Wednesday, May 19, 2021
Home राजनीति उखाड़ कर हटाई गई टीपू सुल्तान की इमारत: जहाँ रखी जाती थीं मिसाइलें, वहाँ...

उखाड़ कर हटाई गई टीपू सुल्तान की इमारत: जहाँ रखी जाती थीं मिसाइलें, वहाँ लोग फेंकते हैं कचरा

रेलवे ने इसके लिए भारतीय इंजीनियरों के अलावा अमेरिकी एजेंसियों की भी मदद ली। इसे कोई क्षति न पहुँचे, इसीलिए इसे धीरे-धीरे 9 दिनों में ट्रांसलोकेट किया गया। इसमें कुल 14 करोड़ रुपए का ख़र्च आया।

18वीं सदी के मैसूर पर राज करने वाले टीपू सुल्तान के बिना कर्नाटक की राजनीति अधूरी है। जहाँ एक तरफ कॉन्ग्रेस उसे मसीहा मान कर उसकी पूजा करती है, वहीं दूसरी तरफ़ भाजपा सरकार ने उसके जयंती वाले सरकारी कार्यक्रमों पर रोक लगा दी है। कर्नाटक के शिक्षा मंत्री ने पाठ्यक्रम से भी टीपू सुल्तान को हटाने की बात कही है। इस बीच एक नया खुलासा हुआ है। श्रीरंगपत्तनम में टीपू सुल्तान की एक शस्त्रशाला थी, जो रेलवे ट्रैक के आड़े आ रही थी। इसके बाद इस शस्त्रागार को वहाँ से हटा कर उसे किसी और जगह पर ट्रांसलोकेट कर दिया गया।

मैसूर और बंगलौर के बीच रेलवे ट्रैक बनाने के लिए ऐसा किया गया। पत्थरों से बनी इस शस्त्रशाला में टीपू सुल्तान अपने और सेना के अस्त्र-शस्त्र व हथियारों को रखा करता था। इसमें गोला-बारूद भी रखे जाते थे। अपने 17 वर्षों के शासनकाल में वह शक्तिशाली मिसाइल और रॉकेट भी वहीं रखा करता था। मार्च 2017 में इसे उखाड़ कर इसके मूल जगह से 130 मीटर (390 फिट) दूर स्थापित कर दिया गया। साउथर्न रेलवे ने इस बाबत जानकारी देते हुए बताया कि शस्त्रागार को रेलवे के रास्ते से हटा दिया गया था।

श्रीरंगपत्तनम मैसूर से 20 किलोमीटर की दूरी पर है। यही वो जगह है जहाँ टीपू सुल्तान चौथे एंग्लो-मैसूर युद्ध में मारा गया था। टीपू मैसूर के सुल्तान हैदर अली का सबसे बड़ा बेटा था। अपनी मृत्यु से पहले वह कई बार अंग्रेजों पर विजय भी प्राप्त कर चुका था। उसने दक्कन में कई हिन्दू राजाओं से भी लड़ाइयाँ लड़ी, ताकि अपने राज्य की सीमाओं का विस्तार कर सके। इस शस्त्रगार का वजन 1000 टन है और ये 12 मीटर चौड़ा और 10 मीटर लम्बा है। ये लगभग एक वर्ग के आकार का है।

गर्मियों में टीपू सुल्तान श्रीरंगपट्टनम को अपनी राजधानी बना लेता था। वहाँ से ये शस्त्रगार 1.7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह 138 किलोमीटर के ‘रेलवे लाइन डबलिंग प्रोजेक्ट’ में बाधा बन रहा था, जिसके कारण इसे हटाया गया। इस शस्त्रागार को शिफ्ट न किए जाने के कारण रेलवे का ये डबलिंग प्रोजेक्ट क़रीब एक दशक तक अधर में लका रहा था। हालाँकि, कर्नाटक की सरकार ने इसकी अनुमति दे दी थी लेकिन इसके लिए रेलवे को ‘नेशनल मोनुमेंट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ की अनुमति की भी ज़रूरत थी क्योंकि इस ढाँचे को ‘रेयर हेरिटेज’ की केटेगरी में रखा गया है।

भारत में इस तरह के ऑपरेशन काम ही हुए हैं। इसीलिए, रेलवे ने इसके लिए भारतीय इंजीनियरों के अलावा अमेरिकी एजेंसियों की भी मदद ली। इसे कोई क्षति न पहुँचे, इसीलिए इसे धीरे-धीरे 9 दिनों में ट्रांसलोकेट किया गया। इसमें कुल 14 करोड़ रुपए का ख़र्च आया। हालाँकि, इसे एएसआई ने ‘प्रोटेक्टेड मोन्यूमेंट’ का दर्जा दिया हुआ है लेकिन यहाँ सिक्योरिटी गार्ड न होने के कारण लोग इसमें ही कचड़ा फेंकने लगे हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मोदी स्ट्रेन’: कैसे कॉन्ग्रेस टूलकिट ने की PM मोदी की छवि खराब करने की कोशिश? NDTV भी हैशटैग फैलाते आया नजर

हैशटैग और फ्रेज “#IndiaStrain” और “India Strain” सोशल मीडिया पर अधिक प्रमुखता से उपयोग किया गया। NDTV जैसे मीडिया हाउसों को शब्द और हैशटैग फैलाते हुए भी देखा जा सकता है।

कॉन्ग्रेस टूलकिट का प्रभाव? पैट कमिंस और दलाई लामा को PM CARES फंड में दान करने के लिए किया गया था ट्रोल

सोशल मीडिया पर पीएम मोदी को बदनाम करने के लिए एक नया टूलकिट सामने आने के बाद कॉन्ग्रेस पार्टी एक बार फिर से सुर्खियों में है। चार-पृष्ठ के दस्तावेज में पीएम केयर्स फंड को बदनाम करने की योजना थी।

₹50 हजार मुआवजा, 2500 पेंशन, बिना राशन कार्ड भी फ्री राशन: कोरोना को लेकर केजरीवाल सरकार की ‘मुफ्त’ योजना

दिल्‍ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने कोरोना महामारी में माता पिता को खोने वाले बच्‍चों को 2500 रुपए प्रति माह और मुफ्त शिक्षा देने का ऐलान किया है।

ख़लीफ़ा मियाँ… किसाण तो वो हैं जिन्हें हमणे ट्रक की बत्ती के पीछे लगाया है

हमने सब ट्राई कर लिया। भाषण दिया, धमकी दी, ज़बरदस्ती कर ली, ट्रैक्टर रैली की, मसाज करवाया... पर ये गोरमिंट तो सुण ई नई रई।

कॉन्ग्रेस के इशारे पर भारत के खिलाफ विदेशी मीडिया की रिपोर्टिंग, ‘दोस्त पत्रकारों’ का मिला साथ: टूलकिट से खुलासा

भारत में विदेशी मीडिया संस्थानों के कॉरेस्पोंडेंट्स के माध्यम से पीएम मोदी को सभी समस्याओं के लिए जिम्मेदार ठहराया गया।

‘केरल मॉडल’ वाली शैलजा को जगह नहीं, दामाद मुहम्मद रियास को बनाया मंत्री: विजयन कैबिनेट में CM को छोड़ सभी चेहरे नए

वामपंथी सरकार की कैबिनेट में सीएम विजयन ने अपने दामाद को भी जगह दी है, जो CPI(M) यूथ विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं।

प्रचलित ख़बरें

जैश की साजिश, टारगेट महंत नरसिंहानंद: भगवा कपड़ा और पूजा सामग्री के साथ जहाँगीर गिरफ्तार, साधु बन मंदिर में घुसता

कश्मीर के रहने वाले जान मोहम्मद डार उर्फ़ जहाँगीर को साधु के वेश में मंदिर में घुस कर महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती की हत्या करनी थी।

अल्लाह-हू-अकबर चिल्लाती भीड़ का हमला: यहूदी खून से लथपथ, बचाव में उतरी लड़की का यौन शोषण

कनाडा में फिलिस्तीन समर्थक भीड़ ने एक व्यक्ति पर हमला कर दिया जो एक अन्य यहूदी व्यक्ति को बचाने की कोशिश कर रहा था। हिंसक भीड़ अल्लाह-हू-अकबर का नारा लगाते हुए उसे लाठियों से पीटा।

विनोद दुआ की बेटी ने ‘भक्तों’ के मरने की माँगी थी दुआ, माँ के इलाज में एक ‘भक्त’ MP ने ही की मदद

मोदी समर्थकों को 'भक्त' बताते हुए मल्लिका उनके मरने की दुआ माँग चुकी हैं। लेकिन, जब वे मुश्किल में पड़ी तो एक 'भक्त' ने ही उनकी मदद की।

भारत में दूसरी लहर नहीं आने की भविष्यवाणी करने वाले वायरोलॉजिस्ट शाहिद जमील ने सरकारी पैनल से दिया इस्तीफा

वरिष्ठ वायरोलॉजिस्ट शाहिद जमील ने भारत में कोविड-19 के प्रकोप की गंभीरता की भविष्यवाणी करने में विफल रहने के बाद भारतीय SARS-CoV-2 जीनोम सीक्वेंसिंग कंसोर्टिया (INSACOG) के वैज्ञानिक सलाहकार समूह के अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया।

मेवात के आसिफ की हत्या में सांप्रदायिक एंगल नहीं, पुरानी राजनीतिक दुश्मनी: हरियाणा पुलिस

आसिफ की मृत्यु की रिपोर्ट आने के तुरंत बाद, कुछ मीडिया हाउसों ने दावा किया कि उसे मारे जाने से पहले 'जय श्री राम' बोलने के लिए मजबूर किया गया था, जिसकी वजह से घटना ने सांप्रदायिक मोड़ ले लिया।

ओडिशा के DM ने बिगाड़ा सोनू सूद का खेल: जिसके लिए बेड अरेंज करने का लूटा श्रेय, वो होम आइसोलेशन में

मदद के लिए अभिनेता सोनू सूद को किया गया ट्वीट तब से गायब है। सोनू सूद वास्तव में किसी की मदद किए बिना भी कोविड-19 रोगियों के लिए मदद की व्यवस्था करने के लिए क्रेडिट का झूठा दावा कर रहे थे।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,390FansLike
96,203FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe