"भारत सरकार ने बिम्सटेक समूह में शामिल राष्ट्रों के नेताओं को इस शपथ ग्रहण समारोह में सम्मिलित होने के लिए निमंत्रित किया है। ये सरकार की ''पड़ोसी सर्वप्रथम" वाली नीतियों के अनुरूप है। 'संघाई कोऑपरेशन आर्गेनाईजेशन' के अध्यक्ष किर्गिस्तान के राष्ट्रपति को भी आमंत्रित किया गया है।"
चौंकाने वाली बात यह है कि राघव बहल के ख़िलाफ़ लन्दन में लगभग 273 करोड़ रुपए (31 मिलियन पाउंड) की संपत्ति ख़रीदने को लेकर आरोप है, जिस पर सरकारी जाँच एजेंसियों की तलवार लटक रही है।
कथित अल्पसंख्यकों के पीड़ित होने पर बड़े-बड़े अक्षरों में उनके नाम प्रकाशित किए जाते है, लेकिन जब वही घटना बहुसंख्यक समुदाय के साथ होती है, तो हेडलाइन में बस 'दूसरे समुदाय' की बात लिख कर खानापूर्ति...
निखिल ने हंगामा करते हुए कहा कि उन्हें मांड्या में एक महिला के हाथों हार मिली है, जो उनके लिए अपमानजनक बात है। निखिल ने अपने दादा और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी अध्यक्ष ने उन्हें मांड्या की भूलभुलैया में उलझा दिया और वहाँ आठ अपने विधायक होने की बावजूद उनका सांसद बनने का सपना चूर-चूर हो गया।
"अगर वाड्रा को ज़मानत दी गई, तो वो सबूतों के साथ छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं क्योंकि वह एक ‘प्रभावशाली व्यक्ति’ हैं। गिरफ़्तारी से छूट मिलने पर कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं पर हो रही जाँच को नुक़सान हो सकता है, जिसमें अवैध सम्पत्ति का सटीक स्रोत और..."
अधिकतर ट्विटर यूजर्स ने मज़ाक उड़ाते हुए कहा कि ज़रूर ये भाजपा के ही लोग हैं, क्योंकि वे नहीं चाहते कि राहुल गाँधी कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दें। ट्विटर यूजर्स ने लिखा कि भाजपा तब तक जीत के प्रति आश्वस्त है, जब तक राहुल कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष हैं।
सुनवाई के दौरान विवेक डोभाल ने अपने पिता को लेकर कहा कि उनका पूरा जीवन इस देश के दुश्मनों से लड़ते बीता है, ऐसा कैसे हो सकता है कि वो अपने बेटे को अवैध गतिविधियों को अंजाम देने की अनुमति दे दें। कारवाँ ने अपने लेख में डोभाल परिवार को 'डी कम्पनी' कहा था।
गोले ने अपनी स्कूली शिक्षा सोरेंग सीनियर सेकंडरी स्कूल से की और बाद में दार्जिलिंग के सरकारी कॉलेज से उन्होंने स्नातक किया। राजनीति में कदम रखने से पहले वो सरकारी टीचर थे। बाद में उन्होंने चामलिंग की एसडीएफ ज्वाइन की थी लेकिन...