Home Blog Page 1083

ED के कैविएट दाखिल करते ही केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट से वापस ली याचिका, पहले कहा था- हमारी तुरंत सुनिए नहीं तो पहला वोट पड़ने से पहले कई नेता जेल में होंगे

शराब घोटाले में गिरफ्तार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी याचिका सुप्रीम कोर्ट से वापस ले ली है। इससे पहले उनके वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने शीर्ष अदालत से गुहार लगाते हुए कहा था कि उनकी याचिका तत्काल सुनी जाए, क्योंकि प्रक्रिया चलती रही तो पहला वोट पड़ने से पहले कई वरिष्ठ नेता जेल में होंगे। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश (CJI) सुनवाई के लिए राजी हो गए थे। लेकिन प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से कैविएट याचिका दाखिल होते ही उन्होंने अपनी याचिका वापस ले ली।

इस मामले में सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने ED की तरफ से कैविएट दाखिल किया था। तुषार मेहता ने सुनवाई के पहले सुप्रीम कोर्ट से अपील की थी कि ED का पक्ष सुने बिना केजरीवाल की गिरफ्तारी पर कोई निर्णय ना लिया जाए।

CM केजरीवाल की इस याचिका पर सुनवाई जस्टिस खन्ना की अगुवाई वाली बेंच को करनी थी। इस बेंच में जस्टिस खन्ना के अलावा जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस एमएम सुन्दरेश शामिल थे। हालाँकि, इस पर कोई बहस होती इससे पहले ही याचिका को वापस ले लिया गया।

सिंघवी ने इस मामले को सबसे पहले चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के सामने रखा था। उन्होंने इस मामले में तुरंत सुनवाई की माँग की थी। सिंघवी ने चीफ जस्टिस से कहा कि यदि इसकी सुनवाई में देरी हुई तो लोकसभा चुनावों के मतदान से पहले कई नेता जेल में होंगे। चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने इस मामले को जस्टिस संजीव खन्ना की अगुवाई वाली बेंच को भेज दिया था। जस्टिस खन्ना ने कहा था कि वह एक मामले की सुनवाई के बाद इस याचिका की सुनवाई करेंगे।

गौरतलब है कि दिल्ली CM अरविन्द केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) को गुरूवार (21 मार्च, 2024) रात गिरफ्तार कर लिया था। उन्हें उनके आवास से ही गिरफ्तार किया गया था। CM केजरीवाल की गिरफ्तारी दिल्ली शराब घोटाला मामले में हुई थी।

दिल्ली CM केजरीवाल की गिरफ्तारी से पहले ED उन्हें 9 बार पूछताछ के लिए बुला चुकी थी। उन्हें नवम्बर 2023 से लगातार ED समन भेज रही थी लेकिन वह हर बार कोई ना कोई कारण देकर इनसे बचते रहे थे। उन्होंने ED की पूछताछ से बचने को हाई कोर्ट का भी रास्ता अख्तियार किया था।

केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने भी उनकी गिरफ्तारी पर कल रोक लगाने से इनकार कर दिया था जिसके बाद रात में ED की टीम उनके आवास पहुँच कर उन्हें गिरफ्तार कर ले गई। उनकी पार्टी ने गिरफ्तारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

‘हम भारतीय संविधान के प्रति निष्ठा रखते हैं’: जिनके नाना-अब्बा कश्मीर पर करते थे पाकिस्तानी प्रलाप, आज वे अखबारों में विज्ञापन छपवा खुद को बता रहे ‘देशभक्त’

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में अलगाववादी नेता सैयद अली गिलानी की नातिन रुआ शाह और जेल में बंद शब्बीर शाह की बेटी समा शब्बीर ने अपने आप को अलगाववादी विचारधारा वाली पार्टियों से दूर कर लिया है। दोनों ने ये दूरी सिर्फ मौखिक ढंग से नहीं बनाई बल्कि इसके बारे में इश्तेहार छपवाकर ऐलान किया है।

जेल में बंद अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह की बेटी समा शब्बीर ने अखबार में एड देकर सार्वजनिक रूप से अपने पिता की डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी (डीएफपी) से खुद को अलग कर लिया है और भारत संघ की संप्रभुता के प्रति निष्ठा की शपथ ली है। पूर्व में कश्मीर से सीबीएसई की टॉपर रही समा ने एक स्थानीय समाचार पत्र में नोटिस छपवाकर ऐलान किया।

समा शब्बीर शाह ने विज्ञापन में कहा, “मैं साफ करना चाहती हैं कि मेरा संबंध डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी से कहीं से कहीं तक नहीं है न ही मेरा पार्टी की विचारधारा से लेना-देना है। मैं बस ये स्पष्ट करना चाहती हूँ कि अगर कोई मेरे नाम को पार्टी के साथ इस्तेमाल करेगा तो मैं उसके खिलाफ लीगल एक्शन लूँगी। ये भी साफ कर दूँ कि मैं भारत की ईमानदार नागरिक हूँ और मेरा संबंध ऐसी किसी संस्था से नहीं है जो भारत की अखंड संप्रभुता के खिलाफ हो।”

