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भरूच में पशुपति महादेव मंदिर में आग लगाने की कोशिश, फेंकी ‘सर तन से जुदा’ लिखी पर्चियाँ: सीसीटीवी फुटेज आया सामने

गुजरात के भरूच में हिंदू आस्था का केंद्र व प्रसिद्ध श्री पशुपति महादेव मंदिर में आग लगाने की कोशिश की गई। घटना 22 मार्च 2024 की सुबह-सुबह की है। इस दौरान ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर मंदिर में आग लगाने की कोशिश की। साथ ही वहाँ सिर तन से जुदा की पर्चियाँ भी फेंकीं। पुलिस अब मामले की जाँच कर रही है। कुछ समय पहले इसी मंदिर से पहले 5 लाख के गहने चोरी हुए थे।

जानकारी के मुताबिक, मामले में एक सीसीटीवी फुटेज पुलिस को मिला है जिसमें दिख रहा है कि एक व्यक्ति ने आकर ज्वलनशील पदार्थ को मंदिर में डालने की कोशिश की। बाद में वो वहाँ से फरार हो गया। मंदिर में आग दिखने पर हल्ला हुआ तो स्थानीय हिंदू जुटे और कई हिंदू संगठन भी मंदिर के पास इकट्ठा हो गए। सबने पुलिस से कार्रवाई की माँग की।

माहौल देखते हुए पहले तो स्थानीय पुलिस अलर्ट हुई और फिर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कड़े इंतजाम किए। वही आरोपितों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है। जिस मंदिर में यह घटना घटित हुई है उसका प्रबंधन श्री शंकराचार्य मठ द्वारकाशारदापीठ द्वारा किया जाता है।

मंदिर में लगाई गई आग के संबंध में भरूच जिला पुलिस प्रमुख मयूर चावड़ा ने कहा, “भरूच में आज सुबह 5:30 से 6:00 बजे के बीच एक घटना हुई। जहाँ कोई शख्स मठ में आया और कोई पदार्थ फेंककर वहाँ आग लगाने की कोशिश की। घटना पूरी सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस मौके पर है। अलग-अलग टीमें बनाकर जाँच शुरू है। अपराध दर्ज कर लिया गया है। ऐसा कृत्य करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”

इसके अलावा यह जानकारी भी सामने आई है कि मंदिर से कुछ पर्चियाँ मिली हैं जिसमें गुस्ताख ए रसूल की एक सजा सिर तन से जुदा के नारे लिखे गए हैं।

गौरतलब है कि इसी वर्ष फरवरी में जेवर चोरी होने की घटना प्रकाश में आई थी। तब, चोरों ने सुबह 3:45 पर आकर 5 किलो चाँदी से जेवर चुराए थे। उस समय भी घटना की सीसीटीवी फुटेज मिली थी। इसमें दो चोरों को मंदिर में एंट्री करके चोरी करते देखा गया था।

‘शराब घोटाले के मुख्य सरगना हैं अरविंद केजरीवाल’: ED ने कोर्ट में बताई शराब घोटाले की एक-एक डिटेल, CM के पड़ोस में मंत्री को अलॉट घर में रहता था दलाल

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली के मुख्यमंत्री व AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल को शराब घोटाले का मुख्य सरगना बताया है। गिरफ़्तारी के 1 दिन बाद अरविंद केजरीवाल को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में शुक्रवार (22 मार्च, 2024) को पेश किया गया, जहाँ जज कावेरी रावत ने इस मामले पर सुनवाई की। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) SV राजू ने ED का पक्ष रखा। इस दौरान अदालत कक्ष खचाखच भरा रहा। जज को भी कहना पड़ा कि हमारे पास सीमित जगह है।

बाहर पुलिस ने ASG को ही अंदर घुसने से रोक दिया था, जिस कारण उनके पहुँचने में विलंब हुआ। उन्होंने बताया कि गिरफ़्तारी के संबंध में अरविंद केजरीवाल के परिजनों को सूचित करते हुए उन्हें रिमांड की कॉपी भी उपलब्ध करा दी गई है और गिरफ़्तारी का आधार भी बता दिया गया है। ED ने अरविंद केजरीवाल की 10 दिनों की रिमांड की माँग करते हुए कहा कि शराब नीति के लिए एक विशेषज्ञों की समिति बनाई गई थी, लेकिन वो फर्जी थी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शराब नीति कुछ इस तरह बनाई गई थी कि घूस ली जा सके और फिर घूस देने वाले मुनाफा कमा सकें। ASG ने स्पष्ट कहा कि अरविंद केजरीवाल शराब घोटाले के मुख्य साजिशकर्ता हैं। वो इस नीति के निर्माण में सीधे तौर पर हिस्सेदार थे, अपराध की प्रक्रिया में शामिल थे और गोवा में चुनाव प्रचार अभियान में भी सक्रिय थे। SV राजू ने ध्यान दिलाया कि वो अपनी पार्टी के मुखिया हैं। इस दौरान वो पूरी तरह तत्कालीन डिप्टी CM मनीष सिसोदिया के संपर्क में थे।

