नुसरत जहाँ के खिलाफ सोशल मीडिया पर लगातार आपत्तिजनक व्यंग्य और टिप्पणियाँ की जा रही हैं। उन्हें हिन्दू से शादी करने के लिए भद्दी गालियों के साथ ही जन्नत में जगह ना मिलने तक की दुआएँ की जा रही हैं।
शुक्रवार की शाम को बारिश के साथ आकाशीय बिजली के साथ गिरी आकाशीय बिजली के सम्पर्क में आने से सड़क पर बिछाए गए सभी 56 IED बम ब्लास्ट हो गए। इतनी भारी मात्रा में IED बिछाने का मक़सद किसी बड़ी घटना को अंजाम देना था।
जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, उनके रिश्तेदारों ने कहा, “हमारे बच्चे मर रहे हैं। पानी नहीं है। हमने इसके खिलाफ रोड घेराव किया तो प्रशासन ने हम पर केस दर्ज कर दिया। केस दर्ज होने के बाद हमारे परिवारों के पुरुष गाँव छोड़कर भाग गए हैं। घर में कमाने वाले वही थे और अब उनके न होने से हमें और दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।”
स्टालिन का कहना है कि सरकार अविश्वास प्रस्ताव से घबरा रही है... उन्होंने जब इस आसन्न जल-संकट की चेतावनी एक साल पहले दी थी तो अन्नाद्रमुक ने बात अनसुनी कर दी थी।
किस्सा चाहे गुरमीत राम रहीम का हो या फिर संजय दत्त जैसे लोगों का, यह पैरोल ताकतवरों का आसान हथियार साबित होती जा रही है, जिससे उन नामी अपराधियों के अपने हितों के साथ उनके 'अच्छे आचरण' का हवाला देने वालों के हित भी सलामत रहें।
इंस्पेक्टर नज़ीर अली ख़ान ने बताया कि आरोपितों द्वारा इस्तेमाल की गई बन्दूक नकली है और उसे मेले से ख़रीदा गया है। लेकिन, लोगों का कहना है कि उन पिस्टलों से असली बन्दूक की तरह धुआँ निकलता दिख रहा था। हिंदुस्तान में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस के दावों में झूठ ज्यादा दिखाई दे रहा है।
एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने 11 जून को मनोज कुमार को आईपीसी की धारा 186 और जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 131 के तहत दोषी ठहराया था। अदालत ने पुलिसवालों की गवाहियों को विश्वसनीय मानते हुए ये फैसला सुनाया था और बहस के लिए 25 जून की तारीख मुकर्रर की गई थी।