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54 बच्चों की जगह, रखे गए 100 नवजात… 24 घंटे में 9 की मौत: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज में मातम

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज में 24 घंटों में 9 नवजात बच्चों और एक 2 साल के बच्चे की मौत होने से हल्ला मच गया। परिजनों का जहाँ पूरे दिन रो रोकर बुरा हाल रहा। वहीं मेडिकल कॉलेज के प्रशासन ने इस संबंध में जाँच समिति गठित की। ये घटना मेडिकल कॉलेज के SNCU वार्ड की है।

टाइम्स नाऊ की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि इस वार्ड में 54 बच्चों को रखने की क्षमता थी, लेकिन इसमें 100 बच्चों को एडमिट किया गया था। इसकी वजह से संभावना है कि शायद बच्चों में इंफेक्शन फैल गया।

सूत्रों के जरिए यह भी रिपोर्ट्स में बताया गया कि वार्ड के जिन बच्चों ने दम तोड़ा उनमें से तीन बच्चे ही अस्पताल में पैदा हुए थे जबकि बाकी रेफर होकर गंभीर अवस्था में हॉस्पिटल लाए गए थे। वहीं 2 साल के बच्चे के लिए बताया गया कि न्यूरॉजिकल समस्या के कारण इलाज अस्पताल में पहले से ही चल रहा था। कहा जा रहा है कि अस्पताल प्रशासन ने इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट भेज दी है।

मेडिकल कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल और मेडिकल सुप्रीटेंडेंट ने इन मौतों की पुष्टि की। उन्होंने कहा, “हमारी जानकारी के अनुसार, ये सत्य है कि अस्पताल में 9 बच्चों ने अपनी जान गवाई। हमने प्रारंभिक जाँच के लिए कमेटी गठित की है। हमें जो प्राथमिक रिपोर्ट मिली है उसके आधार पर मैं आपको बताता हूँ कि ज्यादातर बच्चे कुपोषित थे। एक बच्चे को गंभीर दिल की बीमारी थी जिसे इलाज देने के लिए हमारे पास न समय था न संसाधन।”

उन्होंने बताया, “एक अन्य समस्या जो अस्पताल को देखनी पड़ रही है वो ये कि जांगीपुर के अस्पताल में रेनोवेशन हो रहा है तो वहाँ के सारे केस यहाँ आते हैं। हम अपना उत्कृष्ट देने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन उन बच्चों में ज्यादातर कुपोषित होते हैं या फिर अंडरवेट। इसलिए बड़ा मुश्किल होता है ऐसे बच्चों को बचा पाना। हम मजबूर हैं एक बेड पर एकसे ज्यादा मरीज रखने पर।”

Live मैच में पाकिस्तानियों के लिए TV स्क्रीन पर लिख दिया ‘गंदी गाली/आतंकी’, बवाल होने पर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने माँगी माफी

पाकिस्तान क्रिकेट टीम ऑस्ट्रेलिया में खेलने गई है। दोनों टीमें जब एक प्रैक्टिस मैच खेल रही थी, तो पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए स्कोरबोर्ड पर ‘पाकी’ लिखा गया। ‘पाकी’ शब्द आम तौर पर बहुत गंदी गाली या आतंकी के लिए इस्तेमाल किया जाता है, इसे नस्लीय माना जाता है। इसके बाद बवाल हुआ। Live टीवी पर इस गलती (या शायद जानबूझकर) के लिए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को माफी माँगनी पड़ी।

पाकिस्तान क्रिकेट टीम और ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के बीच 3 टेस्ट मैचों की सीरीज होनी है। इसके पहले पाकिस्तानियों और ऑस्ट्रेलिया की प्राइम मिनिस्टर XI टीम के बीच एक वार्म-अप (प्रैक्टिस मैच) मैच खेला जा रहा है। 4 दिनों का यह मैच 6 दिसंबर 2023 को शुरू हुआ। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए ‘पाकी’ शब्द का इस्तेमाल इसी मैच में हुआ।

कैनबरा के मैनुका ओवल स्टेडियम (Canberra Manuka Oval) में पाकिस्तान क्रिकेट टीम और ऑस्ट्रेलिया की प्राइम मिनिस्टर XI टीम के बीच जैसे ही वार्म-अप (प्रैक्टिस मैच) मैच शुरू हुआ, बवाल हो गया। मैच के शुरू होते ही इसमें जहाँ स्कोरबोर्ड दिखाया जा रहा था, वहाँ पाकिस्तान क्रिकेट टीम या पाक क्रिकेट टीम की जगह ‘पाकी’ लिखा गया।

Live मैच में पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए स्कोरबोर्ड पर ‘पाकी’ लिखने की गलती पर ध्यान दिलाया डैनी सईद नाम के एक पत्रकार ने। जैसे ही इस मामले पर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम को चलाने वाली संस्था, जैसे इंडियन क्रिकेट टीम के लिए BCCI) का ध्यान गया, उन्होंने टीवी प्रसारण में इस गलती को सुधारा, माफी माँगी। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने कहा:

