Home Blog Page 1335

150 तोला सोना, 15 एकड़ जमीन और 1 BMW… निकाह के लिए रुवैस ने माँगा इतना दहेज कि 26 साल की डॉक्टर शाहना ने कर ली सुसाइड

केरल में एक 26 साल की महिला डॉक्टर ने आत्महत्या कर ली। डॉक्टर का नाम शाहना था। वह तिरुवनंतपुरम के सरकारी मे़डिकल कॉलेज के सर्जरी डिपार्टमेंट में पोस्टग्रेजुएशन कोर्स कर रही थीं। बताया जा रहा है कि शाहना के बॉयफ्रेंड डॉ ईए रुवैस ने निकाह के लिए दहेज की माँग की थी जिसके कारण दुखी होकर डॉ शाहना ने यह कदम उठाया।

राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने इस आत्महत्या मामले में जाँच के आदेश दे दिए हैं। पुलिस ने बॉयफ्रेंड के खिलाफ केस दर्ज करके उसे हिरासत में ले लिया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शाहना के परिवार में उनकी अम्मी और दो भाई-बहन हैं। उनके अब्बू गल्फ में काम करते थे जिनकी 2 साल पहले मौत हो गई थी।

डॉ शाहना के परिजनों ने बताया कि डॉ रुवैस के परिवार ने उनसे 150 तोले सोने के गहने, 15 एकड़ जमीन और बीएमडब्लू कार दहेज में माँगी थी। लेकिन डॉ शाहना का परिवार 50 तोले सोने के गहने, 50 लाख रुपए और कार देने में समर्थ था। जब ऐसे में उन्होंने कहा कि वो डिमांड पूरी नहीं कर सकते तो डॉ रुवैस के घरवालों ने रिश्ता तोड़ दिया।

स्थानीयों की मानें तो महिला डॉक्टर इस रिश्ते के टूटने से बहुत दुखी हुईं और उदास रहने लगीं। बीच में वो किसी से बात भी नहीं करती थी। अचानक उन्होंने आत्महत्या का फैसला लिया और अपनी जान दे दी। उनके पास से सुसाइड नोट भी मिला है, जिसके लिखा था- हर कोई सिर्फ पैसा ही चाहता है।

स्वास्थ्य मंत्री ने इस मामले में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से दहेज के आरोपों पर एक रिपोर्ट सबमिट करने को कहा गया है। इसके अलावा अल्पसंख्यक विभाग भी मामले में कार्रवाई पर अपनी नजर बनाए हुए हैं। आरोपित बॉयफ्रेंड पर आत्महत्या के लिए उकसाने और दहेज रोकथाम कानून के तहत मामला दर्ज किया है। जिला कलेक्टर, पुलिस आयुक्त और चिकित्सा शिक्षा निदेशक को आदेश दिया है कि 14 दिसंबर तक आयोग रिपोर्ट सौंपी जाए।

TV एक्टर ने एक परिवार पर फिल्मी स्टाइल में बरसाई गोलियाँ, पड़ोसी के बेटे की मौत: पेड़ को लेकर हुआ था विवाद, हीरो भूपेंद्र सिंह सहित 4 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में टीवी एक्टर भूपेन्द्र सिंह को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उन पर एक पेड़ को लेकर हुए विवाद में अपने पड़ोसी के बेटे की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है। इस घटना में तीन अन्य लोग घायल हुए हैं। फायरिंग की यह घटना 3 दिसंबर 2023 की है।

जानकारी के अनुसार मधुबाला, काला टीका और एक हसीना थी जैसे टीवी शो में काम कर चुके भूपेन्द्र सिंह बिजनौर के कुआँखेड़ा खदरी के रहने वाले हैं। यहाँ उनका एक फार्म हाउस है। इसके बगल में उनके पड़ोसी गुरदीप सिंह की कृषि भूमि है। इसकी मेड़ पर स्थित एक यूकेलिप्टिस के पेड़ को लेकर उनका अपने गोविन्द सिंह से विवाद है।

बताया गया है कि इस पेड़ को काटने को लेकर गुरदीप सिंह और उसके परिवार ने भूपेन्द्र से मना किया जिसके बाद दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ। झगड़ा मारपीट तक बढ़ गया जिसमें भूपेन्द्र अपने नौकरों समेत गुरदीप सिंह के परिवार के साथ भिड़ गए। मामला और बढ़ने पर भूपेन्द्र ने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल निकाल इस परिवार पर फायरिंग चालू कर दी। इसमें गुरदीप के बेटे गोविन्द की गोली लगने से घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

इस गोलीबारी में गोविन्द सिंह के पिता गुरदीप सिंह, उनकी पत्नी बीरो बाई और दूसरा बेटा अमरीक बूटा सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। इनका इलाज किया जा रहा है। गोविन्द सिंह की बहन ने पास के खेतों में भाग कर अपनी जान बचाई।

