महिला प्रोफेसर ने विश्वविद्यालय के वीसी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके साथ ये सब वीसी की मिलीभगत से हो रहा है। उन्हें इन सबके चलते न प्रशासनिक बैठकों में बुलाया जा रहा है और न ही ऑफिशियल ई-मेल इस्तेमाल किया देने जा रहा है।
NIA के मुताबिक, उन्होंने मस्जिद का निर्माण, मज़हबी शिक्षा के लिए मदरसा और मजहब की गरीब लड़कियों की शादी के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने जैसे इस्लामी काम की आड़ में अपनी साजिश में अंजाम देने की साजिश रची थी।
पदाधिकारियों का कहना था कि नगर निगम ने ख़ुद इस निर्माण (कीर्ति स्तम्भ) की अनुमति दी थी। इस पर सवाल उठाते हुए धरना प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अनुमति देने के बाद तोड़-फोड़ क्यों की गई?
ब्रेनन कॉलेज में एसएफआई की अच्छी पकड़ है। जिसके कारण यहाँ दूसरे संगठनों को काम करने से रोका जाता है। Sfi सीपीएम का छात्र संघ है, जिसे यहाँ के कैंपस में हिंसात्मक राजनीति के लिए जाना जाता है।
81 वर्षीय शीला दीक्षित लंबे समय से बीमार चल रही थी। कॉन्ग्रेस की दिग्गज नेता दीक्षित दिल्ली में सबसे लम्बे समय तक काम करने वाली मुख्यमंत्री रही थीं। उन्होंने 1998 से 2013 तक दिल्ली में मुख्यमंत्री पद सम्भाला था।
इसी इलाके में भाजपा-टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच संघर्ष में दो लोगों की मौत हो गई थी और तीन घायल हो गए थे। हाल के दिनों में राज्य में राजनीतिक हिंसा में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थकों की हत्याएँ हुई है।
चश्मदीद गणेश ने कहा है कि इमरान के साथ मारपीट आपसी दुश्मनी की वजह से हुई थी। जय श्री राम नहीं बोलने पर मारपीट की बात झूठी है। इमरान को गणेश और उसकी पत्नी ने ही बचाया था।
कुछ लोग कहते हैं कि धोनी का बेहतरीन दौर उनके पीछे है और उन्हें समय रहते संन्यास ले लेना चाहिए। उनका तर्क है कि धोनी अब पहले की तरह मैच-जिताऊ खेल नहीं खेलते जिससे उनकी उपयोगिता कम होती जा रही है।