Tuesday, April 20, 2021
Home राजनीति नहीं होगा ईसाई बहुल नागालैंड का खुद का संविधान: 22 वर्षों से चले आ...

नहीं होगा ईसाई बहुल नागालैंड का खुद का संविधान: 22 वर्षों से चले आ रहे समझौते को ख़त्म करने के आसार

"न ही नगालैंड को अपना खुद का झंडा या संविधान मिलेगा, और न ही अलगाववादियों के साथ हो रही वार्ता को समय सीमा के आगे खींचा जाएगा। नगा अलगाववादी संगठन NSCN-IM के साथ सरकार की वार्ता 1997 से चली आ रही है, लेकिन अब सरकार ने तय कर लिया है कि और आगे ऐसा नहीं चल सकता।"

नागालैंड की सरकार ने सभी नौकरशाहों और पुलिस अधिकारियों की छुट्टियाँ रद्द कर दीं हैं, और उन्हें ड्यूटी पर वापिस आने का आदेश दिया है। ऐसा नगा शांति वार्ता के समापन की तारीख पास आने और शांति समझौते पर हस्ताक्षर होने के आभास में किया गया है। यह कदम सरकार की ओर से वार्ताकार और नगालैंड के गवर्नर आरएन रवि के उस बयान के बाद उठाया गया है, जिसमें उन्होंने दो टूक कह दिया था कि न ही नगालैंड को अपना खुद का झंडा या संविधान मिलेगा, और न ही अलगाववादियों के साथ हो रही वार्ता को समय सीमा (31 अक्टूबर, 2019) के आगे खींचा जाएगा। नगा अलगाववादी संगठन NSCN-IM के साथ सरकार की वार्ता 1997 से, यानि 22 वर्षों से चली आ रही है, लेकिन अब सरकार ने तय कर लिया है कि और आगे ऐसा नहीं चल सकता।

परसों (सोमवार, 21 अक्टूबर, 2019 को) नगालैंड के डीजीपी ने एक वायरलेस संदेश के ज़रिए पुलिस कर्मियों की सभी प्रकार की छुट्टियों को रद्द किए जाने का संदेश जारी किया। मुख्य सचिव के ऑफ़िस ने ऐसा ही संदेश सभी डिप्टी कमिश्नरों और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए जारी किया। मुख्य सचिव के आदेश में सभी अधिकारियों को अपनी ड्यूटी पर तैनात रहने और छुट्टी पर गए अधिकारियों को वापिस बुलाए जाने की बात कही है। इसके अलावा नगालैंड के मुख्यमंत्री नाइफीउ रिओ के कार्यालय ने भी सभी जिलों के जिला मजिस्ट्रेटों को जिला मुख्यालय किसी भी हालत में न छोड़ने के कठोर आदेश जारी किए हैं।

National Socialist Council of Nagaland (Isak-Muivah faction) के नाम से जाने वाले इस अलगाववादी संगठन से हालाँकि सरकार बातचीत और जारी न रखने के निश्चय पर अडिग रहती दिखाई दे रही है, लेकिन NSCN (IM) भी अलग झंडे और संविधान को लेकर अड़ता ही लग रहा है। ऐसे में संभावना शांति समझौते पर हस्ताक्षर बिना NSCN (IM) के ही होने की सूरत बनती दिख रही है। इसके चलते कानून व्यवस्था के लिए खतरा उत्पन्न हो सकता है।

सरकार की शांति वार्ता सात नगा संगठनों के साथ चल रही है, और NSCN (IM) के अलावा बाकी सभी वार्ता खत्म कर शांति समझौते पर हस्ताक्षर के पक्ष में बताए जा रहे हैं। NSCN (IM) के नेता भी सरकार के साथ पहले ही ‘Framework Agreement’  पर हस्ताक्षर कर चुके हैं। जहाँ सरकार ‘Framework Agreement’ के दायरे में झंडा और संविधान के मुद्दों के न आने की बात कर रही है, वहीं NSCN (IM) ‘Framework Agreement’ में इन दोनों का वादा किए जाने की बात कह रही है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

यूपी में दूसरी बार बिना मास्क धरे गए तो ₹10,000 जुर्माने के साथ फोटो भी होगी सार्वजनिक, थूकने पर 500 का फटका

उत्तर प्रदेश में पब्लिक प्लेस पर थूकने वालों के खिलाफ सख्ती करने का आदेश जारी किया गया है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति पब्लिक प्लेस में थूकते हुए पकड़ा गया तो उस पर 500 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।

हाँ, हम मंदिर के लिए लड़े… क्योंकि वहाँ लाउडस्पीकर से ऐलान कर भीड़ नहीं बुलाई जाती, पेट्रोल बम नहीं बाँधे जाते