पुलिस ने मृतक के चाचा प्रीतम सिंह की शिकायत के आधार पर इस मामले में मुकदमा पंजीकृत किया है। इस मामले में भूपेन्द्र सिंह के अलावा 3 अन्य लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में चारों को गिरफ्तार कर लिया गया है। भूपेन्द्र सिंह के पास से लाइसेंसी बन्दूक भी बरामद कर सीज कर दी गई है। घटनास्थल का मुआयना डीआइजी जी मुनिराज ने भी किया है। अभी इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार इस विवाद का समय से निपटारा नहीं करने के कारण तीन पुलिसकर्मियों को भी फायरिंग की इस घटना के बाद सस्पेंड किया गया है। जिन्हें सस्पेंड किया गया है उनमें थाना प्रभारी सुमित राठी, हल्का दारोगा यासीन अली और बीट सिपाही कृष्ण कुमार शामिल हैं। मामले में नगीना के सीओ संग्राम सिंह की भूमिका की जाँच एसपी देहात को दी गई है।

53 वर्षीय भूपेन्द्र सिंह टीवी की दुनिया में काफी जाना-माना नाम हैं। वर्ष 2015 में चालू हुए काला टीका टीवी सीरियल में वह विश्वजीत के रूप में छोटे पर्दे पर आए थे। उनका टीवी करियर लगभग 2 दशक लंबा रहा है।

कर्नाटक विधानसभा से वीर सावरकर की तस्वीर हटा सकती है कॉन्ग्रेस: मंत्री प्रियांक खड़गे बोले – वो घृणा भड़काने वाले; नेहरू की तस्वीर लगाने के लिए स्पीकर कर रहे विचार

कर्नाटक में वीर सावरकर को लेकर विवाद छिड़ गया है। वहाँ की विधानसभा में स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की तस्वीर लगी है। अब कर्नाटक में IT एवं ग्रामीण विकास जैसे मंत्रालय सँभाल रहे प्रियांक खड़गे ने कहा है कि विधानसभा में सावरकर की तस्वीर नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ये उनकी सशक्त राय है। उन्होंने ये भी कहा कि भाजपा को अगर समस्या है तो ये उनकी समस्या है। उन्होंने वीर सावरकर की विचारधारा को घृणा भड़काने वाला और विभाजन पैदा करने वाला करार दिया।

दिसंबर 2022 में जब इस तस्वीर का अनावरण हुआ था, उस समय राज्य में भाजपा की सरकार थी। हालाँकि, कॉन्ग्रेस नेताओं ने तब भी इसकी आलोचना की थी। साथ ही इसे एकपक्षीय फैसला बताया है। ‘सुवर्ण विधानसभा’ के चैंबर में ये तस्वीर लगी हुई है। इसमें कई अन्य दिवंगत राष्ट्रीय हस्तियों की तस्वीरें लगी हुई हैं। अब मुख्यमंत्री सिद्दारमैया कह रहे हैं कि स्पीकर UT खदेर इस संबंध में निर्णय लेंगे कि सावरकर की तस्वीर को विधानसभा से हटाना है या नहीं।

वीर सावरकर के अलावा स्वामी विवेकानंद, सुभाष चंद्र बोस, BR आंबेडकर, महात्मा गाँधी, बसवेश्वर और सरदार वल्लभभाई पटेल की तस्वीरें भी लगाई गई थी। शीतकालीन सत्र के शुरू होने से ठीक पहले इन तस्वीरों का आवरण किया गया था। कर्नाटक के विधानसभा अध्यक्ष कह चुके हैं कि भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की तस्वीर विधानसभा में लगाने के लिए विचार-विमर्श चल रहा है। ऐसे में चर्चा चालू हो गई है कि वीर सावरकर की तस्वीर का क्या होगा।

इससे पहले प्रियांक खड़गे ने कहा था, “सावरकर का योगदान क्या है? कॉन्ग्रेस के दफ्तर में आयोजित एक प्रेस बैठक में मैंने डेढ़ घंटे इस पर बात की। भाजपा बताए कि सावरकर को ‘वीर’ वाला उपनाम कैसे मिला? किसने दिया? भाजपा बोले कि सावरकर को अंग्रेजों से पेंशन नहीं मिलती थी। वो वीर नहीं थे, मैं चुनौती देता हूँ। ये मेरा स्टैंड है, सरकार का नहीं। मैं तो उनकी फोटो हटा देता।” इसी तरह कॉन्ग्रेस MLC बीके हरिप्रसाद ने भी कहा कि सावरकर का भारत के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान जीरो है।

कॉन्ग्रेस सांसद के ठिकानों पर IT रेड, नोटों की मिली इतनी गड्डियाँ… गिनते-गिनते मशीनें खराब: पैसों से भरी आलमारी की तस्वीर देखी आपने

झारखंड के कॉन्ग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज साहू के ठिकानों पर आयकर विभाग को छापेमारी में करोड़ों की नकदी मिली है। यहाँ अलमारियों में भर कर पैसा रखा गया था जिसका कोई हिसाब किताब नहीं था। अब आयकर ने यह बरामदगी की है। उनके अन्य कई ठिकानों पर छापेमारी अब भी जारी है।

