कुछ दिन पहले सड़क पार करते समय एक पूर्व सैनिक ने मुस्लिम समझकर उसके परिवार पर अपनी कार से हमला कर दिया था। इसके बाद महज 8 दिनों के भीतर क्राउड-फंडिंग के जरिए धृति के इलाज के लिए 6 लाख डॉलर (करीब 4.17 करोड़ रुपये) से ज्यादा जुटाए जा चुके हैं।
यही नहीं इस फिल्म में समझौता एक्सप्रेस और मक्का मस्जिद धमाकों के बाद हुई जाँच को किस तरह से जाँच एजेंसियों ने हिंदू संगठनों की तरफ मोड़ा उसे भी विस्तार से दिखाया गया है।
इस लिस्ट में कामरेड कन्हैया कुमार के समर्थक युवा नेता जिग्नेश मेवानी से लेकर कॉन्ग्रेस नेता दिव्या स्पंदना और अन्य कई नाम मौजूद हैं, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसी काल्पनिक और मनोवैज्ञानिक घृणा के कारण बेहद भद्दी बातें कही गई हैं
“मैं भाजपा के नारों में विश्वास नहीं रखती। पैसा मेरे लिए कोई मायने नहीं रखता, मगर जब पीएम नरेंद्र मोदी बंगाल आकर कहते हैं कि टीएमसी लुटेरों से भरी पड़ी है तो मुझे उन्हें थप्पड़ मारने का मन हुआ।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस टिप्पणी के बाद कॉन्ग्रेस के साथ ही अन्य पार्टियों ने भी इसका कड़ा विरोध किया था। वहीं सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक होती रही। लोगों का कहना था कि किसी के मृत्यु से उसके अपराध नहीं ख़त्म हो जाते।
हरीश गहलोत ने इन पैसों को भेजने के पीछे बेटे की पढ़ाई का तर्क दिया था, लेकिन ईडी ने अपने जाँच में पाया कि इन पैसों से दुबई में दो फ्लैट बुक करवाए गए। ईडी ने इन्हीं अनियमितताओं के लिए दिल्ली और हरियाणा में मौजूद हरीश गहलोत की संपत्ति जब्त की है।
शुक्ला ने दावा किया था कि यूपीए के शासनकाल में 6 बार और उससे पहले वाजपेयी के कार्यकाल के दौरान 2 बार सर्जिकल स्ट्राइक किया गया था। जबकि, आरटीआई से ख़ुलासा हुआ है कि उरी हमले के बाद 2016 में की गई सर्जिकल स्ट्राइक ही पहली सर्जिकल स्ट्राइक थी।