“स्कोरबोर्ड से संबंधित ग्राफिक डाटा प्रदान करने वाली एक कंपनी के स्वचालित फीड से लिया जा रहा था। पाकिस्तान के साथ इससे पहले हुए मैचों में इसे नहीं लिया गया था। यह स्पष्ट रूप से खेदजनक था, गलती सामने आते ही हमने इसे स्वचालित फीड की जगह मैन्युअल रूप से ठीक कर लिया।”

खबर लिखे जाने तक पाकिस्तान क्रिकेट टीम और ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के बीच तीसरे दिन का खेल चल रहा है। पहले खेलते हुए पाकिस्तान ने 9 विकेट खोकर 391 रन बनाए और पारी समाप्त की। ऑस्ट्रेलिया इसके जवाब में 3 विकेट खोकर 300 रन बना चुकी है।

आपको बता दें कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम जब 3 टेस्ट मैचों की इस सीरीज को खेलने ऑस्ट्रेलिया गई तो ऑस्ट्रेलियाई दूतावास से कोई भी अधिकारी उन्हें रिसीव करने नहीं पहुँचा। यहाँ तक की सपोर्ट स्टाफ भी नहीं। इस कारण से पाकिस्तान की टीम को मजदूर की तरह अपना सामान खुद ही ट्रक में लोड करना पड़ा था। इसको लेकर वायरल वीडियो के नीचे सोशल मीडिया पर यूजर्स लिख रहे थे कि पाकिस्तानियों की अंतरराष्ट्रीय बेइज्जती हो गई।

BBC पर लाइव समाचार पढ़ने आई महिला एंकर, करने लगी अश्लील इशारे: बवाल के बाद बोली- वह प्राइवेट जोक था, संस्थान ने कहा- लेंगे एक्शन

बीबीसी के लाइव शो में टीवी एंकर अभद्र इशारा करती देखी गईं। बीबीसी की इस एंकर का नाम मरियम मोशरी है। मोशरी ने लाइव टीवी पर मिडल फिंगर दिखाई। इसके बाद उनकी यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी। बवाल बढ़ने पर मोशरी ने तो इस मामले में माफी माँगी ही, साथ में बीबीसी को भी इस हरकत के कारण शर्मिंदगी में माफी माँगनी पड़ी।

दरअसल, जो क्लिप वायरल हो रही उसमें दिख रहा है कि लाइव शो शुरू होने से पहले काउंटडाउन हो रहा था कि तभी स्क्रीन पर मोशरी नजर आई। अचानक मोशरी ने सिर उठाया और आँखे बड़ी करके मिडल फिंगर दिखाई। इसके बाद वह न्यूज पढ़ने लगीं।

मोशरी की हरकत का वीडियो जैसे ही वायरल हुआ और उनसे सवाल शुरू हुए उन्होंने इस कारनामे को एक निजी मजाक बता दिया। मोशरी ने कहा, “यह एक निजी मजाक था। मैंने सोचा नहीं था कि यह कैमरे में कैद हो जाएगा। जब हम काउंटडाउन संख्या वन पर पहुँचे तो मैंने एक मजाक के रूप में अपनी उंगली घुमाई और मुझे एहसास नहीं हुआ कि यह कैमरे में कैद हो जाएगी। यह टीम के साथ एक प्राइवेट जोक था और मुझे बहुत खेद है कि यह ऑन एयर चला गया! यह मेरा इरादा नहीं था कि ऐसा हो। मुझे खेद है कि मैंने किसी को नाराज या परेशान किया। मैं दर्शकों या किसी व्यक्ति को नहीं दिखा रही थी। यह एक मूर्खतापूर्ण मजाक था जो मेरे कुछ दोस्तों के लिए था।”

इस घटना के बाद हो रही फजीहत के बाद बीबीसी ने भी खेद व्यक्त किया है। बीबीसी ने कहा,” यह एक अस्वीकार्य घटना थी। हम इसके लिए माफी माँगते हैं। हम इस मामले की जाँच कर रहे हैं और उचित कार्रवाई करेंगे।”

बता दें कि लाइव शो में अक्सर एंकरों से गलतियाँ होती रहती है। लेकिन इस तरह अश्लील इशारे करना इन गलतियों में नहीं आता, ये साफ दिख रहा है कि बिन बात के किया गया। मोशरी से पहले बीबीसी के एक और एंकर चर्चा में आए थे। उनपर एक किशोर की अश्लील तस्वीरें मंगाने का आरोप लगा था, जिसके बदले एंकर उसे पैसे भी देता था। किशोर के परिवार को जब पता चला तो उन्होंने इसकी शिकायत बीबीसी को दी और बीबीसी ने उस एंकर को सस्पेंड किया।

