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जम्मू कश्मीर में राहुल गाँधी बारिश से ‘डरे’, भारत जोड़ो यात्रा में रेनकोट में आए नजर: लाल चौक पर तिरंगा लहराने से पहले ही काट चुके हैं कन्नी

कॉन्ग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में शुक्रवार (20 जनवरी 2023) को राहुल गाँधी रेनकोट में नजर आए। जम्मू-कश्मीर के कठुआ के हतली मोड़ से कड़ी सुरक्षा के बीच निकली यात्रा से जब राहुल की तस्वीरें सामने आई तो शुरुआत में लोगों ने इसे जैकेट समझ लिया था। इसके कारण कई लोगों ने पूछा कि आखिर राहुल ने स्वेटर क्यों पहन लिया? क्या ‘कॉन्ग्रेस के तपस्वी’ को ठंड लगने लगी है।

इस सवाल के पूछे जाने की वजह भी खुद कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ही हैं। उनसे पिछले दिनों जब कड़ाके की ठंड में भी केवल टीशर्ट पहनने की वजह पूछी गई थी तो उनका जवाब था कि उनको ठंड से डर नहीं लगता इसलिए वे ठंड में बिना जैकेट चल रहे हैं। उनके मुताबिक सर्दी में गर्म कपड़े वो पहनते हैं ठंड से डरते हैं।

बता दें कि राहुल ने अपनी यात्रा की शुरुआत 7 सितंबर को कन्याकुमारी से एक टीशर्ट में आरंभ की थी। ठंड आने के बाद जब उनसे इस पर सवाल हुआ तो उन्होंने कहा कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान उन्हें कुछ लड़कियाँ मिलीं जिन्होंने स्वेटर तक नहीं पहना था, ऐसे में उन्होंने निर्णय लिया कि वो इस यात्रा में सिर्फ टीशर्ट में रहेंगे।

हालाँकि, शुक्रवार को जो कुछ दिखा उससे ऐसा लग रहा है कि राहुल गाँधी को ठंड से भले डर न लगे पर बारिश में भींगने से लगता है। यही कारण है कि इंटरनेट पर उनका वीडियो देख लोग बोल रहे हैं- ‘राहुल बाबा डर गए, डर गए।’

उल्लेखनीय है कि राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ जम्मू कश्मीर तक पहुँच चुकी है। इस बाबत 30 जनवरी को श्रीनगर में एक कार्यक्रम भी है। लेकिन इस बीच राहुल गाँधी और कॉन्ग्रेस जो चर्चा में आए हैं उसकी एक वजह लाल चौक पर तिरंगा न फहराने का फैसला भी है।

राहुल अपनी इस यात्रा में लाल चौक पर तिरंगा नहीं फहराएँगे– यह जानकारी खुद कॉन्ग्रेस ने दी। अखिल भारतीय कॉन्ग्रेस कमेटी प्रभारी और पार्टी सांसद रजनी पाटिल ने मंगलवार को कहा था कि राहुल गाँधी 30 जनवरी को लाल चौक पर तिरंगा नहीं फहराएँगे वह श्रीनगर में कॉन्ग्रेस मुख्यालय पर भारतीय तिरंगा झंडा फहराएँगे। रजनी पाटिल के अनुसार लाल चौक पर तिरंगा फहराना आरएसएस के एजेंडे का हिस्सा था।

BC ही रहेगा AAP विधायक अमानतुल्लाह खान: हाईकोर्ट ने ‘बैड कैरेक्टर’ टैग हटाने से किया इनकार, कहा- दिल्ली पुलिस के DCP से मिलो

दिल्ली के आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक अमानतुल्लाह खान (Amanatullah Khan) को दिल्ली पुलिस ने ‘बैड कैरेक्टर’ (Bad Character) करार दिया था। इस टैग को हटाने के लिए अमानतुल्लाह खान दिल्ली हाईकोर्ट पहुँचे थे, जहाँ गुरुवार (19 जनवरी 2023) को उनकी याचिका खारिज कर दी गई।