आयकर विभाग ने यह छापेमारी झारखंड और ओडिशा के कई शहरों में की है। सांसद धीरज साहू के राँची और लोहरदगा स्थित आवास के अतिरिक्त उनके नजदीकियों के ओडिशा के बोलांगीर, संबलपुर और कालाहांडी में स्थित ठिकानों पर भी छापेमारी हुई है। यह टीम बुधवार (6 दिसंबर 2023) से ही छापेमारी कर रही है।

धीरज साहू से सम्बंधित बौध डिस्टलरी में भी आयकर विभाग ने छापा मारा है। इन सब ठिकानों से आयकर विभाग को इतना नकदी मिली है कि उसे गिनने के लिए मशीने कम पड़ रही हैं। एक अलमारी की तस्वीर भी सामने आई है जिसमें नोटों की गड्डियाँ रखी हुई देखी जा सकती हैं।

रिपोर्ट में यह सामने आया है कि कल तक केवल ₹50 करोड़ की गिनती हो पाई थी जिसके बाद मशीनों ने काम करना बंद कर दिया। अभी भी गिनती जारी है, कुछ मीडिया रिपोर्ट का कहना है कि यह आँकड़ा सैकड़ों करोड़ में जा सकता है।

ओडिशा के भीतर हुई छापेमारी में यह जानकारी सामने आई है कि यह धीरज साहू के करीबी डब्ल्यू साहू के ठिकानों पर हुई है जिनका ओडिशा के भीतर शराब का बड़ा कारोबार है। यहाँ बौध डिस्टलरी के रायगढ़, बोलांगीर और संबलपुर स्थित यूनिट पर छापेमारी हुई हुई है।

यह छापेमारी आयकर विभाग की ओडिशा, कोलकाता और झारखंड की आयकर विभाग की टीम कर रही हैं। रांची स्थित आवास पर हुई छापेमारी में टीम ने यहाँ काम करने वाले स्टाफ को अंदर घुसने नहीं दिया और उन्हें नोटिस देकर लौटा दिया।

धीरज साहू वर्ष 2018 से झारखंड से राज्यसभा सांसद हैं। इससे पहले भी एक बार वह कॉन्ग्रेस से राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। वह राज्य में कॉन्ग्रेस के बड़े नेताओं में शुमार हैं। हालाँकि अब उनके ओडिशा और झारखंड स्थित ठिकानों से करोड़ों की नकदी बरामद हो रही है। जल्द ही इससे जुड़ी अन्य जानकारियाँ सामने आएँगी।

दुबई-पाकिस्तान के नंबरों से धमकी, नाराज़ था रोहित गोदारा भी: करणी सेना अध्यक्ष की हत्या के लिए शादी के कार्ड को बनाया हथियार, दारू पीकर सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के घर आए थे हत्यारे

राजस्थान की राजधानी जयपुर में ‘श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना’ के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का नाम सामने आया। पंजाब के बठिंडा स्थित सेन्ट्रल जेल में बंद संपत नेहरा ने इस हत्याकांड की पूरी साजिश रची। ये पूरी कहानी 6 साल पहले जाती है, जब 2017 में गैंगस्टर आनंदपाल सिंह का एनकाउंटर हुआ था। उनके शव के साथ दोस्त सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने प्रदर्शन किया था और पूरे राज्य में आंदोलन खड़ा कर दिया था, जिसके बाद हुए चुनावों में वसुंधरा राजे की सरकार चली गई।

संपत नेहरा को रूपनगर (रोपड़) की पुलिस लेकर गई है। उसे प्रोडक्शन वॉरंट पर ले जाया गया है। हालाँकि, ये साफ़ नहीं है कि उन्हें किस मामले में ले जाया गया है। 10 महीने पहले पंजाब पुलिस ने राजस्थान पुलिस को सूचना भेज कर आगाह किया था कि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या की साजिश रची जा रही है। जेल में बंद कई अन्य गैंगस्टरों पर अब कड़ी नज़र रखी जा रही है, उनकी सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। संपत नेहरा के दोस्त रोहित गोदारा ने फेसबुक के माध्यम से इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ली है।

मई 2022 में सिद्धू मूसेवाला की हत्या हुई, उसी साल दिसंबर में राजू ठेहट की हत्या हुई, फरवरी 2023 में मंदीप तूफ़ान और मनमोहन मोहना की, मई 2023 में टिल्लू तजपुरिया की, सितंबर 2023 में सुक्खा दुनुके की, अक्टूबर 2023 में दीपक मान की और अब 5 दिसंबर, 2023 को सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की। इन सभी हत्याओं में कातिलों ने खुल कर जिम्मेदारी ली। इन सबके पीछे लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गों ने जिम्मेदारी ली। 2017 में सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने ‘करणी सेना’ को तोड़ कर ‘श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना’ बनाई थी और इसके अध्यक्ष बने।

