53555 कुल लेख

ऑपइंडिया स्टाफ़

कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

पुलवामा हमला: आतंकियों ने मिलिट्री ग्रेड RDX को महीनों तक ढोने में कश्मीरी महिलाओं-बच्चों का किया इस्तेमाल

ख़बर के अनुसार विस्फोटक के ट्रिगर को स्थानीय स्तर पर ही बनाया गया था। अमोनियम नाइट्रेट और RDX को विस्फोटक के रूप में इस्तेमाल किया गया था।

जयपुर जेल में आतंकवादी शकर उल्लाह की हत्या, ‘लश्कर’ और ‘सिमी’ से जुड़े थे तार

शकर उल्लाह नाम के क़ैदी की एक अन्य क़ैदी के साथ टीवी के वॉल्यूम को लेकर एक विवाद हो गया था। विवाद के बाद उसे मृत पाया गया। जयपुर जेल के आईजी रुपिंदर सिंह के अनुसार शकर उल्लाह को साल 2011 में बंद किया गया था।

टॉइम्स का मेगा पोल: प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी हैं 84% जनता की पहली पसंद

पोल में सामने आए नतीजे बताते हैं कि नरेंद्र मोदी लोकप्रियता के मामले में अपने प्रतिद्वंद्वियों से बहुत आगे हैं। इसलिए लगभग 84% यूज़र्स ने बताया कि अगर आज की तारीख़ में चुनाव होते हैं तो वे पीएम के तौर पर मोदी को चुनेंगे।

जैश की एक और ख़तरनाक योजना का ख़़ुलासा, पुलवामा हमले से भी बड़ा हमला करने की साज़िश

जैश ने यह भी दावा किया है कि उसके पूर्व ऑपरेशनल कमांडर मोहम्मद वकास डार ने पिछले हफ़्ते राजौरी के नौशेरा सेक्टर में IED लगाई थी जिसमें सेना के मेजर चित्रेश बिष्ट की मृत्यु हो गई थी।

Thank You सुरक्षाबल – आपके बच्चों को परीक्षा सेंटर में बदलाव की छूट: CBSE का अनोखा धन्यवाद

CBSE ने आतंकवाद, वामपंथी कट्टरवाद इत्यादि से लड़ रहे जवानों के बच्चों को दी राहत। 10वीं व 12वीं की परीक्षा में शामिल हो रहे ये बच्चे अपने परीक्षा केंद्र में बदलाव कर सकते हैं। वे प्रैक्टिकल्स की परीक्षाएँ भी सुविधानुसार बाद में दे सकते हैं।

शाह फ़ैसल सहित 160 J&K नेताओं की सुरक्षा खत्म: 100 गाड़ी, 1000 से ज्यादा सुरक्षाबल पर करोड़ों की बचत

सरकार ने यह भी साफ़ कर दिया है कि अब किसी भी अलगाववादी को भविष्य में सुरक्षा प्रदान नहीं की जाएगी। साथ ही, इन्हें मिल रही अन्य सुविधाएँ भी छीन ली जाएँगी।

फैक्ट चेक: राष्ट्रीय सुरक्षा पर NDA सरकार के ट्रैक रिकॉर्ड के बारे में आपटार्डों के पेज का फर्ज़ीवाड़ा

यह स्पष्ट नहीं है कि आतंकी हमलों की संख्या कहाँ से प्राप्त हुई क्योंकि हमें SATP वेबसाइट पर ऐसा कोई आँकड़ा नहीं मिला। स्पष्ट है कि केवल झूठ फ़ैलाने के लिए ऐसे ही एक बड़ी संख्या चुनी गई ताकि सुरक्षा के मामले में NDA को कमज़ोर साबित किया जा सके।

इतना अफ़सोस है तो 40 को सौंप दीजिए पब्लिक में मारने के लिए: मुफ़्ती से JNU प्रोफ़ेसर

पूर्व मुख्यमंत्री ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शिक्षा देने वाला कोई शख़्स ऐसा कैसे हो सकता है? अगर वह वाकई शिक्षित हैं तो? या फिर जानबूझकर कश्मीरियों को कष्ट पहुँचाना चाहती हैं। विडंबना यह है कि वह लॉ गवर्नेंस की अध्यापिका हैं।