ED की तरफ से अदालत को बताया गया कि विजय नायर जो कि AAP का कम्युनिकेशंस इंचार्ज भी था वो अरविंद केजरीवाल के पड़ोस में ही रह रहा था। वो जिस घर में रह रहा था, उसे दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत को अलॉट किया गया था। लेकिन, कैलाश गहलोत अपने नजफगढ़ वाले घर में रहते हैं। शराब माफियाओं की ‘साउथ लॉबी’ और AAP के बीच विजय नायर ही दलाल था। ED के अनुसार, विभिन्न बयानों से ये सत्यापित होता है कि अरविंद केजरीवाल ने फेवर देने के बदले ‘साउथ लॉबी’ से घूस माँगे।

इस दौरान ‘ऑरबिंदो अरमा’ के शरत रेड्डी के बयान का भी जिक्र किया गया। शरत रेड्डी गिरफ्तार किया जा चुका है और इस केस में अप्रूवर बन चुका है। घूस के बदले ‘साउथ लॉबी’ को दिल्ली के शराब कारोबार का नियंत्रण मिला। एक नया खुलासा हुआ है कि ये सिर्फ 100 करोड़ रुपए घूस लेने का नहीं, सब मिला कर 600 करोड़ रुपए का मामला है। घूस देने वालों को जो मुनाफा हुआ, ये सब मिला कर इस रकम तक पहुँचा गया है। सभी वेंडरों ने एक हद तक कैश दिए।

ED ने बताया कि गोवा में 45 करोड़ रुपए हवाला के जरिए ट्रांसफर किए गए थे। बयानों के अलावा CDRS के जरिए भी ये साबित होता है। बताया गया कि गोवा में एक AAP उम्मीदवार को कैश दिए गए, ये कैश इसी घूस की रकम का था। गोवा पैसे भेजना के लिए 4 माध्यमों का इस्तेमाल किया गया। ASG ने कहा कि न सिर्फ व्यक्तिगत रूप से, बल्कि कई स्तर पर अरविंद केजरीवाल इसमें शामिल हैं क्योंकि आम आदमी पार्टी के मामलों को भी वही देखते हैं। वो पार्टी के संयोजक हैं, सभी गतिविधियों के पीछे उनका ही दिमाग होता है।

ED ने ASG के माध्यम से बताया कि कैसे 10 बार अरविंद केजरीवाल ने जानबूझकर ED के समन को धता बताया, तलाशी के दौरान उन्होंने सही तथ्य नहीं बताए और जाँच में उन्होंने सहयोग नहीं किया। ED का कहना है कि उनसे पूछताछ कर के आगे की सूचनाएँ इकट्ठी करनी है। अभी अरविंद केजरीवाल के वकील कॉन्ग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि ये पहली बार है जब एक सिटिंग मुख्यमंत्री को गिरफ्तार किया गया है। उनकी पार्टी के 4 बड़े नेता जेल में हैं।

‘गुरु’ अन्ना हजारे ने नाम लेकर, ‘मित्र’ कुमार विश्वास ने बिना नाम लिए केजरीवाल को सुनाया: शराब घोटाले में गिरफ्तारी के बाद योगेंद्र-भूषण ने पुराने साथी को पुचकारा

शराब घोटाले में ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया है। अब उनके गुरु रहे अन्ना हजारे ने भी इस गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया दी है। अन्ना हजारे ने कहा, “अरविंद केजरीवाल जैसा आदमी जो मेरे साथ काम करता था, जो हमलोगों के साथ शराब के खिलाफ आवाज़ उठाता था वो आज शराब नीति बना रहा है। इसका मुझे दुःख हुआ, लेकिन करेंगे क्या। सत्ता के सामने कुछ नहीं कर सकते।”

अन्ना हजारे ने आगे कहा, “आखिर अरविंद केजरीवाल को जो गिरफ्तार किया गया, जो भी हुआ वो उनकी त्रुटि से हुआ। वो गलती नहीं करते तो ये नहीं होता। कानून के तौर पर अब आगे जो होगा सो होगा। कानून सोचेगा।” वहीं AAP के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे कवि कुमार विश्वास ने भी अपने पुराने साथी पर तंज कसा है। कुमार विश्वास ने गोस्वामी तुलसीदास के रामचरितमानस की इन पंक्तियों के जरिए अपनी बात रखी – “कर्म प्रधान विश्व रचि राखा, जो जस करइ सो तस फल चाखा।”