इसी तरह गिलानी की नातिन रुआ शाह ने भी अखबार में इश्तेहार दिया। इसमें उन्होंने कहा, “मैं सैयद अली शाह गिलानी की नातिन और अल्ताफ अहमद शाह की बेटी घोषणा करती हूँ कि मेरा हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से कोई लेना-देना नहीं है। इसे मेरे दादा चलाते थे। मेरा उस संगठन के प्रति कोई झुकाव या संवेदना नहीं है। अगर किसी ने मेरा न उसके साथ लिया तो मैं कानूनी कार्रवाई करूँगी। मैं भारत की ईमानदार नागरिक हूँ। भारत विरोधी एजेंडा रखने वाली संगठन से मेरा लेना-देना नहीं है। मैं संविधान के प्रति निष्ठा रखती हूँ।”

बता दें कि शब्बीर शाह पर पाकिस्तान के साथ मिलकर जम्मू-कश्मीर में लंबे समय तक अशांति फैलाने का आरोप लगा था। इस समय शब्बीर शाह जेल में बंद हैं। ईडी ने कोर्ट में बताया था शाह बड़ी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है और आतंक फैलाने के मामले में कई देशों से बड़े स्तर फंडिंग जुटाई है। वहीं गिलानी की बात करें तो गिलानी कश्मीर का सबसे बड़े अलगावादी नेताओं में से एक थे। उनके ऊपर टेरर फंडिंग के केस थे। पाकिस्तान के वो इतने बड़े हितैशी थे कि उनके इंतकाल पर पाकिस्तान ने अपना झंडा आधी ऊँचाई पर फहरवाने का ऐलान किया था।

हिंदू बच्चों को काटने से पहले चाकू खरीद कर लाया था साजिद, कहा था- रमजान है गोश्त काटने के काम आएगा: बदायूँ पुलिस को जावेद ने बताया

बदायूँ में 2 हिन्दू बच्चों को मारने वाले साजिद ने हत्या से पहले एक चाकू खरीदा था। उसने अपने भाई जावेद के पूछने पर कहा था कि रमजान के दिन चल रहे हैं इसलिए चाकू गोश्त काटने के काम आएगा। जावेद ने यह बातें पुलिस पूछताछ में बताई हैं।

जावेद से पूछताछ में मिली जानकारी को लेकर बदायूँ के एसएसपी आलोक प्रियदर्शी ने मीडिया से बातचीत की है। जावेद ने पुलिस से पूछताछ में बताया है कि साजिद पीड़ित परिवार के सामने ही पिछले लगभग 4-5 वर्षों से दुकान करता था। साजिद की पीड़ित परिवार से पहचान भी थी।

जावेद ने बताया है कि घटना के दिन (19 मार्च, 2024) को वह सामान्य दिनों की तरह ही दुकान पर आए थे। इसके बाद साजिद ने लोगों के बाल भी काटे और दाढ़ी वगैरह भी बनाई। इसके बाद 10 बजे के आसपास साजिद ने अपनी तबीयत खराब होने की बात कही।

साजिद यह बात कह कर दुकान से चला गया था। वह लगभग 1 बजे वापस आया था और फिर से तबीयत खराब होने की बात कहने लगा। साजिद और जावेद दुकान बंद करके 1 बजे के आसपास वापस गाँव सखानू लौट गए थे।

इसके बाद जावेद ने साजिद से गोश्त बना कर खाने की बात कही थी। दोनों भाई वापस बदायूँ आ गए थे। जावेद ने बताया है कि साजिद ने हत्या से कुछ घंटे पहले एक चाकू खरीदा था। जावेद के पूछने पर साजिद ने बताया था कि रमजान के समय गोश्त काटने के लिए वह यह चाकू लाया है।

इसके बाद साजिद हिन्दू बच्चों के घर जाने की बात कहने लगा था। जावेद ने बताया है साजिद घर के अंदर जाकर बच्चों की हत्या कर दी थी। उसने बताया कि साजिद अंदर से खून में सने कपड़ो में बाहर आया था। इसके बाद दोनों भाग गए थे।

पुलिस से जावेद ने बताया है कि वह हत्या में शामिल नहीं था बल्कि बाहर बाइक लेकर खड़ा था। पुलिस ने जानकारी दी है कि साजिद की शादी को लेकर समस्याएँ थी, शादी के 4 साल बाद भी उसकी बीवी के बच्चा नहीं हो रहा था।