सुखदेव सिंह गोगामेड़ी प्रॉपर्टी डीलिंग के काम में भी लगे थे। आनंदपाल सिंह के बाद राजू ठेहट भी उनका दोस्त बना। उसे भी घर में घुस कर गोली मारी गई थी। करीब डेढ़ साल पहले रोहित गोदारा ने सुखदेव सिंह गोगामेड़ी को पहली बार दुबई और पाकिस्तान के नंबरों से कॉल कर के धमकी दी थी। उसे लगता था कि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी सिर्फ राजपूतों की मदद करते हैं, जाटों की नहीं। राजस्थान पुलिस ने सुरक्षा नहीं दी दी तो उन्होंने खुद ही कुछ गनर रख लिया था। इनमें से अधिकतर छुट्टी पर थे और चुनाव के कारण उनके हथियार जमा कर लिए गए थे, ऐसे में उस समय 1 ही गनर मौजूद था।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने उनके परिचित नवीन शेखावत को उन तक पहुँचने का जरिया बनाया। नवीन शेखावत के कजिन की शादी थी, जिसका कार्ड देने उन्हें सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के पास जाना था। ये बात रोहित गोदारा और संपत सिंह को पता थी। तभी से जाल बिछाना शुरू कर दिया गया। नवीन शेखावत की कपड़ों की दुकान थी। नागौर के रोहित राठौड़ और हरियाणा के महेंद्रगढ़ के नितिन फौजी जिसका ससुराल अलवर में ही, दोनों ने नवीन शेखावत को भरोसे में लेकर उनसे दोस्ती थी।

5 साल पहले भारतीय सेना में शामिल हुआ नितिन फौजी इसीलिए छुट्टी लेकर भी आया था। सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या करने से पहले इन्होंने 5000 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से स्कॉर्पियो किराए पर ली थी और इन्होंने वहाँ जाने से पहले शराब पी। कई CCTV कैमरे होने के बावजूद शूटरों को इसका कोई खौफ नहीं था। वीडियो में देखा जा सकता है कि शादी का कार्ड दिए जाने के बाद इधर-उधर की बात हुई और फिर जब सुखदेव सिंह गोगामेड़ी अपने फोन में व्यस्त हुए उन पर गोलीबारी शुरू कर दी गई।

लॉरेंस बिश्नोई 4 साल पहले भी सुखदेव सिंह गोगामेड़ी को हत्या की धमकी दे चुका था। उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिल कर सुरक्षा की माँग की थी। उनके दोस्त का दावा है कि पहले भी उन पर हमले हो चुके थे। सूरजपाल अम्मू ने कहा कि देश की समझदार जनता वोट के जरिए कॉन्ग्रेस को जवाब दे रही है, क्योंकि उसने अपराधियों को संरक्षण दिया। उन्होंने कहा कि गोगामेड़ी के निवेदन और पंजाब पुलिस से ख़ुफ़िया इनपुट के बावजूद अशोक गहलोत सरकार ने कुछ नहीं किया।

तमिलनाडु सरकार आखिर है कहाँ? : चेन्नई बाढ़ पर DMK का रवैया देख भड़कीं हिरोइन अदिति बालान, बताया- पानी में तैर रहे मरे जानवर

‘मिचौंग’ तूफान के कारण चेन्नई में आई बाढ़ से स्थिति बदहाल है। ऐसे में एक्ट्रेस अदिति बालान ने तमिलनाडु की डीएमके सरकार पर गैर-जिम्मेदाराना रवैया दिखाने का आरोप लगाया है। एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी भी जाहिर की है। एक्ट्रेस ने दावा किया कि वो जब बाढ़ प्रभावित इलाके में परिवारों की मदद कर रहीं थीं कि तभी उनसे कहा गया कि वो मुख्यमंत्री के काफिले के लिए जगह छोड़ें।

एक्स पर अपनी बात रखते हुए अदिति बालान ने लिखा, “जब मैं बाढ़ में फँसे परिवार को वहाँ से निकालने के लिए उनका इंतजार कर रही थी तब सीएम स्टालिन के काफिले की वजह से मुझसे मेरी कार हटाने के लिए कहा गया।”

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने पूछा- “सरकार आखिर कहाँ हैं? मैं राधाकृष्णन नगर, तिरुवामियूर गई, इस क्षेत्र के आसपास के इलाकों का पानी भी इसी क्षेत्र में डाल दिया गया। पानी में मरे हुए जानवर तैर रहे थे। हमें 2 बच्चों और उनकी दादी को बचाने के लिए बाढ़ के पानी से होकर गुजरना पड़ा। इस बीच, 6 पुलिसकर्मियों के साथ एक नाव एक प्रभावशाली महिला को लेने के लिए कोट्टूरपुरम में रिवर व्यू रोड पर पहुँची।”

एक्ट्रेस ने बताया कि जब वो प्रभावित लोगों की मदद कर रही थीं, उस दौरान उन्हें छह पुलिसकर्मी बोट से आते दिखे जो कोत्तूर पुरम में एक रसूख वाली महिला की मदद करने आ रहे थे। अदिति बालान ने कहा राधाकृष्णन नगर में कुछ नहीं बदला है। लोग अब भी वहाँ फँसे हुए हैं। उन्होंने चेन्नई पुलिस से पूछा कि क्या कोई वहाँ आ रहा है।

एक पोस्ट में अदिति ने पूछा कि अगर डीएमके सरकार का कोई शख्स आ ही नहीं रहा तो आखिर उन्हें चुना क्यों गया था।

एक्ट्रेस विनोधिनी वैद्यनाथन ने हालातों को देखकर इसे भयावह मिसमैनेजमेंट बताया। उन्होंने कहा कि कोई हेल्पलाइन नंबर काम नहीं कर रहा है। उन्होंने भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि आज देखने में आ रहा है कि हर स्तर पर कितना भ्रष्टाचार बढ़ गया है। वह बोलीं- 2015 के हालात अब से बहुत बेहतर थे।

बता दें कि चेन्नई में मिचौंग तूफान के चलते अब तक 8 लोगों की मौत हो गई हैं। स्कूल-कॉलेज सब बंद हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सीएम स्टालिन ने अंतरिम राहत के लिए 5060 करोड़ रुपए की माँग की है।

एक घर, नीम का पेड़, दो मजार… उस जगह पहुँची ऑपइंडिया जहाँ बाप-बेटी को बनाया मुस्लिम, रेप से लेकर थूक चटवाने तक का दावा

5 दिसंबर 2023 को प्रयागराज पुलिस ने एक हिंदू परिवार के जबरन धर्मांतरण को लेकर मामला दर्ज किया था। पीड़िता का दावा है कि मौलवी मुश्ताक ने उसे और उसके पिता को बहला-फुसलाकर मजार पर बुलाया। फिर इस्लाम कबूल करने को मजबूर किया। पीड़िता ने अपनी एक बेटी से रेप का आरोप भी मौलवी मुश्ताक पर लगाया है। यह भी दावा किया है कि मौलवी मुश्ताक की मौत के बाद उसके बेटे भी उसे प्रताड़ित कर रहे हैं और उसकी दूसरी बेटी को मजार पर लाने का दबाव बना रहे हैं।

गुरुवार (7 दिसंबर 2023) को ऑपइंडिया प्रयागराज के छोटा बघाड़ा स्थित उस मजार तक पहुँची, जहाँ कथित तौर पर बाप-बेटी को मुस्लिम बनाया गया। जिस जगह पर रेप से लेकर थूक चटवाने तक का आरोप पीड़िता ने लगाया है।

संकरी गलियों से होकर हम प्रयाग रेलवे स्टेशन के पीछे मौजूद उस परिसर तक पहुँचे जहाँ यह मजार मौजूद है। हमने पाया कि एक घर के अहाते में मौजूद नीम के पेड़ के नीचे दो मजार बनी हुई है। पेड़ पर लाल कपड़े और फूल-माला चढ़े हुए थे। मजार के पास ही हमें मौलवी मुश्ताक की तस्वीर भी देखने को मिली। मजार परिसर और जिस कमरे में रेप का दावा है उसमें ताला लगा हुआ था।

नीचे लगे ट्वीट में आप मजार का वीडियो देख सकते हैं

हमें पता चला कि अमूमन गुरुवार के दिन मजार पर काफी भीड़ रहती है। लेकिन केस दर्ज होने के बाद से यहाँ सन्नाटा पसरा हुआ है। मजार जिस इलाके में है, वहाँ बहुसंख्यक आबादी हिंदुओं की है। सिविल सर्विसेज की परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र इसके आसपास किराए पर कमरे लेकर रहते हैं। इन छात्रों से बातचीत में पता चला कि मजार परिसर में बाहरी लोगों का आना-जाना लगा रहता है। गुरुवार को यहाँ विशेष कार्यक्रम होता है। उस दिन ज्यादा लोग जुटते हैं। हालाँकि केस दर्ज होने और अकरम की गिरफ्तारी के बाद गुरुवार के दिन ही जब हम मौके पर पहुँचे तो सन्नाटा था।

मजार वाले परिसर के पास रहने वाले एक व्यक्ति ने अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर बताया, “मौलवी मुश्ताक के जिंदा रहते उसके बेटे अकरम, जुनैद और फैजान अलग-अलग कारोबार करते थे। अकरम कैटरिंग का काम करता था और जुनैद महिलाओं के कपड़े सिलता था। कपड़े सिलने के ही दौरान ही वह म​हिलाओं को अपने झाँसे में लेता था और मजार तथा अपने अब्बू का जिक्र कर उन्हें अपनी मुसीबतें दूर करने के लिए वहाँ जाने की सलाह देता था।”

पीड़ित महिला के मुताबिक मौलवी मुश्ताक पहले लड़कियों को अपने घर पर बुलाया करता था। लेकिन इसके चलते जब उसके घर मे झगड़े शुरू हो गए तो उसने मजार परिसर में ही एक कमरा बनवा लिया। पीड़िता का यह भी दावा है कि मजार पर भले भीड़ गुरुवार को जुटती थी, लेकिन महिलाओं को मौलवी मुश्ताक किसी भी दिन किसी भी समय बुला लेता था।

