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जिसने काट डाले 2 हिंदू बच्चे… उसके जनाजे में सिर्फ परिवार नहीं बल्कि समाज वाले भी सैकड़ों की संख्या में हुए शामिल

उत्तर प्रदेश के बदायूँ में दो हिन्दू बच्चों की हत्या करने वाले साजिद के जनाजे की एक तस्वीर सामने आई है। साजिद के जनाजे में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए हैं। साजिद की मौत पुलिस एनकाउंटर में गोली लगने से हो गई थी। साजिद को गुरूवार (21 मार्च, 2024) को सुपुर्द-ए-ख़ाक किया गया। उसका जनाजा गाँव सखानू में निकाला गया। इससे पहले उसका पोस्टमार्टम भी किया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया था। साजिद के जनाजे में आसपास की मुस्लिम आबादी बड़ी संख्या में आई थी।

इसकी कुछ वीडियो- फोटो भी वायरल हुईं। साजिद के जनाजे में शामिल भीड़ कई लोगों ने सोशल मीडिया पर गुस्से का इजहार किया। साजिद के जनाजे पर आनंद रंगनाथन ने एक्स पर लिखा, “साजिद ने 11 वर्षीय आयुष और 6 वर्षीय अहान का गला काट दिया और फिर कथित तौर पर उनका खून भी पिया। रमज़ान के पवित्र महीने में। ये उसके जनाजे का फोटो है।”

एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा, “बदायूं में बच्चों का हत्यारा मोहम्मद साजिद का जनाजा देखिये। हजारों लोग मोहम्मद साजिद के जनाजे में हैं। इस तस्वीर से क्या संदेश मिलता है ?”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “मासूम बच्चों के हत्यारे साजिद के जनाजे में इतनी भीड़ ? शायद उसने अपने किसी बड़े मिशन को पूरा किया है इसलिए उसके जनाजे के पीछे इतनी भीड़ है। इनमें अच्छे कितने हैं और बुरे कितने हैं आप स्वयं सोच लीजिए।”

साजिद के जनाजे में निकली सैकड़ों मुस्लिमों की भीड़ पर जिन-जिन को गुस्सा आ रहा है या आश्चर्य हो रहा है, उनको 9 साल पहले 2015 में याकूब मेमन के जनाजे की तस्वीर-वीडियो देखनी चाहिए। कौन था याकूब मेमन? कई मासूमों का हत्यारा था, आतंकी था… जिसे भारतीय संविधान और कानून के तहत फाँसी दी गई थी। इतने साफ-साफ तथ्य के बाद भी मुस्लिम समाज याकूब मेमन के साथ खड़ा हुआ, उसके कृत्यों के कारण उस पर थूका नहीं।

साजिद ने भी 2 मासूम बच्चों की हत्या की। उसका खुद का भाई जावेद इस बात की गवाही दे रहा है। लेकिन हुआ क्या? क्या उसके समाज ने साजिद से मुँह मोड़ लिया। उसके किए पर क्या उसका समाज शर्मिंदा है? क्या #AshamedAsAMuslim जैसा कोई ट्रेंड सोशल मीडिया पर चला? क्या किसी सेलिब्रेटी ने इस्लाम के प्रतीक-चिन्हों पर चाकू/उस्तूरा/खून आदि लगा कर कार्टून या ग्राफिक्स शेयर किया? नहीं। न ऐसा कुछ किसी ने किया, न करेगा, न पहले कभी किसी ने किया।

हत्यारा इस्लाम को मानने वाला था, साजिद के समाज-समुदाय को बस इससे मतलब है। उसने क्या किया, कितना जघन्य किया, इससे इस समुदाय को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। कंधा देने के लिए साजिद के 4 परिवार वाले काफी थे लेकिन जनाजे में शामिल हुई सैकड़ों की भीड़। यह भीड़ न याकूब के समय कम पड़ी, न साजिद के समय। बदलाव होगा जैसे किसी मुगालते में न रहें, आगे भी किसी हत्यारे/आतंकी/बलात्कारी मुस्लिम अपराधी के जनाजे में यह भीड़ आपको दिखेगी। ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’ नाम ऐसे ही किसी ने भावनाओं में आकर नहीं दिया है। यही इनकी हकीकत है।

क्या किया था साजिद ने?