पुलिस ने इस मामले में साजिद के परिजनों से भी पूछताछ की है। परिजनों ने पुलिस को बताया है कि साजिद बचपन से काफी बीमार रहता था, साजिद का पिता उसे कई पीर और बदायूँ में छोटे सरकार-बड़े सरकार की दरगाह पर भी लेकर गया था। पुलिस ने बताया कि 10 वर्ष की आयु में साजिद के बीमार होने पर उसकी माँ उसे लेकर कई दिनों तक दरगाह में रही थी।

पुलिस ने कहा है कि साजिद को क्या बीमारी थी इसका पता लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह हिंसक प्रवृत्ति का था। उसे कभी कभार काफी गुस्सा आता था और वह किसी के नियंत्रण में नहीं आता था। साजिद ने एक बार चूहे मारने की दवा भी खा ली थी। पुलिस ने यह भी कहा है कि साजिद, बच्चों के घर में हत्या का मन पहले से बना कर गया था।

बदायूँ के एसएसपी आलोक प्रियदर्शी ने कहा है कि घटना के विषय जितने भी लोग जानकारी दे रहे हैं उन सभी तथ्यों को एक साथ रख कर देखा जाएगा। मृतक हिन्दू बच्चों के परिवार वालों से भी घटना के विषय में डीटेल्ड जानकारी ली जाएगी।

गौरतलब है कि 19 मार्च, 2024 की शाम को बदायूं में नाई की दुकान चलाने वाले साजिद ने दो हिन्दू बच्चों आयुष और अहान की छुरी से रेत कर हत्या कर दी थी। साजिद यह हत्या करके फरार हो गया था। यूपी पुलिस ने साजिद को उसी दिन मुठभेड़ में मार गिराया था। घटना के दौरान मौजूद रहा साजिद का भाई जावेद फरार था। जावेद को गुरूवार (21 मार्च, 2024) को गिरफ्तार किया गया था।

भोजशाला में जुमे पर शुरू हुआ ASI सर्वे, कैमरे से रखी जा रही नजर: देवी सरस्वती के मंदिर को बना दिया था कमाल मौलाना मस्जिद

मध्यप्रदेश के धार में स्थित ऐतिहासिक परमारकालीन भोजशाला में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने आज (22 मार्च 2024) से सर्वे शुरू कर दिया है। इस दौरान भोजशाला के बाहर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। परिसर के आसपास कैमरे और मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं। वहीं सामने आई वीडियो में बड़े अधिकारियों की बाहर खड़ी गाड़ियाँ और पुलिस बल देखा जा सकता है। ये सर्वेक्षण सुबह 6 बजे से शुरू हुआ है।

जानकारी के मुताबिक, आज के दिन शुरू हुआ सर्वे दो चरणों में पूरा होना है। ऐसा इसलिए क्योंकि अब तक भोजशाला में शुक्रवार के दिन मुस्लिमों को नमाज की अनुमति रही है इसलिए शुक्रवार को किया जा रहा एएसआई सर्वे रुक-रुककर होगा। एक नमाज से पहले दूसरा नमाज के बाद। इसके बाद एएसआई अपनी रिपोर्ट बनाएगा और ये रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल होगी।

बता दें कि भोजशाला को माता वाग्देवी का मंदिर बताते हुए हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने वहाँ पूजा के अधिकार की माँग की है। इस संबंध में कोर्ट में चार याचिकाएँ चल रही है। मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल को होनी है। इस केस में संगठन की ओर से कोर्ट में वरिष्ठ वकील हरिशंकर जैन और वकील विष्णु जैन ने अपनी दलील रखी थी।

उनकी मजबूत दलीलों के चलते ही कोर्ट ने भोजशाला में एएसआई सर्वेक्षण के निर्देश दिए थे। टीम को 6 हफ्ते में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया था। लेकिन, सर्वे आदेश के 11 दिन बाद होना शुरू हुआ ऐसे में सर्वे के लिए एएसआई पर सिर्फ साढ़ चार हफ्ते बचे हैं।

गौरतलब है कि भोजशाला विवाद बहुत पुराना विवाद है। हिंदू पक्ष का मत है कि ये माता सरस्वती का मंदिर है जहाँ देवी-देवताओं के चित्र और संस्कृत में श्लोक आज भी लिखे हुए हैं। लेकिन, सदियों पहले मुसलमानों ने इसकी पवित्रता भंग करते हुए यहाँ मौलाना कमालुद्दीन की मजार बना दी थी जिसके बाद यहाँ मुस्लिमों का आना जाना शुरू हो गया और अब जगह को नमाज के लिए प्रयोग में लाया जाता है।

भोजशाला के बाहर लगे बोर्ड में सूचना के तौर पर साफ लिका है कि मंगलार सूर्योदय से सूर्यास्त तक हिंदुओं को वहाँ प्रवेश मिलेगा। वहीं शुक्रवार दोपहर 2 बजे से लेकर तक 3 बजे तक नमाजियों के लिए प्रवेश होगा। बाकी बचे दिन कोई भी जगह को देखने के लिहाज से जा सकता है।