हिंदुओं को तीन बातें याद रखनी चाहिए, और जो भी ये मंदिर-अस्पताल की घटिया बाइनरी दे, उसके मुँह पर मार फेंकनी चाहिए।

दिल्ली-महाराष्ट्र में लॉकडाउन: राहुल गाँधी ने एक बार फिर राज्यों की नाकामी के लिए मोदी सरकार को ठहराया जिम्मेदार

"प्रवासी एक बार फिर पलायन कर रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि उनके बैंक खातों में रुपए डाले। लेकिन कोरोना फैलाने के लिए जनता को दोष देने वाली सरकार क्या ऐसा जन सहायक कदम उठाएगी?"

‘मजदूरों की 2020 जैसी न हो दुर्दशा’: हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को चेताया, CM केजरीवाल की पत्नी को कोरोना

दिल्ली में प्रवासियों मजदूरों को हुई पीड़ा पर हाई कोर्ट ने केजरीवाल सरकार को फटकार लगाई है। इस बीच सीएम ने पत्नी के संक्रमित होने के बाद खुद को क्वारंटाइन कर लिया है।

‘पूर्ण लॉकडाउन हल नहीं, जान के साथ आजीविका बचाने की भी जरुरत’: SC ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई रोक

इलाहाबाद कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने आज रोक लगा दी। इस मामले में योगी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए अपनी अपील में कहा था कि हाईकोर्ट को ऐसे फैसले लेने का अधिकार नहीं है।

आपके शहर में कब और कितना कहर बरपाएगा कोरोना, कब दम तोड़ेगी संक्रमण की दूसरी लहर: जानें सब कुछ

आप कहॉं रहते हैं? मुंबई, दिल्ली या चेन्नई में। या फिर बिहार, यूपी, झारखंड या किसी अन्य राज्य में। हर जगह का हाल और आने वाले कल का अनुमान।

प्रचलित ख़बरें

‘वाइन की बोतल, पाजामा और मेरा शौहर सैफ’: करीना कपूर खान ने बताया बिस्तर पर उन्हें क्या-क्या चाहिए

करीना कपूर ने कहा है कि वे जब भी बिस्तर पर जाती हैं तो उन्हें 3 चीजें चाहिए होती हैं- पाजामा, वाइन की एक बोतल और शौहर सैफ अली खान।

‘छोटा सा लॉकडाउन, दिल्ली छोड़कर न जाएँ’: इधर केजरीवाल ने किया 26 अप्रैल तक कर्फ्यू का ऐलान, उधर ठेकों पर लगी कतार

केजरीवाल सरकार ने 26 अप्रैल की सुबह 5 बजे तक तक दिल्ली में लॉकडाउन की घोषणा की है। इस दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त कर लेने का भरोसा दिलाया है।

नासिर ने बीड़ी सुलगाने के लिए माचिस जलाई, जलती तीली से लाइब्रेरी में आगः 3000 भगवद्गीता समेत 11 हजार पुस्तकें राख

कर्नाटक के मैसूर की एक लाइब्रेरी में आग लगने से 3000 भगवद्गीता समेत 11 हजार पुस्तकें राख हो गई थी। पुलिस ने सैयद नासिर को गिरफ्तार किया है।

‘सुअर के बच्चे BJP, सुअर के बच्चे CISF’: TMC नेता फिरहाद हाकिम ने समर्थकों को हिंसा के लिए उकसाया, Video वायरल

TMC नेता फिरहाद हाकिम का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है। इसमें वह बीजेपी और केंद्रीय सुरक्षा बलों को 'सुअर' बता रहे हैं।

‘मैं इसे किस करूँगी, हाथ लगा कर दिखा’: मास्क के लिए टोका तो पुलिस पर भड़की महिला, खुद को बताया SI की बेटी-UPSC टॉपर

महिला ने धमकी देते हुए कहा कि उसका बाप पुलिस में SI के पद पर है। साथ ही दिल्ली पुलिस को 'भिखमंगा' कह कर सम्बोधित किया।

‘F@#k Bhakts!… तुम्हारे पापा और अक्षय कुमार सुंदर सा मंदिर बनवा रहे हैं’: कोरोना पर घृणा की कॉमेडी, जानलेवा दवाई की काटी पर्ची

"Fuck Bhakts! इस परिस्थिति के लिए सीधे वही जिम्मेदार हैं। मैं अब भी देख रहा हूँ कि उनमें से अधिकतर अभी भी उनका (पीएम मोदी) बचाव कर रहे हैं।"
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,213FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe