विवादस्पद NDTV की पहचान अब अक्सर फ़ेक न्यूज़ को प्रचारित करने की बन चुकी है। NDTV ने अपनी वेबसाइट में एक ऐसी भ्रामक हेडलाइन को प्रमुखता से जगह दी जिसमें यह दर्शाया गया कि पीएम मोदी ने वंदे भारत ट्रेन-18 का मजाक उड़ाते हुए लोगों के ख़िलाफ़ सज़ा की माँग की।
नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे संबंधों में और भी प्रगाढ़ता आई है। सऊदी अरब हमारे विस्तृत पड़ोस में है, एक करीबी दोस्त है और भारत की ऊर्जा सुरक्षा का महत्वपूर्ण स्रोत भी है।
ऑल्ट न्यूज़ के कट्टर भक्त @zoo_bear ने अपने भक्तों से उसी ‘क्रॉप्ड वीडियो’ को री-ट्वीट करने का आग्रह किया, ताकि सांप्रदायिक द्वेष को भड़काया जा सके और इस फ़र्ज़ी ख़बर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाया जा सके।
इस के तहत भारत में दलित, मुस्लिम, सिख, और क्रिश्चियन समुदाय के लोगों को भड़का कर देश को टुकड़ों में बांटना था। पाक को आंशिक सफलता मीडिया के एक ख़ास वर्ग और लिबरल लॉबी से मिली, जो मोदी सरकार के खिलाफ माहौल बनाने में लगी रहती है।
छात्रा ने पुलवामा हमले को सही ठहराया था। उसने पुलवामा में वीरगति को प्राप्त हुए जवानों का अपमान करते हुए सोशल मीडिया पर एक स्टेटस लगाया था। सूचना मिलते ही सैकड़ों छात्रों ने उस पर कार्रवाई की माँग की।
पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने के भारत के कूटनीतिक प्रयासों को बड़ी सफलता मिलती दिख रही है। फ्रांस, अमेरिका और ब्रिटेन आतंकी मसूद अज़हर को प्रतिबंधित करने के लिए सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव लाएँगे।
हमने कई सारे इनिशिएटिव लिए हैं ताकि युवा इस चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा बनें और शांति के प्रयास में हमारा साथ दे सकें। मेरे परिवार के कुछ सदस्य आतंकियों द्वारा पिछले कुछ सालों में मारे जा चुके हैं और यह बताता है कि यहाँ मेरी ज़िंदगी को कितना ख़तरा है।
दैनिक जागरण में रुपए की जिस ख़बर का हवाला देते हुए उन्होंने एक लंबा फर्जी लेख ''मीडिया विजिल'' में लिख मारा है, वह पूरी स्टोरी विशेषज्ञों के हवाले से लिखी गई है। काश! रवीश अंग्रेजी जानते और ऑरिजिनल आर्टिकल पढ़ पाते।