इन पंक्तियों के जरिए कहा गया है कि जो व्यक्ति जिस प्रकार का कर्म करता है, उसे वैसा ही फल मिलता है। कभी AAP में रहे भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने बताया कि कैसे वो पहले से कहते आ रहे हैं कि अरविंद केजरीवाल का अंतिम ठिकाना तिहाड़ जेल में होगा और आज वही सच होता हुआ दिख रहा है। वहीं जिस योगेंद्र यादव को AAP से निकाल बाहर किया गया था, वो अब केजरीवाल के समर्थन में हैं। उन्होंने कहा कि ये गिरफ़्तारी लोकतांत्रिक मर्यादा का चीर-हरण है।

वहीं कभी AAP में रहे अधिवक्ता प्रशांत भूषण भी अरविंद केजरीवाल के समर्थन में उतर आए हैं। प्रशांत भूषण ने ED पर आपके ‘आकाओं के कहने पर कॉर्पोरेट कंपनियों से धन उगाही’ का आरोप जड़ते हुए कहा कि उल्टा जाँच एजेंसी के अधिकारियों पर ही मुकदमा चलना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि बिना किसी दस्तावेजी सबूत के ही दिल्ली के मुख्यमंत्री को गिरफ्तार किया गया है। 2015 में इन दोनों को दिल्ली विधानसभा चुनाव में AAP को हराने की साजिश रचने का आरोप लगा था।

बंगाल में जिसकी चलती है लॉटरी, उसने TMC को दिए ₹540 करोड़: DMK ही नहीं ममता बनर्जी की पार्टी पर भी ‘फ्यूचर गेमिंग’ वाले सैंटियागो मार्टिन ने दिखाई खूब मेहरबानी

फ्यूचर गेमिंग एंड होटल्स कम्पनी ने बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) को ₹540 करोड़ का चंदा दिया है। इसका मालिक सैंटियागो मार्टिन है, जिस पर घोटाले का आरोप है। सैंटियागो का पश्चिम बंगाल में लॉटरी का बड़ा कारोबार है।

फ्यूचर गेमिंग ने ₹540 करोड़ का चंदा TMC को वर्ष 2019 से 2024 के बीच में दिया है। TMC को कुल ₹1600 करोड़ का चंदा इलेक्टोरल बॉन्ड के माध्यम से मिला। इसमें से 30% हिस्सा केवल फ्यूचर गेमिंग एंड होटल्स का है।

यह जानकारी भारतीय स्टेट बैंक ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उपलब्ध करवाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने स्टेट बैंक से कहा था कि वह अपने पास कोई भी जानकारी ना दबाए। स्टेट बैंक के चेयरमैन से कहा गया था कि वह सभी जानकारी सार्वजनिक करने का एक हलफनामा भी सुप्रीम कोर्ट में दायर करें।

फ्यूचर गेमिंग देश के 13 राज्यों में 1000 कर्मचारियों के साथ लॉटरी का धंधा करने का दावा करती है। इसका कारोबार बंगाल में भी है। फ्यूचर गेमिंग कम्पनी बंगाल में डियर लॉटरी की डिस्ट्रीब्यूटर है। सीबीआई ने नवम्बर 2022 में बताया था कि TMC सरकार में मंत्री अनुब्रत मंडल और उनकी बेटी ने यह लॉटरी तीन बार जीती।

TMC को हल्दिया एनर्जी ने भी ₹281 करोड़ का चंदा दिया। यह आरपी संजीव गोयनका समूह की कम्पनी है। इसका बंगाल के मेदिनीपुर जिले में बड़ा कोयले से संचालित बिजली संयंत्र है। TMC को ₹90 करोड़ धारीवाल इन्फ्रास्ट्रक्चर से मिले हैं।

इससे पहले यह भी जानकारी सामने आई थी कि फ्यूचर गेमिंग एंड होटल्स ने तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी डीएमके को ₹509 करोड़ का चंदा दिया। फ्यूचर गेमिंग की शुरुआत तमिलनाडु से ही हुई थी। हालाँकि, सैंटियागो ने बाद में अपना धंधा दूसरे राज्यों में शिफ्ट कर दिया।

फ्यूचर गेमिंग ने कुल ₹1368 करोड़ के इलेक्टोरल बॉन्ड्स खरीदे हैं। इनमें से ₹1000 करोड़ से अधिक का चंदा DMK और TMC को दिया गया। यानी फ्यूचर गेमिंग ने 70% चन्दा मात्र TMC और DMK को ही दिया। DMK ने फ्यूचर गेमिंग के मालिक सैंटियागो के बेटे को 2024 के चुनाव का रणनीतिकार भी नियुक्त किया था।

क्या करती है फ्यूचर गेमिंग एंड होटल्स?