‘दिल्ली बनेगा खालिस्तान, संसद पर हमला कर के लूँगा हत्या की साजिश का बदला’: पन्नू की गीदड़ भभकी पर बोला विदेश मंत्रालय – नहीं देना चाहते भाव

प्रतिबंधित आतंकी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ के सरगना गुरवतपन्त सिंह पन्नू की भारतीय संसद उड़ाने की धमकी को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ऐसे लोग मीडिया कवरेज पाने के लिए ऐसी बाते करते रहते हैं और हम यहाँ बात करके उन्हें प्रासंगिकता नहीं देना चाहते।

गौरतलब है कि हाल ही में पन्नू ने एक वीडियो जारी करके संसद पर हमले की बरसी 13 दिसम्बर को संसद उड़ाने की धमकी दी थी। इसी को लेकर अब भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने साप्ताहिक मीडिया संवाद में जवाब दिया है। गौरतलब है कि 13 दिसम्बर, 2001 को पाँच इस्लामी आतंकियों ने संसद पर हमला कर दिया था। इसमें सुरक्षा बलों के 6 जवान बलिदान हो गए थे।

इस वीडियो में पन्नू ने कहा था कि वह 13 दिसम्बर या उससे पहले संसद भवन पर हमला करके उसके हत्या की योजना बनाने का बदला लेगा। उसने दावा किया था कि दिल्ली खालिस्तान बनेगा। वह पहले भी ऐसी धमकियों वाले वीडियो जारी करता रहा है।

अब विदेश मंत्रालय ने इस पर कहा है, “हम इन धमकियों को गंभीरता से लेते हैं लेकिन हम ऐसे लोगों के बारे में यहाँ बात करके उन्हें ज्यादा विश्वसनीयता नहीं देना चाहते जो ऐसी धमकियाँ देकर काफी मीडिया कवरेज पाते हैं।”

उन्होंने आगे इस मामले में कहा, “हम इन खतरों को गंभीरता से लेते हैं और हमने इस मामले से अमेरिका और कनाडा को अवगत करवाया है। कट्टरपंथी और आतंकी मीडिया कवरेज पाने के लिए ऐसी धमकियाँ देते रहते हैं।” विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा है कि वह यहाँ हमारी एजेंसियों द्वारा वांछित है और हम अन्य देशों से उसे कानून तक लाने के लिए सहायता माँग चुके हैं।

गौरतलब है कि पन्नू की धमकी अमेरिका के उस दावे के बाद आया है जिसमें कहा गया था कि रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) के एक अफसर ने एक भारतीय निखिल गुप्ता को पन्नू को मरवाने के लिए कहा था। इस मामले में विदेश मंत्रालय पहले ही एक जाँच कमिटी गठित कर चुका है।

अमेरिका में भी इस मामले को कोर्ट में ले जाया गया है और निखिल गुप्ता को अमेरिका ने गिरफ्तार भी किया है। अमेरिका के जस्टिस विभाग ने आरोप लगाया था कि 1 लाख डॉलर (लगभग ₹83 लाख) में पन्नू को मारने के लिए एक व्यक्ति को सुपारी दी गई थी जो कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का एजेंट था।

संसद पर हमला करने की धमकी देने वाले वीडियो में पन्नू इसी हत्या की साजिश की बात कर रहा था। पन्नू पूर्व में भी ऐसे ही वीडियो जारी करता रहा है। इससे पहले उसने एअर इंडिया के विमानों को उड़ाने की धमकी भी दी थी।

‘फ& ऑफ, तुम फ़िक्सर हो’: S श्रीसंत के वीडियो के बाद गौतम गंभीर का ‘अटेंशन’ वाला पोस्ट, बोले पूर्व तेज़ गेंदबाज – ‘अंपायरों से भी बदतमीजी, सीनियरों का नहीं करते सम्मान’

भारत के पूर्व तेज़ गेंदबाज S श्रीसंत ने गुरुवार (7 दिसंबर, 2023) को टीम में साथ खेल चुके पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर को लेकर कुछ ऐसा कह दिया, जिससे विवाद खड़ा हो गया। S श्रीसंत ने आरोप लगाया है कि लेजेंड्स लीग क्रिकेट मैच के दौरान गौतम गंभीर ने उन्हें ‘फ़िक्सर’ कहा। ‘इंडियन कैपिटल्स’ और ‘गुजरात जायंट्स’ के बीच एक मैच के दौरान दोनों में तगड़ी बहस हो गई थी, जिसके बाद अंपायरों को हस्तक्षेप करना पड़ा था। श्रीसंत ने इंस्टाग्राम पर लाइव आकर ये बातें कही।

