रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी फ़ौज ने आम चुनाव में अपने हिसाब से हेरफेर किया। इमरान खान 'नया पाकिस्तान' का नारा देकर सत्ता में आए, लेकिन उनकी सारी बातें हवा-हवाई साबित हो रही हैं। इसका कारण बदहाल अर्थव्यवस्था है।
लाठी चार्ज में कई छात्रों को भी चोटें आई है। छात्र मतगणना में धांधली का विरोध कर रहे थे। राजस्थान में आदिवासी और दलित समाज के लोगों के साथ पुलिसिया बर्बरता के हाल में कई मामले सामने आए हैं।
हाल में बिहार के गया से JMB का कुख्यात आतंकी एजाज़ अहमद गिरफ़्तार किया गया था। उसके पास से भारी मात्रा में जिहादी दस्तावेज़ मिले थे। वह अरसे से गया में वेश और नाम बदलकर रह रहा था। सूत्रों ने बताया की वह बड़े हमले की फ़िराक में था।
नाम बताने से इनकार करने पर सीनियर छात्र गाली-गलौज पर उतर आए। भड़के हुए सीनियर छात्रों ने अपने अन्य साथियों को भी बुला लिया और अभद्रता की। विजय के मुताबिक प्रॉक्टर कार्यालय की टीम उनके ख़िलाफ़ ही बातें कर रही थीं।
राम जन्मभूमि पुनरुद्धार समिति ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में दलीलें रखते हुए कहा था कि विवादित ढाँचा बाबर ने बनवाई, इसका कोई प्रमाण नहीं है। इसके लिए उन्होंने बाबरनामा, आईने अकबरी, हुमायूँनामा, तुजुक-ए-जहाँगीरी का हवाला दिया था।
"हिन्दू राष्ट्रवादी मेरे पुराने विडियो क्लिप को निकाल हंगामा मचा रहे हैं। भारत में अभी फासिज्म का वातावरण तैयार हो रहा है। जो इसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठाता है, उसे बदनाम होने, ट्रोल किए जाने, जेल में भेजे जाने और पिटाई किए जाने का डर है।"
'कान्हा मटकी फोड़' में भाग लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुँचे थे। इसी दौरान एक भीड़ ने वहॉं पहुॅंच पथराव किया। पुलिस को भी भीड़ ने नहीं छोड़ा। तनाव को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
राज्य के एडवोकेट डीसी रैना ने कोर्ट को इस इस बात से अवगत कराया था कि साफ़िया ख़ान को न तो किसी हिरासत में रखा गया है और न ही उन्हें नज़रबंद किया गया है। घाटी में जान-माल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ नितांत आवश्यक प्रतिबंध लगाए गए हैं।