दारू पर दोगली हुई कॉन्ग्रेस: कभी दिल्ली पुलिस से की थी शिकायत-केजरीवाल का माँगा था इस्तीफा, अब गिरफ्तारी को बता रही ‘लोकतंत्र की हत्या’

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविन्द केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरूवार (21 मार्च, 2024) को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी को कॉन्ग्रेस लोकतंत्र की हत्या बता रही है। यही कॉन्ग्रेस 2022 में शराब घोटाले की शिकायत लेकर दिल्ली पुलिस के पास गई थी और केजरीवाल का इस्तीफ़ा माँगा था।

कॉन्ग्रेस नेता और वायनाड सांसद राहुल गाँधी ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया है। वहीं प्रियंका गाँधी ने CM केजरीवाल की गिरफ्तारी को असंवैधानिक बताया है। कॉन्ग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी इस गिरफ्तारी की आलोचना की है।

जहाँ आज कॉन्ग्रेस के नेता दिल्ली शराब घोटाले में CM केजरीवाल की ED द्वारा गिरफ्तारी को गलत ठहरा रहे हैं, वहीं कुछ समय पहले ही वह इसको लेकर दिल्ली पुलिस से शिकायतें कर रहे थे। दिल्ली प्रदेश कॉन्ग्रेस ने आधिकारिक रूप से दिल्ली पुलिस को शराब नीति मामले में शिकायत की थी।

दिल्ली प्रदेश कॉन्ग्रेस के तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार जून 2022 में तब दिल्ली पुलिस कमिश्नर रहे राकेश अस्थाना को एक पत्र लिख कर आप सरकार की शराब नीति की शिकायत की थी। उन्होंने यह पत्र नई नीति में कार्टेल बनाने और घोटाले को लेकर लिखा था।

अनिल कुमार के लिखे पत्र में कहा गया था कि कई कम्पनियों ने नई शराब नीति के तहत अवैध रूप से ठेके पाए हैं और एकाधिकार बाजार तैयार किया है। उन्होंने आरोप लगाया था कि कई कम्पनियों ने फर्जी कम्पनियों के नाम से शराब नीलामी में हिस्सा लिया और बड़े अधिकारियों समेत मंत्रियों के कारण ठेके ले भी लिए।

अनिल कुमार ने आरोप लगाया था कि नई शराब नीति के तहत एक कम्पनी को दिल्ली के दो जोन में ही शराब बिक्री का ठेका दिया जा सकता है जबकि एक कम्पनी ने अलग अलग नाम धारण करके 4 जोन में ठेके लिए। अनिल कुमार ने अपने पत्र में इस बात के सबूत भी दिए थे।

उन्होंने आरोप लगाया था कि शराब नीति में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि शराब बनाने या उसको थोक में बेचने वाली कम्पनी को शराब खुदरा रूप से बेचने का लाइसेंस नहीं मिलेगा जबकि इस नियम का भी उल्लंघन किया गया। उन्होंने कहा था कि OASIS नाम की कम्पनी के लोगों ने फर्जी कम्पनियाँ बना कर सारे नियमों की धज्जियां उड़ाई।

अनिल कुमार ने इस मामले में कहा था कि दिल्ली पुलिस को इस मामले की करनी चाहिए। कॉन्ग्रेस ने इसको दिल्ली में प्रदर्शन भी किए थे और तब आबकारी मंत्री रहे मनीष सिसोदिया का इस्तीफ़ा भी माँगा था। कॉन्ग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने इस दौरान कहा था कि मनीष सिसोदिया इन सभी भ्रष्टाचार वाली सौदेबाजी में लिप्त हिं।

इसके अलावा कॉन्ग्रेस नेता अजय माकन ने भी दिल्ली में हुए शराब घोटाले पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और आरोप लगाया था कि अरविन्द केजरीवाल ने कॉन्ग्रेस को हराने के लिए ₹100 करोड़ शराब माफिया से लिए। इससे पार्टी फंडिंग हुई।

दिल्ली CM केजरीवाल की गिरफ्तारी से पहले ED उन्हें 9 बार पूछताछ के लिए बुला चुकी थी। उन्हें नवम्बर 2023 से लगातार ED समन भेज रही थी लेकिन वह हर बार कोई ना कोई कारण देकर इनसे बचते रहे थे। उन्होंने ED की पूछताछ से बचने को हाई कोर्ट का भी रास्ता अख्तियार किया था।

केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने भी उनकी गिरफ्तारी पर कल रोक लगाने से इनकार कर दिया था जिसके बाद रात में ED की टीम उनके आवास पहुँच कर उन्हें गिरफ्तार कर ले गई। उनकी पार्टी ने गिरफ्तारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

माता सीता को बताया ‘वेश्या’, कनपटी पर बंदूक रख माँगा ‘जजिया’: AMU में होली खेलने पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटे गए हिंदू छात्र