S श्रीसंत ने बताया, “वो लगातार मुझे फ़िक्सर-फ़िक्सर कहते रहे। सेन्ट्रल विकेट पर लाइव टीवी के दौरान उन्होंने मुझे कहा – फ& ऑफ, तुम फ़िक्सर हो। मैं बस उनसे इतना कह रहा था कि आप क्या कह रहे हो? मैं मजाकिया लहजे में सिर्फ हँस रहा था। जब अंपायरों ने उन्हें समझाने की कोशिश की तो उनके साथ भी इन्होंने इसी तरह की भाषा का इस्तेमाल किया।” सोशल मीडिया पर श्रीसंत के आरोपों के वायरल होने के बाद गौतम गंभीर ने भी एक तस्वीर पोस्ट की।

उन्होंने इस मामले पर प्रत्यक्ष रूप से किसी को कुछ नहीं कहा। अपनी तस्वीर लगा कर पूर्व क्रिकेटर ने लिखा, “जब दुनिया केवल एटेंशन को लेकर सीमित रह गई हो, आप मुस्कुराइए।” श्रीसंत का दावा है कि उन्होंने किसी कड़े शब्द का इस्तेमाल नहीं किया, गौतम गंभीर ने स्थिति बिगाड़ी। उन्होंने कहा कि लोग कह रहे हैं कि वो सिक्सर-सिक्सर बोल रहे थे, लेकिन वो कह रहे थे – ‘तू फ़िक्सर है।’ श्रीसंत ने कहा कि ये बात करने का कोई तरीका नहीं है।

उन्होंने ये भी कहा कि वो इस मामले को यहीं खत्म करना चाहते हैं लेकिन लोग गौतम गंभीर को बचाना चाह रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं निवेदन करता हूँ कि एक्स्ट्रा पेड PR के कामों पर भरोसा न करें।” बता दें कि S श्रीसंत पर फिक्सिंग के आरोपों के कारण BCCI ने लाइफटाइम बैन लगाया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में इस बैन को खत्म कर दिया। याद दिला दें कि 2011 में ODI वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम में ये दोनों ही खिलाड़ी शामिल रहे थे।

वहीं ताज़ा मैच के बाद श्रीसंत ने वीडियो जारी कर समर्थन के लिए फैंस को धन्यवाद करते हुए गौतम गंभीर को ‘मिस्टर फाइटर’ कहा था, जो हमेशा अपने साथियों से लड़ते रहते हैं। श्रीसंत ने कहा था कि गौतम गंभीर अपने वरिष्ठों, जैसे वीरेंद्र सहवाग का भी सम्मान नहीं करते। उन्होंने कहा कि बिना उकसाए जाने के बावजूद उन्होंने अब ऐसे शब्द का प्रयोग किया है जो नहीं कहा जाना चाहिए था। उन्होंने कहा था कि वो दुःखी हैं और उनके परिवार को भी इससे ठेस पहुँची है।

‘सत्ता आती-जाती है, लेकिन देश महत्वपूर्ण है’: अजित पवार को देवेंद्र फडणवीस की दो टूक, कहा – नवाब मलिक का गठबंधन में आना ठीक नहीं, वो जमानत पर बाहर

उद्धव ठाकरे की सरकार में मंत्री रहे और वर्तमान में जेल से जमानत पर बाहर एनसीपी विधायक नवाब मलिक के अजित पवार गुट को समर्थन देने से महाराष्ट्र की राजनीति में नया मोड़ आ गया है। नवाब मलिक की विधानसभा में उपस्थिति को लेकर उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उप-मुख्यमंत्री अजित पवार को पत्र लिखा है।

उन्होंने नवाब मलिक को गठबंधन में लेने को गलत ठहराया है। दरअसल, जेल से मेडिकल आधार पर जमानत पाए एनसीपी नेता नवाब मलिक हाल ही में नागपुर में चल रहे महाराष्ट्र विधानसभा के सत्र में पहुँचे थे और महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार में शामिल एनसीपी के अजित पवार गुट के साथ बैठे दिखे थे। इससे यह भी स्पष्ट हुआ था कि नवाब मलिक शरद पवार के साथ नहीं बल्कि अजित पवार के साथ हैं। गौरतलब है कि अजित पवार एनसीपी के अधिकांश विधायकों को साथ लेकर जुलाई 2022 में महाराष्ट्र की शिवसेना-भाजपा सरकार में शामिल हो गए थे।

नवाब मलिक को फरवरी 2022 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार किया था। उनके ऊपर आरोप है कि उन्होंने दाऊद इब्राहिम से संबंधित एक सम्पत्ति को कम स्टाम्प ड्यूटी पर उसकी बहन हसीना पार्कर के साथ मिलकर खरीदा और इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग हुई। नवाब मलिक को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा अगस्त 2023 में अंतरिम जमानत दी गई थी।

नवाब मलिक की विधानसभा में उपस्थिति को लेकर विपक्ष ने भी प्रश्न उठाए थे कि पहले भाजपा और शिवसेना इनका विरोध कर रहे थे और अब यह इनके साथ कैसे बैठे हुए हैं। शिवसेना ने इसको लेकर देवेन्द्र फडनवीस और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कुछ पुराने वीडियो भी चलाए थे। इसी को लेकर अब फडणवीस ने पत्र लिखा है।