न्यायमूर्ति सुधीर कुमार जैन ने फैसला सुनाते हुए कहा कि संबंधित पुलिस उपायुक्त ने विधायक के खिलाफ कार्रवाई के समर्थन में कारण बताए हैं। इसके साथ ही न्यायाधीश ने कहा कि खान अगर चाहें तो दिल्ली पुलिस को इस टैग को हटाने के लिए संपर्क कर सकते हैं और इस संबंध में ज्ञापन सौंप सकते हैं। मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद न्यायाधीश ने अक्टूबर 2022 में फैसला सुरक्षित रख लिया था।

खान के वकील एम सूफियान सिद्दीक़ी ने दावा किया है कि अधिकारियों ने इस मामले में पूरी तरह से गलत तरीके से काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि हिस्ट्रीशीट एक गोपनीय दस्तावेज होता है, लेकिन प्रतिद्वंदी पार्टी के प्रवक्ता ने खान की छवि खराब करने के लिए इसे सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। वहीं, सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने तर्क दिया कि इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारियों ने उचित प्रक्रिया का पालन किया है।

आपको बता दें कि दिल्ली के जामिया नगर पुलिस स्टेशन ने 28 मार्च 2022 को ओखला विधानसभा के आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान को ‘बैड कैरेक्टर’ घोषित करने का प्रस्ताव भेजा था। प्रस्ताव को 30 मार्च 2022 को मंजूरी दे दी गई थी। प्रस्ताव में कहा गया था कि खान के खिलाफ विभिन्न मामलों में 18 एफआईआर दर्ज हैं।

उल्लेखनीय है कि शाहीन बाग़ और मदनपुर खादर में MCD द्वारा चलाए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान AAP विधायक अमानतुल्लाह खान ने हंगामा किया था। पुलिसकर्मियों का आरोप लगाया था कि इस हंगामे के दौरान उन पर पथराव भी किया गया था।

पुलिस ने अमानतुल्लाह खान को इस मामले में मुख्य आरोपी बनाते हुए केस दर्ज किया था। विधायक की गिरफ्तारी भी हुई थी। हालाँकि, बाद में साकेत कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई थी। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में अमानतुल्लाह को BC (बैड कैरेक्टर) घोषित कर दिया था।

वहीं खान को सितंबर 2022 में भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ACB ने दिल्ली वक्फ बोर्ड भर्ती में कथित अनियमितताओं के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसी सिलसिले में उनके ठिकानों पर छापेमारी भी की गई थी। छापेमारी के दौर खान के सहयोगियों के यहाँ से लाख रुपए कैश और बिना लाइसेंस वाला हथियार बरामद किया गया था। हालाँकि 1 लाख रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दे दी गई थी।

पहलवानों के समर्थन में जंतर-मंतर कूच कर सकती है खाप, इस्तीफे के दबाव के बीच बोले बृजभूषण शरण सिंह- राजनीतिक साजिश का करूँगा पर्दाफाश

भारतीय कुश्ती फेडरेशन (Wrestling Federation of India) और पहलवानों के बीच विवाद सलटा नहीं है। खेल मंत्रालय से बातचीत बेनतीजा रहने के बाद पहलवानों के एक समूह ने केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से मुलाकात की है। इस्तीफा देने के दबाव के बीच फेडरेशन के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह शरण सिंह आज (20 जनवरी 2023) को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं। इस बीच हरियाणा की खाप पंचायतों ने मामले का निपटारा नहीं होने पर खिलाड़ियों के समर्थन में दिल्ली के जंतर-मंतर पहुँचने की बात कही है।

बुधवार (18 जनवरी 2023) से विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक समेत कई पहलवान धरने पर बैठे हैं। रिपोर्टों की मानें तो धरने में शामिल होने को लेकर सर्वजातीय खाप पंचायत का आयोजन हुआ। फोगाट खाप के आह्वान पर आयोजित इस पंचायत में तय किया गया कि अगर पहलवानों की माँगे नहीं मानी गईं खाप पंचायतें धरने में शामिल होंगी। इसके लिए पंचायतों ने 2 दिनों की समय सीमा तय की है।

धरने पर बैठे पहलवानों के डेलीगेशन और खेल मंत्रालय के बीच गुरुवार (19 जनवरी, 2023) को बातचीत हुई थी। इस बातचीत से पहलवान संतुष्ट नहीं थे। बैठक के बाद बजरंग पुनिया, विनेश फोगाट, बबीता फोगाट, साक्षी मलिक, रवि दहिया और दीपक पूनिया समेत कई पहलवान खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के सरकारी आवास पर पहुँचे। बताया जा रहा है कि यहाँ अनुराग ठाकुर और पहलवानों के बीच लंबी चर्चा हुई। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक खेल मंत्री के साथ देर रात हुई यह बैठक भी बेनतीजा रही। हालाँकि खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने भरोसा जताया है कि मामले को जल्दी सुलझा लिया जाएगा।

उधर भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह आज शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं। उनके फेसबुक पेज पर दी गई जानकारी के मुताबिक शाम 4 बजे के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित होगा। दावा किया गया है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुश्ती और महिला पहलवानों की इज्जत के साथ खिलवाड़ करने की राजनैतिक साजिश का पर्दाफाश किया जाएगा।

इसके पहले फेडरेशन के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह ने पहलवानों पर ही मनमानी करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि कुछ पहलवान नेशनल खेलों में हिस्सा नहीं लेना चाहते। उन्होंने कहा था कि कुछ ओलंपिक विजेता पहलवान नहीं चाहते कि उनका ट्रायल कराया जाए और ट्रायल कराया भी जाए तो पहले नेशनल के विजेता का ट्रायल हो, फिर जो जीत कर आए उनके साथ इनका फाइनल कराया जाए।

बृजभूषण सिंह के आरोपों के बाद सोशल मीडिया पर विनेश फोगाट का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पत्रकार का जवाब देते हुए विनेश कह रही हैं कि कोई नेशनल नहीं खेलेगा, हम खिलाड़ी सीधे ओलंपिक्स में जाने को तैयार हैं। गौरतलब है कि बृजभूषण सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसमें मानसिक प्रताड़ना, जान से मारने की धमकी और यौन शोषण जैसे आरोप शामिल हैं। 

एक विवाह ऐसा भी: जीते जी एक न हो सके तो कर लिया सुसाइड, मौत के 6 महीने बाद परिजनों-ग्रामीणों ने बना दिया जोड़ा

गुजरात के तापी में एक अनूठा विवाह हुआ है। सुसाइड करने वाले एक प्रेमी जोड़े की मूर्तियों की यह शादी सोशल मीडिया में चर्चा में है। वैसे यह​ मृत जोड़े की अंतिम इच्छा को पूरा करना है या पाश्चाताप यह स्पष्ट नहीं है।

यह शादी तापी के निजार तालुके के न्यू नेवाला गाँव में हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक जनजातीय समाज के गणेश पड़वी और रंजना पड़वी प्रेम में थे। लेकिन दूर का रिश्तेदार होने की वजह से परिजनों को यह रिश्ता मंजूर नहीं था। दोनों ने अगस्त 2022 में पेड़ से लटके मिले। अब परिजनों और ग्रामीणों ने दोनों की मूर्ति बनाकर उनके बीच शादी करवाई है।

यह शादी जनजातीय विधि विधानों के साथ संपन्न हुई। बताया जाता है कि ऐसा दोनों की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए किया गया। उनकी आत्मा की शांति के लिए मूर्ति बनाकर शादी करवाने का फैसला परिजनों ने लिया।

पड़वी जनजातीय समुदाय में मान्यता है कि आत्महत्या करने वालों की आत्मा भटकती है। प्रेमी जोड़े के परिवार वालों ने उनकी आत्मा की शांति के लिए मूर्तियाँ बनवाकर शादी कराने का निर्णय लिया। घटना के 6 महीने बाद गणेश और रंजना की मूर्तियाँ बनवाईं गईं। शादी का कार्ड भी छपवाया गया। 14 जनवरी, 2023 को गणेश की बारात पुराने नेवाला गाँव पहुँची। रंजना के घर पर गणेश के प्रतीक स्वरुप उसकी मूर्ति को बैठाया गया। सात फेरों के अलावा जनजातीय समुदाय की परंपरा के अनुसार सभी रीति-रिवाजों का पालन किया गया।

