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सुर्खियों के पीछे छिपी कहानियों की तलाश में...

‘बॉनफायर’ हो जाता है हजम, लोहड़ी की अलाव में दिखता है ‘प्रदूषण’: हिंदू त्योहारों पर ही क्यों मीडिया देता है ज्ञान, विदेशी तौर-तरीके बताए...

मीडिया में लोहड़ी की हेडलाइंस 'धुआँ और पर्यावरण नुकसान' होती है। वहीं, दूसरी तरफ 'बॉनफायर' की हेडलाइंस 'ठंड में पार्टी का मजा लें' होती हैं।

‘मौत का सौदागर’ से लेकर ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ तक लगातार रिसता रहा है कॉन्ग्रेस-वामपंथ का जहर, लोकतंत्र में चुने हुए PM से यह...

2022 से 2026 तक, चाहे JNU का कैंपस हो, कॉन्ग्रेस की रैलियाँ हों या पहलवानों का धरना, हर जगह 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी' के नारे सुनने को मिले।

ध्रुव राठी और कॉन्ग्रेस का ‘गिग वर्कर्स’ वाला प्रोपेगेंडा हुआ फ्लॉप: 31 दिसंबर को नहीं रुकी डिलीवरी, ऑपइंडिया के रियलिटी चेक में सच आया...

31 दिसंबर को देश ठप करने की नीयत से ध्रुव राठी और कॉन्ग्रेस समर्थित संगठनों ने गिग वर्कर्स की जिस हड़ताल का माहौल बनाया, वह बुरी तरह फेल हुआ।

पर्यटन से तीर्थाटन की ओर: नए साल से पहले काशी-मथुरा-वृंदावन और अयोध्या में श्रद्धालुओं का सैलाब, आस्था से आकार ले रही ‘हिंदू इकोनॉमी’

यह केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि एक व्यापक सामाजिक-सांस्कृतिक बदलाव है जिसे अब 'हिंदू इकोनॉमी' के उदय के रूप में देखा जा रहा है।

विरोध प्रदर्शन के नाम पर हल्ला, हिंदुओं का उत्पीड़न करके सब शांत: बांग्लादेश से लेकर पाकिस्तान के कट्टरपंथियों का पैटर्न एक, पहला नहीं है...

बांग्लादेश में ईशनिंदा के झूठे आरोपों में हिंदुओं की हत्या कट्टरपंथ का नया 'पैटर्न' बन चुका है।अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा साजिश बन चुकी है।

‘सर तन से जुदा’ का नारा भारत की संप्रभुता-अखंडता को खुली चुनौती: बरेली हिंसा मामले में इलाहाबाद HC ने रिहान की जमानत याचिका की...

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि 'गुस्ताख-ए-नबी की एक सजा, सर तन से जुदा' जैसा नारा हिंसा और उकसाने वाला है, जो कानून और देश के खिलाफ है।

बुर्का हटाने पर बवाल, न पहनने पर सीधे हत्या: इस्लामी कट्टरपंथियों को नहीं है मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों से सरोकार, वरना ‘ताहिरा’ के मर्डर...

हिजाब-बुर्का विवाद में नीतीश कुमार से जुड़े बवाल और शामली हत्याकांड ने महिला अधिकार, कट्टरपंथ और नारीवाद के दोहरे मानदंडों को उजागर किया है।

मुस्लिम मुल्क में महादेव की आस्था: मस्कट के उस 125 साल पुराने शिव मंदिर की गाथा जिसे गुजराती व्यापारियों ने बनाया, जानिए क्या है...

मस्कट के मोतीश्वर महादेव मंदिर परिसर में एक प्राचीन कुआँ है, जो रेगिस्तानी इलाके में भी साल भर पानी से भरा रहता है। लोग इसे चमत्कार मानते।