उप-मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने लिखा है, “पूर्व मंत्री एवं विधानसभा सदस्य नवाब मलिक आज विधानमंडल आए और कार्यवाही में भाग लिया। उन्हें विधान सभा का सदस्य होने के नाते इसका अधिकार भी है। मेरी उनसे कोई निजी शत्रुता नहीं है, मैं इसे शुरू में ही स्पष्ट कर देता हूँ। हालाँकि, जिस तरह से उन पर आरोप लगे हैं, उसे देखते हुए हमारा मानना ​​है कि उन्हें हमारे गठबंधन में शामिल करना उचित नहीं होगा।”

आगे उन्होंने लिखा, “सत्ता आती है और जाती है। लेकिन सत्ता से ज्यादा महत्वपूर्ण देश है। वह केवल मेडिकल आधार पर जमानत पर बाहर हैं। अगर उन पर लगे आरोप साबित नहीं हुए तो हमें उनका स्वागत करना चाहिए। हालाँकि, हमारी स्पष्ट राय है कि ऐसे आरोप लगने पर उन्हें गठबंधन का हिस्सा बनाना उचित नहीं है।”

उन्होंने यह भी लिखा कि अजित पवार को यह पूरा अधिकार है कि वह किसे अपनी पार्टी में ले या नहीं, इससे गठबंधन में भी कोई समस्या नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि हर घटक दल को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है, इसलिए वह इसका विरोध करते हैं।

उप-मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे की सरकार पर नवाब मलिक को मंत्रिमंडल से ना हटाने के फैसले को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “हम तत्कालीन मुख्यमंत्री (उद्धव ठाकरे) और महा विकास अघाड़ी सरकार से सहमत नहीं हो सकते जिन्होंने नवाब मलिक पर देशद्रोह के आरोप लगने के बाद भी उन्हें मंत्रिमंडल में बनाए रखा।” देवेन्द्र फडनवीस के इस पत्र पर एनसीपी के अजित पवार गुट और अजित पवार का क्या रुख होगा यह देखने वाली बात होगी।

‘कम्युनिस्ट नेताओं की शह पर उठाई जा रहीं मुस्लिम लड़कियाँ, गैर-मुस्लिमों से कर दे रहे शादी’: केरल में ‘लव जिहाद’ और इस्लामी हिंसा के बीच मौलाना का CPM पर हमला

बीते कुछ समय से केरल में मुस्लिमों द्वारा हिंसा और ‘लव जिहाद’ के मामले सामने आए हैं, जिससे यहाँ गैर-मुस्लिम महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बनी रहती हैं। इन सब के बीच केरल के मौलाना का कहना है कि मुस्लिम लड़कियाँ गैर मुस्लिमों द्वारा जान बूझ कर फँसाई जा रही हैं और उनका मजहब परिवर्तन करवाया जा रहा है।

संस्था केरल जेम-आयतुलउलमा की सुन्नी युवजन सभा के सचिव मौलाना नासर फैजी कूडथई ने 6 दिसम्बर, 2023 को कोझिकोड में यह बयान दिया है। उसने केरल की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट सरकार पर मुस्लिम लड़कियों की दूसरे धर्मों में शादी को बढ़ावा देने के आरोप लगाए हैं।

मौलाना नासर ने कहा है कि मुस्लिम लड़कियाँ उठाई जा रही हैं और गैर-मुस्लिमों से ब्याही जा रही हैं। उसने मुस्लिम समुदाय को इससे बचने और सेक्युलरिज्म के नाम पर चलाई जाने वाली सीपीएम की चालों से सावधान रहने को कहा। मौलाना नासर ने कहा, “बीते दिनों में हमने अंतरधार्मिक शादियों को बढ़ावा देने के लिए राजनीतिक रणनीति को देखा है। संविधान यह अधिकार देता है कि मुस्लिम, मुस्लिम से और हिन्दू, हिन्दू से विवाह करे। लेकिन कुछ मूर्खों को यह लगता है कि भारतीय संस्कृति को तभी बढ़ावा मिलेगा जब हिन्दू-मुस्लिम विवाह हो।”

आगे मौलाना नासर ने कहा, “मुस्लिम लड़कियाँ पार्टी और अखबार के दफ्तरों, CPM, DYFI और SFI के नेताओं की शह पर उठाई जा रही हैं और उनका विवाह गैर मुस्लिमों से किया जा रहा है। मह्ल्लू (मस्जिद) कमेटियों को इसके खिलाफ खड़े होना चाहिए।”

संस्था केरल जेम-आयतुलउलमा के केरल की पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के साथ सम्बन्ध हैं। यह पार्टी केरल में कॉन्ग्रेस के UDF गठबंधन में शामिल है। केरल में वर्ष 2016 से ही कॉन्ग्रेस सत्ता से बाहर है और कम्युनिस्ट सरकार के विपक्ष में है।