विवाह के बाद दुल्हन की विदाई भी हुई। गणेश के साथ रंजना की मूर्ति उसके गाँव पहुँची। इस उपलक्ष पर भोज का आयोजन भी हुआ। मूर्ति स्थापित कर दोनों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की गई। दोनों की मूर्तियाँ गाँव के बीच के रास्ते में स्थापित की गई हैं।

गाजियाबाद का मदीना होटल, थूक लगाकर तंदूरी रोटी बना रहा था तसीरुद्दीन: Video वायरल होने के बाद गिरफ्तार

होटल में थूक लगाकर रोटी बनाने का एक और मामला सामने आया है। घटना गाजियाबाद के मदीना होटल का है। एक वायरल वीडियो में होटल में काम करने वाला तसीरुद्दीन तंदूरी रोटी के लिए बनाए गए लोई में थूकता नजर आ रहा है।

वीडियो वायरल होने के बाद गुरुवार (19 जनवरी 2023) को तसरुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया गया। साहिबाबाद की एसीपी पूनम मिश्रा ने बताया कि टीला मोड़ थाना क्षेत्र के पसौंडा इलाके के एक होटल का वीडियो वायरल हुआ था। इसमें थूक लगाकर रोटी बनाते हुए दिख रहे व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

बुधवार को वीडियो सामने आने के बाद हिंदू रक्षा दल के महानगर संयोजक अनु चौधरी ने टीला मोड़ थाने में रिपाेर्ट दर्ज कराई थी। आरोपित के खिलाफ धारा 188, 269 और 270 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके तहत 2 साल तक की जेल और जुर्माना भी लग सकता है।

आपको बता दें की रोटी में थूक कर खिलाने के कई मामले पहले भी आ चुके हैं। दिसंबर 2022 में गाजियाबाद के मेरठ से इसी तरह का वीडियो सामने आया था। इसमें मवाना इलाके के रॉयल होटल में शोएब थूक लगाकर रोटी सेंक रहा था। मेरठ से ही एक वीडियो आया थाm जिसमें सगाई समारोह में तंदूर पर एक युवक थूक लगाकर रोटी बनाते दिखा था। एक बच्चे ने इस घटना का वीडियो बनाया था और पूरा मामला सामने आया था।

बेंगलुरु से तो पॉपकॉर्न में थूककर खिलाने का मामला सामने आया था। जून 2022 में सामने आई इस घटना में नयाज पाशा पॉपकॉर्न बनाने वाले तेल में थूकता दिखा था। 11 जून 2022 को दुकान के पास घूम रहे एक व्यक्ति ने नयाज को पॉपकॉर्न बनाने वाले तेल में थूकते देखा। वो पॉपकॉर्न को फ्राई कर रहा था। इस दौरान दोनों में विवाद होने लगा। मामले की जानकारी होने पर पुलिस मौके पर पहुँची और उसे गिरफ्तार किया था। 

ये लड़की मेरी, वो मकान मेरा, वो औरत मेरी… जब मस्जिद से आईं आवाजें बता रही थी कश्मीरी हिंदू महिला और रो रहे थे सब

आज 19 जनवरी है। ये वही दिन है, जब कश्मीर के हिंदुओं के जिंदगी में काला दिन बनकर आया। आज ही दिन घाटी की मस्जिदों से हिंदुओं के खिलाफ फतवे जारी कर उन्हें घाटी छोड़ने का फरमान जारी किया गया था। आज भी कश्मीरी इस दिन को याद कर सिहर उठते हैं।

