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ऑपइंडिया स्टाफ़

कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

यूपी में कॉन्ग्रेस का ‘त्याग’, सपा-बसपा-रालोद के बड़े नेताओं के लिए छोड़ी 7 सीटें

मैनपुरी से सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव चुनाव लड़ने वाले हैं। कन्नौज से डिंपल यादव सपा से ताल ठोकेंगी। वहीं फ़िरोज़ाबाद से वरिष्ठ सपा नेता रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव को टिकट दिया गया है। अजित सिंह और जयंत सिंह के ख़िलाफ़ भी कॉन्ग्रेस उम्मीदवार नहीं उतारेगी।

हिन्दूफोबिक ट्वीट करते पकड़ा गया IFCN-सर्टिफाइड इंडिया टुडे

भारत का हिन्दू उद्गम मानने में समस्या है, असतो मा सद्गमय ‘हिंदुत्व थोपना’ है, पर मजहब विशेष की गलती छुपाने के लिए हिन्दू को Indian बनाने में दिक्कत नहीं है।

तालाब का गंदा पानी पीने को मजबूर थे लोग, 70 साल के दैत्री नायक ने बदली गाँव की क़िस्मत

दैत्री नायक ने गाँव में होने वाली पानी की समस्या को दूर करने की ठानी और तीन साल की कड़ी मेहनत से गाँव में एक किलोमीटर लंबी नहर खोद डाली।

टुकड़े-टुकड़े गैंग के सरगना उमर ख़ालिद का पिता पश्चिम बंगाल से चुनाव लड़ने की तैयारी में

सैयद क़ासिम रसूल इलियास मुर्शिदाबाद ज़िले की मुस्लिम बहुल सीट जंगीपुर सीट से वेलफेयर पार्टी ऑफ़ इंडिया (WPI) के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। यह सीट पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत के पास थी।

लोकसभा चुनाव 2019 : बिहार में NDA ने सीटों के बँटवारे का किया ऐलान

कीर्ति आज़ाद के पार्टी छोड़ने के बाद भी पटना सीट को बीजेपी ने अपने पाले में रखा हुआ है। वहीं शत्रुघ्न सिन्हा के चुनाव लड़ने पर भी संशय बना हुआ है।

आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद सुमित्रा महाजन ने गाड़ियाँ और सुरक्षा लौटाई

इंदौर जैसे शांत और सुरक्षित शहर में उन्हें प्रोटोकॉल के तहत मिलने वाली इन गाड़ियों और सुरक्षाकर्मियों की आवश्यकता नहीं है। इसलिए वो इन सभी सुविधाओं का त्याग कर रही है।

दिल्ली BJP की माँग: चुनाव के दौरान मस्जिदों में नियुक्त हों विशेष पर्यवेक्षक ताकि मतदाता ‘भटक’ न जाएँ

दिल्ली बीजेपी ने आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं पर धार्मिक आधारों पर मतदाताओं के धुव्रीकरण का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग को पत्र लिखकर मस्जिदों में विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त करने की अपील की।

पौधों को सींचने कमर और सिर पर पानी लेकर 4 किमी तक जाती थीं राष्ट्रपति को ‘आशीर्वाद’ देने वाली ‘वृक्ष माता’

‘वृक्ष माता’ थिमक्का को अभी तक कई सारे अवॉर्ड मिल चुके हैं, लेकिन वहाँ के स्थानीय लोगों का कहना है कि थिमक्का के ऊपर इसका कोई प्रभाव नहीं दिख रहा है। वो आज भी उसी तरह से सादा जीवन जी रही हैं