यह पहली बार देखा गया है कि किसी मुस्लिम मौलाना ने अंतरधार्मिक विवाहों के विरोध में आवाज उठाई हो। यह बात ध्यान देने वाली है कि केरल में लगातार हिन्दू महिलाओं के साथ ‘लव जिहाद‘ के मामले सामने आते रहे हैं। सिर्फ हिन्दू ही नहीं बल्कि केरल के ईसाई समुदाय के लोगों ने भी ईसाई लड़कियों के मुस्लिम लड़कों द्वारा फँसाए जाने को लेकर आवाज उठाई है।

ऐसे मामलों में मुस्लिम युवक हिन्दू लड़कियों को झूठी पहचान के आधार पर प्यार के नाम पर फंसाते हैं और बाद में उनका इस्लाम में परिवर्तन करवाते हैं। ऐसा करने पर उन्हें आर्थिक लाभ दिए जाते हैं। इस काम में कई इस्लामिक संस्थाएँ और कई मुस्लिम देश लगे हुए हैं।

बीते दिंनों जब केंद्र सरकार ने संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया पर प्रतिबंध लगाया था तब भी हिन्दू लड़कियों को धर्मान्तरित करने के ऐसे ही कई मामले प्रकाश में आए थे। PFI लगातार मुल्सिम युवाओं से आह्वान करती थी कि वह हिन्दू लड़कियों को इस्लाम में परिवर्तित करें। PFI ने ऐसा करने वाले लड़कों के लिए ₹2 लाख नकद, एक दुकान और एक घर का पुरष्कार रखा हुआ था। इन सबके पीछे केरल में अंदर तक पहुँच चुका इस्लामिक कट्टरपंथ है। इसको मुख्यधारा की मीडिया द्वारा इतना प्रकाश में नहीं लाया जाता।

रेगिस्तान में दुनिया का सबसे बड़ा ग्रीन एनर्जी पार्क, 2 करोड़ घरों को बिजली: गौतम अडानी बोले – अंतरिक्ष से भी दिखेगा, ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लिए संकल्पित

‘अडानी ग्रुप’ के चेयरमैन गौतम अडानी ने गुजरात में बन रहे दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन एनर्जी पार्क की तस्वीरें शेयर की हैं। उन्होंने इस पर गर्व जताया कि वो ग्रीन एनर्जी क्षेत्र में भारत की प्रभावशाली प्रगति में वो महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम दुनिया का सबसे बड़ा ग्रीन एनर्जी पार्क बना रहे हैं, जो कि एक विशाल प्रोजेक्ट है। उन्होंने कहा कि रण के रेगिस्तान जैसे चुनौतीपूर्ण स्थान पर ये ग्रीन एनर्जी पार्क 726 स्क्वायर किलोमीटर का एरिया कवर करेगा।

उन्होंने खास जानकारी दी कि ये अंतरिक्ष से भी दिखाई देगा। इससे 30GW बिजली जेनरेट होगी, जिसका फायदा 2 करोड़ घरों को मिलेगा। वहीं यहाँ से 150 किलोमीटर दूर स्थित मुंद्रा को अपनी कर्मभूमि बताते हुए गौतम अडानी ने कहा कि हम सौर एवं पवन ऊर्जा के लिए दुनिया के सबसे व्यापक एवं एकीकृत रिन्यूएबल एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि टिकाऊ ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की यात्रा में ये एक बड़ा मील का पत्थर है।

साथ ही उन्होंने इन दोनों परियोजनाओं को भारत द्वारा गठित ‘इंटरनेशनल सोलर अलायंस’ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प के प्रति अडानी समूह की प्रतिबद्धता का उदाहरण भी करार दिया। अगर ये दोनों प्रोजेक्ट पूरे हो जाते हैं तो हरित ऊर्जा के क्षेत्र में भारत क्रांति की नई गाथा लिखेगा। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में इस तरह की परियोजना से वहाँ रह रहे लोगों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। ‘अडानी समूह’ तमाम आरोपों के बावजूद सफलता के साथ इन प्रोजेक्ट्स को पूरा कर रहा है।

वहीं स्टॉक मार्केट में भी अडानी समूह के शेयरों में जबरदस्त उछाल जारी है। बीते 7 सत्रों में अडानी समूह का मार्केट कैप 5.5 लाख करोड़ रुपए बढ़ गया है और कंपनी समूह का कुल मार्केट कैप 15 लाख करोड़ रुपए के पार हो गया है। अमेरिका की DFC (इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन) ने हिंडेनबर्ग की अडानी के खिलाफ आई रिपोर्ट को बेतुका करार दिया है। रिन्यूएबल एनर्जी के लिए अडानी ग्रीन ने 1.36 बिलियन डॉलर की फंडिंग जुटा ली है।