19 मार्च, 2024 की शाम को बदायूं में नाई की दुकान चलाने वाले साजिद ने दो हिन्दू बच्चों आयुष और अहान की छुरी से रेत कर हत्या कर दी थी। साजिद यह हत्या करके फरार हो गया था। यूपी पुलिस ने साजिद को उसी दिन मुठभेड़ में मार गिराया था। घटना के दौरान मौजूद रहा साजिद का भाई जावेद फरार था। जावेद को गुरूवार (21 मार्च, 2024) को गिरफ्तार किया गया था। साजिद का इसके बाद पोस्टमार्टम हुआ और फिर जनाजा निकाला गया।

आप आदेश मानते नहीं, अहंकार में रहते हैं, भेज देंगे जेल: दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज को हाई कोर्ट ने फटकारा

दिल्ली हाई कोर्ट ने न्यायिक आदेशों का पालन न करने पर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज और स्वास्थ्य सचिव एसबी दीपक कुमार को चेताया है। कोर्ट ने कहा है कि अगर वो आदेशों का पालन नहीं करते हैं और अपने अहंकार में रहते हैं, तो कोर्ट उन्हें जनहित को देखते हुए जेल भेजने में तनिक भी संकोच नहीं करेगी। दिल्ली हाई कोर्ट ने सौरभ भारद्वाज को डांट भी लगाई और कहा कि कोर्ट को वो अपनी राजनीतिक लड़ाई में मोहरा न बनाए। हाई कोर्ट ने कहा कि हम जज भले हैं और नेता नहीं हैं, लेकिन नेता कैसे सोचते हैं, ये बात हमें अच्छे से पता है।

दिल्ली हाई कोर्ट सामाजिक कार्यकर्ता बेजोन कुमार मिश्रा द्वारा दाखिल पीआईएल पर गुरुवार (21 मार्च 2024) को सुनवाई कर रही है। इसी सुनवाई के दौरान पिछली तारीख में कोर्ट ने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज और दिल्ली के स्वास्थ्य सचिव एसबी दीपक कुमार को तलब किया था। अब कोर्ट ने दोनों को जमकर फटकारा है और कहा है कि दोनों जनता के सेवक हैं, ऐसे में अहंकार को किनारे पर रखें और जनता के हित के हिसाब से फैसले लें। अगर ऐसा नहीं किया गया, तो जरूरत पड़ने पर हम आप दोनों को जेल भेज देंगे और किसी तीसरे पक्ष को इस काम को करने के लिए कहेंगे।

ये पीआईएल इस बात के लिए दाखिल की गई थी कि दिल्ली में 20-25 हजार पैथोलॉजी लैब खुली हैं, जो लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रही हैं। पीआईएल की तरफ से अधिवक्ता शशांक देव सुधी ने दलील दी। उन्होंने आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय राजधानी में अनधिकृत प्रयोगशालाएं और डायग्नोस्टिक केंद्र अयोग्य तकनीशियनों के साथ काम कर रहे थे और मरीजों को गलत रिपोर्ट दे रहे थे। दरअसल, सौरभ भारद्वादज ने कोर्ट में कहा कि दिल्ली स्वास्थ्य विधेयक को मई 2022 में ही अंतिम रूप दे दिया गया था, कोर्ट ने पूछा कि इसे अभी तक मंजूरी के लिए केंद्र के पास क्यों नहीं भेजा गया। कोर्ट ने कहा कि अगर इसमें समय लगेगा, तो दिल्ली सरकार को केंद्र सरकार के कानून- क्लिनिकल प्रतिष्ठान (पंजीकरण और विनियमन) अधिनियम, 2010 को लागू करने पर विचार करना चाहिए।

भारद्वाज की यह दलील कि कोर्ट की कृपा से सरकार को विधेयक को अधिनियमित करने में मदद मिलेगी, से कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की और कहा, “आपको लगता है कि हम इस खेल में एक मोहरा हैं और आप इसे रणनीति के तौर पर इस्तेमाल करेंगे। हम किसी के प्यादे नहीं हैं।” इस ग़लतफ़हमी को दूर करो कि तुम अदालत की प्रक्रिया का उपयोग करोगे।”

हाई कोर्ट ने फटकार लगते हुए आगे कहा कि हमारे साथ ऐसा मत करो नहीं तो तुम दोनों जेल जाओगे। अगर इससे आम आदमी को फायदा नहीं होगा तो हमें तुम दोनों को जेल भेजने में कोई हिचकिचाहट नहीं होगी। तुम दोनों बड़ा अहंकार नहीं कर सकते, तुम दोनों ही नौकर हो। कोर्ट ने कार्यवाही के दौरान कहा कि सरकार और आप दोनों को यह सुनिश्चित करना होगा कि आम आदमी को फायदा हो। आप क्या कर रहे हैं? लोगों को उनके खून के नमूनों की गलत रिपोर्ट मिल रही है।

भूटान पहुँचे PM मोदी का ‘रेड कार्पेट’ स्वागत, 45 km तक सड़क के दोनों तरफ कतार में खड़े रहे लोग: भारत के बनाए अस्पताल का करेंगे उद्घाटन, चीन की नींद उड़ी

