कॉन्ग्रेस की सहयोगी पार्टी एनसीपी के नेता ने कहा कि उनका व्हाट्सएप्प हैक किए जाने की सारी ख़बरें आधारहीन हैं। इस तरह उन्होंने कॉन्ग्रेस के आरोपों की पोल खोल दी। इसके बाद कॉन्ग्रेस समर्थक तीन महिला पत्रकारों ने प्रफुल्ल पटेल के इस बयान पर चर्चा की।
"सोशल मीडिया और व्हाट्सएप जैसे मैसेजिंग एप के ज़रिए लोगों को आतंकवादी बनाने को लेकर काम तेज़ी से चल रहा है। इस सम्बन्ध में भारतीय अधिकारियों ने वैश्विक सोशल मीडिया कम्पनियों के प्रतिनिधियों से भी मुलाक़ात की है।"
अगर आप फौजिया इलियास की फेसबुक प्रोफाइल पर जाएँगे तो आपको और भी कई ऐसी तस्वीरें मिल जाएँगी, जहाँ महिलाएँ व पुरुष अपनी सेमी-न्यूड तस्वीरें पोस्ट कर के रबी पीरजादा का समर्थन कर रहे हैं। इनमें कई आपत्तिजनक तस्वीरें भी हैं।
यह 138 किलोमीटर के 'रेलवे लाइन डबलिंग प्रोजेक्ट' में बाधा बन रहा था, जिसके कारण इसे हटाया गया। इस शस्त्रागार को शिफ्ट न किए जाने के कारण रेलवे का ये डबलिंग प्रोजेक्ट क़रीब एक दशक तक अधर में रहा।
प्रदूषित हवा में साँस लेने से बचने के लिए अच्छे क्वालिटी का मास्क लेना बेहद जरूरी है, ताकि आप 'विषपान' की स्थिति वाले दिल्ली-एनसीआर में अपनी सेहत का ख्याल रख सकें।
एनआरसी की आलोचना करने वालों पर निशाना साधते हुए जस्टिस गोगोई ने मीडिया घरानों की गैर-जिम्मेदाराना रिपोर्टिंग पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मीडिया के कुछ हिस्सों की गैर-जिम्मेदाराना रिपोर्टिंग के चलते इस मुद्दे को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया, जिसके चलते स्थिति खराब हो गई।
“अगर आपके घर कुछ लड़के-लड़कियाँ आते हैं और कहते हैं कि वो मेडिकल के स्टूडेंट हैं और आपका शूगर या बीपी या कोई अन्य ब्लड टेस्ट फ्री में करने के लिए बोलते हैं तो आप तुरंत पुलिस को फोन करें क्योंकि वो आतंकवादी संगठन के लोग हैं और उनके इंजेक्शन में एड्स का वायरस है जो वो ब्लड लेने के बहाने आपके शरीर में डाल देंगे। किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने घर में न घुसने दें। जनहित में जारी।”
एलन सुहैब और थाहा फ़ज़ल ने माओवादियों के मारे जाने पर राज्य पुलिस को धमकाते हुए नोटिस जारी किए थे। प्रारम्भिक जाँच में, पुलिस ने दावा किया है कि इस बात के ठोस सबूत हैं कि दोनों ने माओवादी पदाधिकारियों के साथ संपर्क बना रखा था।