19 जनवरी यानी कश्मीरी पंडित नरसंहार दिवस पर कश्मीरी पंडितों ने उस दिन को याद किया। एक महिला ने बताया, “धर्मांतरित हो, या मरो या भाग जाओ! 1990 में आज ही के दिन जब पूरी घाटी के मस्जिदों से यह नारा दिया गया। हजारों पंडितों का नरसंहार कर लाखों को अपने ही वतन में निर्वासित किया गया था। सनातनियों, याद रखना, भूलना नहीं।”

एक कश्मीरी महिला अपने दर्द को याद करते हुए कहती है, “हम भागे नहीं, हमें भगाया गया। मस्जिदों से वो अनाउंस करते थे। लड़कियाँ गिन कर रखी थीं। वो लड़की मेरी… वो औरत मेरी… वो मकान मेरा। सेकेंड क्लास में मेरा भाई पढ़ता था। मैं अपनी पड़ोसन की ट्रक मे आई हूँ। कौन पड़ोसी? कोई नहीं था वहाँ जो उन्हें बताए कि ये मत करो, ये गलत है? कौन सा भाईचारा उन्होंने उस वक्त हमें दिखाया, जो कहें ये हमारे अपने हैं?”

‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म के निर्माता विवेक अग्निहोत्री पीड़िताओं द्वारा बताई गई कहानी को याद करते हुए कहते हैं, “हमारे अपने, हमारे पड़ोसी, हमारे स्टूडेंट्स थे। जो हमारे घरों में आकर खेलते थे बच्चे, हमारे घरों में खेलना सीखा। जब वे थोड़े बड़े हो गए और उनकी मूँछें आ गई तो उन्होंने आकर हमारे पति को मारा।”

कश्मीर के मुस्लिम पड़ोसियों को याद करते हुए फिल्म के मुख्य किरदार निभाने वाले अनुपम खेर कहते हैं, वे अमानवीय लोग हैं। उनके शरीर में दिल नहीं है। राक्षस हैं वो। आप कैसे महसूस करेंगे कि आप इंसान हैं? जब दूसरे का दुख आपको अपना दुख लगता है, तो लगता है कि आप इंसान हैं।”

अनुपम खेर ने बताया कि जब वे इस फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़े थे, तब बहुत रोए थे। खेर बोले, हम उस सपने को पूरा होते हुए देख रहे थे। 32 साल से किसी ने हमारी आवाज सुनी नहीं थी। मैंने अपने दादा जी को मरते देखा था, अपने पिताजी को मरते देखा था।”

बता दें कि The Kashmir Files को 19 जनवरी को कुछ सीमित थिएटर्स में दोबारा रिलीज किया गया है। ‘द कश्मीर फाइल्स’ सिनेमा इतिहास की उन चुनिंदा फिल्मों में है, जिसे एक साल के भीतर दो बार रिलीज़ किया गया। 19 जनवरी को कश्मीरी पंडितों के विस्थापन के 33 साल पूरे रहे हैं।

‘इतिहास की पुस्तकों में पढ़ाई जाए कश्मीरी हिन्दुओं से हुई क्रूरता, नरसंहार की मान्यता दे सरकार’: पलायन की 33वीं बरसी पर प्रदर्शन, न्याय की माँग

संगठन ‘India 4 Kashmir’ (I4K) ने जम्मू कश्मीर में हमारी खोई हुई जमीन को पुनः हासिल करने के लिए और प्रदेश में कश्मीरी हिन्दुओं को पूरे गरिमा एवं सम्मान के साथ पुनर्वासित करने के लिए ’33वाँ निष्कासन दिवस’ मनाया। 19 जनवरी, 1990 को कश्मीरी हिन्दू ‘काला दिन’ के रूप में मनाते हैं, क्योंकि इसी दिन वहाँ की मस्जिदों से साजिश के तहत घोषणा कर के भगाया गया था और उनका नरसंहार किया गया था।

इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने आम नागरिकों के साथ मिल कर 19 जनवरी, 1990 की भयावह रात को घाटी में इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा अंजाम दिए गए नरसंहार में में बलिदान हुए कश्मीरी हिन्दुओं की याद में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया गया और साथ ही श्रद्धांजलि सभा भी आयोजित की गई। काली पट्टी बाँधे, हाथों में तख्तियाँ-बैनर लिए प्रदर्शनकारियों ने अपने धर्म का पालन करने के लिए मारे गए निर्दोष हिन्दू समाज के सदस्यों के सम्मान में ये प्रदर्शन किया गया।