भारत में लोकसभा चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान और चुनावी रैलियों के व्यस्त शेड्यूल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूटान दौरे पर पहुँचे हैं। हिमालयी देश की राजधानी थिम्पू पहुँचने पर उनका स्वागत ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ के साथ किया गया। भूटान के प्रधानमंत्री त्शेरिंग तोबगे ने उनका स्वागत करते हुए उन्हें अपना ‘बड़ा भाई’ बताया है। पीएम मोदी का ये दौरा 2 दिवसीय होगा। भारत ‘नेबरहुड फर्स्ट’ की नीति के तहत पड़ोसी मुल्कों से अपने संबंध सुधार रहा है।

पारो एयरपोर्ट पर पीएम मोदी के लिए रेड कार्पेट भी बिछाया गया था। पारो इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लेकर थिम्पू तक 45 किलोमीटर के रूट में सड़क के चारों तरफ भूटान के नागरिक पीएम मोदी का अभिवादन करने के लिए जुटे रहे। भारत और भूटान के राष्ट्रीय ध्वज रास्ते में लहराते रहे। भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और वहाँ के चौथे राजा रहे जिग्मे सिंग्ये वांगचुक से उनकी उच्च-स्तरीय बैठक होनी है। सिंग्ये 1972 से लेकर 2006 तक लगातार 34 वर्षों तक देश के राजा रहे थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूटान में ‘ग्यालत्सेन जेत्सुन पेमा मदर एन्ड चाइल्ड हॉस्पिटल’ का उद्घाटन करेंगे। ग्यालत्सेन भूटान में रानी को कहा जाता है और जेत्सुन पेमा वहाँ की मौजूदा रानी हैं। वो दुनिया की सबसे कम उम्र की क्वीन भी हैं। उनकी उम्र मात्र 33 वर्ष है। इस अस्पताल को भारत सरकार की सहायता से बनाया गया है। इस दौरे में द्विपक्षीय और क्षेत्रीय हितों के मुद्दों पर एक-दूसरे से विचार साझा किए जाएँगे और साथ ही दोनों देशों की जनता की भलाई के लिए भी काम किया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दौरान भूटान के बच्चों से भी मिले, जिन्होंने हाथों में भारत और भूटान के झंडे ले रखे थे। वीडियो में देखा जा सकता है कि पीएम मोदी के आगे-आगे बच्चे चल रहे हैं और उन्होंने उनके कन्धों पर हाथ भी रखा हुआ है। इस दौरान दोनों तरफ भूटान के लोग पारंपरिक अंदाज़ में उनका स्वागत कर रहे हैं और गीत गए जा रहे हैं। पीएम मोदी का ये दौरा साम्राज्यवादी चीन को भी खटक सकता है। भूटान को चीन अपने प्रभाव में लेना चाहता है।

ED के कैविएट दाखिल करते ही केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट से वापस ली याचिका, पहले कहा था- हमारी तुरंत सुनिए नहीं तो पहला वोट पड़ने से पहले कई नेता जेल में होंगे

शराब घोटाले में गिरफ्तार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी याचिका सुप्रीम कोर्ट से वापस ले ली है। इससे पहले उनके वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने शीर्ष अदालत से गुहार लगाते हुए कहा था कि उनकी याचिका तत्काल सुनी जाए, क्योंकि प्रक्रिया चलती रही तो पहला वोट पड़ने से पहले कई वरिष्ठ नेता जेल में होंगे। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश (CJI) सुनवाई के लिए राजी हो गए थे। लेकिन प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से कैविएट याचिका दाखिल होते ही उन्होंने अपनी याचिका वापस ले ली।

इस मामले में सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने ED की तरफ से कैविएट दाखिल किया था। तुषार मेहता ने सुनवाई के पहले सुप्रीम कोर्ट से अपील की थी कि ED का पक्ष सुने बिना केजरीवाल की गिरफ्तारी पर कोई निर्णय ना लिया जाए।

CM केजरीवाल की इस याचिका पर सुनवाई जस्टिस खन्ना की अगुवाई वाली बेंच को करनी थी। इस बेंच में जस्टिस खन्ना के अलावा जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस एमएम सुन्दरेश शामिल थे। हालाँकि, इस पर कोई बहस होती इससे पहले ही याचिका को वापस ले लिया गया।

सिंघवी ने इस मामले को सबसे पहले चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के सामने रखा था। उन्होंने इस मामले में तुरंत सुनवाई की माँग की थी। सिंघवी ने चीफ जस्टिस से कहा कि यदि इसकी सुनवाई में देरी हुई तो लोकसभा चुनावों के मतदान से पहले कई नेता जेल में होंगे। चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने इस मामले को जस्टिस संजीव खन्ना की अगुवाई वाली बेंच को भेज दिया था। जस्टिस खन्ना ने कहा था कि वह एक मामले की सुनवाई के बाद इस याचिका की सुनवाई करेंगे।

गौरतलब है कि दिल्ली CM अरविन्द केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) को गुरूवार (21 मार्च, 2024) रात गिरफ्तार कर लिया था। उन्हें उनके आवास से ही गिरफ्तार किया गया था। CM केजरीवाल की गिरफ्तारी दिल्ली शराब घोटाला मामले में हुई थी।

दिल्ली CM केजरीवाल की गिरफ्तारी से पहले ED उन्हें 9 बार पूछताछ के लिए बुला चुकी थी। उन्हें नवम्बर 2023 से लगातार ED समन भेज रही थी लेकिन वह हर बार कोई ना कोई कारण देकर इनसे बचते रहे थे। उन्होंने ED की पूछताछ से बचने को हाई कोर्ट का भी रास्ता अख्तियार किया था।

केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने भी उनकी गिरफ्तारी पर कल रोक लगाने से इनकार कर दिया था जिसके बाद रात में ED की टीम उनके आवास पहुँच कर उन्हें गिरफ्तार कर ले गई। उनकी पार्टी ने गिरफ्तारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

‘हम भारतीय संविधान के प्रति निष्ठा रखते हैं’: जिनके नाना-अब्बा कश्मीर पर करते थे पाकिस्तानी प्रलाप, आज वे अखबारों में विज्ञापन छपवा खुद को बता रहे ‘देशभक्त’

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में अलगाववादी नेता सैयद अली गिलानी की नातिन रुआ शाह और जेल में बंद शब्बीर शाह की बेटी समा शब्बीर ने अपने आप को अलगाववादी विचारधारा वाली पार्टियों से दूर कर लिया है। दोनों ने ये दूरी सिर्फ मौखिक ढंग से नहीं बनाई बल्कि इसके बारे में इश्तेहार छपवाकर ऐलान किया है।

जेल में बंद अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह की बेटी समा शब्बीर ने अखबार में एड देकर सार्वजनिक रूप से अपने पिता की डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी (डीएफपी) से खुद को अलग कर लिया है और भारत संघ की संप्रभुता के प्रति निष्ठा की शपथ ली है। पूर्व में कश्मीर से सीबीएसई की टॉपर रही समा ने एक स्थानीय समाचार पत्र में नोटिस छपवाकर ऐलान किया।

समा शब्बीर शाह ने विज्ञापन में कहा, “मैं साफ करना चाहती हैं कि मेरा संबंध डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी से कहीं से कहीं तक नहीं है न ही मेरा पार्टी की विचारधारा से लेना-देना है। मैं बस ये स्पष्ट करना चाहती हूँ कि अगर कोई मेरे नाम को पार्टी के साथ इस्तेमाल करेगा तो मैं उसके खिलाफ लीगल एक्शन लूँगी। ये भी साफ कर दूँ कि मैं भारत की ईमानदार नागरिक हूँ और मेरा संबंध ऐसी किसी संस्था से नहीं है जो भारत की अखंड संप्रभुता के खिलाफ हो।”

इसी तरह गिलानी की नातिन रुआ शाह ने भी अखबार में इश्तेहार दिया। इसमें उन्होंने कहा, “मैं सैयद अली शाह गिलानी की नातिन और अल्ताफ अहमद शाह की बेटी घोषणा करती हूँ कि मेरा हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से कोई लेना-देना नहीं है। इसे मेरे दादा चलाते थे। मेरा उस संगठन के प्रति कोई झुकाव या संवेदना नहीं है। अगर किसी ने मेरा न उसके साथ लिया तो मैं कानूनी कार्रवाई करूँगी। मैं भारत की ईमानदार नागरिक हूँ। भारत विरोधी एजेंडा रखने वाली संगठन से मेरा लेना-देना नहीं है। मैं संविधान के प्रति निष्ठा रखती हूँ।”

बता दें कि शब्बीर शाह पर पाकिस्तान के साथ मिलकर जम्मू-कश्मीर में लंबे समय तक अशांति फैलाने का आरोप लगा था। इस समय शब्बीर शाह जेल में बंद हैं। ईडी ने कोर्ट में बताया था शाह बड़ी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है और आतंक फैलाने के मामले में कई देशों से बड़े स्तर फंडिंग जुटाई है। वहीं गिलानी की बात करें तो गिलानी कश्मीर का सबसे बड़े अलगावादी नेताओं में से एक थे। उनके ऊपर टेरर फंडिंग के केस थे। पाकिस्तान के वो इतने बड़े हितैशी थे कि उनके इंतकाल पर पाकिस्तान ने अपना झंडा आधी ऊँचाई पर फहरवाने का ऐलान किया था।

हिंदू बच्चों को काटने से पहले चाकू खरीद कर लाया था साजिद, कहा था- रमजान है गोश्त काटने के काम आएगा: बदायूँ पुलिस को जावेद ने बताया

बदायूँ में 2 हिन्दू बच्चों को मारने वाले साजिद ने हत्या से पहले एक चाकू खरीदा था। उसने अपने भाई जावेद के पूछने पर कहा था कि रमजान के दिन चल रहे हैं इसलिए चाकू गोश्त काटने के काम आएगा। जावेद ने यह बातें पुलिस पूछताछ में बताई हैं।

जावेद से पूछताछ में मिली जानकारी को लेकर बदायूँ के एसएसपी आलोक प्रियदर्शी ने मीडिया से बातचीत की है। जावेद ने पुलिस से पूछताछ में बताया है कि साजिद पीड़ित परिवार के सामने ही पिछले लगभग 4-5 वर्षों से दुकान करता था। साजिद की पीड़ित परिवार से पहचान भी थी।

जावेद ने बताया है कि घटना के दिन (19 मार्च, 2024) को वह सामान्य दिनों की तरह ही दुकान पर आए थे। इसके बाद साजिद ने लोगों के बाल भी काटे और दाढ़ी वगैरह भी बनाई। इसके बाद 10 बजे के आसपास साजिद ने अपनी तबीयत खराब होने की बात कही।

साजिद यह बात कह कर दुकान से चला गया था। वह लगभग 1 बजे वापस आया था और फिर से तबीयत खराब होने की बात कहने लगा। साजिद और जावेद दुकान बंद करके 1 बजे के आसपास वापस गाँव सखानू लौट गए थे।

इसके बाद जावेद ने साजिद से गोश्त बना कर खाने की बात कही थी। दोनों भाई वापस बदायूँ आ गए थे। जावेद ने बताया है कि साजिद ने हत्या से कुछ घंटे पहले एक चाकू खरीदा था। जावेद के पूछने पर साजिद ने बताया था कि रमजान के समय गोश्त काटने के लिए वह यह चाकू लाया है।

इसके बाद साजिद हिन्दू बच्चों के घर जाने की बात कहने लगा था। जावेद ने बताया है साजिद घर के अंदर जाकर बच्चों की हत्या कर दी थी। उसने बताया कि साजिद अंदर से खून में सने कपड़ो में बाहर आया था। इसके बाद दोनों भाग गए थे।

पुलिस से जावेद ने बताया है कि वह हत्या में शामिल नहीं था बल्कि बाहर बाइक लेकर खड़ा था। पुलिस ने जानकारी दी है कि साजिद की शादी को लेकर समस्याएँ थी, शादी के 4 साल बाद भी उसकी बीवी के बच्चा नहीं हो रहा था।

पुलिस ने इस मामले में साजिद के परिजनों से भी पूछताछ की है। परिजनों ने पुलिस को बताया है कि साजिद बचपन से काफी बीमार रहता था, साजिद का पिता उसे कई पीर और बदायूँ में छोटे सरकार-बड़े सरकार की दरगाह पर भी लेकर गया था। पुलिस ने बताया कि 10 वर्ष की आयु में साजिद के बीमार होने पर उसकी माँ उसे लेकर कई दिनों तक दरगाह में रही थी।

पुलिस ने कहा है कि साजिद को क्या बीमारी थी इसका पता लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह हिंसक प्रवृत्ति का था। उसे कभी कभार काफी गुस्सा आता था और वह किसी के नियंत्रण में नहीं आता था। साजिद ने एक बार चूहे मारने की दवा भी खा ली थी। पुलिस ने यह भी कहा है कि साजिद, बच्चों के घर में हत्या का मन पहले से बना कर गया था।

बदायूँ के एसएसपी आलोक प्रियदर्शी ने कहा है कि घटना के विषय जितने भी लोग जानकारी दे रहे हैं उन सभी तथ्यों को एक साथ रख कर देखा जाएगा। मृतक हिन्दू बच्चों के परिवार वालों से भी घटना के विषय में डीटेल्ड जानकारी ली जाएगी।

गौरतलब है कि 19 मार्च, 2024 की शाम को बदायूं में नाई की दुकान चलाने वाले साजिद ने दो हिन्दू बच्चों आयुष और अहान की छुरी से रेत कर हत्या कर दी थी। साजिद यह हत्या करके फरार हो गया था। यूपी पुलिस ने साजिद को उसी दिन मुठभेड़ में मार गिराया था। घटना के दौरान मौजूद रहा साजिद का भाई जावेद फरार था। जावेद को गुरूवार (21 मार्च, 2024) को गिरफ्तार किया गया था।

भोजशाला में जुमे पर शुरू हुआ ASI सर्वे, कैमरे से रखी जा रही नजर: देवी सरस्वती के मंदिर को बना दिया था कमाल मौलाना मस्जिद