हिन्दुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट बताती है कि फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज की स्थापना वर्ष 1991 में सैंटियागो मार्टिन ने की थी। यह कम्पनी तमिलनाडु में शुरू हुई थी, लेकिन जब यहाँ लॉटरी बंद हो गई तो मार्टिन ने अपना अधिकांश धंधा केरल और कर्नाटक में चालू कर दिया।

इस पूरे प्रकरण के केंद्र में रहने वाला सैंटियागो मार्टिन ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ लॉटरी ट्रेड एंड अलाइड इंडस्ट्रीज का अध्यक्ष हैं। उसकी इस कम्पनी में 1000 से अधिक लोग काम करते हैं। फ्यूचर गेमिंग वर्तमान में 13 राज्यों में लॉटरी चलाती है, इन राज्यों में अभी भी लॉटरी को कानूनी मान्यता है। यह राज्य अरुणाचल प्रदेश, असम, गोवा, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, पंजाब, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, नागालैंड और सिक्किम हैं।

मार्टिन की यह कम्पनी ‘डियर लॉटरी’ नाम से लॉटरी चलाती है। उसकी कम्पनी फ्यूचर गेमिंग दक्षिण भारत में अपनी एक अन्य कम्पनी मार्टिन कर्नाटक और पूर्वोत्तर के राज्यों में अपनी एक अन्य कम्पनी सिक्किम लॉटरी के माध्यम से धंधा करती है।

सैंटियागो मार्टिन का ‘लॉटरी घोटाला’

सैंटियागो मार्टिन पर 1 अप्रैल, 2009 से 31 अगस्त, 2010 के बीच में केरल में लॉटरी टिकटों की फर्जी बिक्री के माध्यम से सिक्किम सरकार को (₹910.29 करोड़) का नुकसान पहुँचाने का आरोप है। ED ने इस विषय में बताया था, “मार्टिन और उसकी सहयोगी कंपनियों और संस्थाओं ने अप्रैल 2009 से अगस्त 2010 के बीच जीतने वाले लॉटरी टिकटों के पैसो को बढ़ा चढ़ा कर दिखाया जिससे सिक्किम सरकार को 910 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।”

तब इस मामले में एजेंसी ने उनकी ₹157.7 करोड़ की चल संपत्ति (म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट) और ₹299.16 करोड़ की अचल सम्पत्ति जब्त कर ली थी। दिसंबर 2021 में, ED ने मनी लांड्रीग के चलते उसकी ₹19.59 करोड़ की संपत्ति कुर्क की थी। वर्ष 2019 में आयकर विभाग ने देश भर में ‘लॉटरी मार्टिन’ के 70 ठिकानों पर छापेमारी की थी।

म्यांमार के शहर यंगून में कभी मजदूरी करने वाला सैंटियागो मार्टिन ₹7000 करोड़ का ‘लॉटरी’ का धंधा खड़ा कर चुका है। वह लगातार पैसों की गड़बड़ी और धोखाधड़ी समेत मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में 2011 से जाँच एजेंसियों के राडार पर हैं।

12875km, 48 राज्य, 851 मंदिर: 25 मार्च से अमेरिका में राम मंदिर रथ यात्रा, 60 दिनों तक चलेगी​

अमेरिका के शिकागो से सोमवार (25 फरवरी 2024) को राम मंदिर रथयात्रा शुरू होने जा रही है। ये यात्रा 60 दिनों तक चलेगी। 23 अप्रैल 2024 को संपन्न होगी। इस दौरान 8000 (12874.75 किमी) से भी अधिक मील की दूरी तय की जाएगी और यात्रा 48 राज्यों के 851 मंदिरों तक जाएगी।

जानकारी के मुताबिक, इस रथयात्रा का आयोजन विश्व हिंदू परिषद ऑफ अमेरिका द्वारा किया जा रहा है। संगठन के महासचिव अमिताभ मित्तल ने इस संबंध में मीडिया को जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि इस यात्रा के दौरान टोयोटा सिएना वैन के ऊपर बने रथ में भगवान राम, देवी सीता, लक्ष्मण और हनुमान की मूर्तियाँ होंगी। उनके साथ अयोध्या के राम मंदिर से विशेष प्रसाद और प्राण प्रतिष्ठा पूजित अक्षत का कलश ले जाया जाएगा।

उन्होंने कहा कई लोग वीएचपीए के जरिए इस यात्रा की योजना बनाने और आयोजन में मदद करने के लिए आगे आए हैं। अमेरिका में यह पहली बार ऐसा हो रहा है कि हिंदू समुदाय द्वारा इस तरह की यात्रा का आयोजन किया गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, रथ यात्रा के दौरान छोटे-बड़े सभी मंदिरों की यात्रा की जाएगी। इसका उद्देश्य लोगों के भीतर हिंदू धर्म के प्रति जागरूकता फैलाना है, धर्म के प्रति शिक्षित करना, बतौर हिंदू सशक्त करना है।