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में गुरुवार (21 मार्च 2024) को होली खेलने के दौरान बवाल हो गया। इस दौरान कुछ अन्य छात्रों ने होली खेलने वाले छात्रों को पीटा। घटना की एक वीडियो भी सामने आई है। इसमें लड़कों को दौड़ाकर पीटते देखा जा सकता है।

पीड़ित छात्रों ने बताया कि वो होली खेलने एएमयू के इंजीनियरिंग कैंपस में गए थे, तभी वहाँ पर मुस्लिम समुदाय के कई छात्र भीड़ में आ गए और पिटाई शुरू दी। वीडियो में हिंदू छात्रों को भागकर अपनी जान बचाते देखा जा सकता है। मामले के संबंध में FIR हो गई है। केस को आईपीसी की छारा 147, 148, 149, 153-ए, 386 , 323, 504 के तहत दर्ज किया गया है।

सिविल लाइंस थाने में पीड़ित छात्रों के पक्ष में खड़े लोगों ने माँग की है कि उनपर हमला करने वाले आरोपितों को सजा दी जाए। पीड़ितों ने पुलिस से कहा है कि अगर उन्हें पीटने वालों पर कोई एक्शन नहीं लिया गया तो वो आत्मदाह कर लेंगे। पुलिस ने भी छात्रों को शांत कराते हुए पूरी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।

ऑपइंडिया के पास घटना के बाद कराई गई एफआईआर मौजूद है। इसमें आदित्य प्रताप सिंह नाम के युवक ने अपनी शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि घटना 21 मार्च को दोपहर ढाई बजे की है। सभी हिंदू छात्र जाकिर हुसैन कॉलेज ऑफ इंजिनियरिंग एंड टेक्नॉलिजी के पार्क में मौजूद थे। तभी वहाँ मुस्लिम छात्र मिसवा, जाकीउर्ररहमान, जैद शेरबानी, शाहरुख सबरी, शोएब कुरैशी, अहमद मुस्तफा, अफ्फान शेरबानी, सहवान खान, फैसल त्यागी, अरसान सिद्दकी अपने हाथों में अवैध पिस्टल, तमंचा व लाठी डंडे के साथ पार्क में आ गए।

इस दौरान इन लोगों ने हिंदुओं को और उनके देवी-देवताओं को गंदी-गंदी गाली बकी। एफआईआऱ के अनुसार इन लोगों ने कहा- “वे$या सीता की औलादों को आज सबक सिखा देते हैं।” हिंदुओं ने विरोध किया तो उनकी कनपटी पर पिस्टल रख दी और कहा कि तुम हिंदुओं को अगर होली खेलनी है तो हमें 1000 रुपए प्रति माह दिया करो।

इसके बाद उन्हें निकालकर 750 रुपए दिए गए लेकिन तब भी नामजदों द्वारा उन्हें बुरी तरह पीटा गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि घटना में हिंदुओं ने बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाई और जो उनके साथ हुआ उससे उनकी भावनाएँ आहत हुई हैं साथ ही काफी अंदरुनी चोटें आई हैं इसलिए इस मामले में केस दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि पुलिस का इस मामले में कहना है कि उन्हें AMU में दो पक्षों में झड़प की सूचना मिली थी। इसके बाद वहाँ तत्काल पुलिस टीम पहुँची। शांति-व्यवस्था बहाल कराई गई। फिर मामला दर्ज करके वैधानिक कार्रवाई चल रही है। कोई चोटिल नहीं हुआ है। इलाके में सब ठीक है।

अरविंद केजरीवाल को ED ने गिरफ्तार किया: शराब नीति के बदले ‘साउथ लॉबी’ ने AAP को दिए थे ₹100 करोड़, दिल्ली CM के दफ्तर में रची जाती थी साजिश

दिल्ली के मुख्यमंत्री और AAP (आम आदमी पार्टी) के संयोजक अरविंद केजरीवाल को ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने गिरफ्तार कर लिया है। शराब घोटाला के मामले में ED ने ये कार्रवाई की है। AAP के नेता सौरभ भारद्वाज और आतिशी पहले से ही कह रही थीं कि दिल्ली सीएम को गिरफ्तार किया जा सकता है। शराब घोटाला के मामले में दायर चार्जशीट में ED ने अरविंद केजरीवाल को साजिशकर्ता के रूप में नामित किया था। BRS की के कविता का भी इसमें नाम है।

AAP के अन्य नेता पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और राज्यसभा सांसद संजय सिंह पहले से ही इस मामले में जेल में हैं। ED ने कहा है कि शराब माफियाओं की एक ‘साउथ लॉबी’ है, जिसे फायदा पहुँचाने के लिए दिल्ली की शराब नीति बनाई गई थी। हालाँकि, बाद में इसे रद्द कर दिया गया। इसके बदले में उक्त ‘साउथ लॉबी’ ने AAP को 100 करोड़ रुपए दिए थे। इस मामले का एक अन्य आरोपित विजय नायर अक्सर अरविंद केजरीवाल के घर जाता था और वहाँ काफी समय गुजारता था