मध्यप्रदेश के धार में स्थित ऐतिहासिक परमारकालीन भोजशाला में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने आज (22 मार्च 2024) से सर्वे शुरू कर दिया है। इस दौरान भोजशाला के बाहर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। परिसर के आसपास कैमरे और मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं। वहीं सामने आई वीडियो में बड़े अधिकारियों की बाहर खड़ी गाड़ियाँ और पुलिस बल देखा जा सकता है। ये सर्वेक्षण सुबह 6 बजे से शुरू हुआ है।

जानकारी के मुताबिक, आज के दिन शुरू हुआ सर्वे दो चरणों में पूरा होना है। ऐसा इसलिए क्योंकि अब तक भोजशाला में शुक्रवार के दिन मुस्लिमों को नमाज की अनुमति रही है इसलिए शुक्रवार को किया जा रहा एएसआई सर्वे रुक-रुककर होगा। एक नमाज से पहले दूसरा नमाज के बाद। इसके बाद एएसआई अपनी रिपोर्ट बनाएगा और ये रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल होगी।

बता दें कि भोजशाला को माता वाग्देवी का मंदिर बताते हुए हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने वहाँ पूजा के अधिकार की माँग की है। इस संबंध में कोर्ट में चार याचिकाएँ चल रही है। मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल को होनी है। इस केस में संगठन की ओर से कोर्ट में वरिष्ठ वकील हरिशंकर जैन और वकील विष्णु जैन ने अपनी दलील रखी थी।

उनकी मजबूत दलीलों के चलते ही कोर्ट ने भोजशाला में एएसआई सर्वेक्षण के निर्देश दिए थे। टीम को 6 हफ्ते में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया था। लेकिन, सर्वे आदेश के 11 दिन बाद होना शुरू हुआ ऐसे में सर्वे के लिए एएसआई पर सिर्फ साढ़ चार हफ्ते बचे हैं।

गौरतलब है कि भोजशाला विवाद बहुत पुराना विवाद है। हिंदू पक्ष का मत है कि ये माता सरस्वती का मंदिर है जहाँ देवी-देवताओं के चित्र और संस्कृत में श्लोक आज भी लिखे हुए हैं। लेकिन, सदियों पहले मुसलमानों ने इसकी पवित्रता भंग करते हुए यहाँ मौलाना कमालुद्दीन की मजार बना दी थी जिसके बाद यहाँ मुस्लिमों का आना जाना शुरू हो गया और अब जगह को नमाज के लिए प्रयोग में लाया जाता है।

भोजशाला के बाहर लगे बोर्ड में सूचना के तौर पर साफ लिका है कि मंगलार सूर्योदय से सूर्यास्त तक हिंदुओं को वहाँ प्रवेश मिलेगा। वहीं शुक्रवार दोपहर 2 बजे से लेकर तक 3 बजे तक नमाजियों के लिए प्रवेश होगा। बाकी बचे दिन कोई भी जगह को देखने के लिहाज से जा सकता है।

दारू पर दोगली हुई कॉन्ग्रेस: कभी दिल्ली पुलिस से की थी शिकायत-केजरीवाल का माँगा था इस्तीफा, अब गिरफ्तारी को बता रही ‘लोकतंत्र की हत्या’

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविन्द केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरूवार (21 मार्च, 2024) को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी को कॉन्ग्रेस लोकतंत्र की हत्या बता रही है। यही कॉन्ग्रेस 2022 में शराब घोटाले की शिकायत लेकर दिल्ली पुलिस के पास गई थी और केजरीवाल का इस्तीफ़ा माँगा था।

कॉन्ग्रेस नेता और वायनाड सांसद राहुल गाँधी ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया है। वहीं प्रियंका गाँधी ने CM केजरीवाल की गिरफ्तारी को असंवैधानिक बताया है। कॉन्ग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी इस गिरफ्तारी की आलोचना की है।

जहाँ आज कॉन्ग्रेस के नेता दिल्ली शराब घोटाले में CM केजरीवाल की ED द्वारा गिरफ्तारी को गलत ठहरा रहे हैं, वहीं कुछ समय पहले ही वह इसको लेकर दिल्ली पुलिस से शिकायतें कर रहे थे। दिल्ली प्रदेश कॉन्ग्रेस ने आधिकारिक रूप से दिल्ली पुलिस को शराब नीति मामले में शिकायत की थी।

दिल्ली प्रदेश कॉन्ग्रेस के तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार जून 2022 में तब दिल्ली पुलिस कमिश्नर रहे राकेश अस्थाना को एक पत्र लिख कर आप सरकार की शराब नीति की शिकायत की थी। उन्होंने यह पत्र नई नीति में कार्टेल बनाने और घोटाले को लेकर लिखा था।