उस तारीख़ को इस्लामी कट्टरपंथियों ने ‘रलिव, गालिव, चलिव’ (इस्लामी धर्मांतरण करो या फिर प्रदेश छोड़ कर भागो) के नारे के साथ हिन्दुओं पर हमला किया था। साथ ही वो हिन्दुओं को अपनी महिलाओं को छोड़ कर जाने के लिए कह रहे थे। ताज़ा प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने माँग की है कि भारत सरकार आधिकारिक तौर पर इसे ‘समुदाय के नरसंहार’ के रूप में मान्यता दे और इतिहास की किताबों में इस घटना का उल्लेख भी किया जाए।

I4K ने अपने बयान में कहा, “जबरन निर्वासन में रह रहे कश्मीरी पंडितों को न्याय दिलाया जाए। नरसंहार से इनकार करने का तात्पर्य है कि आप इसके भागीदार बन रहे हैं। हम मृतकों और उन लोगों के लिए न्याय की माँग करते हैं, जिन्हें 33 वर्षों से अपने ही देश में शरणार्थी के रूप में रहने के लिए मजबूर कर दिया गया है। 1990 में 7 लाख कश्मीरी पंडितों को बेघर कर दिया गया था। आज तक घाटी में उनकी वापसी के लिए अनुकूल समाधान नहीं मिल पाया है।”

गुजरात दंगों पर BBC की प्रोपेगंडा डॉक्यूमेंट्री: प्रधानमंत्री मोदी को मिला ब्रिटिश पीएम ऋषि सुनक का साथ, मुस्लिम सांसद को ऐसे लगाई लताड़

साल 2002 के गुजरात दंगों (Gujarat Riots 2002) पर बनी BBC की डॉक्युमेंट्री का मामला ब्रिटिश संसद में पहुँच गया। हालाँकि, इस विवाद में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक (Rishi Sunak) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) का बचाव किया।

दरअसल, पाकिस्तान मूल के ब्रिटिश सांसद इमरान हुसैन ने संसद में गुजरात दंगे का मुद्दा उठाया। इस पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने इस डॉक्यूमेंट्री में अपने भारतीय समकक्ष के चरित्र चित्रण से वह सहमत नहीं हैं।

बता दें कि साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन की बोगी आग लगाकर 59 हिंदुओं को जिंदा जलाकर मारने के बाद गुजरात के गोधरा सहित अन्य जगहों पर दंगे भड़क उठे थे। उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी थी। इस्लामवादी, वामपंथी और प्रोपेगेंडा फैलाने वाली विदेशी एजेंसियाँ इस दंगे का दोष पीएम मोदी पर मढ़ने का लगातार प्रयास करती रही हैं।

इसी तरह की प्रोपेगेंडा के तहत ब्रिटेन की मीडिया एजेंसी BBC ने एक डॉक्यमेंट्री बनाई है। इस डॉक्यूमेंट्री में BBC ने दंगों का दोष वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर डालने की कोशिश की है। यही नहीं, उनकी छवि इस्लाम विरोधी भी दिखाने की कोशिश की है।

India: The Modi Question शीर्षक से दो पार्ट में बनाई गई BBC की इस सीरीज में प्रधानमंत्री मोदी और भारत के मुस्लिमों के बीच तनाव की बात कही गई है। बीबीसी ने मोदी सरकार के देश के मुस्लिमों के प्रति रवैये, कथित विवादित नीतियाँ, कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म करने और नागरिकता कानून को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

सांसद इमरान हुसैन ने ब्रिटिश संसद में कहा, “वह (पीएम नरेंद्र मोदी) इस हिंसा (गुजरात दंगों) के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार थे। यह देखते हुए कि सैकड़ों लोगों को क्रूरता से मार दिया गया था और यहाँ ब्रिटेन सहित भारत और दुनिया भर के परिवार अभी भी न्याय के बिना हैं। क्या प्रधानमंत्री (यूके पीएम) विदेश कार्यालय में अपने राजनयिकों से सहमत हैं कि मोदी सीधे तौर पर जिम्मेदार थे और क्या विदेश कार्यालय को जातीय संहार के इस गंभीर कार्य में उनकी संलिप्तता के बारे में पता है?”