हिंदू मंदिर सशक्तिकरण परिषद (एचएमईसी) की तेजल शाह कहते हैं, “हमारे लिए और हमारी आने वाली पीढ़ी के लिए जागरुकता बढ़ाने और दुनिया भर में हिंदू धर्म का प्रसार करने के अभियान में एकजुट होना बहुत जरूरी है।”

ED अधिकारियों की जासूसी करवा रहे थे केजरीवाल? रिपोर्ट में बताया- दिल्ली CM के घर से मिली 150 पन्नों की रिपोर्ट, परिवार से लेकर प्रॉपर्टी तक जुटा रखे थे सारे डिटेल

दिल्‍ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के घर से प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों के बारे में 150 पन्नों की रिपोर्ट मिली है, जिसके बाद अब ईडी उनके खिलाफ केस दर्ज कराने की तैयारी कर रही है। सूत्रों की मानें तो केजरीवाल शराब घोटाले की जाँच कर रहे अधिकारी एडिशनल डायरेक्टर कपिल राज और स्पेशल डायरेक्टर सत्यव्रत पर नजर रख रहे थे। गुरुवार की रात में अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के समय ईडी को अरविंद केजरीवाल के घर से ही ये फाइल मिली है, जो उनकी मुश्किलें बढ़ा सकती है।

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने ही घर से कपिल राज और सत्यव्रत का डोजियर बना रहे थे। ये दोनों अधिकारी क्या-क्या करते हैं? कौन-कौन कौन से केस हैं, दोनों की कितनी प्रॉपर्टी है? इन सबका पूरा ब्योरा केजरीवाल ने बनाया हुआ था। ईडी ने सभी दस्तावेज सीज कर लिये हैं। अब ईडी इस समय सख्त एक्शन लेने की तैयारी कर रही है।

ईडी का कहना है कि केजरीवाल के आवास से 150 पेज के दस्तावेज मिले हैं। इसमें ईडी अफसर के परिवार के बारे में जानकारी लिखी गई है। कुछ अफसरों के काम, परिवार और उसकी संपत्ति के बारे में जुटाई जा रही थी। यह दस्तावेज पूरी तरह से गैर-कानूनी हैं। इन दस्तावेजों की वजह से अरविंद केजरीवाल अब लंबा फंस सकते हैं।

इस मामले में ईडी अब आम आदमी पार्टी के खिलाफ भी सबूत पेश करेगी। इसके बाद आम आदमी पार्टी को भी इस घोटाले में पार्टी बनाया जा सकता है। जानकारी के मुताबिक, गोवा में आम आदमी पार्टी ने अपने उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने के लिए नकद रुपए भेजे थे। ईडी का दावा है कि ये वही रुपए हैं, जो दक्षिण भारत के कारोबारियों से शराब नीति बनाने की एवज में वसूले गए थे।

गौरतलब है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) को गुरूवार (21 मार्च, 2024) रात गिरफ्तार कर लिया था। उन्हें उनके आवास से ही गिरफ्तार किया गया था। केजरीवाल की गिरफ्तारी से पहले ईडी उन्हें 9 बार पूछताछ के लिए बुला चुकी थी। उन्हें नवम्बर 2023 से लगातार ईडी समन भेज रही थी लेकिन वह हर बार कोई ना कोई कारण देकर इनसे बचते रहे थे। उन्होंने गुरुवार को हाई कोर्ट में भी गिरफ्तारी पर रोक की माँग की थी, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली थी, जिसके बाद ईडी ने उन्हें उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। इसी दौरान 150 पन्नों की ये फाइल भी ईडी के हाथ लगी थी।

‘ये सेक्युलरिज्म के खिलाफ’: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी मदरसा एक्ट को असंवैधानिक घोषित किया, पूछा – ये शिक्षा मंत्रालय की जगह अल्पसंख्यक विभाग के पास क्यों?