जिन 8 पूर्व भारतीय नौसैनिकों को सुनाई गई थी मौत की सज़ा, अब उन्हें मिला काउंसलर एक्सेस, राजदूत कर सकेंगे बात: क़तर के अमीर के साथ दिखे थे PM मोदी

भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि खाड़ी देश कतर में फाँसी की सजा पाए 8 पूर्व भारतीय नौसैनिकों को काउंसिलर एक्सेस मिल गया है। इसका अर्थ है कि उन्हें अब कतर में मौजूद भारतीय राजदूत से बातचीत करने का मौक़ा मिल रहा है। यह जानकारी साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्रालय ने दी है।

कतर की एक अदालत ने 26 अक्टूूबर, 2023 को भारतीय नौसेना के 8 पूर्व अधिकारियों को मौत की सजा सुनाई थी। बता दें कि साल 2022 में क़तर की एक कंपनी में काम करने वाले इन अधिकारियों पर जासूसी का आरोप लगाकर वहाँ की इस्लामी सरकार ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया था। ये सभी पूर्व अधिकारी वहाँ की ‘अल दहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीज एंड कंसल्टेंसी सर्विसेज’ (ADGTCS) नाम की कंपनी के लिए काम कर रहे थे।

इस मामले को भारतीय विदेश मंत्रालय ने अजीब बताते हुए आगे अपने नौसैनिकों को यहाँ से छुड़वाने के लिए कतर के हाईकोर्ट में इस फैसले के विरोध में अपील की थी। विदेश मंत्रालय ने अब बताया है कि एक अपील इन नौसैनिकों के परिवार जबकि एक अपील इन नौसिनिकों की तरफ से डाली गई थी।

विदेश मंत्रालय का कहना है कि इन अपील पर 2 सुनवाई हो चुकी हैं और भारत समेत कतर में मौजूद विदेश मंत्रालय के अधिकारी इस पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया है कि 3 दिसम्बर, 2023 को जेलों में बंद नौसैनिकों को भारत के राजदूत से मिलने का मौका मिला था।

विदेश मंत्रालय ने इस सम्बन्ध में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किए जा रहे प्रयासों के विषय में भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया है। उन्होंने कहा कि आपने दुबई COP28 की मीटिंग के दौरान प्रधानमंत्री को कतर के अमीर तमीम बिन हमाद के साथ देखा होगा। इस दौरान दोनों के बीच आपसी सहयोग और हमारे लोगों की कतर में सुरक्षा को लेकर बातचीत हुई है।

बीते दिनों भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर भी इन नौसौनिकों के परिवारों से मिले थे। उन्होंने इन परिवारों को पूरी सहायता का भरोसा दिया था। इसके पश्चात इनको सुनाए गए फाँसी के फैसले के खिलाफ अपील दाखिल हुई थी जिसमें विदेश मंत्रालय ने मदद दी थी।

कतर की क्यों कैद में हैं पूर्व अधिकारी

नौसेना के ये सभी पूर्व अधिकारी कतर की राजधानी दोहा की एक प्राइवेट कंपनी में काम कर रहे थे। ये कंपनी टेक्नोलॉजी और कंसल्टेंसी का काम करती है। 30 अगस्त, 2022 को कतर की खुफिया एजेंसियों ने इन पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाते हुए इन्हें हिरासत में ले लिया था।

शुरुआत में इन पूर्व अधिकारियों पर व्यवसायिक प्रतिद्वंद्विता और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप बताया गया, लेकिन बाद में सामने आया कि इन्हें जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मिडिल-ईस्ट की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ये सभी पूर्व अधिकारियों को इजरायल के लिए जासूसी करने के आरोप में हिरासत में लिया है। हालाँकि, कतर की तरफ से इस बारे में सार्वजनिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। 

भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त ये सभी अधिकारी पिछले 5 सालों से दाहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजी एंड कंसल्टेंसी नाम की एक कंपनी में काम कर रहे थे। यह कंपनी मिडिल-ईस्ट में स्थित एक देश के मिलिट्री अधिकारी की बताई जाती है। यह कंपनी कतर की नौसेना को ट्रेनिंग और कंसल्टेंसी देने का काम करती है। इन अधिकारियों के साथ ओमान के एक सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी स्क्वाड्रन लीडर खमीस अल अजमी को भी हिरासत में लिया गया था। हालाँकि, खमीस अल अजमी को 18 नवंबर 2022 को ही रिहा कर दिया गया, बाकी सभी भारतीय अधिकारियों को अभी भी हिरासत में रखा गया है।