इस पर प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा कि यूनाइटेड किंगडम की सरकार की लंबे समय से चली आ रही स्थिति स्पष्ट है और वह बदली नहीं है। ऋषि सुनक ने आगे कहा, “निश्चित रूप से हम किसी भी प्रकार के उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं करते हैं, चाहे यह कहीं भी हो। लेकिन, मैं उस चरित्र-चित्रण से बिल्कुल सहमत नहीं हूँ, जो भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर सामने रखा गया है।”

इतना ही नहीं, ब्रिटेन के हाउस ऑफ लॉर्ड के सदस्य लॉर्ड रामी रेंजर ने बुधवार (18 जनवरी 2023) को ट्वीट कर बीबीसी को निशाने पर लिया और उसे पक्षपाती बताया। उन्होंने भारत के करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुँचाने के लिए बीबीसी की आलोचना की। 

लॉर्ड रेंजर ने अपने ट्वीट में लिखा, “बीबीसी न्यूज, आपने भारत के करोड़ों लोगों की भावनाओं को आहत किया है और लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित भारत के प्रधानमंत्री को अपमानित करने के साथ-साथ भारतीय पुलिस और भारतीय न्यायपालिका की भी बेइज्जती की है। हम दंगों और लोगों की मौत की निंदा करते हैं, लेकिन आपकी पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग की भी निंदा करते हैं।”

इस डॉक्यूमेंट्री पर भारत के विदेश मंत्रालय ने भी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने कहा, “हमें लगता है कि यह डॉक्यूमेंट्री एक प्रोपोगेंडा का हिस्सा है। इसकी कोई सत्यता नहीं है। इस पक्षपातपूर्ण सीरीज को भारत में प्रदर्शित नहीं किया गया है।” 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा बुधवार (18 जनवरी 2023) को कहा कि यह डॉक्यूमेंट्री उन एजेंसी और व्यक्तियों का प्रतिबिंब है, जो इस कहानी को फिर से फैला रहे हैं। इस कोशिश इसके पीछे के एजेंडे के बारे में सोचने पर मजबूर करता है।  

शबनम, मदीना, शहनाज और शबाना… बुर्के में मिला 4 Kg गाँजा, यूपी में मुस्लिम महिलाओं के गिरोह का पर्दाफाश: गाँजे की सप्लाई से होती थी मोटी कमाई

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में पुलिस ने बुर्के की आड़ में गाँजा सप्लाई करने वाली मुस्लिम महिलाओं के गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 4 को गिरफ्तार किया है। जिन महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है, उनके नाम हैं – शबनम, मदीना, शहनाज और शबाना। ये महिलाएँ स्थानीय मंडल जिला कारगर में विचाराधीन कैदियों को गाँजे की सप्लाई कर रही थीं। ये बुर्के की आड़ में कैदियों से मिलती थीं और मुँह माँगे दाम पर गाँजे की सप्लाई करती थीं।

पुलिस की पूछताछ में महिलाओं ने बताया कि कैदियों से मिलने के बहाने वो उन्हें उनकी डिमांड के हिसाब से गाँजे की सप्लाई करती थीं। इस बार भी वो गाँजे की सप्लाई के लिए ही पहुँची थीं, लेकिन पुलिस ने धर-दबोचा। पुलिस ने जब अच्छे से जाँच की तो पता चला कि उन्होंने अपने बुर्के में ही गाँजा छिपा रखा था। चारों महिलाओं के पास से 4 किलोग्राम गाँजा बरामद किया गया है। जेल में बंद कैदियों अरमान और इस्माइल को भी इस मामले में आरोपित बनाया गया है।