क्या है मामला

पीड़िता के अनुसार प्रयागराज में उसके पिता की मिठाई की दुकान है। मौलवी मुश्ताक उनकी दुकान पर आता था। उसने मुसीबतों से छुटकारा दिलाने का झाँसा देकर बाप-बेटी को मजार पर बुलाया।

कथित तौर पर मजार पर आने के बाद मौलवी मुश्ताक ने मौत का डर दिखा कर बाप-बेटी से इस्लाम कबूल करवाया। उन पर हिन्दू देवी-देवताओं की पूजा न करने, घर के अंदर मजारनुमा चौकी बनवाने और सिर्फ मजार को पूजने का दबाव बनाया। पीड़िता के पिता की मौत हो चुकी है। उसने अपनी जिस बेटी से रेप करने का आरोप मौलवी मुश्ताक पर लगाया है, उसकी भी मौत हो चुकी है। मौलवी मुश्ताक का भी इंतकाल हो चुका है।

पीड़िता का कहना है कि मौलवी मुश्ताक की मौत के बाद उसके बेटे उसे प्रताड़ित कर रहे हैं। मजार न आने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। विरोध करने पर बाल पकड़ कर उसकी पिटाई की गई। थूक चटवाया गया। उसके प्राइवेट पार्ट्स पर हाथ फेरा।

पीड़िता के आरोपों और इस केस के बारे में विस्तार से जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

आगे-आगे सोनियम्मा, पीछे पीछे रेवंत रेड्डी… तेलंगाना के नए CM ने ली शपथ, जानिए कैबिनेट में किनको मिली जगह

रेवंत रेड्डी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। शपथग्रहण समारोह में सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी के अलावा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी मौजूद रहे। CM के रूप में पार्टी द्वारा चुने जाने के रेवंत रेड्डी ने सोनिया गाँधी को ‘तेलंगाना की माँ’ और ‘सोनियम्मा’ कह कर संबोधित किया था। KCR के बाद रेवंत रेड्डी दूसरे ऐसे नेता हैं, जिन्होंने मुख्यमंत्री की शपथ ली है। इससे पहले राज्य में एक दशक तक KCR की पार्टी BRS का ही शासन था।

तेलंगाना की राजधापाल तमिलसाई सुंदरराजन ने रेवंत रेड्डी को मुख्यमंत्री की शपथ दिलाई। हैदराबाद स्थित लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में आयोजित शपथग्रहण समारोह में 1 लाख से भी अधिक लोग मौजूद रहे। विधानसभा चुनाव में कॉन्ग्रेस ने 64 सीटें अपने नाम की हैं, जबकि BRS को 39 सीटों से ही संतोष करना पड़ा। वहीं भाजपा भी 8 सीटें जीतने में कामयाब रही। रेवंत रेड्डी के अलावा 11 अन्य मंत्रियों ने शपथ ली। दलित समाज से आने वाले मल्लू भट्टी विमरमार्क ने उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

तेलंगाना में कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे N उत्तम कुमार रेड्डी ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इन दोनों ने रेवंत रेड्डी को सीएम बनाए जाने का विरोध किया था। इनके अलावा श्रीधर बाबू, पोन्नम प्रभाकर, कोमाटीरेड्डी वेंकट रेड्डी, दामोदर राजनरसिंह, पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, दाना अनुसूया, तुम्मला नागेश्वर राव, कोंडा सुरेखा और जुपल्ली कृष्णा राव ने भी शपथ ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रेवंत रेड्डी को बधाई दी है और राज्य के विकास और जनता के कल्याण के लिए हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।

शपथ लेने से पहले रेवंत रेड्डी ने सोनिया गाँधी के साथ गाड़ी में घूम कर विजय जुलूस भी निकाला। रेवंत रेड्डी TDP से 2017 में कॉन्ग्रेस में आए थे और 2021 में पार्टी ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया था। ABVP से अपनी राजनीति शुरू करने वाले रेवंत रेड्डी महबूबनगर में खासे लोकप्रिय हैं। तेलंगाना में कॉन्ग्रेस ने जिन लोगन को टिकट दिया, उनमें अधिकतर उनके ही लोग हैं।

तुम्मला नागेश्वर राव साथुपल्ली से 1985, 1994 और 1999 में जीत दर्ज कर चुके हैं। वहीं जुपली कृष्णा राव 6 बार के विधायक हैं, जो YSR रेड्डी और किरण रेड्डी की आंध्र प्रदेश कैबिनेट में मंत्री रहे हैं। रेड्डी के ही मंत्रिमंडल में रही उनकी विश्वस्त सुरेखा भी मंत्री बनीं। वहीं दनसरी अनुसूया को ‘सीताक्का’ के नाम से जाना जाता है, जो 14 वर्ष की उम्र में ही ‘जन शक्ति’ नामक नक्सली समूह की सदस्य बन गई थीं। वहीं पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने 2014 में YSRCP के टिकट पर खम्मम लोकसभा सीट से जीत दर्ज की थी, लेकिन फिर वो BRS में चले गए थे।