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश मदरसा एक्ट को खत्म कर दिया है। हाईकोर्ट ने इसे धर्मनिरपेक्षता विरोधी और असंवैधानिक भी बताया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि मदरसे की शिक्षा सेक्युलरिज्म के सिद्धांतों के विरुद्ध है और सरकार को ये कार्यान्वित करना होगा कि मदरसों में मजहबी शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चों को औपचारिक शिक्षा पद्धति में दाखिल करें। जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने इसके साथ ही यूपी बोर्ड ऑफ मदरसा एजुकेशन एक्ट 2004 को असंवैधानिक घोषित कर दिया।

अंशुमान सिंह राठौड़ नामक शख्स ने इस संबंध में याचिका दायर की थी। उन्होंने इस एक्ट की कानूनी वैधता को चुनौती दी थी। इसके साथ-साथ उन्होंने निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार संशोधन अधिनियम, 2012 के कुछ प्रावधानों पर भी आपत्ति जताई थी। इससे पहले भी इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकारों से पूछा था कि मदरसा बोर्ड को शिक्षा विभाग की जगह अल्पसंख्यक विभाग द्वारा क्यों संचालित किया जा रहा है।

इसके साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शैक्षणिक संस्थानों पर पारदर्शिता पर भी जोर दिया। याचिका में पूछा गया था कि क्या मदरसों का उद्देश्य शिक्षा देना है या फिर मजहबी शिक्षा देना? साथ ही सवाल किया गया था कि जब संविधान सेक्युलर है तो फिर क्या सिर्फ एक खास मजहब के व्यक्ति को ही शिक्षा बोर्ड में नियुक्त किया जा सकता है? सुझाव दिया गया था कि शिक्षा से संबंधित बोर्ड में विद्वान लोगों की नियुक्ति अलग-अलग क्षेत्रों में उनकी दक्षता को देखते हुए की जानी चाहिए, बिना मजहब देखे हुए।

याचिका में इस तरफ भी ध्यान दिलाया गया था कि जैन, सिख ईसाई इत्यादि मजहबों से संबंधित सभी शैक्षिक संस्थानों को शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत संचालित किया जाता है, जबकि मदरसों को अल्पसंख्यक विभाग के तहत। इससे शिक्षा विशेषज्ञों और शिक्षा नीतियों के लाभ से मदरसे के छात्र वंचित रह जाते हैं। बता दें कि कई आतंकी गतिविधियों में भी देवबंद के दारुल उलूम जैसे मदरसों का नाम आता है। मदरसों में शिक्षा के आधुनिकीकरण पर योगी सरकार भी जोर दे रही है।

जिसने काट डाले 2 हिंदू बच्चे… उसके जनाजे में सिर्फ परिवार नहीं बल्कि समाज वाले भी सैकड़ों की संख्या में हुए शामिल

उत्तर प्रदेश के बदायूँ में दो हिन्दू बच्चों की हत्या करने वाले साजिद के जनाजे की एक तस्वीर सामने आई है। साजिद के जनाजे में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए हैं। साजिद की मौत पुलिस एनकाउंटर में गोली लगने से हो गई थी। साजिद को गुरूवार (21 मार्च, 2024) को सुपुर्द-ए-ख़ाक किया गया। उसका जनाजा गाँव सखानू में निकाला गया। इससे पहले उसका पोस्टमार्टम भी किया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया था। साजिद के जनाजे में आसपास की मुस्लिम आबादी बड़ी संख्या में आई थी।

इसकी कुछ वीडियो- फोटो भी वायरल हुईं। साजिद के जनाजे में शामिल भीड़ कई लोगों ने सोशल मीडिया पर गुस्से का इजहार किया। साजिद के जनाजे पर आनंद रंगनाथन ने एक्स पर लिखा, “साजिद ने 11 वर्षीय आयुष और 6 वर्षीय अहान का गला काट दिया और फिर कथित तौर पर उनका खून भी पिया। रमज़ान के पवित्र महीने में। ये उसके जनाजे का फोटो है।”

एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा, “बदायूं में बच्चों का हत्यारा मोहम्मद साजिद का जनाजा देखिये। हजारों लोग मोहम्मद साजिद के जनाजे में हैं। इस तस्वीर से क्या संदेश मिलता है ?”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “मासूम बच्चों के हत्यारे साजिद के जनाजे में इतनी भीड़ ? शायद उसने अपने किसी बड़े मिशन को पूरा किया है इसलिए उसके जनाजे के पीछे इतनी भीड़ है। इनमें अच्छे कितने हैं और बुरे कितने हैं आप स्वयं सोच लीजिए।”

साजिद के जनाजे में निकली सैकड़ों मुस्लिमों की भीड़ पर जिन-जिन को गुस्सा आ रहा है या आश्चर्य हो रहा है, उनको 9 साल पहले 2015 में याकूब मेमन के जनाजे की तस्वीर-वीडियो देखनी चाहिए। कौन था याकूब मेमन? कई मासूमों का हत्यारा था, आतंकी था… जिसे भारतीय संविधान और कानून के तहत फाँसी दी गई थी। इतने साफ-साफ तथ्य के बाद भी मुस्लिम समाज याकूब मेमन के साथ खड़ा हुआ, उसके कृत्यों के कारण उस पर थूका नहीं।