अनिल कुमार के लिखे पत्र में कहा गया था कि कई कम्पनियों ने नई शराब नीति के तहत अवैध रूप से ठेके पाए हैं और एकाधिकार बाजार तैयार किया है। उन्होंने आरोप लगाया था कि कई कम्पनियों ने फर्जी कम्पनियों के नाम से शराब नीलामी में हिस्सा लिया और बड़े अधिकारियों समेत मंत्रियों के कारण ठेके ले भी लिए।

अनिल कुमार ने आरोप लगाया था कि नई शराब नीति के तहत एक कम्पनी को दिल्ली के दो जोन में ही शराब बिक्री का ठेका दिया जा सकता है जबकि एक कम्पनी ने अलग अलग नाम धारण करके 4 जोन में ठेके लिए। अनिल कुमार ने अपने पत्र में इस बात के सबूत भी दिए थे।

उन्होंने आरोप लगाया था कि शराब नीति में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि शराब बनाने या उसको थोक में बेचने वाली कम्पनी को शराब खुदरा रूप से बेचने का लाइसेंस नहीं मिलेगा जबकि इस नियम का भी उल्लंघन किया गया। उन्होंने कहा था कि OASIS नाम की कम्पनी के लोगों ने फर्जी कम्पनियाँ बना कर सारे नियमों की धज्जियां उड़ाई।

अनिल कुमार ने इस मामले में कहा था कि दिल्ली पुलिस को इस मामले की करनी चाहिए। कॉन्ग्रेस ने इसको दिल्ली में प्रदर्शन भी किए थे और तब आबकारी मंत्री रहे मनीष सिसोदिया का इस्तीफ़ा भी माँगा था। कॉन्ग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने इस दौरान कहा था कि मनीष सिसोदिया इन सभी भ्रष्टाचार वाली सौदेबाजी में लिप्त हिं।

इसके अलावा कॉन्ग्रेस नेता अजय माकन ने भी दिल्ली में हुए शराब घोटाले पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और आरोप लगाया था कि अरविन्द केजरीवाल ने कॉन्ग्रेस को हराने के लिए ₹100 करोड़ शराब माफिया से लिए। इससे पार्टी फंडिंग हुई।

दिल्ली CM केजरीवाल की गिरफ्तारी से पहले ED उन्हें 9 बार पूछताछ के लिए बुला चुकी थी। उन्हें नवम्बर 2023 से लगातार ED समन भेज रही थी लेकिन वह हर बार कोई ना कोई कारण देकर इनसे बचते रहे थे। उन्होंने ED की पूछताछ से बचने को हाई कोर्ट का भी रास्ता अख्तियार किया था।

केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने भी उनकी गिरफ्तारी पर कल रोक लगाने से इनकार कर दिया था जिसके बाद रात में ED की टीम उनके आवास पहुँच कर उन्हें गिरफ्तार कर ले गई। उनकी पार्टी ने गिरफ्तारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

माता सीता को बताया ‘वेश्या’, कनपटी पर बंदूक रख माँगा ‘जजिया’: AMU में होली खेलने पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटे गए हिंदू छात्र

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में गुरुवार (21 मार्च 2024) को होली खेलने के दौरान बवाल हो गया। इस दौरान कुछ अन्य छात्रों ने होली खेलने वाले छात्रों को पीटा। घटना की एक वीडियो भी सामने आई है। इसमें लड़कों को दौड़ाकर पीटते देखा जा सकता है।

पीड़ित छात्रों ने बताया कि वो होली खेलने एएमयू के इंजीनियरिंग कैंपस में गए थे, तभी वहाँ पर मुस्लिम समुदाय के कई छात्र भीड़ में आ गए और पिटाई शुरू दी। वीडियो में हिंदू छात्रों को भागकर अपनी जान बचाते देखा जा सकता है। मामले के संबंध में FIR हो गई है। केस को आईपीसी की छारा 147, 148, 149, 153-ए, 386 , 323, 504 के तहत दर्ज किया गया है।

सिविल लाइंस थाने में पीड़ित छात्रों के पक्ष में खड़े लोगों ने माँग की है कि उनपर हमला करने वाले आरोपितों को सजा दी जाए। पीड़ितों ने पुलिस से कहा है कि अगर उन्हें पीटने वालों पर कोई एक्शन नहीं लिया गया तो वो आत्मदाह कर लेंगे। पुलिस ने भी छात्रों को शांत कराते हुए पूरी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।