2009 में करीमनगर से सांसद चुने गए प्रभाकर यूथ कॉन्ग्रेस में राजनीति कर चुके हैं और लंबे समय से पार्टी के साथ हैं। कोमाटीरेड्डी वेंकट रेड्डी नलगोंडा से 5 बार विधायक रहे हैं, वहीं भुवनगिरि से सांसद भी रहे हैं। YSR रेड्डी के कैबिनेट में वो आईटी मंत्री हुआ करते थे। श्रीधर बाबू मन्थनी से 5 बार विधायक रहे हैं। N उत्तम कुमार रेड्डी 6 बार के विधायक रहे हैं। वो पहले भारतीय वायुसेना में पायलट थे। कोडक और हुजूरनगर से वो चुने जाते रहे हैं। नरसिम्हा अविभाजित आंध्र प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री हुआ करते थे।

मोदी है तो मुमकिन है, INDI गठबंधन चाय-समोसा पार्टी, नेहरू से गलती हुई… क्या जदयू MP के मार्फत ‘मन की बात’ कहलवा रहे नीतीश कुमार

अगस्त 2022 में जदयू ने बीजेपी को धोखा देकर बिहार में राजद, कॉन्ग्रेस और वाम दलों के साथ मिलकर सरकार बनाई थी। उसके बाद से ही जदयू के फिर से एनडीए में लौट आने के कयास लगते रहते हैं। नीतीश कुमार के पाला बदलने की अटकलों ने हालिया विधानसभा चुनावों में बीजेपी की शानदार जीत के बाद फिर से जोर पकड़ लिया है।

इन चुनाव के नतीजों के बाद नीतीश ने INDI गठबंधन की बैठक से भी किनारा कर लिया था, जबकि विपक्ष के कुनबा को एक मंच पर लाने के प्रयास उन्होंने ही एनडीए से अलग होने के बाद शुरू किए थे। हालाँकि यह दूसरी बात है कि INDI गठबंधन बनने के बाद नीतीश कुमार को वह भाव नहीं मिला जिसके सपने उन्होंने पाल रखे थे।

विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद नीतीश कुमार की पार्टी के एक सांसद के भी अचानक से सुर बदल गए हैं। ये सांसद हैं बिहार के सीतामढ़ी से चुने गए सुनील कुमार पिंटू। पिंटू ने पहले नतीजों को लेकर कहा कि मोदी है तो मुमकिन है। फिर उन्होंने INDI गठबंधन को चाय-समोसा पार्टी तक सीमित बताया। अब उन्होंने माना है कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने कश्मीर के मसले पर वो गलतियाँ की थी, जिनका जिक्र केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 6 दिसंबर 2023 को लोकसभा में किया था।

अमित शाह ने लोकसभा में कहा था कि नेहरू की गलतियों के कारण ही पाक अधिकृत कश्मीर की समस्या पैदा हुई। इस पर पिंटू ने कहा कि जो भी बातें सदन में कही गई वह इतिहास के पन्नों में दर्ज है। यह तत्कालीन प्रधानमंत्री की चूक ही है कि कश्मीर के एक हिस्से पर आज पाकिस्तान का कब्जा है। इतना ही नहीं उन्होंने अगड़े-पिछड़े की राजनीति पर भी कॉन्ग्रेस को घेरा। कहा, “आज 70 साल के बाद राहुल गाँधी पिछड़ा-अति पिछड़ा कर रहे हैं। 70 साल तक कहाँ थे। उसके करना समाज का एक तबका बहुत पीछे है। जिसे पीछे होने के कारण समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए आरक्षण दिया जा रहा है।”

नेहरू की आलोचना पर सुनील कुमार पिंटू ने कहा कि वे पार्टी लाइन से अलग नहीं हो रहे हैं। लेकिन अगर हैदराबाद हमारे कब्जे में है और PoK पर दूसरे का कब्जा है तो इसका सीधा जिम्मेवार तत्कालीन प्रधानमंत्री को माना जाएगा। इससे पहले राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भाजपा के जीतने पर उन्होंने कहा था कि जनता ने इस बात मुहर लगा दी है कि ‘मोदी है तो मुमकिन है’।

पिंटू के बदले सुर को लेकर राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग तरह के कयास लग रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि उनके जरिए नीतीश कुमार राजनीतिक संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं। अतीत में भी यह देखने को मिला है कि कोई फैसला लेने से पहले इसी तरह नीतीश अपनी पार्टी के नेताओं से राजनीतिक संदेश देते रहते हैं। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि 2024 के आम चुनावों से पहले पिंटू बीजेपी नेतृत्व से करीबी साधने की कोशिश में हैं। वैसे भी 2019 का चुनाव उन्होंने तब जीता था, जब जदयू को बीजेपी का समर्थन हासिल था।