इस मामले के गवाहों और आरोपितों ने अरविंद केजरीवाल का नाम लिया था। शराब कारोबारियों से विजय नायर ने कहा था कि उसने अरविंद केजरीवाल से नई शराब नीति को लेकर विचार-विमर्श किया है। विजय नायर ने ही ‘Indospirit’ के मालिक समीर महेन्द्रू को दिल्ली के CM से मिलवाया था। बैठक असफल रही तो उसने वीडियो कॉल के जरिए दोनों की बात करवाई। इसमें अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि कीजै नायर उनका ‘बच्चा’ है और उस पर उन्हें पूरा विश्वास है।

इसमें एक राघव मगुंटा का नाम भी आया है, जो ‘साउथ लॉबी’ का पहला आरोपित है और अब सरकारी गवाह बन चुका है। उसके पिता YSR कॉन्ग्रेस पार्टी के सांसद हैं। उन्होंने AAP संयोजक से मुलाकात कर के दिल्ली की शराब नीति के बारे में समझा था। मनीष सिसोदिया के पूर्व सेक्रेटरी C अरविंद ने दिसंबर 2022 में अपने एक बयान में कहा था कि एक ‘ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स’ रिपोर्ट के दस्तावेज के आधार पर उन्हें ड्राफ्ट बनाने के लिए कहा गया था, जबकि बैठक में ऐसी कोई चर्चा ही नहीं हुई थी।

दिल्ली एंटी-हिंदू दंगा केस: उमर खालिद ने UAPA केस में डाली जमानत याचिका, कोर्ट की सुनवाई में आया एक्टर सुशांत सिंह का नाम

साल 2020 में दिल्ली के एंटी-हिंदू दंगों के आरोपित उमर खालिद की जमानत याचिका पर गुरुवार (21 मार्च 2024) को दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट में सुनवाई की गई। ये जमानत याचिका एफआईआर नंबर 59/2020 के लिए डाली गई, जिसमें उमर खालिद ने यूएपीए केस में जमानत माँगी। इस केस की सुनवाई समीर बाजपेयी की कोर्ट में चल रही है, जिसपर अगली सुनवाई 3 अप्रैल को होगी। इस जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान एक्टर सुशांत सिंह का नाम बार-बार आया, खासकर उमर खालिद से उसकी बातचीत को लेकर।

बचाव पक्ष के वकील त्रिदीप पेस ने सुशांत सिंह और उमर खालिद के बीच वॉट्सऐप बातचीत का जिक्र किया, जो दोनों के बीद फरवरी 2020 में हुई थी। ये बातचीत दिल्ली दंगों से कुछ समय पहले हुई थी। दोनों के बीच बातचीत को लिखित रूप में प्रस्तुत किया गया। हालाँकि इस चैट में क्या कुछ था, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आ पाई है। इस दौरान सीनियर एडवोकेट त्रिदीप पेस ने कोर्ट में बताया कि उमर खालिद ने दिल्ली पुलिस को कथित रूप से ‘बेनकाब’ करने के लिए वामपंथी मीडिया पोर्टल द क्विंट द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट अभिनेता और कथित कार्यकर्ता सुशांत सिंह को भेजी थी।

ऑपइंडिया ने पाया है कि उमर खालिद के वकील त्रिदीप पेस के कोर्ट में जो बात (सुशांत-उमर खालिद लिंक) कही है, उसमें वास्तव में दम है। क्योंकि सुशांत सिंह ने 11 जून 2020 को उमर खालिद से मिले निर्देश पर ‘द क्विंट’ का लिंक भी एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर शेयर किया था। जिसमें दिल्ली पुलिस पर उमर खालिद को फंसाने के आरोप लगाए गए हैं। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि दिल्ली पुलिस ने 8 जनवरी 2020 को उमर खालिद, ताहिर हुसैन और अन्य पर साजिश रचने का आरोप लगाया। हालाँकि, डोनाल्ड ट्रम्प की संभावित भारत यात्रा का पहला उल्लेख इस बैठक के पाँच दिन बाद 13 जनवरी 2020 को किया गया था।

सुशांत के साथ बातचीत में खालिद ने उससे द क्विंट की रिपोर्ट का लिंक पोस्ट करने के लिए कहा था, जिसे मानते हुए सुशांत सिंह ने वो लिंक एक्स पर शेयर भी किया था।

सुशांत सिंह के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

अभिनेता और ‘कार्यकर्ता’ सुशांत सिंह और आतंकी आरोपी उमर खालिद के बीच की नजदीकी और तालमेल कई मौकों पर दिखी है। सुशांत सिंह ने उमर खालिज के सपोर्ट में पिछले सालों में बहुत सारे पोस्ट लिखे हैं, जिसमें से कुछ ट्वीट पर यहाँ शेयर कर रहे हैं, जिसमें सुशांत सिंह का उमर खालिज को लेकर सपोर्ट साफ तौर पर दिखता है।