साजिद ने भी 2 मासूम बच्चों की हत्या की। उसका खुद का भाई जावेद इस बात की गवाही दे रहा है। लेकिन हुआ क्या? क्या उसके समाज ने साजिद से मुँह मोड़ लिया। उसके किए पर क्या उसका समाज शर्मिंदा है? क्या #AshamedAsAMuslim जैसा कोई ट्रेंड सोशल मीडिया पर चला? क्या किसी सेलिब्रेटी ने इस्लाम के प्रतीक-चिन्हों पर चाकू/उस्तूरा/खून आदि लगा कर कार्टून या ग्राफिक्स शेयर किया? नहीं। न ऐसा कुछ किसी ने किया, न करेगा, न पहले कभी किसी ने किया।

हत्यारा इस्लाम को मानने वाला था, साजिद के समाज-समुदाय को बस इससे मतलब है। उसने क्या किया, कितना जघन्य किया, इससे इस समुदाय को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। कंधा देने के लिए साजिद के 4 परिवार वाले काफी थे लेकिन जनाजे में शामिल हुई सैकड़ों की भीड़। यह भीड़ न याकूब के समय कम पड़ी, न साजिद के समय। बदलाव होगा जैसे किसी मुगालते में न रहें, आगे भी किसी हत्यारे/आतंकी/बलात्कारी मुस्लिम अपराधी के जनाजे में यह भीड़ आपको दिखेगी। ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’ नाम ऐसे ही किसी ने भावनाओं में आकर नहीं दिया है। यही इनकी हकीकत है।

क्या किया था साजिद ने?

19 मार्च, 2024 की शाम को बदायूं में नाई की दुकान चलाने वाले साजिद ने दो हिन्दू बच्चों आयुष और अहान की छुरी से रेत कर हत्या कर दी थी। साजिद यह हत्या करके फरार हो गया था। यूपी पुलिस ने साजिद को उसी दिन मुठभेड़ में मार गिराया था। घटना के दौरान मौजूद रहा साजिद का भाई जावेद फरार था। जावेद को गुरूवार (21 मार्च, 2024) को गिरफ्तार किया गया था। साजिद का इसके बाद पोस्टमार्टम हुआ और फिर जनाजा निकाला गया।

आप आदेश मानते नहीं, अहंकार में रहते हैं, भेज देंगे जेल: दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज को हाई कोर्ट ने फटकारा

दिल्ली हाई कोर्ट ने न्यायिक आदेशों का पालन न करने पर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज और स्वास्थ्य सचिव एसबी दीपक कुमार को चेताया है। कोर्ट ने कहा है कि अगर वो आदेशों का पालन नहीं करते हैं और अपने अहंकार में रहते हैं, तो कोर्ट उन्हें जनहित को देखते हुए जेल भेजने में तनिक भी संकोच नहीं करेगी। दिल्ली हाई कोर्ट ने सौरभ भारद्वाज को डांट भी लगाई और कहा कि कोर्ट को वो अपनी राजनीतिक लड़ाई में मोहरा न बनाए। हाई कोर्ट ने कहा कि हम जज भले हैं और नेता नहीं हैं, लेकिन नेता कैसे सोचते हैं, ये बात हमें अच्छे से पता है।

दिल्ली हाई कोर्ट सामाजिक कार्यकर्ता बेजोन कुमार मिश्रा द्वारा दाखिल पीआईएल पर गुरुवार (21 मार्च 2024) को सुनवाई कर रही है। इसी सुनवाई के दौरान पिछली तारीख में कोर्ट ने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज और दिल्ली के स्वास्थ्य सचिव एसबी दीपक कुमार को तलब किया था। अब कोर्ट ने दोनों को जमकर फटकारा है और कहा है कि दोनों जनता के सेवक हैं, ऐसे में अहंकार को किनारे पर रखें और जनता के हित के हिसाब से फैसले लें। अगर ऐसा नहीं किया गया, तो जरूरत पड़ने पर हम आप दोनों को जेल भेज देंगे और किसी तीसरे पक्ष को इस काम को करने के लिए कहेंगे।

ये पीआईएल इस बात के लिए दाखिल की गई थी कि दिल्ली में 20-25 हजार पैथोलॉजी लैब खुली हैं, जो लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रही हैं। पीआईएल की तरफ से अधिवक्ता शशांक देव सुधी ने दलील दी। उन्होंने आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय राजधानी में अनधिकृत प्रयोगशालाएं और डायग्नोस्टिक केंद्र अयोग्य तकनीशियनों के साथ काम कर रहे थे और मरीजों को गलत रिपोर्ट दे रहे थे। दरअसल, सौरभ भारद्वादज ने कोर्ट में कहा कि दिल्ली स्वास्थ्य विधेयक को मई 2022 में ही अंतिम रूप दे दिया गया था, कोर्ट ने पूछा कि इसे अभी तक मंजूरी के लिए केंद्र के पास क्यों नहीं भेजा गया। कोर्ट ने कहा कि अगर इसमें समय लगेगा, तो दिल्ली सरकार को केंद्र सरकार के कानून- क्लिनिकल प्रतिष्ठान (पंजीकरण और विनियमन) अधिनियम, 2010 को लागू करने पर विचार करना चाहिए।

