एयर चीफ़ मार्शल बीएस धनोआ कहते हैं कि अगर इस स्ट्राइक को उन्हें प्रोपेगेंडा की तरह इस्तेमाल करना होता तो वे अधिक क्षमता वाले हथियारों का प्रयोग करते ताकि ज्यादा बड़े भूभाग को नष्ट किया जा सके लेकिन वो अतिरिक्त क्षति नहीं पहुँचाना चाहते थे।
इसी क्षेत्र में अब तक 10 चुनाव जीत चुके गहलोत की 93 रैलियों का कोई असर नहीं हुआ और उनके ख़ुद के ही विधानसभा क्षेत्र में उनके बेटे लीड नहीं ले सके। सरदारपुरा में वैभव गहलोत लगभग 18,000 मतों से पीछे छूट गए। कुल पौने 3 लाख मतों के अंतर से उनकी बुरी हार हुई।
जिला मजिस्ट्रेट पंकज जैन का कहना है कि जब कोई जिम्मेदार अधिकारी अपने बच्चों को ऐसे केंद्रों में भेजता है, तो हालात अपने आप सुधरने लगते हैं। कोई कमी होने पर लोग इसपर खुद नज़र रख पाते हैं और सुधार लाने के लिए टोकते भी हैं।
अकेले दिग्विजय सिंह को ही ₹90 लाख मिले। जिन अन्य लोकसभा प्रत्याशियों को फंड मिलने का आरोप हैं, उनमें मंदसौर से मीनाक्षी नटराजन, मंडला से कमल माडवी, शहडोल से प्रमिला सिंह, सिद्धि से अजय सिंह राहुल, भिंड से देवाशीष जरारिया, होशंगाबाद से शैलेंद्र सिंह दीवान, खजुराहो से कविता सिंह नटिराजा और दामोह से प्रताप सिंह लोधी शामिल हैं।
सुभ्रांशु रॉय के अलावा नोआपारा से विधायक सुनील सिंह और बैरकपुर के विधायक शीलभद्र दत्ता मुकुल रॉय के साथ दिल्ली पहुँच चुके हैं। इन तीनों नेताओं के आज शाम 4 बजे बीजेपी दफ्तर में पार्टी में शामिल होने की खबर है।
24 साल का अब्दुल शाहिद शम्सुद्दिन फ्लाइट में ही सिगरेट पीने की जिद कर रहा था। मना करने पर गाली-गलौच करने लगा। जब महिला क्रू ने बाकी स्टाफ़ के लोगों को अपनी सहायता के लिए बुलाया, तो उसने अपने पैंट की जिप खोल दी और महिला को अश्लील इशारे...
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इलाके में लगे तकरीबन 50 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जाँच में सामने आया कि मुस्लिम युवक के साथ मारपीट हुई थी। लेकिन इस दौरान न तो किसी ने उसकी टोपी फेंकी और न ही उसकी शर्ट फाड़ी गई। और न ही जय श्री राम का नारा लगाने के लिए उसे बोला गया।
आरोपित डॉक्टर के ख़िलाफ़ कई अन्य चौंकाने वाली शिकायतें भी दर्ज की गई है। वह नवजात बच्चे को किसी तीसरे को दे देता था। इसके लिए वह काग़ज़ातों से छेड़छाड़ किया करता था और दस्तावेजों को बदल देता था। इसके अलावा एक महिला ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान उसकी बच्चेदानी निकाल दी गई।