भारतीय अधिकारियों पर आरोप

दरअसल, भारतीय नौैसेना के पूर्व अधिकारी कैप्टन सौरभ वशिष्ठ, कमांडर पूर्णेंदु तिवारी, कैप्टन वीरेंद्र कुमार वर्मा, कमांडर सुगुनाकर पकाला, कमांडर संजीव गुप्ता, कमांडर अमित नागपाल और नाविक रागेश कतर की एक निजी फर्म दाहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीज एंड कंसल्टेंसी सर्विसेज के लिए काम करते थे।

डिफेंस सर्विस प्रोवाइडर ऑर्गनाइजेशन दाहरा का स्वामित्व रॉयल ओमानी एयरफोर्स के एक रिटायर्ड स्क्वाड्रन लीडर खामिस अल-अजमी के पास है। यह प्राइवेट फर्म कतर के सशस्त्र बलों को प्रशिक्षण और संबंधित सेवाएँ उपलब्ध कराती थी। अजमी को भी भारतीयों के साथ 30 अगस्त 2022 को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उन्हें फीफा वर्ल्ड कप के पहले नवंबर 2022 में रिहा कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक, इन भारतीयों को इजरायल के लिए एक सबमरीन प्रोग्राम की जासूसी करने का दोषी ठहराया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कतर ने साल 2020 में इटली में बनी हाईटेक सबमरीन खरीदने के लिए एक समझौता किया था। ट्राइस्टे स्थित जहाज बनाने वाली कंपनी ‘फिनकेंटियरी एसपीए’ के साथ यह समझौता हुआ था।

कतर ने समझौते के तहत चार कॉर्वेट (जहाज़ का एक प्रकार) और एक हेलीकॉप्टर का ऑर्डर भी दिया था। इस प्रोजेक्ट के तहत कंपनी को कतर में नौसेना का एक बेस बनाना था। इसके साथ ही नौसैनिक बेड़े की देखरेख भी करनी थी। इसके लिए कतर ने जिस दाहरा कंपनी को यह काम दिया, उसमें ये सभी भारतीय काम कर रहे थे।

‘सनातन में आकर आज़ाद महसूस कर रही हूँ’: घर-वापसी कर सूफ़िया बनीं ‘अंजलि’, मंदिर में हिन्दू युवक को चुना जीवनसाथी

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में सूफ़िया नामक मुस्लिम लड़की ने घर-वापसी कर हिन्दू धर्म अपना लिया है। सूफ़िया का नया नाम ‘अंजलि’ रखा गया है। हिन्दू धर्म अपनाने के बाद उन्होंने विजय को अपना जीवनसाथी चुना और टिकरा मंदिर में वैदिक रीति-रिवाज से शादी रचाई। विजय और सूफ़िया लंबे समय से एक-दूसरे को जानते थे और उनमें प्रेम प्रसंग भी चल रहा था। मंगलवार (5 दिसंबर, 2023) को दोनों ने VHP (विश्व हिन्दू परिषद) और ‘बजरंग दल’ के कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में शादी की।

‘बजरंग दल’ के जिला संयोजक आशुतोष वर्मा ने अपनी निगरानी में शादी की रस्में पूरी करवाई। वो इससे पहले 9 शादियाँ करा चुके हैं। जिला सुरक्षा प्रमुख नरेंद्र कुमार, बिसवाँ प्रखंड अध्यक्ष राम अकबाल, सांडा प्रखंड अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार, बिसवां प्रखंड संयोजक रामसागर, सांडा प्रखंड संयोजक राजपाल दुर्गा और बिसवां प्रखंड दुर्गा वाहिनी राम लली भी इस दौरान वहाँ मौजूद रहे। विजय बेनीपुर के रहने वाले हैं। दोनों पहले से शादी करना चाहते थे।

हालाँकि, दोनों के ही परिवार वालों ने उनकी शादी कराने से इनकार कर दिया था। सूफ़िया ने कहा कि वो सनातन धर्म में आकर वो आज़ाद महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में किसी प्रकार की बंदिश नहीं है। सूफ़िया जहाँ 29 वर्ष की है, वहीं विजय की उम्र 39 वर्ष है। आशुतोष शर्मा ने बताया कि ये उन्होंने 10वीं शादी कराई है। उन्होंने बताया कि इसमें पहले कोर्ट मैरिज कराई जाती है, उसके बाद हिन्दू रीति-रिवाज से मंदिर में शादी करवाई जाती है।

इसी तरह सितंबर 2023 में बदायूँ के अर्जुन सागर के प्यार में 18 साल की मुस्कान अली घर-वापसी कर मुस्कान सागर बन गईं। उन्होंने हिन्दू धर्म अपनाकर बरेली के मणिनाथ स्थित अगस्त मुनि आश्रम में हिंदू रीति रिवाज से अपने प्रेमी अर्जुन के साथ सात फेरे लेकर विवाह बंधन में बँध गईं। आश्रम के आचार्य पंडित केके शंखदार ने पहले दोनों का गंगाजल से शुद्धिकरण किया, और उसके बाद मंत्र उच्चारण कर हिंदू रीति रिवाज से शादी कराई।