महिला सांसद की बेटी ‘एनिमल’ देख रोने लगी, बीच में ही फिल्म छोड़कर भागी: संसद में बताया, रणबीर कपूर की ‘बहन’ ने भी माना टॉक्सिक है कंटेंट

‘एनिमल’ फिल्म में दिखाए गए हिंसक दृश्यों पर कॉन्ग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने संसद में बताया कि उनकी बेटी इस फिल्म को देखने के बाद रोने लगी थी। रंजीत के अलावा इस फिल्म में काम करने वाली एक्ट्रेस ने भी फिल्म को ‘टॉक्सिक’ कहा।

छत्तीसगढ़ से कॉन्ग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने संसद में ‘युवाओं पर सिनेमा के पड़ते बुरे प्रभाव’ का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सिनेमा समाज का आईना होता है जिसका युवाओं पर बुरा असर होता है। आजकल कुछ इस तरह की पिक्चरें आ रही हैं जिसमें हिंसा को दिखाया गया है। उन्होंने कबीर सिंह पुष्पा जैसी फिल्मों का जिक्र करते हुए एनिमल पर बात की।

उन्होंने कहा, “मैं आपको कह नहीं पाऊँगी कि मेरी बेटी के साथ बहुत सारी बच्चियाँ कॉलेज में पढ़ती हैं। लेकिन वो आधी पिक्चर में ही उठकर रोती हुई हॉल से बाहर चली आईं।” उन्होंने पूछा कि आखिर क्यों कबीर सिंह और एनिमल जैसी फिल्मों में इतनी हिंसा और महिलाओं के साथ अपमान को जस्टिफाई किया जा रहा है… ये एक सोचनीय विषय है।

रंजन ने कहा, “इन पिक्चरों का, ऐसी हिंसा का, गलत नेगेटिव रोल को हीरो की तरह पेश करने में युवाओं पर काफी असर पड़ता है। 11वीं और 12वीं के बच्चे इनको रोलमॉडल मानने लगे हैं। कई इस तरह की हिंसा हमें समाज में देखने को मिल रही, जो ये उदाहरण पिक्चरों से लेकर आते हैं।”

उन्होंने फिल्म के गाने ‘फड़के गंडासी’ पर भी सवाल उठाए। वह बोलीं- उच्च कोटि का इतिहास है पंजाब का। हरि सिंह नलवा का। फिल्म में एक गाना है कि फड़के गंडासी मारी। ये इतिहास को एक गैंगवॉर में, दो परिवारों की नफरत की लड़ाई में, जिसका बेटा अपने बाप के प्यार के लिए मरता है, वो भी ये पिक्चर जस्टिफाई नहीं कर पाई। वो हॉस्टल, बिल्डिंग में हथियार लेकर मारता है और कोई भी कानून उसको सजा नहीं देता है। ये भी पिक्चर में हम जस्टिफाई कर रहे हैं।

सलोनी बत्रा ने फिल्म को कहा ‘टॉक्सिक’

ऐसे ही सलोनी बत्रा, जिन्होंने फिल्म में रणबीर सिंह की ऑनस्क्रीन बहन का किरदार निभाया है, उन्होंने फिल्म को टॉक्सिक बताते हुए कहा कि वो तो आर्टिस्ट हैं उनका काम है कैरेक्टर को करना लेकिन एक दर्शक के तौर पर यह देखना और तय करना जिम्मेदारी है कि क्या सही है और क्या गलत। अगर वह किरदार कॉलेज में बंदूक चला रहा है, तो इसका मतलब ये नहीं है कि वो सही है। ये एंटरटेनमेंट के लिए एक आर्टिस्ट का विजन है। इस दुनिया में ऐसे किरदार सच में है, लेकिन जैसा मैंने कहा, ये हमारी जिम्मेदारी है कि एक दर्शक के तौर आप इसे घर पर न ले जाए।

सलोनी बत्रा ने कहा, “आप थिएटर्स तक आए और एंटरटेन हुए, सिनेमा का काम यही है। आपको इससे सीख लेने की जरूरत है। आपको इसे घर लेकर जाने की जरूरत नहीं। एक महिला होने के नाते बताऊँ तो अगर कोई मेरे साथ भी ऐसी बात करेगा तो मुझे बुरा लगेगा। लेकिन सच ये है कि ऐसे लोग मौजूद हैं।”

बता दें कि रणबीर कपूर, बॉबी देओल, रश्मिका मंदाना की फिल्म एनिमल सिनेमाघरों में छाई हुई है। फिल्म ने 6 दिन में 300 करोड़ रुपए का बिजनेस कर लिया है। इस फिल्म ने इस वर्ष आई जवान और पठान के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया है। इस फिल्म का निर्देशन कबीर सिंह बनाने वाले संदीप रेड्डी वांगा ने ही किया है। उन्हें इस फिल्म के लिए सराहना और आलोचना दोनों मिल रही है।