कचरे से 11 राज्यों में करीब 1 लाख किमी लंबी सड़कों का निर्माण हो चुका है।

UAPA के तहत गिरफ्तार शरजील इमाम को दिल्ली HC ने दिया झटका: याचिका खारिज, बेल देने से भी किया इंकार

देशद्रोह के मामले में आरोपित शरजील इमाम ने अपनी याचिका में दावा किया था कि जाँच एजेंसी कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन कर रही हैं और उससे उसकी जमानत का अधिकार छीन रही है।

हमसे जुड़ें

237,463FansLike
63,336FollowersFollow
272,000SubscribersSubscribe