भारद्वाज की यह दलील कि कोर्ट की कृपा से सरकार को विधेयक को अधिनियमित करने में मदद मिलेगी, से कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की और कहा, “आपको लगता है कि हम इस खेल में एक मोहरा हैं और आप इसे रणनीति के तौर पर इस्तेमाल करेंगे। हम किसी के प्यादे नहीं हैं।” इस ग़लतफ़हमी को दूर करो कि तुम अदालत की प्रक्रिया का उपयोग करोगे।”

हाई कोर्ट ने फटकार लगते हुए आगे कहा कि हमारे साथ ऐसा मत करो नहीं तो तुम दोनों जेल जाओगे। अगर इससे आम आदमी को फायदा नहीं होगा तो हमें तुम दोनों को जेल भेजने में कोई हिचकिचाहट नहीं होगी। तुम दोनों बड़ा अहंकार नहीं कर सकते, तुम दोनों ही नौकर हो। कोर्ट ने कार्यवाही के दौरान कहा कि सरकार और आप दोनों को यह सुनिश्चित करना होगा कि आम आदमी को फायदा हो। आप क्या कर रहे हैं? लोगों को उनके खून के नमूनों की गलत रिपोर्ट मिल रही है।

भूटान पहुँचे PM मोदी का ‘रेड कार्पेट’ स्वागत, 45 km तक सड़क के दोनों तरफ कतार में खड़े रहे लोग: भारत के बनाए अस्पताल का करेंगे उद्घाटन, चीन की नींद उड़ी

भारत में लोकसभा चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान और चुनावी रैलियों के व्यस्त शेड्यूल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूटान दौरे पर पहुँचे हैं। हिमालयी देश की राजधानी थिम्पू पहुँचने पर उनका स्वागत ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ के साथ किया गया। भूटान के प्रधानमंत्री त्शेरिंग तोबगे ने उनका स्वागत करते हुए उन्हें अपना ‘बड़ा भाई’ बताया है। पीएम मोदी का ये दौरा 2 दिवसीय होगा। भारत ‘नेबरहुड फर्स्ट’ की नीति के तहत पड़ोसी मुल्कों से अपने संबंध सुधार रहा है।

पारो एयरपोर्ट पर पीएम मोदी के लिए रेड कार्पेट भी बिछाया गया था। पारो इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लेकर थिम्पू तक 45 किलोमीटर के रूट में सड़क के चारों तरफ भूटान के नागरिक पीएम मोदी का अभिवादन करने के लिए जुटे रहे। भारत और भूटान के राष्ट्रीय ध्वज रास्ते में लहराते रहे। भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और वहाँ के चौथे राजा रहे जिग्मे सिंग्ये वांगचुक से उनकी उच्च-स्तरीय बैठक होनी है। सिंग्ये 1972 से लेकर 2006 तक लगातार 34 वर्षों तक देश के राजा रहे थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूटान में ‘ग्यालत्सेन जेत्सुन पेमा मदर एन्ड चाइल्ड हॉस्पिटल’ का उद्घाटन करेंगे। ग्यालत्सेन भूटान में रानी को कहा जाता है और जेत्सुन पेमा वहाँ की मौजूदा रानी हैं। वो दुनिया की सबसे कम उम्र की क्वीन भी हैं। उनकी उम्र मात्र 33 वर्ष है। इस अस्पताल को भारत सरकार की सहायता से बनाया गया है। इस दौरे में द्विपक्षीय और क्षेत्रीय हितों के मुद्दों पर एक-दूसरे से विचार साझा किए जाएँगे और साथ ही दोनों देशों की जनता की भलाई के लिए भी काम किया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दौरान भूटान के बच्चों से भी मिले, जिन्होंने हाथों में भारत और भूटान के झंडे ले रखे थे। वीडियो में देखा जा सकता है कि पीएम मोदी के आगे-आगे बच्चे चल रहे हैं और उन्होंने उनके कन्धों पर हाथ भी रखा हुआ है। इस दौरान दोनों तरफ भूटान के लोग पारंपरिक अंदाज़ में उनका स्वागत कर रहे हैं और गीत गए जा रहे हैं। पीएम मोदी का ये दौरा साम्राज्यवादी चीन को भी खटक सकता है। भूटान को चीन अपने प्रभाव में लेना चाहता है।