ऑपइंडिया के पास घटना के बाद कराई गई एफआईआर मौजूद है। इसमें आदित्य प्रताप सिंह नाम के युवक ने अपनी शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि घटना 21 मार्च को दोपहर ढाई बजे की है। सभी हिंदू छात्र जाकिर हुसैन कॉलेज ऑफ इंजिनियरिंग एंड टेक्नॉलिजी के पार्क में मौजूद थे। तभी वहाँ मुस्लिम छात्र मिसवा, जाकीउर्ररहमान, जैद शेरबानी, शाहरुख सबरी, शोएब कुरैशी, अहमद मुस्तफा, अफ्फान शेरबानी, सहवान खान, फैसल त्यागी, अरसान सिद्दकी अपने हाथों में अवैध पिस्टल, तमंचा व लाठी डंडे के साथ पार्क में आ गए।

इस दौरान इन लोगों ने हिंदुओं को और उनके देवी-देवताओं को गंदी-गंदी गाली बकी। एफआईआऱ के अनुसार इन लोगों ने कहा- “वे$या सीता की औलादों को आज सबक सिखा देते हैं।” हिंदुओं ने विरोध किया तो उनकी कनपटी पर पिस्टल रख दी और कहा कि तुम हिंदुओं को अगर होली खेलनी है तो हमें 1000 रुपए प्रति माह दिया करो।

इसके बाद उन्हें निकालकर 750 रुपए दिए गए लेकिन तब भी नामजदों द्वारा उन्हें बुरी तरह पीटा गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि घटना में हिंदुओं ने बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाई और जो उनके साथ हुआ उससे उनकी भावनाएँ आहत हुई हैं साथ ही काफी अंदरुनी चोटें आई हैं इसलिए इस मामले में केस दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि पुलिस का इस मामले में कहना है कि उन्हें AMU में दो पक्षों में झड़प की सूचना मिली थी। इसके बाद वहाँ तत्काल पुलिस टीम पहुँची। शांति-व्यवस्था बहाल कराई गई। फिर मामला दर्ज करके वैधानिक कार्रवाई चल रही है। कोई चोटिल नहीं हुआ है। इलाके में सब ठीक है।

अरविंद केजरीवाल को ED ने गिरफ्तार किया: शराब नीति के बदले ‘साउथ लॉबी’ ने AAP को दिए थे ₹100 करोड़, दिल्ली CM के दफ्तर में रची जाती थी साजिश

दिल्ली के मुख्यमंत्री और AAP (आम आदमी पार्टी) के संयोजक अरविंद केजरीवाल को ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने गिरफ्तार कर लिया है। शराब घोटाला के मामले में ED ने ये कार्रवाई की है। AAP के नेता सौरभ भारद्वाज और आतिशी पहले से ही कह रही थीं कि दिल्ली सीएम को गिरफ्तार किया जा सकता है। शराब घोटाला के मामले में दायर चार्जशीट में ED ने अरविंद केजरीवाल को साजिशकर्ता के रूप में नामित किया था। BRS की के कविता का भी इसमें नाम है।

AAP के अन्य नेता पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और राज्यसभा सांसद संजय सिंह पहले से ही इस मामले में जेल में हैं। ED ने कहा है कि शराब माफियाओं की एक ‘साउथ लॉबी’ है, जिसे फायदा पहुँचाने के लिए दिल्ली की शराब नीति बनाई गई थी। हालाँकि, बाद में इसे रद्द कर दिया गया। इसके बदले में उक्त ‘साउथ लॉबी’ ने AAP को 100 करोड़ रुपए दिए थे। इस मामले का एक अन्य आरोपित विजय नायर अक्सर अरविंद केजरीवाल के घर जाता था और वहाँ काफी समय गुजारता था।

इस मामले के गवाहों और आरोपितों ने अरविंद केजरीवाल का नाम लिया था। शराब कारोबारियों से विजय नायर ने कहा था कि उसने अरविंद केजरीवाल से नई शराब नीति को लेकर विचार-विमर्श किया है। विजय नायर ने ही ‘Indospirit’ के मालिक समीर महेन्द्रू को दिल्ली के CM से मिलवाया था। बैठक असफल रही तो उसने वीडियो कॉल के जरिए दोनों की बात करवाई। इसमें अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि कीजै नायर उनका ‘बच्चा’ है और उस पर उन्हें पूरा विश्वास है।

इसमें एक राघव मगुंटा का नाम भी आया है, जो ‘साउथ लॉबी’ का पहला आरोपित है और अब सरकारी गवाह बन चुका है। उसके पिता YSR कॉन्ग्रेस पार्टी के सांसद हैं। उन्होंने AAP संयोजक से मुलाकात कर के दिल्ली की शराब नीति के बारे में समझा था। मनीष सिसोदिया के पूर्व सेक्रेटरी C अरविंद ने दिसंबर 2022 में अपने एक बयान में कहा था कि एक ‘ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स’ रिपोर्ट के दस्तावेज के आधार पर उन्हें ड्राफ्ट बनाने के लिए कहा गया था, जबकि बैठक में ऐसी कोई चर्चा ही नहीं हुई थी।