IPC (भारतीय दंड संहिता) के साथ-साथ यूपी पुलिस ने NDPS (स्वापक ओषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985) के तहत भी मामला दर्ज किया है। पुलिस को जब इन महिलाओं की गतिविधि संदिग्ध लगी तो महिला कॉन्स्टेबलों को बुला कर उनकी तलाशी ली गई थी। इन महिलाओं ने बताया कि वो जेल में बंद अरमान और इस्माइल को गाँजा सप्लाई करने जा रही थीं। पुलिस ने कहा है कि ये गिरोह बड़ा है और जल्द ही इसका पूर्णरूपेण पर्दाफाश किया जाएगा।

इस काले धंधे में मुस्लिम महिलाओं के इस गिरोह की मोटी कमाई होती थी। जेल से बुर्के का एडवांस में ऑर्डर लिया जाता था। लंबे समय से पुलिस को इन महिलाओं पर शक हो रहा था। आजमगढ़ के पुलिस अधीक्षक (SP) शैलेन्द्र लाल ने मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि की है। बता दें कि कर्नाटक के शैक्षिण संस्थानों में यूनिफॉर्म को धता बता कर बुर्के में प्रवेश को लेकर हंगामा किया गया था। मुरादाबाद के ‘हिन्दू कॉलेज’ से भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जान बुर्के में कॉलेज में प्रवेश न मिलने पर मुस्लिम छात्राएँ धरने पर बैठ गईं।

चलती स्कूटी, गोद में बैठी किशोरी लगातार कर रही थी किस: वीडियो वायरल होने के बाद युवक धराया, मोबाइल फोन दुकान पर छूटने से शुरू हुई थी ‘लव स्टोरी’

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक प्रेमी जोड़े को चलती स्कूटी पर ‘अश्लील स्टंट’ करते हुए देखा गया था। पुलिस ने लगभग 100 CCTV फुटेज खँगालने के बाद उस व्यक्ति की पहचान कर के उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित विक्की शर्मा एक कपड़े की दुकान पर काम करता है। ये वीडियो रविवार (15 जनवरी, 2023) का है, जब वो किशोरी के साथ घूमने के लिए निकला था।

जब वो हजरतगंज से गुजर रहा था, उसी समय किसी ने वीडियो बना कर वायरल कर दिया। विक्की शर्मा ने बताया कि उसकी दुकान और किशोरी के पिता की दुकान अगल-बगल में ही है। एक साल पहले लड़की के पिता का मोबाइल फोन उसकी दुकान में छूट गया था। फिर उन्होंने अपनी बेटी के फोन नंबर से अपने फोन पर कॉल किया। फिर विक्की ने उस नंबर को नोट कर लिया और दोनों के बीच चैटिंग होने लगी। धीरे-धीरे वो कॉल पर भी बात करने लगे।

जब दोनों में दोस्ती बढ़ गई तो किशोरी भी अपने पिता की दुकान पर आने लगी और दोनों मिलने लगे। विक्की शर्मा अक्सर उसे घर छोड़ने के बहाने स्कूटी लेकर निकल जाता था। जब ये वीडियो बनाया गया, तब भी वो उसे घुमाने के बाद घर छोड़ने जा रहा था। सार्वजनिक स्थलों पर अश्लील हरकत करने का अश्लील गाना बजाने पर IPC (भारतीय दंड संहिता) की धारा-294 के तहत कार्रवाई की जाती है। इसमें 3 महीने तक की सज़ा हो सकती है।

हालाँकि, ये जमानती प्रावधान है। सार्वजनिक स्थानों पर लापरवाही से वाहन चलाने और इससे दूसरों के जीवन को संकट में डालने पर धारा-279 भी लगाई जा सकती है। यूपी पुलिस ने इन्हीं दोनों धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। वीडियो में युवक स्कूटी चला रहा था, और लड़की उसके चेहरे की तरफ मुँह कर के उसकी गोद में बैठी हुई थी और उसे लगातार किस कर रही थी। उस समय सड़क व्यस्त थी और काफी ट्रैफिक भी था।