53552 कुल लेख

ऑपइंडिया स्टाफ़

कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन, राज्यपाल ने की अनुशंसा: सरकार गठन में विफल हुए सभी दल

राज्यपाल ने एनसीपी को भी सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया क्योंकि वो राज्य में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी है। कॉन्ग्रेस द्वारा शिवसेना को समर्थन के सम्बन्ध में रुख स्पष्ट न किए जाने के कारण शिवसेना के नेतृत्व में सरकार का गठन नहीं हो सका।

राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित फ़िल्म के निर्देशक समेत 7 लोगों पर जातिवादी गालियों के इस्तेमाल पर मामला दर्ज

शिक़ायत में फ़िल्म हेलारों के निर्देशक अभिषेक शाह, निर्माता आशीष सी पटेल, नीरव सी पटेल, आयुष पटेल, मीट जानी के साथ-साथ संवाद लेखक सौम्या जोशी और संपादक प्रतीक गुप्ता के ख़िलाफ़ सरकार द्वारा कथित रूप से 'समुदाय का अपमान करने और भावनाओं को आहत करने' से प्रतिबंधित 'शब्द' का उपयोग करने के ख़िलाफ़ कार्रवाई किए जाने की माँग की गई है।

कॉन्ग्रेस नेताओं ने रद्द किया मुंबई दौरा, सरकार गठन को लेकर होने वाली थी चर्चा

NCP के एक नेता का कहना है कि जब तक तीनों पार्टियाँ- कॉन्ग्रेस, NCP और शिवसेना, सरकार में शामिल नहीं हो जातीं, तब तक कोई स्थिरता नहीं आएगी। उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि कॉन्ग्रेस सरकार का हिस्सा हो।"

नई मस्जिद का नाम डॉ कलाम, परमवीर अब्दुल हमीद या अशफाकउल्ला खान के नाम पर हो: VHP की माँग

“बाबर एक विदेशी एक आक्रांता (हमलावर) था। हम सरकार को इसकी अनुमति नहीं देने के लिए संपर्क करेंगे। भारत में बहुत सारे अच्छे मुस्लिम हैं। देश की शांति और विकास में उनका काफी योगदान रहा है। इनमें वीर अब्दुल हमीद , अशफाकउल्ला खान और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का नाम आता है।। नई मस्जिद का नाम उनमें से किसी के नाम पर रखा जाना चाहिए।”

राम मंदिर पर कॉन्ग्रेस में फूट: सुरजेवाला के बयान को ख़ुर्शीद ने नकारा, कहा- मस्जिद को हाइलाइट करते

ख़ुर्शीद ने एक लेख में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला 'हिन्दू राष्ट्र' को ख़ारिज करता है। अदालत ने फैसले में कहा है कि वहाँ मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाने की बात एएसआई की रिपोर्ट साबित नहीं कर पाई।

अयोध्या अधिनियम 1993 की वो धारा, जिसके तहत बनेगा राम मंदिर के लिए ट्रस्ट

इस मामले में अयोध्या अधिनियम की वैधता को डॉक्टर एम इस्माइल फारुकी और अन्य बनाम भारत संघ व अन्य 1994 SCC (6) 360 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा बरकरार रखा गया था। अगर उस समय ऐसा नहीं होता तो अधिनियम की धारा 4(3) को रद्द कर दिया जाता और जो सुनवाई अयोध्या पर हुई, वो कभी संभव ही नहीं होती।

लोग कह रहे 14 कोस से बाहर बनाओ मस्जिद, लेकिन हम वहीं बनाएँगे: बाबरी का पक्षकार

"अगर सरकार जमीन देना चाहती है तो हमें हमारी सुविधा के हिसाब से मिलनी चाहिए। आवंटित जमीन 67 एकड़ जमीन में से ही होनी चाहिए। तभी हम यह जमीन लेंगे। नहीं तो हम जमीन लेने की पेशकश को ठुकरा देंगे।"

रामलला के 92 वर्षीय वकील के बेटे ने रामसेतु पर मनमोहन सरकार की पैरवी से कर दिया था इनकार

"मैं श्रीराम में विश्वास रखता हूँ। फिर भला कैसे उनके द्वारा बनाए गए सेतु को तोड़ने के लिए अदालत में सरकार की पैरवी करूँ? नहीं। ये मुझसे नहीं हो सकता।"