"सुन्नी वक्फ बोर्ड और अन्य मुस्लिम पक्षकार यह साबित करने में विफल रहे हैं कि विवादित स्थल पर बाबर ने मस्जिद का निर्माण किया था। उनका दावा था कि मस्जिद का निर्माण शासन की जमीन पर हुकूमत (बाबर) द्वारा किया गया था।"
के सी राममूर्ति के बारे में बता दें कि वे कर्नाटक में और उसके आस-पास के कई शैक्षणिक संस्थानों के मालिक हैं। उन्हें साल 2016 में राज्य इकाई के विरोध के बावजूद भी पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय सचिव दिग्विजय सिंह ने राज्यसभा का सदस्य बनाया था।
भारतीय इतिहास लेखन के “Big Four” रोमिला थापर, इरफ़ान हबीब, आरएस शर्मा और डीएन झा ने इस मामले में प्रपंच रचा। डॉ. जैन ने बताया कि इन्हें पता था कि अदालत ने पोल खुल सकती है तो पेशी के लिए अपने छात्रों को भेजते रहे और बाहर अपनी लेखनी से झूठ की पालकी ढोते रहे।
गिरती अर्थव्यवस्था के बीच ईरान से सस्ता मिल रहा क्रूड भी भारत ने खरीदना कम कर दिया है। ऐसे में वेनेज़ुएला प्रतिबंध को और झेलना भारत के लिए मुश्किल लग रहा है।
अयोध्या मामले की सुनवाई 40 दिन चली है जो न्यायिक इतिहास में दूसरी सबसे लंबी सुनवाई है। दशकों से सुप्रीम कोर्ट में लंबित राम मंदिर मसले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के लिए अब आपको बस 23 दिन और इंतजार करना पड़ेगा।
स्क्रॉल ने अपनी ख़बर की हेडलाइन और सोशल मीडिया में शेयर टेक्स्ट ऐसा रखा, जिससे धवन की पहचान उजागर न हो। इसी तरह 'आउटलुक' ने भी सोशल मीडिया पर टेक्स्ट में कहीं भी धवन या सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड का जिक्र नहीं किया।