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ऑपइंडिया स्टाफ़

कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

विधायक खरीदने के मामले में फँसे कॉन्ग्रेस नेता पूर्व CM हरीश रावत, FIR दर्ज

सीबीआई ने अपनी FIR में हरीश रावत के अलावा जिन लोगों को नामजद किया है वे हैं पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक रावत, और समाचारपत्र 'समाचार प्लस' के सम्पादक उमेश शर्मा। इसके अलावा......

2 को मारा, 80 घायल: POK में उठी आज़ादी की माँग, पाकिस्तानी सेना ने बरपाया कहर

POK में 22 अक्टूबर की तारीख को 'काला दिवस' (‘Black Day’) मनाया जाता है। उस ही तारीख को 1947 में पाकिस्तानी सेना ने महाराज हरी सिंह के जम्मू और कश्मीर राज्य पर हमला किया था।

राफ़ेल म्यूज़ियम में घुसा, अपने कपड़े फाड़ डाले और अरबी में लिखी धमकी…

संत राफेल म्यूज़ियम एक महत्वपूर्ण स्मारक है। यह फ़्रांस-इटली की सीमा के पास स्थित है। इसके एक तरफ सेंट टोपेज़ है और दूसरी तरफ़ अपने फिल्म फेस्टिवल के लिए जाना जाने वाला कांस।

आतंकी फंडिंग के लिए पीएम आवास योजना के खातों का इस्तेमाल: धरे गए फहीम और सिराजुद्दीन

गिरोह ने पीएम आवास योजना के तहत सब्सिडी लेने के लिए खाते-खुलवाए और फिर लाखों रुपया देश के बाहर भेजने लगे। वहीं पीड़ित पक्ष का कहना था कि वे बहुत गरीब हैं उन्हें कहा गया था हर एक को ढाई-ढाई लाख रूपए मिलेंगे।

हत्यारों ने शरीयत के मुताबिक की कमलेश तिवारी की हत्या, मानते हैं इसे वाजिब-उल-कत्ल

कमलेश तिवारी की हत्या करने से पहले मौलाना मोहसिन ने शरीयत का हवाला देकर अशफ़ाक़ और मोईनुद्दीन का ब्रेन वॉश किया था। जिसके कारण वे दोनों पकड़े जाने के बाद भी अपने अपराध को वाजिब-उल-कत्ल मानकर संतुष्ट हैं। उन्हें अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है।

कमलेश तिवारी की हत्या से लेकर अब तक: इन 20 पॉइंट्स में समझें इस हत्याकांड का पूरा घटनाक्रम

कमलेश तिवारी की हत्या से लेकर अशफ़ाक़ और मोईनुद्दीन की गिरफ़्तारी तक, अब तक क्या-क्या हुआ? इस पूरे घटनाक्रम में कौन-कौन से किरदार हैं और किन-किन जगहों पर किसकी गिरफ़्तारी हुई.......

बजरंग बली के दर पर प्रियंका गाँधी, अटैची लेकर पहुँचे नेताओं का मोबाइल बाहर रखवाया

दो दिव​सीय प्रशिक्षण शिविर में कॉन्ग्रेस के चुने हुए 45 नेता भाग ले रहे हैं। शिविर से जुड़ी सूचनाएँ या तस्वीर लीक न हो इसके लिए सभी नेताओं से मोबाइल फोन पहले ही ले लिए गए हैं।

कमलेश तिवारी हत्याकांड: हत्यारे अशफाक़ और मोईनुद्दीन ने ट्रेन में छोड़ दिया मोबाइल, शहर-शहर दौड़ती रही पुलिस

गुजरात एटीएस के उप महानिदेशक हिमांशु शुक्ल ने मीडिया को बताया कि पैसे खत्म हो गए तो रिश्तेदारों को फ़ोन कर पैसे के लिए सम्पर्क किया, लेकिन पुलिस के डर से किसी ने उनके खाते में पैसे नहीं डाले।