ऑपइंडिया की जाँच में इस मामले में दाखिल की गई चार्जशीट के मिलान से ये स्पष्ट है कि दिल्ली दंगों के लिए साजिश रचने के लिए बैठक भले ही 8 जनवरी को हुई थी, लेकिन ट्रंप की भारत यात्रा को लेकर प्लानिंग बाद की बैठकों में हुई। इन बैठकों में ये फैसला लिया गया, जिसमें ट्रंप की यात्रा के समय दंगों के समय को निर्धारित किया गया, ताकि सरकार पर अधिक से अधिक दबाव बनाया जा सके।

उमर खालिद ने भी अपने कबूलनामे में कहा है कि 16-17 जनवरी की बैठक के दौरान ही ये फैसला लिया गया कि दंगों के जरिए ही सरकार पर दबाव बनाया जा सकता है, यही सीएए को रद्द कराने का एकमात्र तरीका है। उमर खालिद ने अपने कबूलनामे में कहा, “दंगों के लिए मैंने लोगों से पत्थर, पेट्रोल, एसिड और हथियार जमा करने के लिए कहा और फिर दिल्ली के भीतर 23-24 प्रदर्शनों में हिस्सा लिया। मैं महाराष्ट्र के अमरावती भी गया, जहाँ मैंने कहा कि 24 फरवरी को डोनाल्ड ट्रंप की आधिकारिक यात्रा के दौरान हम सड़कों पर उतरेंगे और अपनी ताकत दिखाकर सरकार पर दबाव बनाएँगे।”

इंडिया टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने अपनी चार्जशीट में बताया है कि ताहिर हुसैन से 24 फरवरी 2020 को जब उमर खालिद की बात हुई, तो सैफी से बातचीत का उसने जिक्र किया और बताया कि योजना के मुताबिक ही दिल्ली में दंगा शुरू हो चुका है और हिंदुओं के घरों में आग लगा दी गई है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कड़कड़डूमा कोर्ट में दाखिल अपनी चार्जशीट में इस बात को शामिल किया है, जिसे कोर्ट ने स्वीकार भी किया है।

उमर खालिज की जमानत याचिका पर कड़कड़डूमा कोर्ट अब 3 अप्रैल को सुनवाई करेगी। बता दें कि इससे पहले 14 फरवरी 2024 को उमर खालिद ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी जमानत याचिका वापस ले ली थी। उसकी तरफ से पेश हुए कपिल सिब्बल ने कोर्ट से कहा था कि परिस्थितियों में बदलाव की वजह से वो ये जमानत याचिका वापस ले रहे हैं, वो ट्रायल कोर्ट में जमानत के लिए जाएँगे।

अरविंद केजरीवाल के घर ED की छापेमारी, मोबाइल जब्त कर पूछताछ जारी: घर के बाहर धारा 144 लागू, सुप्रीम कोर्ट पहुँची दिल्ली CM की लीगल टीम

शराब घोटाले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा गुरुवार (21 मार्च 2024) को राहत देने से इनकार करने के तुरंत बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम उनके घर पहुँच गई। कहा जा रहा है कि केंद्रीय एजेंसी उनके घर की तलाशी ले रही है। वहीं, सीएम केजरीवाल की लीगल टीम भी ईडी की इस कार्रवाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुँच गई है।

सीएम केजरीवाल के आवास पर ED के संयुक्त निदेशक कपिल राज भी मौजूद हैं। सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि आवास के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली जा रही है। इतना ही नहीं, केजरीवाल का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया है और जाँच अधिकारी जोगेंद्र सीएम केजरीवाल से पूछताछ कर रहे हैं। वहीं, PMLA की धारा 50 के तहत मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का बयान दर्ज किया जा रहा है।

इस बीच दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज भी अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर पहुँच गए हैं। भारद्वाज ने कहा कि अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करने की तैयारी की जा रही है। आज ही दिल्ली हाईकोर्ट ने ईडी के समन मामले में एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा था कि अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तारी से राहत नहीं दी जा सकती है।

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी कार्यालय के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई है और बाहर धारा 144 लगाई गई है। सीएम अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर भी धारा 144 लगाई गई है। घर के बाहर RAF और पैरा मिलट्रीफोर्स के जवानों की तैनाती की गई है। सीएम केजरीवाल के घर के बाहर बढ़ रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ऐसा किया गया है। घर के बाहर कार्यकर्ता नारेबाजी कर रहे हैं।

वहीं, मोहल्ला क्लीनिकों में दवाओं की कमी को दूर करने के लिए उठाए गए कदमों के संबंध में रिपोर्ट सौंपने के लिए मुख्य सचिव को 22 मार्च को विधानसभा में फिर से बुलाया गया है। वहीं, सीएम केजरीवाल के आवास पर दिल्ली पुलिस के ACP रैंक के कई अधिकारी भी मौजूद हैं। यह भी सामने आया है कि 6 से 8 अधिकारी सीएम केजरीवाल के घर समन देने के लिए पहुँचे हैं। यह 10वाँ समन होगा।

इसको लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने कहा, “एक केजरीवाल को जेल में अंदर डालेंगे तो सौ केजरीवाल संविधान बचाने आएँगे। दिल्ली के लोग अरविंद केजरीवाल को प्यार करते हैं और अपने परिवार का सदस्य मानते हैं। दिल्ली में उन्होंने आमूलचूल परिवर्तन किया है इसलिए पीएम नरेंद्र मोदी उनसे डरते हैं।”

आम आदमी पार्टी के नेता और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया साइट X पर लिखा, “बीजेपी की राजनीतिक टीम (ED) केजरीवाल की सोच को कैद नहीं कर सकती… क्योंकि AAP ही BJP को रोक सकती हैं।। सोच को कभी भी दबाया नहीं जा सकता।”

बता दें कि ED ने सोमवार (18 मार्च 2024) को जारी एक प्रेस रिलीज में पहली बार अरविंद केजरीवाल का नाम लेते हुए कहा था कि जाँच में के. कविता के साथ सीएम केजरीवाल का नाम भी जुड़ा है। ED के मुताबिक, जाँच में खुलासा हुआ है कि नई आबकारी नीति से लाभ उठाने के लिए कविता ने AAP पार्टी के नेताओं, सीएम केजरीवाल और तत्कालीन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के साथ मिलकर साजिश रची।

‘साहब, मुझे खाने में ज़हर दिया जा रहा है’: कोर्ट के सामने गिड़गिड़ाया मुख़्तार अंसारी – हाथ-पाँव से लेकर नसों में भी हो रहा दर्द, लग रहा दम घुट जाएगा

जेल में बंद माफिया मुख़्तार अंसारी अदालत के सामने गिड़गिड़ाया है। गुरुवार (21 मार्च, 2024) को उसे बाराबंकी के MP-MLA कोर्ट में पेश होना था, लेकिन वो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश नहीं हुआ। उसने अपने वकील के जरिए कोर्ट में एक पत्र दाखिल करवाया है। उसने कहा है कि उसका स्वास्थ्य खराब चल रहा है। मुख़्तार अंसारी ने आरोप लगाया कि उसे ज़हर देकर मारने की साजिश रची जा रही है। उसका कहना है कि ज़हर के कारण उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।

इस पत्र में मुख़्तार अंसारी ने लिखा है कि इस ज़हर के कारण उसके शरीर के नसों में जोर का दर्द होता है। उसने अपील की है कि एक मेडिकल बोर्ड का गठन कर के उसे इलाज के लिए भेजा जाए, क्योंकि बाँदा जेल में वो सुरक्षित नहीं है। ये मुकदमा फर्जी पते पर एम्बुलेंस के पंजीकरण का है। उस पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। वकील रणधीर सिंह सुमन के माध्यम से भेजे गए पत्र में उसने लिखा कि मंगलवार (19 मार्च, 2024) को जेल में उसे जो खाना दिया गया था उसमें ज़हर मिला हुआ था।

वकील ने कहा कि भोजन करने के बाद उसके मुवक्किल की हालत एकदम ख़राब हो गई। उसने कहा है कि न सिर्फ उसके हाथ-पाँव, बल्कि नसों में भी दर्द है और ऐसा महसूस हो रहा है जैसे उसकी मौत हो जाएगी। उसने दावा किया कि इस घटना के 40 दिन पहले भी उसके भोजन में ज़हरीला पदार्थ मिला दिया गया था। बकौल मुख़्तार अंसारी, उसे खाना जेल के कर्मचारी द्वारा टेस्ट कर के दिया जाता था, इसीलिए खाना खाने वाले कर्मचारी भी उस समय बीमार हुए थे।

मऊ से 5 बार विधायक रहे मुख़्तार अंसारी ने आशंका जताई है कि बाँदा जेल में उसके साथ कोई भी अनहोनी हो सकती है। उसने अदालत से दरख्वास्त की है कि वो प्रशासन को आदेश दे कि इस घटना को दोहराया न जाए। डिप्टी जेलर महेंद्र सिंह ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हाजिरी देकर माफिया के बीमार होने की बात कोर्ट ने बताई। कोर्ट ने अब उसे 29 मार्च को पेश होने को कहा है। मुख़्तार अंसारी ने पत्र में लिखा, “साहब, ऐसा लग रहा है मेरा दम घुट जाएगा। बहुत घबराहट हो रही है। पहले मैं ठीक था। मेरा इलाज करा दें।”