Thursday, June 13, 2024
HomeराजनीतिED के कैविएट दाखिल करते ही केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट से वापस ली याचिका,...

ED के कैविएट दाखिल करते ही केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट से वापस ली याचिका, पहले कहा था- हमारी तुरंत सुनिए नहीं तो पहला वोट पड़ने से पहले कई नेता जेल में होंगे

अरविन्द केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद AAP ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालाँकि, गुरुवार रात सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया था। इस मामले को कॉन्ग्रेस नेता और वकील अभिषेक मनु सिंघवी सुप्रीम कोर्ट लेकर गए थे।

शराब घोटाले में गिरफ्तार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी याचिका सुप्रीम कोर्ट से वापस ले ली है। इससे पहले उनके वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने शीर्ष अदालत से गुहार लगाते हुए कहा था कि उनकी याचिका तत्काल सुनी जाए, क्योंकि प्रक्रिया चलती रही तो पहला वोट पड़ने से पहले कई वरिष्ठ नेता जेल में होंगे। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश (CJI) सुनवाई के लिए राजी हो गए थे। लेकिन प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से कैविएट याचिका दाखिल होते ही उन्होंने अपनी याचिका वापस ले ली।

इस मामले में सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने ED की तरफ से कैविएट दाखिल किया था। तुषार मेहता ने सुनवाई के पहले सुप्रीम कोर्ट से अपील की थी कि ED का पक्ष सुने बिना केजरीवाल की गिरफ्तारी पर कोई निर्णय ना लिया जाए।

CM केजरीवाल की इस याचिका पर सुनवाई जस्टिस खन्ना की अगुवाई वाली बेंच को करनी थी। इस बेंच में जस्टिस खन्ना के अलावा जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस एमएम सुन्दरेश शामिल थे। हालाँकि, इस पर कोई बहस होती इससे पहले ही याचिका को वापस ले लिया गया।

सिंघवी ने इस मामले को सबसे पहले चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के सामने रखा था। उन्होंने इस मामले में तुरंत सुनवाई की माँग की थी। सिंघवी ने चीफ जस्टिस से कहा कि यदि इसकी सुनवाई में देरी हुई तो लोकसभा चुनावों के मतदान से पहले कई नेता जेल में होंगे। चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने इस मामले को जस्टिस संजीव खन्ना की अगुवाई वाली बेंच को भेज दिया था। जस्टिस खन्ना ने कहा था कि वह एक मामले की सुनवाई के बाद इस याचिका की सुनवाई करेंगे।

गौरतलब है कि दिल्ली CM अरविन्द केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) को गुरूवार (21 मार्च, 2024) रात गिरफ्तार कर लिया था। उन्हें उनके आवास से ही गिरफ्तार किया गया था। CM केजरीवाल की गिरफ्तारी दिल्ली शराब घोटाला मामले में हुई थी।

दिल्ली CM केजरीवाल की गिरफ्तारी से पहले ED उन्हें 9 बार पूछताछ के लिए बुला चुकी थी। उन्हें नवम्बर 2023 से लगातार ED समन भेज रही थी लेकिन वह हर बार कोई ना कोई कारण देकर इनसे बचते रहे थे। उन्होंने ED की पूछताछ से बचने को हाई कोर्ट का भी रास्ता अख्तियार किया था।

केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने भी उनकी गिरफ्तारी पर कल रोक लगाने से इनकार कर दिया था जिसके बाद रात में ED की टीम उनके आवास पहुँच कर उन्हें गिरफ्तार कर ले गई। उनकी पार्टी ने गिरफ्तारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘कश्मीर समस्या का इजरायल जैसा समाधान’ वाले आनंद रंगनाथन का JNU में पुतला दहन प्लान: कश्मीरी हिंदू संगठन ने JNUSU को भेजा कानूनी नोटिस

जेएनयू के प्रोफेसर और राजनीतिक विश्लेषक आनंद रंगनाथन ने कश्मीर समस्या को सुलझाने के लिए 'इजरायल जैसे समाधान' की बात कही थी, जिसके बाद से वो लगातार इस्लामिक कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं।

शादीशुदा महिला ने ‘यादव’ बता गैर-मर्द से 5 साल तक बनाए शारीरिक संबंध, फिर SC/ST एक्ट और रेप का किया केस: हाई कोर्ट ने...

इलाहाबाद हाई कोर्ट में जस्टिस राहुल चतुर्वेदी और जस्टिस नंद प्रभा शुक्ला की बेंच ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि सबूत पेश करने की जिम्मेदारी सिर्फ आरोपित का ही नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता का भी है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -